सेमरिया विधानसभा क्षेत्र के सिरमौर जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम भड़रिया में पिछले तीन साल से सड़क न बनने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों द्वारा अपनी निजी भूमि सरकार को सौंपने के बावजूद, गांव तक सड़क का निर्माण अभी तक नहीं हो पाया है, जिसका गंभीर परिणाम दो मौतों के रूप में सामने आया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सेमरिया विधायक द्वारा विधायक निधि से सड़क निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी कार्य शुरू नहीं हो सका है। बरसात के मौसम में गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से पूरी तरह कट जाता है, जिससे न तो कोई निजी वाहन और न ही एंबुलेंस गांव तक पहुंच पाती है। गांव के युवा शुभम द्विवेदी ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व आकाशीय बिजली गिरने से प्रजापति परिवार के दो बच्चों की समय पर उपचार न मिलने के कारण मौत हो गई थी, और एक अन्य बच्चा गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया था। शुभम द्विवेदी ने अफसोस जताते हुए कहा कि, "यदि गांव तक पक्की सड़क होती तो शायद उन बच्चों की जान बचाई जा सकती थी।" भड़रिया के ग्रामीणों ने अब शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि मुख्य मार्ग से भड़रिया गांव को जोड़ने वाली सड़क का पीसीसी कार्य अविलंब शुरू किया जाए। शुभम द्विवेदी के नेतृत्व में समस्त ग्रामवासियों ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सड़क निर्माण शुरू नहीं किया गया, तो वे धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की होगी।
सेमरिया विधानसभा क्षेत्र के सिरमौर जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम भड़रिया में पिछले तीन साल से सड़क न बनने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों द्वारा अपनी निजी भूमि सरकार को सौंपने के बावजूद, गांव तक सड़क का निर्माण अभी तक नहीं हो पाया है, जिसका गंभीर परिणाम दो मौतों के रूप में सामने आया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सेमरिया विधायक द्वारा विधायक निधि से सड़क निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी कार्य शुरू नहीं हो सका है। बरसात के मौसम में गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से पूरी तरह कट जाता है, जिससे न तो कोई निजी वाहन और न ही एंबुलेंस गांव तक पहुंच पाती है। गांव के युवा शुभम द्विवेदी ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व आकाशीय बिजली गिरने से प्रजापति परिवार के दो बच्चों की समय पर उपचार न मिलने के कारण मौत हो गई थी, और एक अन्य बच्चा गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया था। शुभम द्विवेदी ने अफसोस जताते हुए कहा कि, "यदि गांव तक पक्की सड़क होती तो शायद उन बच्चों की जान बचाई जा सकती थी।" भड़रिया के ग्रामीणों ने अब शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि मुख्य मार्ग से भड़रिया गांव को जोड़ने वाली सड़क का पीसीसी कार्य अविलंब शुरू किया जाए। शुभम द्विवेदी के नेतृत्व में समस्त ग्रामवासियों ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सड़क निर्माण शुरू नहीं किया गया, तो वे धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की होगी।
- सेमरिया विधानसभा क्षेत्र के सिरमौर जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम भड़रिया में पिछले तीन साल से सड़क न बनने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों द्वारा अपनी निजी भूमि सरकार को सौंपने के बावजूद, गांव तक सड़क का निर्माण अभी तक नहीं हो पाया है, जिसका गंभीर परिणाम दो मौतों के रूप में सामने आया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सेमरिया विधायक द्वारा विधायक निधि से सड़क निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी कार्य शुरू नहीं हो सका है। बरसात के मौसम में गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से पूरी तरह कट जाता है, जिससे न तो कोई निजी वाहन और न ही एंबुलेंस गांव तक पहुंच पाती है। गांव के युवा शुभम द्विवेदी ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व आकाशीय बिजली गिरने से प्रजापति परिवार के दो बच्चों की समय पर उपचार न मिलने के कारण मौत हो गई थी, और एक अन्य बच्चा गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया था। शुभम द्विवेदी ने अफसोस जताते हुए कहा कि, "यदि गांव तक पक्की सड़क होती तो शायद उन बच्चों की जान बचाई जा सकती थी।" भड़रिया के ग्रामीणों ने अब शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि मुख्य मार्ग से भड़रिया गांव को जोड़ने वाली सड़क का पीसीसी कार्य अविलंब शुरू किया जाए। शुभम द्विवेदी के नेतृत्व में समस्त ग्रामवासियों ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सड़क निर्माण शुरू नहीं किया गया, तो वे धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की होगी।1
- रीवा संभाग के पुलिस महानिरीक्षक (IG) गौरव राजपूत, जो अपनी शानदार कार्यशैली के लिए चर्चित हैं, से पूरी जानकारी सुनने की बात कही गई है।1
- चित्रकूट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला। उनके आगमन से पहले ही चित्रकूट इंटर कॉलेज (सीआईसी) मैदान में लगाया गया विशाल वाटरप्रूफ हैंगर टेंट पूरी तरह जनसमूह से भर गया। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग जनसभा स्थल पर पहुंचे, जिससे कार्यक्रम को भव्य स्वरूप मिला और मैदान में जनसैलाब उमड़ पड़ा। कार्यकर्ताओं और आम जनता में मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए खासा उत्साह दिखाई दिया। प्रशासन ने कार्यक्रम के लिए सुरक्षा, यातायात, पार्किंग और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक इंतजाम किए थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार सभा स्थल पर इन व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे।1
- रीवा और मऊगंज जिलों में एमडी ड्रग्स के मामले में की गई पुलिस कार्यवाही के बाद जहाँ एक ओर पुलिस महानिरीक्षक (IG) और पुलिस अधीक्षक (SP) ने इस सफलता का श्रेय जन चौपाल को दिया, वहीं दूसरी ओर लालगाँव चौकी प्रभारी कंट्रोल रूम के बगल में बने सीएसपी कार्यालय और एक मंदिर के बीच में आरोपियों को सोशल मीडिया पर लाइव करवाते हुए दिखाई दिए।1
- अपनी शानदार कार्यशैली के लिए खासे चर्चित रीवा संभाग के पुलिस महानिरीक्षक (IG) गौरव राजपूत से एक महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सकती है। उनसे सीधे पूरी जानकारी सुनने का अवसर मिलेगा।1
- सतना जिले के नगर परिषद बिरसिंहपुर के शिवाजी वार्ड क्रमांक 09 में संचालित आंगनवाड़ी केंद्र एक जर्जर किराए के भवन में चल रहा है, जिससे छोटे-छोटे बच्चों की जान को खतरा बना हुआ है। भवन की स्थिति इतनी खराब है कि बारिश का पानी सीधे अंदर टपकता है, छत का प्लास्टर उखड़ चुका है और लोहे के सरिए तक बाहर निकल आए हैं। इसके बावजूद प्रतिदिन मासूम बच्चों को इसी खतरनाक भवन में बैठाकर आंगनवाड़ी का संचालन किया जा रहा है, जो कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या से कई बार अवगत कराने के बावजूद संबंधित परियोजना अधिकारी और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक न तो इस जर्जर भवन का निरीक्षण किया है और न ही केंद्र को किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए कोई पहल की है। अधिकारियों की इस उदासीनता के कारण मासूमों की जान लगातार जोखिम में बनी हुई है।1