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DEVENDRA SINGH DHURVE
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- शहडोल के पुलिस अधीक्षक श्री रामजी श्रीवास्तव ने नागरिकों से सतर्क, सुरक्षित और जागरूक रहने की अपील की है। उन्होंने साइबर सुरक्षा के लिए तीन मुख्य सूत्र अपनाने पर जोर दिया है, जिनमें जागरूकता, सावधानी और सहभागिता शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक का उद्देश्य है कि लोग इन सूत्रों का पालन करके साइबर अपराधों से स्वयं को बचा सकें।1
- शहडोल के जनपद पंचायत सोहागपुर सभागार में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत रसोई सहायिकाओं के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण और कुकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्व-सहायता समूह की बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया और अपने पाक-कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ जयसिंहनगर विधायक मनीषा सिंह ने माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान शहडोल संभाग की कमिश्नर सुरभि गुप्ता, कलेक्टर डॉ. केदार सिंह और जिला पंचायत सीईओ शिवम प्रजापति सहित अन्य अधिकारियों ने महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न व्यंजनों का स्वाद लिया और उनके प्रयासों की सराहना की। अपने संबोधन में विधायक मनीषा सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अवसर उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएँ न केवल स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं, बल्कि अपने परिवारों को पौष्टिक और संतुलित भोजन उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इस प्रतियोगिता में लगभग 85 महिलाओं ने भाग लिया, जहाँ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के लिए सम्मानित किया गया और प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ राजस्व, पंचायत और जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य रसोई सहायिकाओं के कौशल विकास के साथ-साथ पोषण संबंधी जागरूकता को बढ़ावा देना बताया गया है।4
- बिलासपुर में दिनांक 15 जून 2026 को हुए एक सनसनीखेज हत्या के प्रयास मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने फरार आरोपी मो. समीर (25 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने एक मामूली विवाद के दौरान साहिल बर्मन नामक युवक की गर्दन पर ब्लेड से घातक वार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिसके बाद वह घटनास्थल से फरार हो गया था। पीड़ित की शिकायत पर सिटी कोतवाली थाना में अपराध क्रमांक 371/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर आरोपी की लगातार तलाश की जा रही थी। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी बिलासपुर रेलवे स्टेशन क्षेत्र में मौजूद है, जिसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी मो. समीर, जो तालापारा, बिलासपुर का निवासी है, ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वारदात के बाद वह अपनी स्कूटी रेलवे स्टेशन पार्किंग में खड़ी कर महाराष्ट्र के भंडारा भाग गया था। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त ब्लेड और स्कूटी क्रमांक CG 10/BG 5265 को बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।1
- उमरिया जिले में रेत की अवैध तस्करी लगातार जारी है और यह थमने का नाम नहीं ले रही है। इस स्थिति पर सवाल उठाया गया है कि आखिर इस रेत स्मगलिंग का असली जिम्मेदार कौन है। आरोप है कि इस पूरे मामले में खनिज विभाग सिर्फ मूक दर्शक बना हुआ है।1
- बिलासपुर के निजी विद्यालय संचालक संघ ने छत्तीसगढ़ राज्य पाठ्यपुस्तक निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने आरोप लगाया है कि पाठ्यपुस्तकों के वितरण में लगातार हो रही देरी, अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही और अव्यवस्थित व्यवस्था के कारण राज्य के लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। संघ ने दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग के साथ-साथ अशासकीय विद्यालयों को भी संकुल स्तर पर समय पर पुस्तकें उपलब्ध कराने की मांग की है। संघ के अध्यक्ष विष्णु प्रसाद कौशिक और सचिव गोपाल प्रसाद साहू द्वारा जारी ज्ञापन में बताया गया है कि जहाँ वर्षों से शासकीय विद्यालयों को संकुल स्तर पर और अशासकीय विद्यालयों को जिला स्तर पर नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें समय पर मिलती रही हैं, वहीं पिछले सत्र 2025-26 में निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की असंवेदनशीलता, लापरवाही तथा अव्यवस्थित रवैये के चलते विद्यालयों को पुस्तकें बहुत देर से मिलीं; कई स्कूलों को सितंबर 2025 तक ही पुस्तकें प्राप्त हुईं, जबकि कुछ विषयों की किताबें सत्र समाप्त होने तक भी नहीं पहुँच सकीं। संघ ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले वर्ष अशासकीय विद्यालयों को पुस्तकों का वितरण निगम द्वारा निर्धारित डिपो के माध्यम से आधी-अधूरी व्यवस्था में कराया गया, जिससे स्कूल संचालकों को भारी परेशानी हुई। पुस्तकों पर बारकोड और स्कैनिंग की नई व्यवस्था लागू करने से वितरण प्रक्रिया और धीमी पड़ गई, जिससे स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हुई। ज्ञापन में कहा गया है कि नए सत्र 2026-27 से व्यवस्था सुधारने और अशासकीय विद्यालयों को भी संकुल स्तर पर पुस्तकें उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन वर्तमान सत्र में भी स्थिति वैसी ही बनी हुई है। संघ के अनुसार, नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत 16 जून 2026 से हो चुकी है और शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार इस वर्ष बोर्ड परीक्षाएं फरवरी माह से आयोजित होनी हैं, इसके बावजूद बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को अब तक पुस्तकें नहीं मिल पाई हैं और 31 जुलाई तक भी सभी बच्चों को पुस्तकें मिलने की संभावना नहीं दिख रही है। निजी विद्यालय संचालक संघ ने इसे विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए पाठ्यपुस्तक निगम के इस रवैये को असहनीय और निंदनीय कहा है, जो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई का आधार बनता है। संघ ने मुख्यमंत्री से पाठ्यपुस्तक वितरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई और अशासकीय विद्यालयों को संकुल स्तर पर समयबद्ध ढंग से पुस्तकें उपलब्ध कराने की मांग की है। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि स्कूल शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, पाठ्यपुस्तक निगम अध्यक्ष, बिलासपुर व तखतपुर के विधायकों, बिलासपुर कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को भी भेजी गई है।4
- गुरुवार को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहाँ चँसुरा निवासी अन्नू रजक की बाघ के हमले में मौत हो गई। इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई, जिसके बाद वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों के भीतर संदिग्ध बाघ को रेस्क्यू कर लिया। जानकारी के अनुसार, घटना के बाद वन विभाग की टीम ने पनपथा बफर परिक्षेत्र की पलझा उत्तर बीट में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। इसी दौरान कक्ष क्र. आरएफ 604 में लगभग 5 वर्ष आयु का एक नर बाघ चिन्हित किया गया। वन्य प्राणी स्वास्थ्य अधिकारी की टीम ने पूरी सावधानी के साथ उसे ट्रेंकुलाइज कर काबू में लिया। रेस्क्यू के बाद बाघ का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और आवश्यक जांच के लिए रक्त के नमूने भी एकत्र किए गए। बाघ को पकड़ने की इस कार्रवाई में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ अधिकारियों, जैसे क्षेत्र संचालक, उप संचालक, सहायक संचालक (ताला), परिक्षेत्र अधिकारी, टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स (टीपीएफ) तथा वन्य प्राणी स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मौजूदगी में व्यापक अमला जुटा रहा। इस अभियान में लक्ष्मण, सूर्या, गणेश और सुंदरगज हाथियों तथा उनके महावतों ने भी अहम भूमिका निभाई। गौरतलब है कि गुरुवार सुबह हुए हमले में अन्नू रजक की मौत के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश और भय का माहौल था। ऐसे में वन विभाग द्वारा संदिग्ध बाघ को तत्काल रेस्क्यू कर ईनक्लोजर में भेजे जाने को एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। रेस्क्यू किए गए बाघ को विशेष सुरक्षा व्यवस्था के बीच बहेरहा एनक्लोजर पहुंचाया गया है, जहाँ उसकी गतिविधियों पर चौबीसों घंटे नजर रखी जाएगी। अब विभागीय अधिकारी बाघ के व्यवहार और स्वास्थ्य की निगरानी करते हुए आगे की कार्रवाई तय करेंगे।1
- मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम और जनजागरूकता के उद्देश्य से चलाए जा रहे 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के अंतर्गत अनूपपुर पुलिस विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। यह अभियान 24 जून 2026 से 08 जुलाई 2026 तक पूरे मध्यप्रदेश में चलाया जा रहा है। अनूपपुर में पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराब जी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगन्नाथ मरकाम जी एवं एसडीओपी श्री नवीन तिवारी जी के मार्गदर्शन में कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा इन कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। अभियान के तहत, गुरुवार को भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा अनूपपुर में बैंक अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ मिलकर लगभग 100 ग्राहकों के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके अतिरिक्त, शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर में प्राचार्य श्री अनिल सक्सेना, प्राध्यापकों और लगभग 600 छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कोतवाली टी.आई. अरविंद जैन के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक महेंद्र सिंह और आरक्षक प्रकाश तिवारी की टीम ने इन कार्यक्रमों में जानकारी दी। दी गई जानकारी में साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं पर जोर दिया गया, जैसे अनजान व्यक्ति द्वारा मोबाइल फोन पर कॉल या एसएमएस के माध्यम से ओटीपी साझा न करना, अनजान लिंक पर क्लिक न करना, और अनजान नंबरों से वीडियो कॉल अटेंड न करना। लोगों को अनजान कॉलर पर भरोसा करके किसी भी तरह का ट्रांजेक्शन या लेनदेन करने से बचने, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्राइवेसी फीचर्स को सक्रिय रखने, और लॉटरी, इनाम, कैशबैक, KBC लकी ड्रा, नौकरी, लोन, बीमा आदि जैसे आकर्षक प्रस्तावों से सावधान रहने की सलाह दी गई। साथ ही, किसी भी संस्थान या कंपनी के कस्टमर केयर नंबर के लिए उनकी आधिकारिक वेबसाइट/एप्लिकेशन का उपयोग करने, गूगल सर्च से मिले नंबरों पर भरोसा न करने और ऑनलाइन शॉपिंग के लिए विश्वसनीय एवं प्रमाणित ई-कॉमर्स वेबसाइटों या एप्लिकेशन का ही प्रयोग करने की हिदायत दी गई। साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए, सभी सोशल मीडिया और मैसेजिंग एप्लिकेशन जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स, व्हाट्सएप, टेलीग्राम पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन विकल्प चालू रखने, अपने सभी डिवाइसों को अपडेटेड एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर से सुरक्षित रखने और अनजान ईमेल या लिंक खोलने से पहले उनकी प्रामाणिकता की जांच करने के लिए कहा गया। सिम खरीदने के लिए संबंधित कंपनी के आधिकारिक स्टोर पर जाने और यदि कोई स्वयं को बैंक कर्मचारी बताकर जानकारी मांगे तो तत्काल अपने बैंक के अधिकारी-कर्मचारी से संपर्क करने की सलाह दी गई। डिजिटल अरेस्ट जैसे भयभीत करने वाले कॉल से सावधान रहने को कहा गया, क्योंकि भारतीय कानून में इसका कोई प्रावधान नहीं है। फर्जी शेयर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म एप्लिकेशन में निवेश करने से बचने और टेलीग्राम ऐप पर वर्क फ्रॉम होम या टास्क पूरा करके पैसे कमाने के झांसे में न आने की भी चेतावनी दी गई। विशेष रूप से यह समझाया गया कि ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए यूपीआई पिन डालना होता है, लेकिन पेमेंट प्राप्त करने के लिए कभी नहीं। किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एपीके फाइलें डाउनलोड या इंस्टॉल न करने और लोन के लिए आरबीआई से जुड़ी वित्तीय संस्थाओं या बैंकों से जानकारी लेने के बाद ही लोन ऐप का उपयोग करने की सलाह दी गई। अंत में, अपना बैंक खाता और सिम किसी भी स्थिति में किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए न देने का आग्रह किया गया। यदि कोई साइबर अपराध का शिकार हो जाता है, तो तत्काल 'गोल्डन आवर' में राष्ट्रीय साइबर क्राइम टोल-फ्री हेल्पलाइन 1930 या इसकी वेबसाइट पर, या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने की बात कही गई। ऐसा करने से ट्रांसफर की गई रकम को संबंधित खातों से निकाले जाने से पहले फ्रीज कराकर वापस दिलवाने में मदद मिल सकती है।1
- इंस्टाग्राम पर प्यार का झांसा, फिर मासूम की अस्मत से खिलवाड़: 14 साल की नाबालिग से दुष्कर्म करने वाला युवक गिरफ्तार रायगढ़। सोशल मीडिया के बढ़ते दुरुपयोग का एक और शर्मनाक मामला रायगढ़ जिले से सामने आया है। इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर 14 वर्षीय नाबालिग बालिका को अपने झांसे में लेने वाले युवक ने उसे सुनसान स्थान पर बुलाकर दुष्कर्म किया और बाद में अपने घर ले जाकर पूरी रात उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक शोषण करता रहा। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। जानकारी के अनुसार कापू थाना क्षेत्र की रहने वाली नाबालिग बालिका से आरोपी अभिषेक टंडन ने इंस्टाग्राम के माध्यम से संपर्क किया था। बातचीत बढ़ने के बाद उसने बालिका को मिलने के लिए बुलाया। आरोप है कि मुलाकात के दौरान आरोपी ने डराकर और दबाव बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वह बालिका को अपने घर ले गया, जहां रातभर उसका शोषण करता रहा। जब परिजनों को बेटी घर पर नहीं मिली तो उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान बालिका आरोपी के घर में मिली। घर पहुंचने पर उसने परिवार को पूरी घटना बताई, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया, बयान दर्ज किए और आरोपी को हिरासत में लिया। जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई कि आरोपी के खिलाफ नाबालिग से छेड़छाड़ की शिकायत पहले भी दर्ज हो चुकी थी। इसके बावजूद उसने दोबारा गंभीर अपराध को अंजाम दिया। रायगढ़ पुलिस ने कहा है कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों पर सख्त नजर रखी जा रही है और ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। नेशनल क्राइम न्यूज़–प्रधान संपादक2
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1