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इलाहाबाद में छात्रों ने बड़ा अल्टीमेटम जारी करते हुए धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। छात्रों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर 24 तारीख तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हुआ, तो फिर 25 तारीख से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया जाएगा।
राज कुमार सोनकर पत्रकार
इलाहाबाद में छात्रों ने बड़ा अल्टीमेटम जारी करते हुए धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। छात्रों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर 24 तारीख तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हुआ, तो फिर 25 तारीख से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया जाएगा।
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- दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे धरना-प्रदर्शन का असर उत्तर प्रदेश के चकिया में भी देखने को मिल रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आदित्य नारायण राजकीय इंटर कॉलेज, चकिया के मैदान में छात्र और युवा एकजुट होकर धरने पर बैठ गए हैं। छात्रों और युवाओं के इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए चकिया और आसपास के अन्य थानों की पुलिस व प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपजिलाधिकारी विनय कुमार मिश्रा और क्षेत्राधिकारी चकिया अजीत कुमार सिंह ने खुद मौके पर पहुंचकर कमान संभाल ली है।1
- हफ्तों से सड़कों पर जारी प्रदर्शनों के बाद आखिरकार छात्रों की आवाज़ की जीत हुई है। हफ्तों से की जा रही मांग के सच होने के साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सड़कों पर लगातार जारी विरोध के बाद इस्तीफे की यह मांग आज पूरी हो गई है।1
- उप जिलाधिकारी संतोष कुमार पाठक ने चंदौली तहसील परिसर में शुद्ध पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।1
- अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि परिसर विस्तार के लिए 7 सितंबर 2021 को तोड़े गए मकानों के मालिक 6 साल बीत जाने के बाद भी न्याय की आस में भटक रहे हैं। अहिराना, रामकोट निवासी राजन यादव, संतोष यादव और राम आधार यादव सहित अन्य प्रभावित परिवारों ने गुरुवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव श्री कृष्ण मोहन महाराज को प्रार्थना-पत्र सौंपकर अपने लंबित मुआवजे के तत्काल भुगतान की मांग की है। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने प्रभु श्रीराम के मंदिर निर्माण के लिए बिना किसी विरोध के अपना मकान खाली कर दिया था, लेकिन आज तक उन्हें न भूमि मिली और न ही मुआवजा। मुआवजा न मिलने के कारण ये परिवार भारी किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं। राजन यादव के परिवार में बीमार वृद्ध माता और तीन अविवाहित बहनें हैं, जिनकी स्थायी छत न होने के कारण शादी नहीं हो पा रही है। संतोष यादव की दो बेटियां और राम आधार यादव के बेटा-बेटी भी विवाह योग्य हैं। बेघर होने की पीड़ा और आर्थिक तंगी ने इन परिवारों को गहरे मानसिक और सामाजिक संकट में धकेल दिया है। प्रार्थना-पत्र सौंपते समय महंत संत दास उर्फ राजेश सिंह मानव ने कहा कि एक तरफ ट्रस्ट सरकारी और नजूल की जमीनें भारी दामों पर खरीद रहा है, वहीं दूसरी तरफ राम मंदिर के लिए घर गंवाने वाले निशक्त परिवारों को मुआवजा और जमीन देने में आनाकानी कर रहा है। पीड़ितों ने स्पष्ट किया कि वे कोई विरोध नहीं कर रहे, बल्कि अपने वैधानिक हक की मांग कर रहे हैं ताकि सम्मान से अपना घर बनाकर बेटियों का विवाह कर सकें। उन्होंने ट्रस्ट से 2021 से लंबित अपने प्रकरण की व्यक्तिगत समीक्षा कर तत्काल निस्तारण करने की गुहार लगाई है।3
- यूजीसी और नीट में आए दिन हो रहे नए 'प्रयोगों' को लेकर तीखा हमला बोलते हुए कहा गया है कि अब विपक्ष का काम तो धर्मेंद्र जी खुद ही कर रहे हैं। इन लगातार फैसलों की वजह से खुद पार्टी समर्थक भी रक्षात्मक मोड में आने के लिए मजबूर हो गए हैं। व्यवस्था पर तंज कसते हुए 'साहब' से थोड़ा सिस्टम सुधारने की मांग की गई है। इसके साथ ही सवाल उठाया गया है कि ऐसी स्थिति में लोग आपका साथ कैसे और क्यों दें? इस पूरे घटनाक्रम को एक यादगार धब्बा करार देते हुए साफ शब्दों में कहा गया है कि इसे भुलाया नहीं जाएगा।1
- चंदौली के चकिया में NEET पेपर लीक मामले को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान विरोध दर्ज कराते हुए धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन की गूंज उत्तर प्रदेश के चंदौली जनपद के चकिया तक पहुंच गई है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सैकड़ों छात्र और युवा एकजुट होकर सड़कों पर उतरे। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए युवाओं ने आदित्य नारायण राजकीय इंटर कॉलेज परिसर से रैली शुरू की, जो मुख्य बाजार, प्रमुख चौराहों और विभिन्न मार्गों से होते हुए चकिया तहसील परिसर तक पहुंची। तहसील पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की अपील की। इस दौरान प्रतिभागियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाते हुए कहा कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय की जानी चाहिए। कार्यक्रम के आयोजक शैलेश कुमार और यश सोनकर रहे। शैलेश कुमार ने कहा कि वे संविधान और लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं और चाहते हैं कि छात्रों की आवाज सुनी जाए व उनकी मांगों पर निष्पक्ष विचार किया जाए। प्रदर्शन को लेकर प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड पर था। सुरक्षा व्यवस्था के तहत चकिया के अलावा आसपास के कई थानों की पुलिस बल मौके पर तैनात की गई थी। उपजिलाधिकारी विनय कुमार मिश्रा और क्षेत्राधिकारी अजीत कुमार सिंह खुद मौके पर मौजूद रहकर पूरे कार्यक्रम की निगरानी करते रहे, जिससे रैली शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।1
- अनशन खत्म होने के बाद सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों के बीच सोनम वांगचुक ने खुद एक वीडियो जारी कर अपना जवाब दिया है। अनशन समाप्त होने के बाद से ही सोशल मीडिया पर लगातार यह सवाल पूछे जा रहे हैं कि क्या सोनम वांगचुक ने JP Nadda के साथ कोई गुप्त डील की है। इसके साथ ही यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि आखिर बैठक में CJP के कई लोग क्यों मौजूद नहीं थे। सोशल मीडिया पर लगातार उठ रहे इन तमाम सवालों का जवाब देने के लिए ही सोनम वांगचुक ने खुद वीडियो जारी कर अपनी बात रखी है।1
- कैमूर जिले के नुआंव थाना क्षेत्र अंतर्गत महरो गांव में जहरीले सांप के काटने से 18 वर्षीया युवती कृति कुमारी की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के संबंध में बताया गया है कि युवती रात में अपने घर में सो रही थी, तभी तड़के लगभग 3:00 बजे उसे सांप ने डस लिया। सर्पदंश के बाद युवती की तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। घटना से घबराए परिजन उसे तुरंत सरकारी अस्पताल ले जाने के बजाय पास के ही निजी डॉक्टरों के चक्कर काटते रहे। जब स्थिति अत्यधिक बिगड़ने लगी, तब सुबह 9:00 बजे के बाद परिजन उसे लेकर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. के. पी. सिंह ने बताया कि जब युवती को लाया गया, तब उसकी पल्स और बीपी काफी गिर चुकी थी और हालत बेहद गंभीर थी। डॉक्टरों की टीम ने उसे बचाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन अस्पताल लाने में अत्यधिक विलंब हो जाने के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। मृतका के चाचा जोगिंदर सिंह ने बताया कि सर्पदंश के तुरंत बाद सही और समय पर इलाज न मिल पाने के कारण यह दुखद घटना घटी। इस हादसे के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर व्याप्त है।3