अनूपपुर जिले में नीट (NEET-UG) परीक्षा में कथित पेपर लीक और इस मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने जिला एवं सत्र न्यायालय के मुख्य द्वार के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने सामूहिक रूप से संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया और संविधान, लोकतंत्र तथा नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के समर्थन में नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने कहा कि नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक जैसी घटनाओं से देशभर के लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। संसद की ओर मार्च कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज में अनेक छात्र चोटिल हुए हैं, जो बेहद चिंताजनक और निंदनीय है। अधिवक्ताओं ने मांग की कि छात्रों पर किए गए बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए और संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता व शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का पूर्ण सम्मान सुनिश्चित किया जाए। विरोध प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा का सामूहिक संकल्प लिया। इसमें जिले के बड़ी संख्या में वकीलों ने हिस्सा लिया और कहा कि अधिवक्ता समाज हमेशा से राष्ट्रीय एवं जनहित के मुद्दों पर अपनी भूमिका निभाता आया है और भविष्य में भी संविधान तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवाज बुलंद करता रहेगा।
अनूपपुर जिले में नीट (NEET-UG) परीक्षा में कथित पेपर लीक और इस मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने जिला एवं सत्र न्यायालय के मुख्य द्वार के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने सामूहिक रूप से संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया और संविधान, लोकतंत्र तथा नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के समर्थन में नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने कहा कि नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक जैसी घटनाओं से देशभर के लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। संसद की ओर मार्च कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज में अनेक छात्र चोटिल हुए हैं, जो बेहद चिंताजनक और निंदनीय है। अधिवक्ताओं ने मांग की कि छात्रों पर किए गए बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए और संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता व शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का पूर्ण सम्मान सुनिश्चित किया जाए। विरोध प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा का सामूहिक संकल्प लिया। इसमें जिले के बड़ी संख्या में वकीलों ने हिस्सा लिया और कहा कि अधिवक्ता समाज हमेशा से राष्ट्रीय एवं जनहित के मुद्दों पर अपनी भूमिका निभाता आया है और भविष्य में भी संविधान तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवाज बुलंद करता रहेगा।
- अनूपपुर जिले के जैतहरी थाना क्षेत्र अंतर्गत सेमरवार गांव में गोबर गैस टैंक की सफाई के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। गोबर गैस टैंक की सफाई करते समय पैर फिसलने के कारण 40 वर्षीय अजय राठौर टैंक के अंदर गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीण और जैतहरी पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को टैंक से बाहर निकालकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की। जैतहरी पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।1
- मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक फुन्देलाल सिंह मार्को ने किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने खाद, बीज और कृषि व्यवस्था में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा कि आज किसान भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। विधायक मार्को ने सदन में कहा कि किसानों को समय पर डीएपी खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है, जबकि खुले बाजार में अधिक कीमत पर खाद आसानी से मिल रही है। उन्होंने एनपीके खाद की कीमतों में हुई भारी वृद्धि का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार ने एक वर्ष के भीतर किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है। विधायक फुन्देलाल सिंह मार्को जी ने पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में मृदा परीक्षण केंद्र स्थापित करने और स्थायी खाद एवं बीज क्रय-वितरण केंद्र खोलने की मांग भी सदन में रखी। उन्होंने कहा कि मृदा परीक्षण सुविधा उपलब्ध न होने से किसानों को उचित फसल प्रबंधन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, वहीं खाद-बीज के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में भटकने से समय और आर्थिक नुकसान दोनों होता है। उन्होंने मांग की कि क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण संसाधन दिए जाएं ताकि कृषि उत्पादन बढ़े और लागत कम हो।1
- गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के पेण्ड्रा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नवागांव में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा वन महोत्सव के अवसर पर 'एक पेड़ मां के नाम 3.0' अभियान के तहत वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मरवाही विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची ने जिले के प्रत्येक क्षेत्र तक पौधे पहुंचाने के उद्देश्य से 'एटीएम ट्री' वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। विधायक ने उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई और कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया यह अभियान वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय में सुविधाओं के विस्तार के लिए घोषणाएं भी की गईं। विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची ने विद्यार्थियों के लिए साइकिल स्टैंड निर्माण की घोषणा की, वहीं जनपद सदस्य श्रीमती पूर्णिमा पैकरा ने विद्यालय में प्रार्थना शेड निर्माण हेतु ₹5 लाख देने का ऐलान किया। इसके साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा ने इस अभियान को प्रेरणादायी सोच बताते हुए सभी नागरिकों से एक-एक पौधा लगाने और उसकी सुरक्षा करने का आह्वान किया। पौधारोपण के तहत विधायक ने बादाम, जिला पंचायत अध्यक्ष ने आंवला, कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने आम और वनमण्डलाधिकारी श्रीमती ग्रीष्मी चांद ने कदम के पौधे का रोपण किया। इसके अलावा कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने विभिन्न प्रजातियों के फलदार एवं छायादार पौधे लगाए। इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर, पेंड्रा नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष श्री राकेश जालान, जिला पंचायत सीईओ श्री मुकेश रावटे, सरपंच नरेश पैकरा सहित कई अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक और एनसीसी व स्काउट-गाइड के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।4
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1
- शाहडोल के जैतपुर में अवैध रेत भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्यवाही की है। कार्यवाही के तहत 60 ट्रॉली से अधिक रेत पर प्रशासन का बुलडोजर चलाया गया है और एक भंडारण को जप्त कर लिया गया है।1
- मोरगा और सेंधा के बीच बने पुल की जर्जर स्थिति के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। यदि यह पुल टूटता है तो जान-माल के भारी नुकसान के साथ-साथ दोनों गांवों का संपर्क भी पूरी तरह टूट जाएगा। इस खतरे को लेकर सरपंच द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं गया है। इस लापरवाही को लेकर अब स्थानीय सरकार की मंशा और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।1
- उमरिया के रानी दुर्गावती चौक पर जिला कांग्रेस कमेटी ने NEET पेपर लीक मामले और 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में शुक्रवार को धरना-प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष इंजी. विजय कुमार कोल के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बाद में कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और सरकार इन घटनाओं को रोकने में विफल रही है। ज्ञापन में कहा गया कि जंतर-मंतर पर अपने भविष्य के मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों तथा कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, सांसदों और अन्य नेताओं पर दिल्ली पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। नेताओं का कहना था कि यदि युवाओं की आवाज़ को बल प्रयोग से दबाया जाएगा तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होगी। कांग्रेस ने राष्ट्रपति के नाम सौंपे ज्ञापन में मांग की है कि NEET पेपर लीक सहित प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश के छात्रों से माफी मांगने की मांग की गई है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।2
- अनूपपुर जिले में नीट (NEET-UG) परीक्षा में कथित पेपर लीक और इस मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने जिला एवं सत्र न्यायालय के मुख्य द्वार के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने सामूहिक रूप से संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया और संविधान, लोकतंत्र तथा नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के समर्थन में नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने कहा कि नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक जैसी घटनाओं से देशभर के लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। संसद की ओर मार्च कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज में अनेक छात्र चोटिल हुए हैं, जो बेहद चिंताजनक और निंदनीय है। अधिवक्ताओं ने मांग की कि छात्रों पर किए गए बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए और संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता व शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का पूर्ण सम्मान सुनिश्चित किया जाए। विरोध प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा का सामूहिक संकल्प लिया। इसमें जिले के बड़ी संख्या में वकीलों ने हिस्सा लिया और कहा कि अधिवक्ता समाज हमेशा से राष्ट्रीय एवं जनहित के मुद्दों पर अपनी भूमिका निभाता आया है और भविष्य में भी संविधान तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवाज बुलंद करता रहेगा।1