सरपंच द्वारा लगाए आरोप को लेकर राज्यमंत्री डॉ टेटवाल ने वीडियो जारी कर किया खंडन सरपंच द्वारा लगाए आरोप को लेकर राज्यमंत्री डॉ टेटवाल ने वीडियो जारी कर किया खंडन सुमित सेन आज तक अभियान सारंगपुर गुरुवार को ग्राम पंचायत सुल्तानिया में सरपंच पर हुए हमले को लेकर जो मामला सामने आ रहा है। जिसमें मामले को पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरपंच हाथिया के विरुद्ध पूर्व में ही गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा तथा छेड़छाड़ जैसे कुल 6 मामले पचोर थाने में एवं एक मामला सारंगपुर थाने में दर्ज है। इसके अतिरिक्त पचोर थाना द्वारा इनके विरुद्ध धारा 110 के तहत जिला बदर की कार्यवाही भी पूर्व से प्रचलित है।इसी क्रम में संबंधित व्यक्ति द्वारा राजनीतिक द्वेषवश माननीय मंत्री जी का नाम अनावश्यक रूप से लिया जा रहा है, जो पूर्णतः निराधार एवं भ्रामक है।माननीय मंत्री जी ने स्वयं इस विषय में एक वीडियो संदेश जारी कर सच्चाई को सार्वजनिक किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे सदैव जनसेवा और विकास कार्यों के प्रति समर्पित रहे हैं तथा किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार से विचलित होने वाले नहीं हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि सरपंच हाथिया द्वारा मंत्री जी के विरुद्ध न्यायालय में प्रस्तुत प्रकरण का निराकरण वर्ष 2024 में ही हो चुका है। पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में माननीय न्यायालय द्वारा उक्त प्रकरण निरस्त कर दिया गया था।माननीय मंत्री जी द्वारा अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास की योजनाएं पहुँचाने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे प्रभावित होकर कुछ तत्व राजनीतिक दुष्प्रचार फैलाने का कार्य कर रहे हैं।इस मामले को लेकर मीडिया ने ग्रामीणों चर्चा की तो उन्होंने बताया कि यह पूरा विवाद दो दिन पूर्व अतिक्रमण को लेकर हुआ है गुरुवार सुबह यह विवाद ने उग्र रूप ले लिया। इस विवाद में सरपंच द्वारा राज्यमंत्री डॉ गौतम टेटवाल पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह पूरी तरह निराधार है। सुमित सेन आज तक अभियान सारंगपुर गुरुवार को ग्राम पंचायत सुल्तानिया में सरपंच पर हुए हमले को लेकर जो मामला सामने आ रहा है। जिसमें मामले को पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरपंच हाथिया के विरुद्ध पूर्व में ही गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा तथा छेड़छाड़ जैसे कुल 6 मामले पचोर थाने में एवं एक मामला सारंगपुर थाने में दर्ज है। इसके अतिरिक्त पचोर थाना द्वारा इनके विरुद्ध धारा 110 के तहत जिला बदर की कार्यवाही भी पूर्व से प्रचलित है।इसी क्रम में संबंधित व्यक्ति द्वारा राजनीतिक द्वेषवश माननीय मंत्री जी का नाम अनावश्यक रूप से लिया जा रहा है, जो पूर्णतः निराधार एवं भ्रामक है।माननीय मंत्री जी ने स्वयं इस विषय में एक वीडियो संदेश जारी कर सच्चाई को सार्वजनिक किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे सदैव जनसेवा और विकास कार्यों के प्रति समर्पित रहे हैं तथा किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार से विचलित होने वाले नहीं हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि सरपंच हाथिया द्वारा मंत्री जी के विरुद्ध न्यायालय में प्रस्तुत प्रकरण का निराकरण वर्ष 2024 में ही हो चुका है। पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में माननीय न्यायालय द्वारा उक्त प्रकरण निरस्त कर दिया गया था।माननीय मंत्री जी द्वारा अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास की योजनाएं पहुँचाने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे प्रभावित होकर कुछ तत्व राजनीतिक दुष्प्रचार फैलाने का कार्य कर रहे हैं।इस मामले को लेकर मीडिया ने ग्रामीणों चर्चा की तो उन्होंने बताया कि यह पूरा विवाद दो दिन पूर्व अतिक्रमण को लेकर हुआ है गुरुवार सुबह यह विवाद ने उग्र रूप ले लिया। इस विवाद में सरपंच द्वारा राज्यमंत्री डॉ गौतम टेटवाल पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह पूरी तरह निराधार है।
सरपंच द्वारा लगाए आरोप को लेकर राज्यमंत्री डॉ टेटवाल ने वीडियो जारी कर किया खंडन सरपंच द्वारा लगाए आरोप को लेकर राज्यमंत्री डॉ टेटवाल ने वीडियो जारी कर किया खंडन सुमित सेन आज तक अभियान सारंगपुर गुरुवार को ग्राम पंचायत सुल्तानिया में सरपंच पर हुए हमले को लेकर जो मामला सामने आ रहा है। जिसमें मामले को पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरपंच हाथिया के विरुद्ध पूर्व में ही गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा तथा छेड़छाड़ जैसे कुल 6 मामले पचोर थाने में एवं एक मामला सारंगपुर थाने में दर्ज है। इसके अतिरिक्त पचोर थाना द्वारा इनके विरुद्ध धारा 110 के तहत जिला बदर की कार्यवाही भी पूर्व से प्रचलित है।इसी क्रम में संबंधित व्यक्ति द्वारा राजनीतिक द्वेषवश माननीय मंत्री जी का नाम अनावश्यक रूप से लिया जा रहा है, जो पूर्णतः निराधार एवं भ्रामक है।माननीय मंत्री जी ने स्वयं इस विषय में एक वीडियो संदेश जारी कर सच्चाई को सार्वजनिक किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे सदैव जनसेवा और विकास कार्यों के प्रति समर्पित रहे हैं तथा किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार से विचलित होने वाले नहीं हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि सरपंच हाथिया द्वारा मंत्री जी के विरुद्ध न्यायालय में प्रस्तुत प्रकरण का निराकरण वर्ष 2024 में ही हो चुका है। पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में माननीय न्यायालय द्वारा उक्त प्रकरण निरस्त कर दिया गया था।माननीय मंत्री जी द्वारा अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास की योजनाएं पहुँचाने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे प्रभावित होकर कुछ तत्व राजनीतिक दुष्प्रचार फैलाने का कार्य कर रहे हैं।इस मामले को लेकर मीडिया ने ग्रामीणों चर्चा की तो उन्होंने बताया कि यह पूरा विवाद दो दिन पूर्व अतिक्रमण को लेकर हुआ है गुरुवार सुबह यह विवाद ने उग्र रूप ले लिया। इस विवाद में सरपंच
द्वारा राज्यमंत्री डॉ गौतम टेटवाल पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह पूरी तरह निराधार है। सुमित सेन आज तक अभियान सारंगपुर गुरुवार को ग्राम पंचायत सुल्तानिया में सरपंच पर हुए हमले को लेकर जो मामला सामने आ रहा है। जिसमें मामले को पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरपंच हाथिया के विरुद्ध पूर्व में ही गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा तथा छेड़छाड़ जैसे कुल 6 मामले पचोर थाने में एवं एक मामला सारंगपुर थाने में दर्ज है। इसके अतिरिक्त पचोर थाना द्वारा इनके विरुद्ध धारा 110 के तहत जिला बदर की कार्यवाही भी पूर्व से प्रचलित है।इसी क्रम में संबंधित व्यक्ति द्वारा राजनीतिक द्वेषवश माननीय मंत्री जी का नाम अनावश्यक रूप से लिया जा रहा है, जो पूर्णतः निराधार एवं भ्रामक है।माननीय मंत्री जी ने स्वयं इस विषय में एक वीडियो संदेश जारी कर सच्चाई को सार्वजनिक किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे सदैव जनसेवा और विकास कार्यों के प्रति समर्पित रहे हैं तथा किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार से विचलित होने वाले नहीं हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि सरपंच हाथिया द्वारा मंत्री जी के विरुद्ध न्यायालय में प्रस्तुत प्रकरण का निराकरण वर्ष 2024 में ही हो चुका है। पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में माननीय न्यायालय द्वारा उक्त प्रकरण निरस्त कर दिया गया था।माननीय मंत्री जी द्वारा अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास की योजनाएं पहुँचाने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे प्रभावित होकर कुछ तत्व राजनीतिक दुष्प्रचार फैलाने का कार्य कर रहे हैं।इस मामले को लेकर मीडिया ने ग्रामीणों चर्चा की तो उन्होंने बताया कि यह पूरा विवाद दो दिन पूर्व अतिक्रमण को लेकर हुआ है गुरुवार सुबह यह विवाद ने उग्र रूप ले लिया। इस विवाद में सरपंच द्वारा राज्यमंत्री डॉ गौतम टेटवाल पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह पूरी तरह निराधार है।
- सरपंच द्वारा लगाए आरोप को लेकर राज्यमंत्री डॉ टेटवाल ने वीडियो जारी कर किया खंडन सुमित सेन आज तक अभियान सारंगपुर गुरुवार को ग्राम पंचायत सुल्तानिया में सरपंच पर हुए हमले को लेकर जो मामला सामने आ रहा है। जिसमें मामले को पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरपंच हाथिया के विरुद्ध पूर्व में ही गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा तथा छेड़छाड़ जैसे कुल 6 मामले पचोर थाने में एवं एक मामला सारंगपुर थाने में दर्ज है। इसके अतिरिक्त पचोर थाना द्वारा इनके विरुद्ध धारा 110 के तहत जिला बदर की कार्यवाही भी पूर्व से प्रचलित है।इसी क्रम में संबंधित व्यक्ति द्वारा राजनीतिक द्वेषवश माननीय मंत्री जी का नाम अनावश्यक रूप से लिया जा रहा है, जो पूर्णतः निराधार एवं भ्रामक है।माननीय मंत्री जी ने स्वयं इस विषय में एक वीडियो संदेश जारी कर सच्चाई को सार्वजनिक किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे सदैव जनसेवा और विकास कार्यों के प्रति समर्पित रहे हैं तथा किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार से विचलित होने वाले नहीं हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि सरपंच हाथिया द्वारा मंत्री जी के विरुद्ध न्यायालय में प्रस्तुत प्रकरण का निराकरण वर्ष 2024 में ही हो चुका है। पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में माननीय न्यायालय द्वारा उक्त प्रकरण निरस्त कर दिया गया था।माननीय मंत्री जी द्वारा अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास की योजनाएं पहुँचाने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे प्रभावित होकर कुछ तत्व राजनीतिक दुष्प्रचार फैलाने का कार्य कर रहे हैं।इस मामले को लेकर मीडिया ने ग्रामीणों चर्चा की तो उन्होंने बताया कि यह पूरा विवाद दो दिन पूर्व अतिक्रमण को लेकर हुआ है गुरुवार सुबह यह विवाद ने उग्र रूप ले लिया। इस विवाद में सरपंच द्वारा राज्यमंत्री डॉ गौतम टेटवाल पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह पूरी तरह निराधार है। सुमित सेन आज तक अभियान सारंगपुर गुरुवार को ग्राम पंचायत सुल्तानिया में सरपंच पर हुए हमले को लेकर जो मामला सामने आ रहा है। जिसमें मामले को पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरपंच हाथिया के विरुद्ध पूर्व में ही गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा तथा छेड़छाड़ जैसे कुल 6 मामले पचोर थाने में एवं एक मामला सारंगपुर थाने में दर्ज है। इसके अतिरिक्त पचोर थाना द्वारा इनके विरुद्ध धारा 110 के तहत जिला बदर की कार्यवाही भी पूर्व से प्रचलित है।इसी क्रम में संबंधित व्यक्ति द्वारा राजनीतिक द्वेषवश माननीय मंत्री जी का नाम अनावश्यक रूप से लिया जा रहा है, जो पूर्णतः निराधार एवं भ्रामक है।माननीय मंत्री जी ने स्वयं इस विषय में एक वीडियो संदेश जारी कर सच्चाई को सार्वजनिक किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे सदैव जनसेवा और विकास कार्यों के प्रति समर्पित रहे हैं तथा किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार से विचलित होने वाले नहीं हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि सरपंच हाथिया द्वारा मंत्री जी के विरुद्ध न्यायालय में प्रस्तुत प्रकरण का निराकरण वर्ष 2024 में ही हो चुका है। पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में माननीय न्यायालय द्वारा उक्त प्रकरण निरस्त कर दिया गया था।माननीय मंत्री जी द्वारा अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास की योजनाएं पहुँचाने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे प्रभावित होकर कुछ तत्व राजनीतिक दुष्प्रचार फैलाने का कार्य कर रहे हैं।इस मामले को लेकर मीडिया ने ग्रामीणों चर्चा की तो उन्होंने बताया कि यह पूरा विवाद दो दिन पूर्व अतिक्रमण को लेकर हुआ है गुरुवार सुबह यह विवाद ने उग्र रूप ले लिया। इस विवाद में सरपंच द्वारा राज्यमंत्री डॉ गौतम टेटवाल पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह पूरी तरह निराधार है।2
- Post by Saif Ali journalist Journalist1
- Post by लाखन सिंह लोधी खनोटा1
- Post by Adibasi1
- राजगढ़ जिले के सारंगपुर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां एक भाजपा नेता और सरपंच पर जानलेवा हमला किया गया है। अतिक्रमण विवाद ने ऐसा तूल पकड़ा कि मामला कुल्हाड़ी और लाठियों तक पहुंच गया… और अब इस पूरे मामले में राज्यमंत्री पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। राजगढ़ जिले के सारंगपुर में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष और सुल्तानिया ग्राम पंचायत के सरपंच जितेंद्र मालवीय उर्फ जितेंद्र हाथिया पर गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे हमला कर दिया गया। बताया जा रहा है कि यह हमला अतिक्रमण हटाने के विवाद के चलते हुआ, जहां आरोप है कि कैलाश नागर और दुर्गाप्रसाद नागर ने कुल्हाड़ी और लाठियों से हमला किया। इस हमले में सरपंच के सिर में गंभीर चोट आई है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद घायल सरपंच खुद पचोर थाने पहुंचे और उन्होंने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह हमला राज्यमंत्री गौतम टेटवाल के इशारे पर हुआ है। सरपंच का दावा है कि मंत्री ने पहले उन्हें 70 से 80 लाख रुपए लेकर मामला खत्म करने का प्रस्ताव दिया था। सरपंच ने यह भी आरोप लगाया कि राज्यमंत्री ने जाति बदलकर चुनाव लड़ा, जिसकी शिकायत उन्होंने निर्वाचन आयोग और हाईकोर्ट में की है। बताया जा रहा है कि इस मामले में कई स्तर पर जांच भी चल रही है। वहीं, राज्यमंत्री गौतम टेटवाल ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि— “ये सभी आरोप झूठे हैं, यह सिर्फ सस्ती पब्लिसिटी पाने की कोशिश है। इस घटना से मेरा कोई लेना-देना नहीं है।” वही घायल पक्ष के कैलाश नागर और दुर्गाप्रसाद का कहना है कि सरपंच ने ही पहले ट्रैक्टर से उन्हें कुचलने की कोशिश की, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और मारपीट की घटना हुई। थाना प्रभारी शकुंतला बामनिया के मुताबिक, सरपंच की हालत गंभीर है और उनके बयान के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मारपीट और जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया जा रहा है। दरअसल, 30 मार्च को पचोर तहसीलदार और पटवारियों की टीम ने गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी, जो सरपंच के आवेदन पर की गई थी। बताया जा रहा है कि इसी कार्रवाई से नाराज होकर यह पूरा विवाद हिंसा में बदल गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ जमीन विवाद है या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक खेल?4
- Post by Dilip pilet Pilet1
- Post by Ramesh Chand Lodha1
- Post by Adibasi1