सुल्तानपुर: अमहट मंडी में रोज लग रहा जाम; व्यापारियों ने कहा, सुरक्षा व्यवस्था 'ऊंट के मुंह में जीरा' जैसी सुल्तानपुर की अमहट मंडी में यातायात जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है। गेट नंबर 2 से गेट नंबर 3 तक की सड़क पर प्रतिदिन वाहनों की भीड़ और आवाजाही में बाधा बनी रहती है। व्यापारियों का आरोप है कि प्रशासन के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि मंडी में हर दिन धक्का-मुक्की जैसी स्थिति रहती है, जिससे व्यापार और आवागमन प्रभावित होता है। उनका आरोप है कि मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था अपर्याप्त है और इससे समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। सुरक्षा कर्मियों ने भी अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि वे अकेले इस समस्या से नहीं निपट सकते। वे केवल लोगों से अपील कर सकते हैं, लेकिन अतिक्रमण और जाम पर पूरी तरह से नियंत्रण पाने के लिए उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप और दबाव की आवश्यकता है। व्यापारियों ने मांग की है कि मंडी में सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाए। साथ ही, वरिष्ठ अधिकारियों को नियमित रूप से मंडी का निरीक्षण करना चाहिए ताकि जाम की समस्या का स्थायी समाधान मिल सके। अब देखना यह है कि प्रशासन व्यापारियों की इन मांगों पर कब ध्यान देता है और मंडी में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए क्या कदम उठाता है।
सुल्तानपुर: अमहट मंडी में रोज लग रहा जाम; व्यापारियों ने कहा, सुरक्षा व्यवस्था 'ऊंट के मुंह में जीरा' जैसी सुल्तानपुर की अमहट मंडी में यातायात जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है। गेट नंबर 2 से गेट नंबर 3 तक की सड़क पर प्रतिदिन वाहनों की भीड़ और आवाजाही में बाधा बनी रहती है। व्यापारियों का आरोप है कि प्रशासन के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि मंडी में हर दिन धक्का-मुक्की जैसी स्थिति रहती है, जिससे व्यापार और आवागमन प्रभावित होता है। उनका आरोप है कि मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था अपर्याप्त है और इससे समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। सुरक्षा कर्मियों ने भी अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि वे अकेले इस समस्या से नहीं निपट सकते। वे केवल लोगों से अपील कर सकते हैं, लेकिन अतिक्रमण और जाम पर पूरी तरह से नियंत्रण पाने के लिए उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप और दबाव की आवश्यकता है। व्यापारियों ने मांग की है कि मंडी में सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाए। साथ ही, वरिष्ठ अधिकारियों को नियमित रूप से मंडी का निरीक्षण करना चाहिए ताकि जाम की समस्या का स्थायी समाधान मिल सके। अब देखना यह है कि प्रशासन व्यापारियों की इन मांगों पर कब ध्यान देता है और मंडी में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए क्या कदम उठाता है।
- सुल्तानपुर: अमहट मंडी में रोज लग रहा जाम; व्यापारियों ने कहा, सुरक्षा व्यवस्था 'ऊंट के मुंह में जीरा' जैसी सुल्तानपुर की अमहट मंडी में यातायात जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है। गेट नंबर 2 से गेट नंबर 3 तक की सड़क पर प्रतिदिन वाहनों की भीड़ और आवाजाही में बाधा बनी रहती है। व्यापारियों का आरोप है कि प्रशासन के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि मंडी में हर दिन धक्का-मुक्की जैसी स्थिति रहती है, जिससे व्यापार और आवागमन प्रभावित होता है। उनका आरोप है कि मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था अपर्याप्त है और इससे समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। सुरक्षा कर्मियों ने भी अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि वे अकेले इस समस्या से नहीं निपट सकते। वे केवल लोगों से अपील कर सकते हैं, लेकिन अतिक्रमण और जाम पर पूरी तरह से नियंत्रण पाने के लिए उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप और दबाव की आवश्यकता है। व्यापारियों ने मांग की है कि मंडी में सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाए। साथ ही, वरिष्ठ अधिकारियों को नियमित रूप से मंडी का निरीक्षण करना चाहिए ताकि जाम की समस्या का स्थायी समाधान मिल सके। अब देखना यह है कि प्रशासन व्यापारियों की इन मांगों पर कब ध्यान देता है और मंडी में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए क्या कदम उठाता है।1
- आरक्षण की मांग को लेकर निषाद पार्टी का अभियान तेज, लंभुआ विधायक को सौंपा ज्ञापन आरक्षण की मांग को लेकर निषाद पार्टी का अभियान तेज, लंभुआ विधायक को सौंपा ज्ञापन सुलतानपुर। निषाद पार्टी ने निषाद समाज को आरक्षण दिलाने की मांग को लेकर सोमवार को लंभुआ विधानसभा क्षेत्र में अभियान चलाया। राष्ट्रीय सचिव केस कुमारी निषाद के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भाजपा विधायक सीताराम वर्मा को ज्ञापन सौंपकर आगामी विधानसभा सत्र में आरक्षण का मुद्दा प्रमुखता से उठाने की मांग की। राष्ट्रीय सचिव केस कुमारी निषाद ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार निषाद के निर्देश पर प्रदेश के सभी 75 जिलों में जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपने का अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य निषाद समाज, जिसमें बिंद, मल्लाह, केवट, माझी, मझवार सहित अन्य जातियां शामिल हैं, को आरक्षण का लाभ दिलाना है। उन्होंने कहा कि पार्टी चाहती है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी विधायक विधानसभा सत्र के दौरान निषाद समाज के आरक्षण की मांग को सदन में उठाएं, ताकि सरकार इस दिशा में सकारात्मक निर्णय ले सके। उन्होंने कहा कि समाज लंबे समय से अपने अधिकारों की मांग कर रहा है और अब इसे और अधिक समय तक टाला नहीं जाना चाहिए। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि आरक्षण की मांग पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो निषाद पार्टी व्यापक धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने सरकार से समाज की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विधायक सीताराम वर्मा को ज्ञापन सौंपकर स्थानीय समस्याओं और समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की। कार्यक्रम में प्रदेश सचिव रामलाल निषाद, राष्ट्रीय सचिव कि कुमारी निषाद, महेश निषाद, जिला अध्यक्ष राजेश निषाद, संगठन जिला अध्यक्ष रमेश निषाद, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष डॉ. अमर बहादुर निषाद, जिला महासचिव आनंद निषाद, विधानसभा अध्यक्ष जगदीश निषाद, हरीराम निषाद, प्रियंका निषाद, उमा देवी निषाद, शिव बहादुर निषाद सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4
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- उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सोमवार को बेगमपुरा एक्सप्रेस से सुलतानपुर के लम्भुआ रेलवे स्टेशन पहुंचीं। लम्भुआ स्टेशन पर ट्रेन थोड़ी देर रुकने के बाद बनारस के लिए रवाना हो गई। राज्यपाल के आगमन को लेकर रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पूरे स्टेशन परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। सुरक्षा व्यवस्था में उप जिलाधिकारी लम्भुआ प्रीति जैन, सीओ ऋतिक कपूर, थाना प्रभारी निरीक्षक लम्भुआ, जीआरपी और आरपीएफ समेत भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और राज्यपाल के आगमन के दौरान पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही।3
- सुल्तानपुर के जैसिंगपुर में सर्राफा व्यापारी विशाल बरनवाल पर हुए हमले के बाद राहत की खबर आई है। उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार होने पर उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। विशाल बरनवाल अब खतरे से बाहर हैं और घर लौट आए हैं। उनके परिजनों ने यह भी स्पष्ट किया कि इस घटना में किसी प्रकार की लूट या छीनेती नहीं हुई। इस बीच, भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री रवीन्द्र त्रिपाठी ने पीड़ित व्यापारी के परिजनों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। रवीन्द्र त्रिपाठी ने पुलिस अधीक्षक बुज नारायण सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक चारु निगम से वार्ता कर घटना का शीघ्र एवं निष्पक्ष खुलासा करने तथा आरोपियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की। रवीन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस अधिकारियों ने मामले के जल्द खुलासे का आश्वासन दिया है। घटना की जांच के लिए कई टीमें गठित की गई हैं और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें, शांति बनाए रखें और पुलिस जांच में सहयोग करें। व्यापार मंडल ने कहा कि पूरी कार्यकारिणी पीड़ित व्यापारी और उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है तथा आवश्यकता पड़ने पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। व्यापार मंडल ने विशाल बरनवाल के शीघ्र पूर्ण स्वस्थ होने की कामना करते हुए विश्वास जताया कि पुलिस जल्द ही घटना का खुलासा कर दोषियों को कानून के कठघरे में खड़ा करेगी।1
- प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के जैसिंगपुर में एक कार्यक्रम के दौरान पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं के लिए सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगी। प्रधानमंत्री ने इस समस्या से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं की पवित्रता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर पेपर लीक की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री के इस बयान से स्पष्ट है कि सरकार इस मुद्दे को लेकर गंभीर है और आने वाले दिनों में इस संबंध में और सख्त कानून या नियम लागू किए जा सकते हैं।1
- VIDEO: सुल्तानपुर शहर का बिजली ऑफिस बना तबेला, कहां खर्च कर रहा नपा प्रशासन करोड़ो का बजट? सुल्तानपुर में बिजली ऑफिस आवारा पशुओ का तबेला बन गया है। शहर के दरियापुर स्थित हाईडिल कैम्पस का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें दर्जनों के ऊपर आवारा पशु सरकारी भवन में दिखाई दे रहे हैं। वीडियो एक सप्ताह पूर्व का बताया जा रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद नगर पालिका प्रशासन के आवारा पशुओ के धर पकड़ अभियान पर जहां सवाल खड़ा हुआ है वही सवाल ये भी है कि सरकार से गौशाला के नाम पर मिलने वाले बजट को आखिर पालिका के जिम्मेदार कहां खारिज कर रहे हैं।1
- दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें भारतीय सेना के एक अधिकारी के 20 वर्षीय बेटे यशवेंद्र की मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब यशवेंद्र की कार एक खुले नाले में गिर गई। यशवेंद्र अपनी महिला मित्र के साथ कार में था। महिला मित्र को किसी तरह बचाया जा सका, लेकिन यशवेंद्र को नहीं बचाया जा सका। यशवेंद्र की मौत से उनके परिवार और दोस्तों में शोक की लहर है।1