जमुई प्रखंड क्षेत्र की अलीगंज-मानपुर मुख्य सड़क पर पिछले कई महीनों से गंभीर जलजमाव की समस्या बनी हुई है, जिससे राहगीरों, वाहन चालकों, छात्रों और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नाले के टूटने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण सड़क पर गंदे पानी का स्थायी जमाव हो गया है, जो हल्की बारिश में और भी बदतर हो जाता है। लोगों को इसी गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे कई स्थानों पर सड़क का वास्तविक स्वरूप भी दिखाई नहीं देता, और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है; स्थानीय लोगों ने कई बार बाइक चालकों के फिसलकर गिरने की बात भी कही है। ग्रामीणों ने बताया कि इसी सड़क मार्ग से आसपास के कई गांवों के लोग अलीगंज बाजार खरीदारी करने, दैनिक मजदूरी और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आते-जाते हैं, और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं हाई स्कूल व मिडिल स्कूल भी पहुंचते हैं। जलजमाव के कारण स्कूली बच्चों को भी गंदे पानी से गुजरना पड़ता है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। सड़क पर जमा गंदा पानी मच्छरों के पनपने का केंद्र बन गया है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा, आसपास रहने वाले लोगों को दुर्गंध और गंदगी से भी जूझना पड़ रहा है, और गर्मी व बारिश में स्थिति अधिक गंभीर हो जाती है। स्थानीय निवासी रोहित कुमार, श्रवण कुमार, राजू कुमार, मोहित कुमार, मो. मिस्टर और विकास कुमार ने जानकारी दी कि इस समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। उनका कहना है कि नाला टूटने के बाद से पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है, जिसके कारण सड़क पर हमेशा गंदा पानी जमा रहता है। आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन से टूटे हुए नाले की तत्काल मरम्मत कराने और स्थायी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि लोगों को इस परेशानी से मुक्ति मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि विकास और स्वच्छता के दावों के बीच अलीगंज-मानपुर सड़क की यह स्थिति सरकारी व्यवस्था की पोल खोल रही है।
जमुई प्रखंड क्षेत्र की अलीगंज-मानपुर मुख्य सड़क पर पिछले कई महीनों से गंभीर जलजमाव की समस्या बनी हुई है, जिससे राहगीरों, वाहन चालकों, छात्रों और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नाले के टूटने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण सड़क पर गंदे पानी का स्थायी जमाव हो गया है, जो हल्की बारिश में और भी बदतर हो जाता है। लोगों को इसी गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे कई स्थानों पर सड़क का वास्तविक स्वरूप भी दिखाई नहीं देता, और दुर्घटनाओं की आशंका
बनी रहती है; स्थानीय लोगों ने कई बार बाइक चालकों के फिसलकर गिरने की बात भी कही है। ग्रामीणों ने बताया कि इसी सड़क मार्ग से आसपास के कई गांवों के लोग अलीगंज बाजार खरीदारी करने, दैनिक मजदूरी और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आते-जाते हैं, और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं हाई स्कूल व मिडिल स्कूल भी पहुंचते हैं। जलजमाव के कारण स्कूली बच्चों को भी गंदे पानी से गुजरना पड़ता है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। सड़क पर जमा गंदा पानी मच्छरों के पनपने का केंद्र बन गया है, जिससे डेंगू, मलेरिया और
अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा, आसपास रहने वाले लोगों को दुर्गंध और गंदगी से भी जूझना पड़ रहा है, और गर्मी व बारिश में स्थिति अधिक गंभीर हो जाती है। स्थानीय निवासी रोहित कुमार, श्रवण कुमार, राजू कुमार, मोहित कुमार, मो. मिस्टर और विकास कुमार ने जानकारी दी कि इस समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। उनका कहना है कि नाला टूटने के बाद से पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है,
जिसके कारण सड़क पर हमेशा गंदा पानी जमा रहता है। आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन से टूटे हुए नाले की तत्काल मरम्मत कराने और स्थायी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि लोगों को इस परेशानी से मुक्ति मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि विकास और स्वच्छता के दावों के बीच अलीगंज-मानपुर सड़क की यह स्थिति सरकारी व्यवस्था की पोल खोल रही है।
- जमुई प्रखंड क्षेत्र की अलीगंज-मानपुर मुख्य सड़क पर पिछले कई महीनों से गंभीर जलजमाव की समस्या बनी हुई है, जिससे राहगीरों, वाहन चालकों, छात्रों और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नाले के टूटने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण सड़क पर गंदे पानी का स्थायी जमाव हो गया है, जो हल्की बारिश में और भी बदतर हो जाता है। लोगों को इसी गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे कई स्थानों पर सड़क का वास्तविक स्वरूप भी दिखाई नहीं देता, और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है; स्थानीय लोगों ने कई बार बाइक चालकों के फिसलकर गिरने की बात भी कही है। ग्रामीणों ने बताया कि इसी सड़क मार्ग से आसपास के कई गांवों के लोग अलीगंज बाजार खरीदारी करने, दैनिक मजदूरी और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आते-जाते हैं, और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं हाई स्कूल व मिडिल स्कूल भी पहुंचते हैं। जलजमाव के कारण स्कूली बच्चों को भी गंदे पानी से गुजरना पड़ता है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। सड़क पर जमा गंदा पानी मच्छरों के पनपने का केंद्र बन गया है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा, आसपास रहने वाले लोगों को दुर्गंध और गंदगी से भी जूझना पड़ रहा है, और गर्मी व बारिश में स्थिति अधिक गंभीर हो जाती है। स्थानीय निवासी रोहित कुमार, श्रवण कुमार, राजू कुमार, मोहित कुमार, मो. मिस्टर और विकास कुमार ने जानकारी दी कि इस समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। उनका कहना है कि नाला टूटने के बाद से पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है, जिसके कारण सड़क पर हमेशा गंदा पानी जमा रहता है। आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन से टूटे हुए नाले की तत्काल मरम्मत कराने और स्थायी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि लोगों को इस परेशानी से मुक्ति मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि विकास और स्वच्छता के दावों के बीच अलीगंज-मानपुर सड़क की यह स्थिति सरकारी व्यवस्था की पोल खोल रही है।4
- बिहार के राजगीर में दो पासवान युवकों की हत्या के मामले में एक महा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया है।1
- शेखपुरा जिले में केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा विज्ञापन संख्या-01/2026 के तहत विशेष शाखा में सिपाही (सामान्य संवर्ग) के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए 24 जून 2026 (बुधवार) को आयोजित होने वाली परीक्षा हेतु प्रशासन ने कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हैं। जिला पदाधिकारी श्री शेखर आनंद और पुलिस अधीक्षक श्री हिमांशु ने संयुक्त रूप से सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी एवं पुलिस अधिकारियों के साथ मंथन सभागार में ब्रीफिंग की, जिसमें परीक्षा को कदाचारमुक्त, स्वच्छ और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने पर जोर दिया गया। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। यह परीक्षा एकल पाली में आयोजित होगी, जिसमें दो पेपर होंगे। प्रथम पेपर सुबह 10:00 बजे से दोपहर 11:30 बजे तक तथा द्वितीय पेपर दोपहर 12:00 बजे से शाम 01:30 बजे तक होगा। दोनों पेपरों के लिए अभ्यर्थियों का रिपोर्टिंग समय सुबह 08:00 बजे है। परीक्षा शुरू होने से ठीक एक घंटा पहले मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा और उसके बाद किसी भी परिस्थिति में प्रवेश नहीं मिलेगा। जिले के कुल 6 शिक्षण संस्थानों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है, जिनमें ऊषा पब्लिक स्कूल, मुरलीधर मुरारका बालिका उच्च विद्यालय, संस्कार पब्लिक स्कूल, संजय गांधी स्मारक महिला महाविद्यालय, डी0एम0 +2 उच्च विद्यालय और रामाधीन महाविद्यालय शामिल हैं। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी केंद्रों पर पेयजल, ओआरएस घोल और मेडिकल टीम की व्यवस्था की गई है। परीक्षा केंद्र के भीतर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, कैलकुलेटर या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सहित अपना निजी पेन ले जाने की अनुमति नहीं है; परीक्षार्थियों को ओएमआर शीट भरने के लिए पेन केंद्र पर ही उपलब्ध कराए जाएंगे। अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा परीक्षा के दिनों में सभी केंद्रों के 500 गज के दायरे में धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू रहेगी, जिसमें किसी भी बाहरी व्यक्ति या संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल हिरासत में लेने का प्रावधान है। मुख्य द्वार पर अभ्यर्थियों की दो घंटे पहले से बायोमेट्रिक, ई-प्रवेश पत्र और वैध फोटो पहचान पत्र के साथ पुरुष और महिला अभ्यर्थियों की अलग-अलग सघन चेकिंग की जाएगी। प्रश्नपत्र के बक्से खोलने से लेकर परीक्षा हॉल के अंदर और सामग्री पैकिंग तक की पूरी प्रक्रिया की लगातार वीडियोग्राफी कराई जाएगी तथा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के माध्यम से होने वाली चोरी को रोकने के लिए सभी केंद्रों पर जैमर लगाए गए हैं। पूरी परीक्षा की विधि-व्यवस्था के मुख्य प्रभारी अनुमंडल पदाधिकारी सुश्री प्रियंका कुमारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्री राकेश कुमार रहेंगे। इसके अलावा, हर केंद्र पर स्टैटिक मैजिस्ट्रेट, जोनल मैजिस्ट्रेट और सुपर जोनल मैजिस्ट्रेट लगातार गश्त करेंगे। किसी भी समस्या के लिए जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसकी प्रभारी सुश्री श्वेता कौर (सहायक निदेशक, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग शेखपुरा) हैं और उनका मोबाइल नंबर 8757183380 है। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि परीक्षा में किसी और के बदले परीक्षा देने या फर्जीवाड़ा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा; ऐसे अभ्यर्थियों को सीधे पुलिस के हवाले कर आपराधिक धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। इस अवसर पर अपर समाहर्ता, भू अर्जन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी तथा सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी/पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे।3
- लखीसराय जिला मुख्यालय स्थित मंत्रणा कक्ष सभागार में मंगलवार को आगामी मुहर्रम पर्व के शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण आयोजन को लेकर एक जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता एडीएम नीरज कुमार ने की, जिसमें अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर कुमार, एसडीपीओ शिवम कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी पंकज मुकुल मनी सहित जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और सभी थानाध्यक्ष उपस्थित रहे। बैठक में अधिकारियों ने मुहर्रम के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने, जुलूस के मार्गों, सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक तैयारियों जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की। उपस्थित प्रतिनिधियों से विभिन्न सुझाव लिए गए और प्रशासन की ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। प्रशासन ने सभी से यह अपील की है कि वे आपसी भाईचारा एवं शांति बनाए रखते हुए मुहर्रम का पर्व मनाएं।1
- शेखपुरा जिले के बरबीघा थाना क्षेत्र के पिंजड़ी गांव में दो माह पूर्व हुई मारपीट की एक घटना के मामले में फरार चल रहे नामजद आरोपी गणेश कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पिंजड़ी गांव निवासी गणेश कुमार की गिरफ्तारी सोमवार को हुई। यह घटना खेत की मेड़ पर सहजन का पेड़ लगाने को लेकर हुए विवाद के कारण हुई मारपीट से संबंधित है। इस मामले में गणेश कुमार नामजद आरोपी था और घटना के बाद से ही करीब दो माह से फरार चल रहा था, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत थी। बरबीघा थाना अध्यक्ष गौरव कुमार ने जानकारी दी कि सोमवार को एसआई कौसर आलम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पिंजड़ी गांव में छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसे थाना लाकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और सोमवार दोपहर करीब 1 बजे न्यायिक हिरासत में शेखपुरा जेल भेज दिया गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए थाना क्षेत्र में लगातार अभियान चलाया जा रहा है और कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र के अपराधियों के बीच हड़कंप का माहौल है।1
- नवादा जिले के हिसुआ प्रखंड क्षेत्र स्थित तुंगी बाजार में मंगलवार को प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सड़क किनारे वर्षों से किए गए अतिक्रमण को हटाकर भूमि को कब्जामुक्त कराया। यह कार्रवाई स्थानीय लोगों की लगातार शिकायतों और उच्च अधिकारियों, जिनमें मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव बिहार सरकार तथा जिला समाहर्ता नवादा शामिल थे, को भेजे गए आवेदनों के बाद की गई। जानकारी के अनुसार, एनएच-82 से अवन-हिसुआ जाने वाली सड़क पर कथित अतिक्रमण के कारण आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि सड़क की भूमि पर लगभग 30 वर्षों से अवैध कब्जा होने के कारण सड़क बेहद संकरी हो गई थी, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, इस भूमि पर सतीश सिंह का कब्जा था। शिकायत मिलने के बाद मंगलवार को हिसुआ के अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और पथ निर्माण विभाग के अभियंता मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थल का निरीक्षण किया, अतिक्रमण को चिन्हित किया और फिर उसे हटाने की कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों की उपस्थिति में सड़क की भूमि को पूरी तरह से कब्जामुक्त कराया गया, जिससे सड़क की चौड़ाई बढ़ने और यातायात व्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद है। ग्रामीणों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत करते हुए सार्वजनिक भूमि और सड़कों को भविष्य में भी अतिक्रमण मुक्त रखने की मांग की है। अधिकारियों ने भी स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।4
- मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भरत तिवारी को इस बात का पहले से ही आभास था कि पुलिस उनके साथ छल करेगी। यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है जब भरत तिवारी से जुड़े मामले में न्याय की पुरज़ोर मांग उठाई जा रही है, जो पुलिस के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोपों को और बल दे रही है। पूरा मामला बिहार के जमुई से जुड़ा है।1
- नालंदा जिले के राजगीर क्षेत्र में दो युवकों की हत्या के विरोध में स्थानीय लोगों द्वारा प्रदर्शन किया गया। यह विरोध प्रदर्शन उक्त घटना को लेकर उपजे आक्रोश का परिणाम है।1