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राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) की ब्यावर जिला कार्यकारिणी घोषित, झूंठा गांव के निखिल नोगिया व विकास चौहान को दायित्व झूंठा - राष्ट्रीय छात्र संघ एनएसयूआई के शीर्ष नेतृत्व के निर्देशानुसार ब्यावर जिले की जिला कार्यकारिणी की घोषणा की गई है। जारी आदेश में झूंठा गांव के छात्र नेताओं निखिल नोगिया एवं विकास चौहान को जिला महासचिव पद का दायित्व सौंपा गया है।जिला कार्यकारिणी की घोषणा के बाद संगठन के कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया। संगठन पदाधिकारियों ने दोनों नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वे छात्र हितों के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करते हुए संगठन को और अधिक सशक्त बनाएंगे।एनएसयूआई परिवार ने आशा व्यक्त की कि नई जिला कार्यकारिणी पूरी निष्ठा व समर्पण के साथ अपने दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करेगी।
Shree Chamunda N.S. JHOONTHA
राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) की ब्यावर जिला कार्यकारिणी घोषित, झूंठा गांव के निखिल नोगिया व विकास चौहान को दायित्व झूंठा - राष्ट्रीय छात्र संघ एनएसयूआई के शीर्ष नेतृत्व के निर्देशानुसार ब्यावर जिले की जिला कार्यकारिणी की घोषणा की गई है। जारी आदेश में झूंठा गांव के छात्र नेताओं निखिल नोगिया एवं विकास चौहान को जिला महासचिव पद का दायित्व सौंपा गया है।जिला कार्यकारिणी की घोषणा के बाद संगठन के कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया। संगठन पदाधिकारियों ने दोनों नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वे छात्र हितों के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करते हुए संगठन को और अधिक सशक्त बनाएंगे।एनएसयूआई परिवार ने आशा व्यक्त की कि नई जिला कार्यकारिणी पूरी निष्ठा व समर्पण के साथ अपने दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करेगी।
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- रायपुर (ब्यावर) बादशाह मेले में ‘बादशाह’ बने चंद्रप्रकाश अग्रवाल का निधन,बादशाह सवारी के दौरान आया हार्ट अटैक, शहर में शोक की लहर ब्यावर में ऐतिहासिक बादशाह मेला के दौरान इस वर्ष ‘बादशाह’ बने चंद्रप्रकाश अग्रवाल का सवारी के समय अचानक हार्ट अटैक से निधन हो गया। इस अप्रत्याशित घटना से मेले की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं और पूरे शहर में शोक की लहर छा गई। जानकारी के अनुसार बादशाह सवारी के दौरान चंद्रप्रकाश अग्रवाल की तबीयत अचानक बिगड़ गई। मौके पर मौजूद लोगों और प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तुरंत अमृतकौर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही मेले में चल रहे कार्यक्रमों को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया। अजमेरी गेट के बाहर चल रहा डीजे बंद कर दिया गया तथा जिला कलेक्टर कार्यालय ब्यावर में होने वाला पारंपरिक गुलाल युद्ध भी नहीं खेला गया। प्रशासन द्वारा केवल औपचारिक रूप से फरमान जारी कर मेले के समापन की घोषणा की गई। अचानक हुए इस हादसे से बादशाह मेला समिति सहित समूचे जिला वासियों में गहरा शोक व्याप्त है। शहर में जहां सुबह तक उत्सव और उल्लास का माहौल था, वहीं शाम होते-होते वातावरण गमगीन हो गया। विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारिक मंडलों और नागरिकों ने चंद्रप्रकाश अग्रवाल के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। शहरवासियों ने इसे मेले के इतिहास की अत्यंत दुखद घटना बताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।1
- आंखें मूँदे बिजली विभाग! हवा में लटका जर्जर पोल दे रहा हादसे को न्योता ⚡ 📍 रायपुर क्षेत्र के ग्राम झूँठा के मुख्य मार्ग “चरणों का बाँस” पर लगा कई वर्षों पुराना लोहे का बिजली पोल इन दिनों गंभीर हादसे का कारण बन सकता है। पोल पूरी तरह जर्जर हो चुका है और उसका निचला हिस्सा कमजोर पड़ने से वह हवा में टिका हुआ नजर आ रहा है। क्या है पूरा मामला? ग्रामीणों के अनुसार यह लोहे का पोल वर्षों पहले लगाया गया था। समय के साथ पोल का आधार जंग लगने से सड़ चुका है। वर्तमान में पोल हल्का सा झुका हुआ है और ऊपर से बिजली के तारों का भार उसे और अधिक अस्थिर बना रहा है। यह मार्ग गांव का मुख्य रास्ता है, जहाँ से रोजाना स्कूली बच्चे, महिलाएँ, बुजुर्ग और दुपहिया-चारपहिया वाहन गुजरते हैं। ऐसे में जर्जर पोल कभी भी गिर सकता है और बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों की शिकायत, लेकिन कार्रवाई नहीं ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया है। मौखिक शिकायतों के साथ-साथ लिखित सूचना भी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों में आक्रोश है कि अगर समय रहते पोल को नहीं बदला गया तो किसी भी दिन जान-माल का नुकसान हो सकता है। संभावित खतरे तेज हवा या बारिश में पोल गिरने की आशंका करंट फैलने से बिजली हादसे का खतरा राहगीरों और आसपास के मकानों को नुकसान यातायात बाधित होने की संभावना जिम्मेदारी किसकी? सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि यदि कोई दुर्घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? विभागीय लापरवाही पर ग्रामीणों ने कड़ी नाराजगी जताई है और तत्काल समाधान की मांग की है। ग्रामीणों की मांग जर्जर पोल की तुरंत तकनीकी जांच पुराने पोल को हटाकर नया मजबूत पोल लगाया जाए क्षेत्र की अन्य बिजली व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया जाए ⚠️ प्रशासन और बिजली विभाग को चाहिए कि किसी अनहोनी से पहले ही इस गंभीर समस्या का समाधान करे, ताकि ग्राम झूँठा में किसी बड़े हादसे को टाला जा सके। #तीखी_न्यूज #ग्राम_झूँठा #रायपुर #बिजली_विभाग #जनसुरक्षा1
- Post by जगदीश माली पत्रका र1
- होली की अलग अलग परंपराएं हमारे क्षेत्र मे अलग अलग तरीके से होली मनाई जाती हे1
- गिरी मे ओरण बचाओ की टीम मौजूद1
- झूंठा - राष्ट्रीय छात्र संघ एनएसयूआई के शीर्ष नेतृत्व के निर्देशानुसार ब्यावर जिले की जिला कार्यकारिणी की घोषणा की गई है। जारी आदेश में झूंठा गांव के छात्र नेताओं निखिल नोगिया एवं विकास चौहान को जिला महासचिव पद का दायित्व सौंपा गया है।जिला कार्यकारिणी की घोषणा के बाद संगठन के कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया। संगठन पदाधिकारियों ने दोनों नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वे छात्र हितों के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करते हुए संगठन को और अधिक सशक्त बनाएंगे।एनएसयूआई परिवार ने आशा व्यक्त की कि नई जिला कार्यकारिणी पूरी निष्ठा व समर्पण के साथ अपने दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करेगी।1
- Post by Mahesh Sharma1
- ऐतिहासिक बादशाह मेले में ‘बादशाह’ की हृदय गति रुकने से मौत, शहर में शोक की लहर ब्यावर में आयोजित ऐतिहासिक बादशाह मेले के दौरान बुधवार को एक दुखद घटना सामने आई। मेले में ‘बादशाह’ की भूमिका निभा रहे चंद्रशेखर (चंदू) अग्रवाल का अचानक हृदय गति रुकने से निधन हो गया। घटना के बाद पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार मेले में पारंपरिक खर्ची लूटने की रस्म चल रही थी। इसी दौरान चंद्रशेखर अग्रवाल को अचानक सीने में तेज दर्द और घबराहट महसूस हुई। पहले तो आसपास मौजूद लोगों को सामान्य तबीयत बिगड़ने का अंदेशा हुआ, लेकिन उनकी हालत तेजी से बिगड़ती चली गई। मौके पर मौजूद आयोजकों और श्रद्धालुओं ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए उन्हें निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया। उन्हें तत्काल अमृत कौर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी में हृदय गति रुकने को मृत्यु का कारण बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही मेले में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोग कार्यक्रम स्थल से अस्पताल की ओर रवाना हो गए। प्रशासन और पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए भीड़ को नियंत्रित किया। बादशाह मेले में ‘बादशाह’ की भूमिका विशेष महत्व रखती है और यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। ऐसे में इस प्रकार की आकस्मिक घटना ने शहरवासियों को स्तब्ध कर दिया। घटना के बाद मेला कार्यक्रम को लेकर भी संशय की स्थिति बनी रही। शहर के व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और आमजन ने शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। चंद्रशेखर अग्रवाल के निधन से उनके परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों में गहरा दुख व्याप्त है। शहरभर में उन्हें श्रद्धांजलि देने का सिलसिला जारी है।1