कौशांबी के सराय अकिल थाना क्षेत्र के नेवादा गांव में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे में दो मासूम बच्चों की बालू भंडारण स्थल पर खोदे गए गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। इस घटना से पूरे इलाके में मातम पसर गया है और ग्रामीणों ने बालू भंडारण से जुड़े जिम्मेदारों के साथ-साथ संबंधित विभागीय अधिकारियों की लापरवाही को इसका जिम्मेदार ठहराया है। ग्रामीणों और परिजनों के अनुसार, नेवादा क्षेत्र में लगभग आठ बीघे की भूमि पर बालू का भंडारण किया जा रहा था, जो जयकरण एवं चेत सिंह पुत्र देवराज सिंह की बताई गई है। भंडारण के दौरान खोदे गए एक विशाल गड्ढे में बारिश के कारण पानी भर गया था, जिसके चारों ओर कोई सुरक्षा व्यवस्था या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया था। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे दीपांशु (10 वर्ष) पुत्र राजेश पासी और आदित्य (6 वर्ष) पुत्र राकेश नामक दोनों बच्चे खेलते हुए इस गड्ढे के पास पहुंचे और उसमें गिरकर डूब गए। घटना की जानकारी सबसे पहले आदित्य की बहन राधिका को हुई, जिसने परिजनों को सूचित किया। सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बच्चों की जान जा चुकी थी। मृतक दीपांशु के पिता राजेश पासी मानसिक बीमारी का इलाज करवा रहे हैं और घटना के समय वे दवा लेने अस्पताल गए हुए थे। वहीं, मृतक आदित्य के पिता राकेश मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। एक ही गांव के इन दो गरीब परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जिससे पूरे गांव में शोक का माहौल है। घटना की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार और क्षेत्राधिकारी (सीओ) मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर बालू भंडारण स्थल का जायजा लिया। ग्रामीणों और सूत्रों का आरोप है कि इस भंडारण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी और इसे लेकर पहले भी कई बार सवाल उठाए जा चुके हैं। बताया गया है कि रमेश लिलौरी के नाम से प्रयागराज जनपद के सेमरी घाट क्षेत्र में खनन पट्टा संचालित है और बालू का परिवहन कौशांबी जनपद से होकर नेवादा में भंडारण किया जाता है। ग्रामीणों का दावा है कि भंडारण कार्य एक फर्म द्वारा कराया जा रहा था। ग्रामीणों में यह सवाल उठ रहा है कि यदि गहरे गड्ढे थे तो उन्हें सुरक्षित क्यों नहीं किया गया और यदि अधिकारियों ने पूर्व में निरीक्षण किया था तो सुरक्षा संबंधी खामियों को दूर करने के लिए कार्रवाई क्यों नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में चल रहे बालू भंडारण को लेकर कई बार शिकायतें और समाचार प्रकाशित हुए, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि अगर समय रहते कदम उठाए गए होते तो दो मासूमों की जान बचाई जा सकती थी। खबर में उप जिलाधिकारी चायल पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं, जिनके द्वारा दो दिन पहले कई भंडारण स्थलों का निरीक्षण किया गया था, लेकिन क्या कार्रवाई हुई, यह आम जनता को पता नहीं चला, और फोन करने पर उन्होंने जवाब नहीं दिया। फिलहाल, प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जबकि गांव में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।
कौशांबी के सराय अकिल थाना क्षेत्र के नेवादा गांव में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे में दो मासूम बच्चों की बालू भंडारण स्थल पर खोदे गए गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। इस घटना से पूरे इलाके में मातम पसर गया है और ग्रामीणों ने बालू भंडारण से जुड़े जिम्मेदारों के साथ-साथ संबंधित विभागीय अधिकारियों की लापरवाही को इसका जिम्मेदार ठहराया है। ग्रामीणों और परिजनों के अनुसार, नेवादा क्षेत्र में लगभग आठ बीघे की भूमि पर बालू का भंडारण किया जा रहा था, जो जयकरण एवं चेत सिंह पुत्र देवराज सिंह की बताई गई है। भंडारण के दौरान खोदे गए एक विशाल गड्ढे में बारिश के कारण पानी भर गया था, जिसके चारों ओर कोई सुरक्षा व्यवस्था या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया था। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे दीपांशु (10 वर्ष) पुत्र राजेश पासी और आदित्य (6 वर्ष) पुत्र राकेश नामक दोनों बच्चे खेलते हुए इस गड्ढे के पास पहुंचे और उसमें गिरकर डूब गए। घटना की जानकारी सबसे पहले आदित्य की बहन राधिका को हुई, जिसने परिजनों को सूचित किया। सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बच्चों की जान जा चुकी थी। मृतक दीपांशु के पिता राजेश पासी मानसिक बीमारी का इलाज करवा रहे हैं और घटना के समय वे दवा लेने अस्पताल गए हुए थे। वहीं, मृतक आदित्य के पिता राकेश मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। एक ही गांव के इन दो गरीब परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जिससे पूरे गांव में शोक का माहौल है। घटना की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार और क्षेत्राधिकारी (सीओ) मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर बालू भंडारण स्थल का जायजा लिया। ग्रामीणों और सूत्रों का आरोप है कि इस भंडारण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी और इसे लेकर पहले भी कई बार सवाल उठाए जा चुके हैं। बताया गया है कि रमेश लिलौरी के नाम से प्रयागराज जनपद के सेमरी घाट क्षेत्र में खनन पट्टा संचालित है और बालू का परिवहन कौशांबी जनपद से होकर नेवादा में भंडारण किया जाता है। ग्रामीणों का दावा है कि भंडारण कार्य एक फर्म द्वारा कराया जा रहा था। ग्रामीणों में यह सवाल उठ रहा है कि यदि गहरे गड्ढे थे तो उन्हें सुरक्षित क्यों नहीं किया गया और यदि अधिकारियों ने पूर्व में निरीक्षण किया था तो सुरक्षा संबंधी खामियों को दूर करने के लिए कार्रवाई क्यों नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में चल रहे बालू भंडारण को लेकर कई बार शिकायतें और समाचार प्रकाशित हुए, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि अगर समय रहते कदम उठाए गए होते तो दो मासूमों की जान बचाई जा सकती थी। खबर में उप जिलाधिकारी चायल पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं, जिनके द्वारा दो दिन पहले कई भंडारण स्थलों का निरीक्षण किया गया था, लेकिन क्या कार्रवाई हुई, यह आम जनता को पता नहीं चला, और फोन करने पर उन्होंने जवाब नहीं दिया। फिलहाल, प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जबकि गांव में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।
- अलीगढ़ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई में 242 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत ₹46,30,679 बताई जा रही है। इन मोबाइलों को CEIR पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के माध्यम से ट्रेस कर बरामद किया गया। यह जानकारी अलीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नीरज कुमार जादौन ने दी। मोबाइलों की बरामदगी सर्विलांस टीम और विभिन्न थानों की टीमों के संयुक्त प्रयासों से संभव हो पाई। SSP नीरज कुमार जादौन ने स्वयं मोबाइल स्वामियों को उनके फोन सौंपे, जिसके बाद मोबाइल पाने वाले लोगों के चेहरे खिल उठे।3
- वाराणसी की पहड़िया मंडी में सोमवार को जमकर हवाई फायरिंग की घटना हुई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। फायरिंग करने वाले व्यक्ति गाजीपुर के बताए जा रहे हैं। सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए लालपुर पुलिस ने घेराबंदी कर इन लोगों को असलहों सहित पकड़ लिया है। इस घटना से मंडी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।1
- सोनभद्र के दुद्धी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से कथित तौर पर एक सड़क दुर्घटना में घायल युवक रामविचार गोंड (26) को निजी अस्पताल ले जाने और उपचार के दौरान उसकी मौत होने के बाद, उसके शव को बाइक से वापस सीएचसी परिसर में छोड़कर फरार होने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। मुख्य चिकित्साधिकारी रमेश मिश्रा के निर्देश पर जांच प्रक्रिया शुरू की गई, जिसकी गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को नोडल अधिकारी एवं एसीएमओ डॉ. जी.एस. यादव दुद्धी पहुंचे और विभिन्न पक्षों से जानकारी व साक्ष्य जुटाए। जांच के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर डॉ. जी.एस. यादव और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शाह आलम अंसारी ने संबंधित निजी अस्पताल के खिलाफ स्थानीय थाने में एफआईआर दर्ज करने के लिए तहरीर दी है। दुद्धी चौकी प्रभारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि डॉ. गुलाब शंकर यादव की ओर से मिली लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके साथ ही, संबंधित निजी अस्पताल को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया गया है। डॉ. जी.एस. यादव ने कहा कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो निजी अस्पताल के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें अस्पताल को सीज करना भी शामिल हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारी इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। यह घटना रविवार और सोमवार के बीच हुई, जिसके बाद मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही और निजी अस्पताल द्वारा गलत उपचार किए जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और पुलिस तथा उच्च अधिकारियों से शिकायत की। स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्धजनों ने सीएचसी में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और सिक्योरिटी गार्डों की तैनाती की मांग की है, ताकि बाहरी व्यक्तियों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके और ऐसी घटनाओं की जांच में आसानी हो। नगरवासियों ने जल्द से जल्द सिक्योरिटी गार्डों की तैनाती और घटना में संलिप्त सभी लोगों के खिलाफ निष्पक्ष व कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल परिसर में ऐसी गंभीर घटना होना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।1
- कौशांबी विकास खंड के मकदूमपुर डोकसहा गांव में एक जर्जर और गंदगी से भरी नाली किसानों के लिए गंभीर समस्या का सबब बन गई है। नाली की सफाई न होने और कई जगह से टूटी-फूटी होने के कारण पानी की निकासी रुक गई है, जिससे आसपास के खेतों में पानी भर रहा है और फसलों को नुकसान पहुँचने का डर बना हुआ है। किसान पारस नाथ, कमलेश मौर्य, आदित्य कुमार मौर्य और संतोष प्रजापति ने इस मुद्दे को उठाते हुए बताया कि संतोष प्रजापति के घर से मुख्य सड़क तक जाने वाली नाली की सफाई और मरम्मत तुरंत कराई जानी चाहिए। उन्होंने इस संबंध में सहायक विकास अधिकारी, विकास खंड कौशांबी को एक आवेदन भी दिया है। किसानों का आरोप है कि शिकायत के बाद एडीओ पंचायत ने उन्हें आश्वासन दिया था कि इस मामले में कहीं और जाने की ज़रूरत नहीं है और विभाग द्वारा नाली की मरम्मत और सफाई का काम करा दिया जाएगा, लेकिन अब संबंधित अधिकारी की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है। किसानों ने आशंका जताई है कि कहीं इस मामले को दबाने का प्रयास तो नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि अगर समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ तो बरसात में जलभराव के कारण फसलें बर्बाद हो जाएँगी और ग्रामीणों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीण किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले पर तुरंत ध्यान दिया जाए और नाली की सफाई एवं मरम्मत का कार्य शीघ्र कराया जाए ताकि उन्हें राहत मिल सके।1
- समाजवादी पार्टी (सपा) की गतिविधियों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है, जहां एक ओर सपा के नेता ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ब्राह्मणों के साथ बैठकें कर रहे हैं। पार्टी के इस विरोधाभासी रवैये पर सवाल उठ रहे हैं और यह समझ से परे है कि समाजवादी पार्टी आखिर क्या करना चाह रही है।1
- अयोध्या जिले की बीकापुर तहसील परिसर में एक किसान ने बरगद के पेड़ पर चढ़कर फांसी लगाने की धमकी दी। किसान का आरोप है कि उसकी भूमि की नापजोख गलत की गई है, और इस मामले में नायब तहसीलदार पर भी आरोप लगाए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलने पर एसडीएम न्यायिक रामशंकर मौके पर पहुंचे और किसान को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।1
- प्रयागराज के सिविल लाइंस में एक निर्माण कार्य को सील करने पहुँची प्राधिकरण की टीम द्वारा दरवाजा सील कर दिए जाने से एक बच्ची अंदर फँस गई। इस घटना का एक वीडियो समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने साझा किया है। इस मामले में प्राधिकरण ने आज एक बयान जारी करते हुए कहा है कि यह निर्माण कार्य नजूल की जमीन पर हो रहा था, जिसके चलते इसे सील किया गया। प्राधिकरण के अनुसार, लोग पीछे की दीवार तोड़कर आ-जा रहे थे।1
- घाटों के शहर बनारस में स्थित नमो घाट पर इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है।1
- उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र के पूरब शरीरा गांव में पिपरमिंट की कटाई करने खेत गई एक 14 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में गला घोंटकर हत्या कर दी गई। किशोरी देर शाम तक घर नहीं लौटी, जिसके बाद परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और गांव के ही एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, आरोपी की निशानदेही पर किशोरी का शव बरामद किया गया। इस मामले में दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच अभी जारी है।1