*मधुमक्खी पालन से कृषि उत्पादन और आजीविका संवर्धन एक नवाचार* *मधुमक्खी पालन से बढ़ेगी किसानों की आय, कृषि उत्पादन को भी मिलेगा लाभ : कलेक्टर* *कलेक्टर मृणाल मीना ने मऊसहानियां नर्सरी में 20 महिला किसानों को वितरित किए 200 मधु बॉक्स एवं टूल किट* कृषि के साथ अतिरिक्त आय का स्रोत विकसित करने और ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा मधुमक्खी पालन गतिविधि का नवाचार शुरू किया गया है। मऊ सहनिया स्थित उद्यानिकी नर्सरी में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर मृणाल मीना ने 20 महिला किसानों को 200 मधु बॉक्स एवं सम्पूर्ण टूल किट वितरित किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नमः शिवाय अरजरिया ने की। कलेक्टर मृणाल मीना ने कहा कि जिला खनिज प्रतिष्ठान की राशि का उपयोग आजीविका संवर्धन के कार्यों में किया जाना सराहनीय प्रयास है। मधुमक्खी पालन कम भूमि में शुरू किया जा सकता है और इससे किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक रूप से 20 हितग्राहियों के साथ शुरू किए गए इस नवाचार को बेहतर संचालन एवं प्रभावी मार्केटिंग के माध्यम से सफल बनाते हुए भविष्य में अधिक से अधिक किसान परिवारों को इससे जोड़ने की आवश्यकता है। जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया ने बताया कि खेती को लाभदायक व्यवसाय बनाने के लिए किसानों की आय के वैकल्पिक स्रोत विकसित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मधुमक्खी पालन गतिविधि शुरू की गई है। इससे शहद उत्पादन के माध्यम से अतिरिक्त आय के साथ फसलों में बेहतर परागण होने से कृषि उत्पादकता में भी वृद्धि होगी। *एक बॉक्स से करीब 15 हजार रुपये तक की आय* मधुमक्खी पालन में शहद के साथ मोम एवं रॉयल जेली जैसे उत्पादों से भी अतिरिक्त आय प्राप्त की जा सकती है। खेतों में मधुमक्खी बॉक्स रखने से फसलों में परागण बढ़ता है, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होती है। एक बॉक्स से वर्ष में औसतन करीब 50 किलोग्राम शहद प्राप्त होने का अनुमान है। औसतन 300 रुपये प्रति किलोग्राम के बाजार मूल्य के अनुसार एक बॉक्स से लगभग 15 हजार रुपये की आय प्राप्त हो सकती है। 10 बॉक्स की एक इकाई की अनुमानित लागत करीब 1 लाख रुपये है, जिसमें बी बॉक्स, मधुमक्खी कॉलोनी, शहद निकालने के उपकरण एवं प्रशिक्षण शामिल हैं। अनुमानित उत्पादन एवं बाजार मूल्य के आधार पर 10 बॉक्स से करीब 1.50 लाख रुपये की सकल आय हो सकती है। कार्यकारी लागत घटाने के बाद लगभग 1.35 लाख रुपये की औसत आय संभावित है। *20 महिला किसानों से शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट* छतरपुर जिले में मधुमक्खी पालन गतिविधि को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। जिला खनिज प्रतिष्ठान के वित्तीय सहयोग से नौगांव विकासखंड की 20 महिला किसानों के लिए 20 इकाइयां स्वीकृत की गई हैं। इन इकाइयों में कुल 200 मधु बॉक्स शामिल हैं। चयनित महिला किसानों को सघन प्रशिक्षण प्रदान करने के बाद मधु बॉक्स एवं टूल किट वितरित किए गए। कार्यक्रम में एसडीएम नौगांव जीएस पटेल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत प्रभाष घनघोरिया,ए जिला परियोजना प्रबंधक श्याम गौतम, तहसीलदार विजय चौधरी, सरपंच मऊ सहनिया अप्पू सोनी, जिला प्रबंधक सुमित खरे, पंकज नामदेव, विकासखंड प्रबंधक हरिश्चंद्र विश्वकर्मा, सुधीर खरे, गोविंद सिंह, अरविंद पांडेय सहित तकनीकी संस्था एसके एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के अजय प्रताप सिंह एवं जय प्रकाश उपस्थित रहे।
*मधुमक्खी पालन से कृषि उत्पादन और आजीविका संवर्धन एक नवाचार* *मधुमक्खी पालन से बढ़ेगी किसानों की आय, कृषि उत्पादन को भी मिलेगा लाभ : कलेक्टर* *कलेक्टर मृणाल मीना ने मऊसहानियां नर्सरी में 20 महिला किसानों को वितरित किए 200 मधु बॉक्स एवं टूल किट* कृषि के साथ अतिरिक्त आय का स्रोत विकसित करने और ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा मधुमक्खी पालन गतिविधि का नवाचार शुरू किया गया है। मऊ सहनिया स्थित उद्यानिकी नर्सरी में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर मृणाल मीना ने 20 महिला किसानों को 200 मधु बॉक्स एवं सम्पूर्ण टूल किट वितरित किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नमः शिवाय अरजरिया ने की। कलेक्टर मृणाल मीना ने कहा कि जिला खनिज प्रतिष्ठान की राशि का उपयोग आजीविका संवर्धन के कार्यों में किया जाना सराहनीय प्रयास है। मधुमक्खी पालन कम भूमि में शुरू किया जा सकता है और इससे किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक रूप से 20 हितग्राहियों के साथ शुरू किए गए इस नवाचार को बेहतर संचालन एवं प्रभावी
मार्केटिंग के माध्यम से सफल बनाते हुए भविष्य में अधिक से अधिक किसान परिवारों को इससे जोड़ने की आवश्यकता है। जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया ने बताया कि खेती को लाभदायक व्यवसाय बनाने के लिए किसानों की आय के वैकल्पिक स्रोत विकसित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मधुमक्खी पालन गतिविधि शुरू की गई है। इससे शहद उत्पादन के माध्यम से अतिरिक्त आय के साथ फसलों में बेहतर परागण होने से कृषि उत्पादकता में भी वृद्धि होगी। *एक बॉक्स से करीब 15 हजार रुपये तक की आय* मधुमक्खी पालन में शहद के साथ मोम एवं रॉयल जेली जैसे उत्पादों से भी अतिरिक्त आय प्राप्त की जा सकती है। खेतों में मधुमक्खी बॉक्स रखने से फसलों में परागण बढ़ता है, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होती है। एक बॉक्स से वर्ष में औसतन करीब 50 किलोग्राम शहद प्राप्त होने का अनुमान है। औसतन 300 रुपये प्रति किलोग्राम के बाजार मूल्य के अनुसार एक बॉक्स से लगभग 15 हजार रुपये की आय प्राप्त हो सकती है। 10 बॉक्स की एक इकाई की अनुमानित लागत करीब 1 लाख रुपये है, जिसमें
बी बॉक्स, मधुमक्खी कॉलोनी, शहद निकालने के उपकरण एवं प्रशिक्षण शामिल हैं। अनुमानित उत्पादन एवं बाजार मूल्य के आधार पर 10 बॉक्स से करीब 1.50 लाख रुपये की सकल आय हो सकती है। कार्यकारी लागत घटाने के बाद लगभग 1.35 लाख रुपये की औसत आय संभावित है। *20 महिला किसानों से शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट* छतरपुर जिले में मधुमक्खी पालन गतिविधि को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। जिला खनिज प्रतिष्ठान के वित्तीय सहयोग से नौगांव विकासखंड की 20 महिला किसानों के लिए 20 इकाइयां स्वीकृत की गई हैं। इन इकाइयों में कुल 200 मधु बॉक्स शामिल हैं। चयनित महिला किसानों को सघन प्रशिक्षण प्रदान करने के बाद मधु बॉक्स एवं टूल किट वितरित किए गए। कार्यक्रम में एसडीएम नौगांव जीएस पटेल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत प्रभाष घनघोरिया,ए जिला परियोजना प्रबंधक श्याम गौतम, तहसीलदार विजय चौधरी, सरपंच मऊ सहनिया अप्पू सोनी, जिला प्रबंधक सुमित खरे, पंकज नामदेव, विकासखंड प्रबंधक हरिश्चंद्र विश्वकर्मा, सुधीर खरे, गोविंद सिंह, अरविंद पांडेय सहित तकनीकी संस्था एसके एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के अजय प्रताप सिंह एवं जय प्रकाश उपस्थित रहे।
- छतरपुर में बुंदेलखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। विधायक ललिता यादव तिरंगा लेकर बुलेट पर सवार होकर यात्रा में शामिल हुईं। जगह-जगह फूलों की बारिश से यात्रा का स्वागत हुआ, वहीं देशभक्ति के गीतों पर पत्रकार, समाजसेवी और व्यापारी जमकर झूमते नजर आए। यात्रा में कलेक्टर मृणाल मीणा, एसपी रजत सकलेचा, जिला पंचायत CEO नमः शिवाय सहित जनप्रतिनिधि, पत्रकार और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। छतरपुर में बुंदेलखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। विधायक ललिता यादव तिरंगा लेकर बुलेट पर सवार होकर यात्रा में शामिल हुईं। जगह-जगह फूलों की बारिश से यात्रा का स्वागत हुआ, वहीं देशभक्ति के गीतों पर पत्रकार, समाजसेवी और व्यापारी जमकर झूमते नजर आए। यात्रा में कलेक्टर मृणाल मीणा, एसपी रजत सकलेचा, जिला पंचायत CEO नमः शिवाय सहित जनप्रतिनिधि, पत्रकार और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। #छतरपुर # #TirangaYatra1
- बराना गांव के ग्रामीण पहुंचे पलेरा तहसील गोचर भूमि मुक्त करने को लेकर कर रहे प्रदर्शन.... बराना गांव के ग्रामीण पहुंचे पलेरा तहसील गोचर भूमि मुक्त करने को लेकर कर रहे प्रदर्शन....4
- ओरछा धाम मंदिर से कावर ले कर कावरिया पहुंचे टीला नरैनी में हुआ भव्य स्वागत देखिए खास रिपोर्ट राम सिंह यादव जी के साथ1
- रिपोर्ट — भागीरथ विश्वकर्मा जिला — पन्ना, मध्यप्रदेश । हेडलाइन— पन्ना के मोहन्द्रा में अनोखा दरबार! श्रद्धालु नहीं, बीमारियों से परेशान मरीज पहुंचते हैं धाम; भभूत से लकवा, टीबी, कैंसर और शुगर ठीक होने का दावा, 5 मंगलवार में रोग निदान की कही जा रही बात। एंकर— एक ऐसा धाम... जहां अर्जी लगाने के लिए न कोई शुल्क है, न कोई तय नियम।जहां श्रद्धालुओं के साथ बड़ी संख्या में अलग-अलग बीमारियों से परेशान लोग भी पहुंचते हैं।दावा किया जाता है कि यहां महज भभूत ग्रहण करने और लगातार पांच मंगलवार आने से कई गंभीर बीमारियों में राहत मिलती है। जी हां... हम यह दावा अपनी ओर से नहीं कर रहे, बल्कि यहां आने वाले लोगों और धाम के पीठाधीश के दावों को आपके सामने रख रहे हैं। मामला पन्ना जिले के पवई क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मोहन्द्रा का है, जहां गांव के बीच स्थित एक छोटे से धार्मिक स्थल पर मंगलवार के दिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। नेशनल न्यूज लाइव की टीम जब मौके पर पहुंची, तो वहां सैकड़ों की संख्या में लोग नजर आए।पूछताछ करने पर पता चला कि यहां आने वालों में कई ऐसे लोग भी हैं, जो लकवा, टीबी, शुगर और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित होने की बात बता रहे थे। इस धाम के पीठाधीश्वर कन्हैया पौराणिक का दावा है कि यहां आने वाले लोगों को किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ता। उनके अनुसार, भभूत के माध्यम से लोगों को राहत मिलने की मान्यता है और कई लोग लगातार पांच मंगलवार यहां आकर अपनी बीमारी ठीक होने की बात कहते हैं। कन्हैया पौराणिक का कहना है कि यह दरबार उनके पिता बोटु महाराज शिव प्रसाद पौराणिक भी वर्षों तक लगाते रहे। पिता के निधन के बाद अब धाम के संचालन की जिम्मेदारी उनके पास है। मंगलवार को यहां पहुंचने वाले लोगों में कोई बीमारी से परेशान दिखाई दिया, तो कोई अपनी मनोकामना लेकर पहुंचा था।कई लोगों ने बातचीत के दौरान दावा किया कि उन्हें यहां आने के बाद अपनी बीमारी में फायदा मिला और कुछ लोगों ने पांच मंगलवार आने के बाद पूरी तरह ठीक होने की बात भी कही। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। ग्राउंड रिपोर्ट— यहां सबसे खास बात यह है कि लोग अपनी मर्जी से अर्जी लगाने की बात कहते हैं और इसके लिए किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता। लेकिन सवाल भी बड़ा है—क्या वास्तव में केवल भभूत या इस तरह की धार्मिक प्रक्रिया से गंभीर बीमारियां ठीक हो सकती हैं? यह स्थान लोगों की आस्था और विश्वास का केंद्र हो सकता है, लेकिन बीमारी ठीक होने के दावों को वैज्ञानिक जांच और चिकित्सकीय प्रमाण के बिना अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। नेशनल न्यूज लाइव यहां मौजूद लोगों और धाम के पीठाधीश द्वारा किए गए दावों की पुष्टि नहीं करता है।हमारा उद्देश्य किसी की आस्था को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि इस पूरे मामले को तथ्यों और संवेदनशीलता के साथ आपके सामने रखना है। आखिर क्या है इस धाम की पूरी कहानी? क्यों दूर-दूर से लोग यहां पहुंच रहे हैं? क्या वाकई पांच मंगलवार आने के बाद गंभीर बीमारियों से राहत मिलने का दावा सच है, या फिर यह सिर्फ आस्था और विश्वास का विषय है? इन तमाम सवालों के जवाब तलाशती नेशनल न्यूज लाइव की देखिए खास रिपोर्ट ।1
- शासकीय महाविद्यालय पलेरा की भूमि से अतिक्रमण हटाने एवं बाउंड्री वॉल निर्माण की मांग.... पलेरा, 12 अगस्त 2026। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) पलेरा इकाई ने आज जिला कलेक्टर, टीकमगढ़ को ज्ञापन सौंपकर शासकीय महाविद्यालय पलेरा की भूमि से अतिक्रमण हटाने तथा महाविद्यालय की बाउंड्री वॉल का निर्माण शीघ्र कराने की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि महाविद्यालय की पर अतिक्रमण की शिकायत लंबे समय से बनी हुई है। कई बार आवेदन दिए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। साथ ही, बाउंड्री वॉल नहीं होने के कारण बाहरी लोगों का आवागमन बना रहता है, जिससे विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। एबीवीपी ने प्रशासन से मांग की है कि तीन दिनों के भीतर महाविद्यालय की भूमि का सीमांकन कर अतिक्रमण हटाया जाए तथा स्वीकृत बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ कराया जाए। परिषद ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं होने पर लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। #MPNews #school शासकीय महाविद्यालय पलेरा की भूमि से अतिक्रमण हटाने एवं बाउंड्री वॉल निर्माण की मांग.... पलेरा, 12 अगस्त 2026। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) पलेरा इकाई ने आज जिला कलेक्टर, टीकमगढ़ को ज्ञापन सौंपकर शासकीय महाविद्यालय पलेरा की भूमि से अतिक्रमण हटाने तथा महाविद्यालय की बाउंड्री वॉल का निर्माण शीघ्र कराने की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि महाविद्यालय की पर अतिक्रमण की शिकायत लंबे समय से बनी हुई है। कई बार आवेदन दिए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। साथ ही, बाउंड्री वॉल नहीं होने के कारण बाहरी लोगों का आवागमन बना रहता है, जिससे विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। एबीवीपी ने प्रशासन से मांग की है कि तीन दिनों के भीतर महाविद्यालय की भूमि का सीमांकन कर अतिक्रमण हटाया जाए तथा स्वीकृत बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ कराया जाए। परिषद ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं होने पर लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। #MPNews #school1
- तेज रफ्तार ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलटा, तीन गंभीर घायल,जिला अस्पताल में भर्ती। छतरपुर जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र के महाराजपुर बस स्टैंड से ग्राम पुर जा रहा एक ई-रिक्शा आज 12 अगस्त दोपहर करीब 3:00 बजे महाराजपुर और पुर के बीच स्थित मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ई-रिक्शा सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।घायलों की पहचान उमा रैकवार (22), पति राहुल रैकवार, राहुल रैकवार (25), पिता छोटेलाल और बाबूलाल अहिरवार (60), निवासी ग्राम पुर के रूप में हुई है। घायलों ने बताया कि ई-रिक्शा तेज रफ्तार में था, जिसके कारण मोड़ पर चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और ई-रिक्शा पलट गया।हादसे के बाद राहगीरों की मदद से तीनों घायलों को उपचार के लिए महाराजपुर अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत को देखते हुए छतरपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। 108 एंबुलेंस की मदद से तीनों घायलों को छतरपुर जिला अस्पताल लाया गया, जहां इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें ट्रॉमा वार्ड में भर्ती किया गया है। तीनों का उपचार जारी है।1