जोधपुर डिस्कॉम में निजीकरण के विरोध में संयुक्त संघर्ष समिति का बिगुल: प्रबंध निदेशक को सौंपा ज्ञापन | आज जोधपुर विद्युत वितरण निगम की संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में डिस्कॉम के सभी प्रमुख श्रम संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रबंध निदेशक (Managing Director) के साथ एक महत्वपूर्ण वार्ता की। वार्ता के दौरान समिति ने जोधपुर डिस्कॉम में किए जा रहे निजीकरण (Privatization) के प्रयासों का पुरजोर विरोध करते हुए एक ज्ञापन सौंपा और स्पष्ट किया कि यह कदम न तो कर्मचारियों के हित में है और न ही आम उपभोक्ताओं के। जोधपुर डिस्कॉम के शानदार प्रदर्शन के बावजूद निजीकरण का प्रयास तर्कहीन समिति ने वार्ता में तकनीकी तथ्यों के साथ पक्ष रखते हुए बताया कि जोधपुर डिस्कॉम पिछले दो वर्षों (2024-25 और 2025-26) से राष्ट्रीय रैंकिंग में ऐतिहासिक सुधार कर रहा है। निगम ने अपने वित्तीय और तकनीकी घाटों में निरंतर कमी की है। पिछले दो वर्षों में विद्युत विभाग हर क्षेत्र में गतिशील रहा है, चाहे वह सोलर (Solar) ऊर्जा हो या विंड (Wind) एनर्जी; सभी क्षेत्रों में उत्पादन और वितरण में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। ऐसी स्थिति में जब सरकारी तंत्र के अधीन रहते हुए कर्मचारी डिस्कॉम को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं, भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा निजीकरण की ओर धकेलना कर्मचारियों और आम उपभोक्ताओं के बीच भारी विरोध और असुरक्षा पैदा कर रहा है। संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रबंधन को चेतावनी देते हुए मार्च माह में कर्मचारी काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे और विरोध दर्ज कराएंगे अप्रैल में इसके साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर उनका घेराव किया जाएगा। जिला प्रशासन और निगम प्रशासन को ज्ञापन देकर बड़े स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे, आज की इस महत्वपूर्ण बैठक और वार्ता में जोधपुर डिस्कॉम के सभी प्रमुख संगठनों ने एक सुर में विरोध जताया, जिनमें जोधपुर विद्युत वितरण निगम श्रमिक संघ, बिजली इंजीनियर एसोसिएशन ऑफ जोधपुर, जोधपुर डिस्कॉम बिजली कर्मचारी संघ, राजस्थान विद्युत लेखा कर्मचारी संघ, राजस्थान विद्युत तकनीकी कर्मचारी एसोसिएशन, कर्मचारी मजदूर संघ, राजस्थान विद्युत मंत्रालयिक कर्मचारी संघ, बिजली इंजीनियर एसोसिएशन (AITUC), पावर इंजीनियर संगठन साथ थे इन सभी के पदाधिकारी जगदीश प्रसाद दाधीच, डॉ करण सिंह राजपुरोहित, विनोद सोनी, कुलदीप सांखला, हुकुमचंद चौहान, राम प्रकाश चौधरी, हिम्मत सिंह, यशपाल चौधरी, मनोज सैनी, मुकेश कटारिया, भीमराज सांखला, भरत गुर्जर, मलखान मीणा, विजय गॉड, अवतार सिंह, नवीन यादव, दिनेश, मोहन सिंह मीणा, जयराम सिंह बागड़ी, लालचंद गुर्जर, सुरेश चंद मीणा, जितेंद्र सिंह, चंदन शर्मा, इत्यादि संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे इन सभी संगठनों ने संयुक्त रूप से संकल्प लिया कि वे डिस्कॉम के निजीकरण को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। ओर 30 अप्रैल को जोधपुर डिस्कॉम मुख्यालय पर विशाल रैली ओर प्रदर्शन करेंगे।
जोधपुर डिस्कॉम में निजीकरण के विरोध में संयुक्त संघर्ष समिति का बिगुल: प्रबंध निदेशक को सौंपा ज्ञापन | आज जोधपुर विद्युत वितरण निगम की संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में डिस्कॉम के सभी प्रमुख श्रम संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रबंध निदेशक (Managing Director) के साथ एक महत्वपूर्ण वार्ता की। वार्ता के दौरान समिति ने जोधपुर डिस्कॉम में किए जा रहे निजीकरण (Privatization) के प्रयासों का पुरजोर विरोध करते हुए एक ज्ञापन सौंपा और स्पष्ट किया कि यह कदम न तो कर्मचारियों के हित में है और न ही आम उपभोक्ताओं के। जोधपुर डिस्कॉम के शानदार प्रदर्शन के बावजूद निजीकरण का प्रयास तर्कहीन समिति ने वार्ता में तकनीकी तथ्यों के साथ पक्ष रखते हुए बताया कि जोधपुर डिस्कॉम पिछले दो वर्षों (2024-25 और 2025-26) से राष्ट्रीय रैंकिंग में ऐतिहासिक सुधार कर रहा है। निगम ने अपने वित्तीय और तकनीकी घाटों में निरंतर कमी की है। पिछले दो वर्षों में विद्युत विभाग हर क्षेत्र में गतिशील रहा है, चाहे वह सोलर (Solar) ऊर्जा हो या विंड (Wind) एनर्जी; सभी क्षेत्रों में उत्पादन और वितरण में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। ऐसी स्थिति में जब सरकारी तंत्र के अधीन रहते हुए कर्मचारी डिस्कॉम को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं, भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा निजीकरण की ओर धकेलना कर्मचारियों और आम उपभोक्ताओं के बीच भारी विरोध और असुरक्षा पैदा कर रहा है। संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रबंधन को चेतावनी देते हुए मार्च माह में कर्मचारी काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे और विरोध दर्ज कराएंगे अप्रैल में इसके साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर उनका घेराव किया जाएगा। जिला प्रशासन और निगम प्रशासन को ज्ञापन देकर बड़े स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे, आज की इस महत्वपूर्ण बैठक और वार्ता में जोधपुर डिस्कॉम के सभी प्रमुख संगठनों ने एक सुर में विरोध जताया, जिनमें जोधपुर विद्युत वितरण निगम श्रमिक संघ, बिजली इंजीनियर एसोसिएशन ऑफ जोधपुर, जोधपुर डिस्कॉम बिजली कर्मचारी संघ, राजस्थान विद्युत लेखा कर्मचारी संघ, राजस्थान विद्युत तकनीकी कर्मचारी एसोसिएशन, कर्मचारी मजदूर संघ, राजस्थान विद्युत मंत्रालयिक कर्मचारी संघ, बिजली इंजीनियर एसोसिएशन (AITUC), पावर इंजीनियर संगठन साथ थे इन सभी के पदाधिकारी जगदीश प्रसाद दाधीच, डॉ करण सिंह राजपुरोहित, विनोद सोनी, कुलदीप सांखला, हुकुमचंद चौहान, राम प्रकाश चौधरी, हिम्मत सिंह, यशपाल चौधरी, मनोज सैनी, मुकेश कटारिया, भीमराज सांखला, भरत गुर्जर, मलखान मीणा, विजय गॉड, अवतार सिंह, नवीन यादव, दिनेश, मोहन सिंह मीणा, जयराम सिंह बागड़ी, लालचंद गुर्जर, सुरेश चंद मीणा, जितेंद्र सिंह, चंदन शर्मा, इत्यादि संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे इन सभी संगठनों ने संयुक्त रूप से संकल्प लिया कि वे डिस्कॉम के निजीकरण को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। ओर 30 अप्रैल को जोधपुर डिस्कॉम मुख्यालय पर विशाल रैली ओर प्रदर्शन करेंगे।
- Post by TILORARAM Godara अध्यक्ष वीर तेजा सेना जिला फलोदी1
- आज जोधपुर विद्युत वितरण निगम की संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में डिस्कॉम के सभी प्रमुख श्रम संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रबंध निदेशक (Managing Director) के साथ एक महत्वपूर्ण वार्ता की। वार्ता के दौरान समिति ने जोधपुर डिस्कॉम में किए जा रहे निजीकरण (Privatization) के प्रयासों का पुरजोर विरोध करते हुए एक ज्ञापन सौंपा और स्पष्ट किया कि यह कदम न तो कर्मचारियों के हित में है और न ही आम उपभोक्ताओं के। जोधपुर डिस्कॉम के शानदार प्रदर्शन के बावजूद निजीकरण का प्रयास तर्कहीन समिति ने वार्ता में तकनीकी तथ्यों के साथ पक्ष रखते हुए बताया कि जोधपुर डिस्कॉम पिछले दो वर्षों (2024-25 और 2025-26) से राष्ट्रीय रैंकिंग में ऐतिहासिक सुधार कर रहा है। निगम ने अपने वित्तीय और तकनीकी घाटों में निरंतर कमी की है। पिछले दो वर्षों में विद्युत विभाग हर क्षेत्र में गतिशील रहा है, चाहे वह सोलर (Solar) ऊर्जा हो या विंड (Wind) एनर्जी; सभी क्षेत्रों में उत्पादन और वितरण में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। ऐसी स्थिति में जब सरकारी तंत्र के अधीन रहते हुए कर्मचारी डिस्कॉम को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं, भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा निजीकरण की ओर धकेलना कर्मचारियों और आम उपभोक्ताओं के बीच भारी विरोध और असुरक्षा पैदा कर रहा है। संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रबंधन को चेतावनी देते हुए मार्च माह में कर्मचारी काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे और विरोध दर्ज कराएंगे अप्रैल में इसके साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर उनका घेराव किया जाएगा। जिला प्रशासन और निगम प्रशासन को ज्ञापन देकर बड़े स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे, आज की इस महत्वपूर्ण बैठक और वार्ता में जोधपुर डिस्कॉम के सभी प्रमुख संगठनों ने एक सुर में विरोध जताया, जिनमें जोधपुर विद्युत वितरण निगम श्रमिक संघ, बिजली इंजीनियर एसोसिएशन ऑफ जोधपुर, जोधपुर डिस्कॉम बिजली कर्मचारी संघ, राजस्थान विद्युत लेखा कर्मचारी संघ, राजस्थान विद्युत तकनीकी कर्मचारी एसोसिएशन, कर्मचारी मजदूर संघ, राजस्थान विद्युत मंत्रालयिक कर्मचारी संघ, बिजली इंजीनियर एसोसिएशन (AITUC), पावर इंजीनियर संगठन साथ थे इन सभी के पदाधिकारी जगदीश प्रसाद दाधीच, डॉ करण सिंह राजपुरोहित, विनोद सोनी, कुलदीप सांखला, हुकुमचंद चौहान, राम प्रकाश चौधरी, हिम्मत सिंह, यशपाल चौधरी, मनोज सैनी, मुकेश कटारिया, भीमराज सांखला, भरत गुर्जर, मलखान मीणा, विजय गॉड, अवतार सिंह, नवीन यादव, दिनेश, मोहन सिंह मीणा, जयराम सिंह बागड़ी, लालचंद गुर्जर, सुरेश चंद मीणा, जितेंद्र सिंह, चंदन शर्मा, इत्यादि संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे इन सभी संगठनों ने संयुक्त रूप से संकल्प लिया कि वे डिस्कॉम के निजीकरण को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। ओर 30 अप्रैल को जोधपुर डिस्कॉम मुख्यालय पर विशाल रैली ओर प्रदर्शन करेंगे।1
- रेल की चपेट में आने से 6 ऊंटों की मौत, मचा हड़कंप लाठी।लाठी गांव के पास रेलवे ट्रेक पर लीलण एक्सप्रेस की चपेट में आने से 6 राज्यपशु ऊंटों की दर्दनाक मौत हो गई। जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। इस दौरान 2 ऊंट रेल के इंजन में बुरी तरह से फंस गए। जिन्हें निकालने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान करीब 20-30 मिनट तक रेल बीच रास्ते खड़ी रही। जानकारी के अनुसार मध्यरात्रि बाद करीब 1 बजे राज्यपशु ऊंटों का झुंड लाठी रेलवे स्टेशन के पास पटरियां पार कर रहा था। इस दौरान जैसलमेर से पोकरण की तरफ जा रही लीलण एक्सप्रेस यहां पहुंच गई और उसकी आवाज सुनकर ऊंटों में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान 5 ऊंटों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें से 2 ऊंट इंजन में बुरी तरह से फंस गए, ऊंटों के इंजन में बुरी तरह से फंस जाने के कारण रेल को बीच ट्रेक ही खड़ा करना पड़ा। ऊंटों को कड़ी मशक्कत कर बाहर निकाला गया। करीब 20-30 मिनट बाद रेल को रवाना किया गया। इस दौरान यात्रियों को खासी परेशानी हुई। रेलवे के जमादार रेंवतराम चौधरी, वन्यजीवप्रेमी मुकेश भील सहित ग्रामीण सुबह मौके पर पहुंचे और मृत ऊंटों को ट्रेक से दूर करवाया। लाठी सहित आसपास का क्षेत्र पशु बाहुल्य है। ग्रामीण कृषि के साथ पशुपालन भी करते है। क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऊंट भी है। पोकरण-जैसलमेर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 11 पर स्थित कुछ गांवों के उत्तर और दक्षिण दिशा से रेलवे ट्रेक निकलता है। इन पटरियों के आसपास सूनसान जंगल होने से मवेशी यहां चरते है। इस दौरान रेलवे ट्रेक के आसपास पशु चरने के दौरान कई बार रेल की चपेट में आकर काल का ग्रास हो जाते है। बावजूद इसके जिम्मेदारों की ओर से मवेशी की सुरक्षा को लेकर पुख्ता प्रबंध करने के लिए कोई कवायद नहीं की जा रही है।1
- शेरगढ़ कस्बे में आज एक बार फिर आग लगी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया समय रहते आग पर काबू पाया गया नहीं तो बड़ा हादसा भी हो सकता था1
- जैसलमेर में डॉक्टर्स ने घायल प्रवासी पक्षी कुरजां (साइबेरियन क्रेन) का इलाज कारपेंटर की ड्रिल मशीन और वायर से किया है। कुत्ते के काटने से पक्षी के पैरों में मल्टीपल फ्रैक्चर हो गए थे। इलाज जल्द से जल्द करना जरूरी था नहीं तो इंफेक्शन फैल सकता था।1
- आज मंगलवार को शितला माता जी मन्दिर में मंदिर में भक्तों की संख्या बहुत कम नजर आई1
- चोरों के हौसले बुलंद पुलिस बेबस पिछले कई समय से बढ़ती चोरिया ओर एक रात हुई सीरियल चोरी का पुलिस नहीं कर पाई खुलासा जोधपुर के भीतरी शहर ब्रह्मपुरी क्षेत्र में लगातार चोरिया जहां क्षेत्र वाशी खौफ के साए में पुलिस बेबस खाली हाथ वाह वाही लूट रही । पिछले कुछ महीनों में लगातार चोरिया बड़ी हे चोरिया थमने का नाम नहीं अभी तक ब्रह्मपुरी में सीरियल चोरी का खुलासा खांडा फ़लशा थाना पुलिस कर ही नहीं पाई लेकिन चोर अपने काम को लगातार अंजाम देने की कोशिश में हे कल देर रात दो अज्ञात युवक तीसरी नजर में कैद हुए स्वान के कारण चोरी करने में नाकाम हुए दोनों युवकों को उल्टे पर दौड़ना पड़ा । लेकिन क्षेत्र वाशियो से सुनने में आ रहा हे उन दोनों को क्षेत्र के अलग अलग गलियों में घूमते देखे गए । अगर रात्रि गश्त सुचारु रूप से चालू हे तो चोरों के हौसले बुलंद कैसे हो रहे हे ओर हा अभी पिछले महीने भीम जी हटाई पर दुकान में चोरी हुई जिसका खुलासा हो गया तो ब्रह्मपुरी में हुई चोरी का खुलासा करने में पुलिस नाकाम कैसे ?1
- Post by Sachin vyas1