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इफ्तियार पार्टी के दौरान जोधपुर जेल में मिला था मोबाइल पुलिस और प्रशासन ने जैसलमेर जेल का किया निरीक्षण जोधपुर सेंट्रल जेल में सामने आए इफ्तार पार्टी प्रकरण के बाद समूचे प्रदेश में जेल सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। इसी के चलते आज सीमान्त जिले जैसलमेर में जिला कारागार में औचक निरीक्षण और तलाशी अभियान चलाया गया। जिला कलेक्टर प्रताप सिंह नाथावत और पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे के नेतृत्व में प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने जेल परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गौरतलब हैकि जोधपुर जेल से सामने आए मामले के बाद प्रदेशभर में जेलों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए थे। इसी के चलते जैसलमेर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर नजर आया। कलेक्टर के निर्देश पर कारागार में अचानक सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें पुलिस और प्रशासन की बड़ी टीम शामिल रही। जिसमे तीन आरपीएस अधिकारी, विभिन्न थाना क्षेत्रों के अधिकारी, करीब 40 से अधिक पुलिसकर्मी और RAC के जवान मौजूद रहे। टीम ने जेल की सभी बैरकों, शौचालयों, स्टोर रूम और अन्य संवेदनशील स्थानों की गहन जांच की। हर उस जगह को खंगाला गया, जहां किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री छिपाई जा सकती थी। इस निरीक्षण के दौरान जेल उपअधीक्षक मुरली मनोहर सहित कारागार स्टाफ भी मौजूद रहा। अधिकारियों ने जेल में बंद कैदियों की व्यवस्थाओं, सुरक्षा इंतजामों और सुविधाओं की समीक्षा की। साथ ही कैदियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी जानी, हालांकि किसी प्रकार की विशेष शिकायत सामने नहीं आई। इस औचक तलाशी अभियान के दौरान सबसे राहत की बात यह रही कि जेल परिसर से कोई भी संदिग्ध या प्रतिबंधित वस्तु बरामद नहीं हुई। अधिकारियों ने इसे जेल प्रशासन की सतर्कता का परिणाम बताया और भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण लगातार जारी रखने की बात कही है।

9 hrs ago
user_गिरिराज
गिरिराज
पोकरण, जैसलमेर, राजस्थान•
9 hrs ago

इफ्तियार पार्टी के दौरान जोधपुर जेल में मिला था मोबाइल पुलिस और प्रशासन ने जैसलमेर जेल का किया निरीक्षण जोधपुर सेंट्रल जेल में सामने आए इफ्तार पार्टी प्रकरण के बाद समूचे प्रदेश में जेल सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। इसी के चलते आज सीमान्त जिले जैसलमेर में जिला कारागार में औचक निरीक्षण और तलाशी अभियान चलाया गया। जिला कलेक्टर प्रताप सिंह नाथावत और पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे के नेतृत्व में प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने जेल परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गौरतलब हैकि जोधपुर जेल से सामने आए मामले के बाद प्रदेशभर में जेलों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए थे। इसी के चलते जैसलमेर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर नजर आया। कलेक्टर के निर्देश पर कारागार में अचानक सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें पुलिस और प्रशासन की बड़ी टीम शामिल रही। जिसमे तीन आरपीएस अधिकारी, विभिन्न थाना क्षेत्रों के अधिकारी, करीब 40 से अधिक पुलिसकर्मी और RAC के जवान मौजूद रहे। टीम ने जेल की सभी बैरकों, शौचालयों, स्टोर रूम और अन्य संवेदनशील स्थानों की गहन जांच की। हर उस जगह को खंगाला गया, जहां किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री छिपाई जा सकती थी। इस निरीक्षण के दौरान जेल उपअधीक्षक मुरली मनोहर सहित कारागार स्टाफ भी मौजूद रहा। अधिकारियों ने जेल में बंद कैदियों की व्यवस्थाओं, सुरक्षा इंतजामों और सुविधाओं की समीक्षा की। साथ ही कैदियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी जानी, हालांकि किसी प्रकार की विशेष शिकायत सामने नहीं आई। इस औचक तलाशी अभियान के दौरान सबसे राहत की बात यह रही कि जेल परिसर से कोई भी संदिग्ध या प्रतिबंधित वस्तु बरामद नहीं हुई। अधिकारियों ने इसे जेल प्रशासन की सतर्कता का परिणाम बताया और भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण लगातार जारी रखने की बात कही है।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • रेल की चपेट में आने से 6 ऊंटों की मौत, मचा हड़कंप लाठी।लाठी गांव के पास रेलवे ट्रेक पर लीलण एक्सप्रेस की चपेट में आने से 6 राज्यपशु ऊंटों की दर्दनाक मौत हो गई। जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। इस दौरान 2 ऊंट रेल के इंजन में बुरी तरह से फंस गए। जिन्हें निकालने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान करीब 20-30 मिनट तक रेल बीच रास्ते खड़ी रही। जानकारी के अनुसार मध्यरात्रि बाद करीब 1 बजे राज्यपशु ऊंटों का झुंड लाठी रेलवे स्टेशन के पास पटरियां पार कर रहा था। इस दौरान जैसलमेर से पोकरण की तरफ जा रही लीलण एक्सप्रेस यहां पहुंच गई और उसकी आवाज सुनकर ऊंटों में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान 5 ऊंटों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें से 2 ऊंट इंजन में बुरी तरह से फंस गए, ऊंटों के इंजन में बुरी तरह से फंस जाने के कारण रेल को बीच ट्रेक ही खड़ा करना पड़ा। ऊंटों को कड़ी मशक्कत कर बाहर निकाला गया। करीब 20-30 मिनट बाद रेल को रवाना किया गया। इस दौरान यात्रियों को खासी परेशानी हुई। रेलवे के जमादार रेंवतराम चौधरी, वन्यजीवप्रेमी मुकेश भील सहित ग्रामीण सुबह मौके पर पहुंचे और मृत ऊंटों को ट्रेक से दूर करवाया। लाठी सहित आसपास का क्षेत्र पशु बाहुल्य है। ग्रामीण कृषि के साथ पशुपालन भी करते है। क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऊंट भी है। पोकरण-जैसलमेर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 11 पर स्थित कुछ गांवों के उत्तर और दक्षिण दिशा से रेलवे ट्रेक निकलता है। इन पटरियों के आसपास सूनसान जंगल होने से मवेशी यहां चरते है। इस दौरान रेलवे ट्रेक के आसपास पशु चरने के दौरान कई बार रेल की चपेट में आकर काल का ग्रास हो जाते है। बावजूद इसके जिम्मेदारों की ओर से मवेशी की सुरक्षा को लेकर पुख्ता प्रबंध करने के लिए कोई कवायद नहीं की जा रही है।
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    रेल की चपेट में आने से 6 ऊंटों की मौत, मचा हड़कंप
लाठी।लाठी गांव के पास रेलवे ट्रेक पर लीलण एक्सप्रेस की चपेट में आने से 6 राज्यपशु ऊंटों की दर्दनाक मौत हो गई। जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। इस दौरान 2 ऊंट रेल के इंजन में बुरी तरह से फंस गए। जिन्हें निकालने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान करीब 20-30 मिनट तक रेल बीच रास्ते खड़ी रही। जानकारी के अनुसार मध्यरात्रि बाद करीब 1 बजे राज्यपशु ऊंटों का झुंड लाठी रेलवे स्टेशन के पास पटरियां पार कर रहा था। इस दौरान जैसलमेर से पोकरण की तरफ जा रही लीलण एक्सप्रेस यहां पहुंच गई और उसकी आवाज सुनकर ऊंटों में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान 5 ऊंटों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें से 2 ऊंट इंजन में बुरी तरह से फंस गए,
ऊंटों के इंजन में बुरी तरह से फंस जाने के कारण रेल को बीच ट्रेक ही खड़ा करना पड़ा। ऊंटों को कड़ी मशक्कत कर बाहर निकाला गया। करीब 20-30 मिनट बाद रेल को रवाना किया गया। इस दौरान यात्रियों को खासी परेशानी हुई। रेलवे के जमादार रेंवतराम चौधरी, वन्यजीवप्रेमी मुकेश भील सहित ग्रामीण सुबह मौके पर पहुंचे और मृत ऊंटों को ट्रेक से दूर करवाया।
लाठी सहित आसपास का क्षेत्र पशु बाहुल्य है। ग्रामीण कृषि के साथ पशुपालन भी करते है। क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऊंट भी है। पोकरण-जैसलमेर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 11 पर स्थित कुछ गांवों के उत्तर और दक्षिण दिशा से रेलवे ट्रेक निकलता है। इन पटरियों के आसपास सूनसान जंगल होने से मवेशी यहां चरते है। इस दौरान रेलवे ट्रेक के आसपास पशु चरने के दौरान कई बार रेल की चपेट में आकर काल का ग्रास हो जाते है। बावजूद इसके जिम्मेदारों की ओर से मवेशी की सुरक्षा को लेकर पुख्ता प्रबंध करने के लिए कोई कवायद नहीं की जा रही है।
    user_गिरिराज
    गिरिराज
    पोकरण, जैसलमेर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • Post by TILORARAM Godara अध्यक्ष वीर तेजा सेना जिला फलोदी
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    Post by TILORARAM Godara अध्यक्ष वीर तेजा सेना जिला फलोदी
    user_TILORARAM Godara अध्यक्ष वीर तेजा सेना जिला फलोदी
    TILORARAM Godara अध्यक्ष वीर तेजा सेना जिला फलोदी
    Social worker फलोदी, जोधपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • आज जोधपुर विद्युत वितरण निगम की संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में डिस्कॉम के सभी प्रमुख श्रम संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रबंध निदेशक (Managing Director) के साथ एक महत्वपूर्ण वार्ता की। वार्ता के दौरान समिति ने जोधपुर डिस्कॉम में किए जा रहे निजीकरण (Privatization) के प्रयासों का पुरजोर विरोध करते हुए एक ज्ञापन सौंपा और स्पष्ट किया कि यह कदम न तो कर्मचारियों के हित में है और न ही आम उपभोक्ताओं के। जोधपुर डिस्कॉम के शानदार प्रदर्शन के बावजूद निजीकरण का प्रयास तर्कहीन समिति ने वार्ता में तकनीकी तथ्यों के साथ पक्ष रखते हुए बताया कि जोधपुर डिस्कॉम पिछले दो वर्षों (2024-25 और 2025-26) से राष्ट्रीय रैंकिंग में ऐतिहासिक सुधार कर रहा है। निगम ने अपने वित्तीय और तकनीकी घाटों में निरंतर कमी की है। पिछले दो वर्षों में विद्युत विभाग हर क्षेत्र में गतिशील रहा है, चाहे वह सोलर (Solar) ऊर्जा हो या विंड (Wind) एनर्जी; सभी क्षेत्रों में उत्पादन और वितरण में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। ऐसी स्थिति में जब सरकारी तंत्र के अधीन रहते हुए कर्मचारी डिस्कॉम को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं, भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा निजीकरण की ओर धकेलना कर्मचारियों और आम उपभोक्ताओं के बीच भारी विरोध और असुरक्षा पैदा कर रहा है। संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रबंधन को चेतावनी देते हुए मार्च माह में कर्मचारी काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे और विरोध दर्ज कराएंगे अप्रैल में इसके साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर उनका घेराव किया जाएगा। जिला प्रशासन और निगम प्रशासन को ज्ञापन देकर बड़े स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे, आज की इस महत्वपूर्ण बैठक और वार्ता में जोधपुर डिस्कॉम के सभी प्रमुख संगठनों ने एक सुर में विरोध जताया, जिनमें जोधपुर विद्युत वितरण निगम श्रमिक संघ, बिजली इंजीनियर एसोसिएशन ऑफ जोधपुर, जोधपुर डिस्कॉम बिजली कर्मचारी संघ, राजस्थान विद्युत लेखा कर्मचारी संघ, राजस्थान विद्युत तकनीकी कर्मचारी एसोसिएशन, कर्मचारी मजदूर संघ, राजस्थान विद्युत मंत्रालयिक कर्मचारी संघ, बिजली इंजीनियर एसोसिएशन (AITUC), पावर इंजीनियर संगठन साथ थे इन सभी के पदाधिकारी जगदीश प्रसाद दाधीच, डॉ करण सिंह राजपुरोहित, विनोद सोनी, कुलदीप सांखला, हुकुमचंद चौहान, राम प्रकाश चौधरी, हिम्मत सिंह, यशपाल चौधरी, मनोज सैनी, मुकेश कटारिया, भीमराज सांखला, भरत गुर्जर, मलखान मीणा, विजय गॉड, अवतार सिंह, नवीन यादव, दिनेश, मोहन सिंह मीणा, जयराम सिंह बागड़ी, लालचंद गुर्जर, सुरेश चंद मीणा, जितेंद्र सिंह, चंदन शर्मा, इत्यादि संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे इन सभी संगठनों ने संयुक्त रूप से संकल्प लिया कि वे डिस्कॉम के निजीकरण को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। ओर 30 अप्रैल को जोधपुर डिस्कॉम मुख्यालय पर विशाल रैली ओर प्रदर्शन करेंगे।
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    आज जोधपुर विद्युत वितरण निगम की संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में डिस्कॉम के सभी प्रमुख श्रम संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रबंध निदेशक (Managing Director) के साथ एक महत्वपूर्ण वार्ता की। वार्ता के दौरान समिति ने जोधपुर डिस्कॉम में किए जा रहे निजीकरण (Privatization) के प्रयासों का पुरजोर विरोध करते हुए एक ज्ञापन सौंपा और स्पष्ट किया कि यह कदम न तो कर्मचारियों के हित में है और न ही आम उपभोक्ताओं के। जोधपुर डिस्कॉम के शानदार प्रदर्शन के बावजूद निजीकरण का प्रयास तर्कहीन समिति ने वार्ता में तकनीकी तथ्यों के साथ पक्ष रखते हुए बताया कि जोधपुर डिस्कॉम पिछले दो वर्षों (2024-25 और 2025-26) से राष्ट्रीय रैंकिंग में ऐतिहासिक सुधार कर रहा है। निगम ने अपने वित्तीय और तकनीकी घाटों में निरंतर कमी की है। पिछले दो वर्षों में विद्युत विभाग हर क्षेत्र में गतिशील रहा है, चाहे वह सोलर (Solar) ऊर्जा हो या विंड (Wind) एनर्जी; सभी क्षेत्रों में उत्पादन और वितरण में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। ऐसी स्थिति में जब सरकारी तंत्र के अधीन रहते हुए कर्मचारी डिस्कॉम को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं, भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा निजीकरण की ओर धकेलना कर्मचारियों और आम उपभोक्ताओं के बीच भारी विरोध और असुरक्षा पैदा कर रहा है। संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रबंधन को चेतावनी देते हुए मार्च माह में कर्मचारी काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे और विरोध दर्ज कराएंगे अप्रैल में इसके साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर उनका घेराव किया जाएगा। जिला प्रशासन और निगम प्रशासन को ज्ञापन देकर बड़े स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे,  आज की इस महत्वपूर्ण बैठक और वार्ता में जोधपुर डिस्कॉम के सभी प्रमुख संगठनों ने एक सुर में विरोध जताया, जिनमें जोधपुर विद्युत वितरण निगम श्रमिक संघ, बिजली इंजीनियर एसोसिएशन ऑफ जोधपुर, जोधपुर डिस्कॉम बिजली कर्मचारी संघ, राजस्थान विद्युत लेखा कर्मचारी संघ, राजस्थान विद्युत तकनीकी कर्मचारी एसोसिएशन, कर्मचारी मजदूर संघ, राजस्थान विद्युत मंत्रालयिक कर्मचारी संघ, बिजली इंजीनियर एसोसिएशन (AITUC), पावर इंजीनियर संगठन साथ थे इन सभी के पदाधिकारी जगदीश प्रसाद दाधीच, डॉ करण सिंह राजपुरोहित, विनोद सोनी, कुलदीप सांखला, हुकुमचंद चौहान, राम प्रकाश चौधरी, हिम्मत सिंह, यशपाल चौधरी, मनोज सैनी, मुकेश कटारिया, भीमराज सांखला, भरत गुर्जर, मलखान मीणा, विजय गॉड, अवतार सिंह, नवीन यादव, दिनेश, मोहन सिंह मीणा, जयराम सिंह बागड़ी, लालचंद गुर्जर, सुरेश चंद मीणा, जितेंद्र सिंह, चंदन शर्मा, इत्यादि संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे इन सभी संगठनों ने संयुक्त रूप से संकल्प लिया कि वे डिस्कॉम के निजीकरण को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। ओर 30 अप्रैल को जोधपुर डिस्कॉम मुख्यालय पर विशाल रैली ओर प्रदर्शन करेंगे।
    user_Sachin vyas
    Sachin vyas
    Journalist फलोदी, जोधपुर, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • जैसलमेर में डॉक्टर्स ने घायल प्रवासी पक्षी कुरजां (साइबेरियन क्रेन) का इलाज कारपेंटर की ड्रिल मशीन और वायर से किया है। कुत्ते के काटने से पक्षी के पैरों में मल्टीपल फ्रैक्चर हो गए थे। इलाज जल्द से जल्द करना जरूरी था नहीं तो इंफेक्शन फैल सकता था।
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    जैसलमेर में डॉक्टर्स ने घायल प्रवासी पक्षी कुरजां (साइबेरियन क्रेन) का इलाज कारपेंटर की ड्रिल मशीन और वायर से किया है। कुत्ते के काटने से पक्षी के पैरों में मल्टीपल फ्रैक्चर हो गए थे। इलाज जल्द से जल्द करना जरूरी था नहीं तो इंफेक्शन फैल सकता था।
    user_Gopal singh jodha
    Gopal singh jodha
    Local News Reporter फलसूंड, जैसलमेर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • शेरगढ़ कस्बे में आज एक बार फिर आग लगी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया समय रहते आग पर काबू पाया गया नहीं तो बड़ा हादसा भी हो सकता था
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    शेरगढ़ कस्बे में आज एक बार फिर आग लगी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया समय रहते आग पर काबू पाया गया नहीं तो बड़ा हादसा भी हो सकता था
    user_Dinesh Parmar
    Dinesh Parmar
    शेरगढ़, जोधपुर, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • पिछली 12 मार्च को जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही निजी ट्रेवल्स की बस जलने से जैसलमेर जिले के खींवसर गांव के निवासी अंबाराम की दर्दनाक मौत हो गई थी। आज 6 दिन बीत जाने के बाद भी मृतक के परिजनों को कोई मुआवजा व आश्वासन नहीं मिलने से राज्य सरकार व प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों सहित पूरे दर्जी समाज मे रोष व्याप्त है। आज भारी संख्या में दर्जी समाज के लोग एकत्रित हुए तथा मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने ज्ञापन देकर मांग रखी है कि 12 मार्च 2026 को रात्रि लगभग 3:30 बजे नैनावा-धानेरा मार्ग पर स्वागत ट्रेवल्स की बस संख्या MP44 ZE 4477 में अचानक आग लगने से एक अत्यंत दुखद दुर्घटना घटित हुई। इस दुर्घटना में दर्जी समाज के सदस्य अम्बालाल पुत्र सुजाराम, निवासी खींवसर, की अत्यंत दर्दनाक मृत्यु हो गई। स्वर्गीय अम्बालाल अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में तीन नाबालिग पुत्र हैं जो वर्तमान में पढ़ाई कर रहे हैं। इस आकस्मिक दुर्घटना से परिवार पर गहरा आर्थिक एवं मानसिक संकट आ पड़ा है।हमारी मांग है कि मृतक के परिजनों को उचित आर्थिक मुआवजा प्रदान किया जाए, जैसा कि पूर्व में जैसलमेर बस अग्निकांड जैसी घटनाओं में दिया गया है।संबंधित बस संचालक स्वागत ट्रेवल्स की सभी बसों की सम्पूर्ण जांच कर उचित कानूनी कार्यवाही की जाए।तथा घटना स्थल पर बस में दो अलग-अलग नंबर प्लेटें पाई जाने की जानकारी सामने आई है, जिससे अवैधता की आशंका उत्पन्न होती है। इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। समाज के अध्यक्ष हरीश दैया ने बताया कि आज समाज के शहरी व ग्रामीण इलाकों के मौजिज लोगो ने एकत्रित होकर हमने ज्ञापन सौंपा है अगर जल्द ही मृतक को नियमानुसार मुआवजा नहीं मिला तो हम लोग उग्र आंदोलन करेंगे तथा अनशन पर बैठेंगे,वहीं निवर्तमान पार्षद लीलाधर दैया ने बताया कि पूर्व में जो बस दुखान्तिका हादसा हुआ था उसमें सरकार द्वारा नियमानुसार मुआवजा दिया गया था लेकिन ये हादसा हूबहू वैसा ही बस अग्निकांड है लेकिन ये गरीब परिवार होने की वजह से सरकार दोगली नीति अपना रही है जो कि कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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    पिछली 12 मार्च को जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही निजी ट्रेवल्स की बस जलने से जैसलमेर जिले के खींवसर गांव के निवासी अंबाराम की दर्दनाक मौत हो गई थी। आज 6 दिन बीत जाने के बाद भी मृतक के परिजनों को कोई मुआवजा व आश्वासन नहीं मिलने से राज्य सरकार व प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों सहित पूरे दर्जी समाज मे रोष व्याप्त है। आज भारी संख्या में दर्जी समाज के लोग एकत्रित हुए तथा मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने ज्ञापन देकर मांग रखी है कि 12 मार्च 2026 को रात्रि लगभग 3:30 बजे नैनावा-धानेरा मार्ग पर स्वागत ट्रेवल्स की बस संख्या MP44 ZE 4477 में अचानक आग लगने से एक अत्यंत दुखद दुर्घटना घटित हुई। इस दुर्घटना में दर्जी समाज के सदस्य अम्बालाल पुत्र सुजाराम, निवासी खींवसर, की अत्यंत दर्दनाक मृत्यु हो गई। स्वर्गीय अम्बालाल अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में तीन नाबालिग पुत्र हैं जो वर्तमान में पढ़ाई कर रहे हैं। इस आकस्मिक दुर्घटना से परिवार पर गहरा आर्थिक एवं मानसिक संकट आ पड़ा है।हमारी मांग है कि मृतक के परिजनों को उचित आर्थिक मुआवजा प्रदान किया जाए, जैसा कि पूर्व में जैसलमेर बस अग्निकांड जैसी घटनाओं में दिया गया है।संबंधित बस संचालक स्वागत ट्रेवल्स की सभी बसों की सम्पूर्ण जांच कर उचित कानूनी कार्यवाही की जाए।तथा घटना स्थल पर बस में दो अलग-अलग नंबर प्लेटें पाई जाने की जानकारी सामने आई है, जिससे अवैधता की आशंका उत्पन्न होती है। इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। समाज के अध्यक्ष हरीश दैया ने बताया कि आज समाज के शहरी व ग्रामीण इलाकों के मौजिज लोगो ने एकत्रित होकर हमने ज्ञापन सौंपा है अगर जल्द ही मृतक को नियमानुसार मुआवजा नहीं मिला तो हम लोग उग्र आंदोलन करेंगे तथा अनशन पर बैठेंगे,वहीं निवर्तमान पार्षद लीलाधर दैया ने बताया कि पूर्व में जो बस दुखान्तिका हादसा हुआ था उसमें सरकार द्वारा नियमानुसार मुआवजा दिया गया था लेकिन ये हादसा हूबहू वैसा ही बस अग्निकांड है लेकिन ये गरीब परिवार होने की वजह से सरकार दोगली नीति अपना रही है जो कि कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
    user_Dharmendra kumar
    Dharmendra kumar
    जैसलमेर, जैसलमेर, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • बालोतरा। राजाराम छात्रावास बालोतरा में होली स्नेह मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न गांव की गैर दलो ने अपनी प्रस्तुति दी।
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    बालोतरा।
राजाराम छात्रावास बालोतरा में होली स्नेह मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न गांव की गैर दलो ने अपनी प्रस्तुति दी।
    user_Pukhraj soni
    Pukhraj soni
    पत्रकार पचपदरा, बाड़मेर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • जोधपुर सेंट्रल जेल में सामने आए इफ्तार पार्टी प्रकरण के बाद समूचे प्रदेश में जेल सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। इसी के चलते आज सीमान्त जिले जैसलमेर में जिला कारागार में औचक निरीक्षण और तलाशी अभियान चलाया गया। जिला कलेक्टर प्रताप सिंह नाथावत और पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे के नेतृत्व में प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने जेल परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गौरतलब हैकि जोधपुर जेल से सामने आए मामले के बाद प्रदेशभर में जेलों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए थे। इसी के चलते जैसलमेर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर नजर आया। कलेक्टर के निर्देश पर कारागार में अचानक सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें पुलिस और प्रशासन की बड़ी टीम शामिल रही। जिसमे तीन आरपीएस अधिकारी, विभिन्न थाना क्षेत्रों के अधिकारी, करीब 40 से अधिक पुलिसकर्मी और RAC के जवान मौजूद रहे। टीम ने जेल की सभी बैरकों, शौचालयों, स्टोर रूम और अन्य संवेदनशील स्थानों की गहन जांच की। हर उस जगह को खंगाला गया, जहां किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री छिपाई जा सकती थी। इस निरीक्षण के दौरान जेल उपअधीक्षक मुरली मनोहर सहित कारागार स्टाफ भी मौजूद रहा। अधिकारियों ने जेल में बंद कैदियों की व्यवस्थाओं, सुरक्षा इंतजामों और सुविधाओं की समीक्षा की। साथ ही कैदियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी जानी, हालांकि किसी प्रकार की विशेष शिकायत सामने नहीं आई। इस औचक तलाशी अभियान के दौरान सबसे राहत की बात यह रही कि जेल परिसर से कोई भी संदिग्ध या प्रतिबंधित वस्तु बरामद नहीं हुई। अधिकारियों ने इसे जेल प्रशासन की सतर्कता का परिणाम बताया और भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण लगातार जारी रखने की बात कही है।
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    जोधपुर सेंट्रल जेल में सामने आए इफ्तार पार्टी प्रकरण के बाद समूचे प्रदेश में जेल सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। इसी के चलते आज सीमान्त जिले जैसलमेर में जिला कारागार में औचक निरीक्षण और तलाशी अभियान चलाया गया। जिला कलेक्टर प्रताप सिंह नाथावत और पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे के नेतृत्व में प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने जेल परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। 
गौरतलब हैकि जोधपुर जेल से सामने आए मामले के बाद प्रदेशभर में जेलों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए थे। इसी के चलते जैसलमेर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर नजर आया। कलेक्टर के निर्देश पर कारागार में अचानक सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें पुलिस और प्रशासन की बड़ी टीम शामिल रही। जिसमे तीन आरपीएस अधिकारी, विभिन्न थाना क्षेत्रों के अधिकारी, करीब 40 से अधिक पुलिसकर्मी और RAC के जवान मौजूद रहे। टीम ने जेल की सभी बैरकों, शौचालयों, स्टोर रूम और अन्य संवेदनशील स्थानों की गहन जांच की। हर उस जगह को खंगाला गया, जहां किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री छिपाई जा सकती थी। 
इस निरीक्षण के दौरान जेल उपअधीक्षक मुरली मनोहर सहित कारागार स्टाफ भी मौजूद रहा। अधिकारियों ने जेल में बंद कैदियों की व्यवस्थाओं, सुरक्षा इंतजामों और सुविधाओं की समीक्षा की। साथ ही कैदियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी जानी, हालांकि किसी प्रकार की विशेष शिकायत सामने नहीं आई। इस औचक तलाशी अभियान के दौरान सबसे राहत की बात यह रही कि जेल परिसर से कोई भी संदिग्ध या प्रतिबंधित वस्तु बरामद नहीं हुई। अधिकारियों ने इसे जेल प्रशासन की सतर्कता का परिणाम बताया और भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण लगातार जारी रखने की बात कही है।
    user_गिरिराज
    गिरिराज
    पोकरण, जैसलमेर, राजस्थान•
    9 hrs ago
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