पनियारी गाँव में बना अपशिष्ट प्रबंधन बदहाली का हुआ शिकार मांधाता ब्लॉक में लाखों की लागत से खड़ा ढांचा, जमीनी बदहाली ने खोली व्यवस्था की पोल कागजों में संचालन के दावों के बीच मौके की तस्वीरें पूछ रहीं तीखे सवाल प्रतापगढ़। गांवों को स्वच्छ और कचरा मुक्त बनाने के नाम पर सरकार लगातार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। ग्राम पंचायतों में अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र बनाए गए, लेकिन मांधाता ब्लॉक की पनियारी ग्राम सभा में इन दावों की जमीनी हकीकत सवालों के कठघरे में खड़ी है। जिस केंद्र का उद्देश्य गांव के कचरे का संग्रहण, पृथक्करण और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करना था, उसकी बदहाली व्यवस्था की निगरानी पर ही सवाल उठा रही है। सरकारी योजनाओं में निर्माण पूरा होना सिर्फ पहला कदम है। असली सवाल है क्या केंद्र जमीन पर चल भी रहा है? अगर केंद्र नियमित रूप से संचालित है तो परिसर की यह हालत क्यों? अगर संचालन नहीं हो रहा तो सरकारी धन से तैयार इस ढांचे को यूं ही छोड़ने की जिम्मेदारी किसकी है? क्या गांवों से नियमित कचरा यहां पहुंच रहा है? क्या गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण हो रहा है? क्या संचालन के नाम पर भुगतान किया गया? यदि हां, तो किसके सत्यापन पर? मामला केवल ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी बताकर खत्म नहीं किया जा सकता। ब्लॉक से लेकर जिला पंचायत राज विभाग तक निगरानी की पूरी कड़ी सवालों के घेरे में है। केंद्र का निर्माण कब हुआ, कितनी धनराशि खर्च हुई, किस एजेंसी ने कार्य कराया, संचालन पर कितना भुगतान हुआ और अधिकारियों ने आखिरी बार कब निरीक्षण किया इन सभी सवालों का रिकॉर्ड सामने आना चाहिए। अब जांच सिर्फ खानापूर्ति नहीं, जवाबदेही वाली हो। जरूरत है कि जिलाधिकारी स्तर से स्थलीय जांच और अभिलेखों का मिलान कराया जाए। भुगतान की पुष्टि मौके के काम से हो और संचालन के दावों की वास्तविकता जांची जाए।
पनियारी गाँव में बना अपशिष्ट प्रबंधन बदहाली का हुआ शिकार मांधाता ब्लॉक में लाखों की लागत से खड़ा ढांचा, जमीनी बदहाली ने खोली व्यवस्था की पोल कागजों में संचालन के दावों के बीच मौके की तस्वीरें पूछ रहीं तीखे सवाल प्रतापगढ़। गांवों को स्वच्छ और कचरा मुक्त बनाने के नाम पर सरकार लगातार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। ग्राम पंचायतों में अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र बनाए गए, लेकिन मांधाता ब्लॉक की पनियारी ग्राम सभा में इन दावों की जमीनी हकीकत सवालों के कठघरे में खड़ी है। जिस केंद्र का उद्देश्य गांव के कचरे का संग्रहण, पृथक्करण और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करना था, उसकी बदहाली व्यवस्था की निगरानी पर ही सवाल उठा रही है। सरकारी योजनाओं में निर्माण पूरा होना सिर्फ पहला कदम है। असली सवाल है क्या केंद्र जमीन पर चल भी रहा है? अगर केंद्र नियमित रूप से संचालित है तो परिसर की यह हालत क्यों? अगर संचालन नहीं हो रहा तो सरकारी धन से तैयार इस ढांचे को यूं ही छोड़ने की जिम्मेदारी किसकी है? क्या गांवों से नियमित कचरा यहां पहुंच रहा है? क्या गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण हो रहा है? क्या संचालन के नाम पर भुगतान किया गया? यदि हां, तो किसके सत्यापन पर? मामला केवल ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी बताकर खत्म नहीं किया जा सकता। ब्लॉक से लेकर जिला पंचायत राज विभाग तक निगरानी की पूरी कड़ी सवालों के घेरे में है। केंद्र का निर्माण कब हुआ, कितनी धनराशि खर्च हुई, किस एजेंसी ने कार्य कराया, संचालन पर कितना भुगतान हुआ और अधिकारियों ने आखिरी बार कब निरीक्षण किया इन सभी सवालों का रिकॉर्ड सामने आना चाहिए। अब जांच सिर्फ खानापूर्ति नहीं, जवाबदेही वाली हो। जरूरत है कि जिलाधिकारी स्तर से स्थलीय जांच और अभिलेखों का मिलान कराया जाए। भुगतान की पुष्टि मौके के काम से हो और संचालन के दावों की वास्तविकता जांची जाए।
- प्रतापगढ़ में गुंडों के हौसले बुलंद, गुंडों को पुलिस का कोई खौफ नहीं प्रतापगढ़ जिले में गुंडो के हौसले बुलंद पुलिस का कोई खौफ नहीं। प्रतापगढ़ जिले में गुंडो के आतंक से सरेआम टेंपो ड्राइवर को मारपीट लहूलुहान कर दिया गया।अमेठी रोड बिहारगंज बाजार से सटे सेतापुर गांव के पास की घटना। टेंपो में सवारी बैठाने के बावजूद गुंडो ने टेंपो चालक को बुरी तरह मारा पीटा। टेंपो चालक बाबूगंज का रहने वाला है। टेंपो चालक को बुरी तरह घायल होने के कारण 108 नंबर बुलाकर जिला अस्पताल भेजा गया। 112 पुलिस आई थी पूछताछ किया गया। पूरा मामला बिहारगंज बाजार अंतू क्षेत्र का है1
- समाजवादी लोहिया वाहिनी की प्रदेश कार्यकारिणी में प्रतापगढ़ के अनाम अहमद को मिली जिम्मेदारी प्रतापगढ़ ▪️ समाजवादी लोहिया वाहिनी की प्रदेश कार्यकारिणी में प्रतापगढ़ के अनाम अहमद को मिली जिम्मेदारी। ▪️ अनाम अहमद को प्रदेश सचिव पद पर किया गया नामित। ▪️ राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की अनुमति से हुआ मनोनयन। ▪️ प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल की संस्तुति पर जारी हुआ मनोनयन पत्र। ▪️ अहमद नगर, सदर बाजार निवासी हैं अनाम अहमद। ▪️ संगठन को मजबूत और गतिशील बनाने की जताई गई उम्मीद। ▪️ पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का दिया गया निर्देश। ▪️ मनोनयन पर कार्यकर्ताओं में खुशी, संगठन को मिलेगी नई मजबूती।1
- garam ugabhad post Mubarakpur Thana lalganj Raebareli Uttar Pradesh ugabhad lalganj Raebareli Uttar Pradesh me koi Vikas nahin ho raha hai ugabhad me Sahi RCC road bani hai Babbu Shukla ke darvaje se Ankit Savita ke ghar Tak Aaj Tak khadanja nahin lag Paya Hai vidhayak Dhirendra Singh khajur gaon ke Rahane Wale Hain vah bhi bol gaye the ab ki bar khajana lag jaega yahan aadami chunav Jeet jata hai uske bad kya nali sahi hai kya khadanja sahi hai kuchh bhi nahin dekhta hai sirf apna pocket ki meri pocket mein kitne paise Hain mere gaon ka nahin har jagah ka roll hai yah video jahan tak pahunchta hai please pahunchayen yahi ek rasta Hai आने-जाने ka is raste Se छोटे-छोटे bacche aate Hain snake 🐍 aadi nikalte Hain Pradhan se hamari gujarish hai vyavastha Ko jaldi se jaldi Sahi karaen1
- वडनगर–वाराणसी सेवा संकल्प यात्रा को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा की बैठक संपन्न प्रतापगढ़।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा, संकल्प एवं समर्पण के 25 वर्षों के उपलक्ष्य में आयोजित वडनगर–वाराणसी सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत भारतीय जनता युवा मोर्चा की संपर्क बैठक भाजपा जिला कार्यालय, प्रतापगढ़ में जिला अध्यक्ष अंशुमान सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई।बैठक में प्रस्तावित सेवा संकल्प यात्राओं के मार्ग, स्वागत, जनसंपर्क एवं कार्यक्रमों की तैयारियों पर चर्चा की गई। अभियान के अंतर्गत दो यात्राएं प्रतापगढ़ से होकर गुजरेंगी।पहली यात्रा 17 सितंबर को वाराणसी से वडनगर के लिए प्रस्थान करेगी और 18 सितंबर को प्रतापगढ़ पहुंचेगी। यह यात्रा रानीगंज होते हुए लालगंज की ओर आगे बढ़ेगी।दूसरी यात्रा वडनगर से अमेठी होते हुए 3 अक्टूबर को प्रतापगढ़ पहुंचेगी और रानीगंज होते हुए वाराणसी के लिए प्रस्थान करेगी। यात्रा के दौरान पवित्र जल के आदान-प्रदान के साथ सेवा, विकास, जनसंवाद एवं सांस्कृतिक एकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। प्रतापगढ़ में दोनों यात्राओं के स्वागत एवं कार्यक्रमों को लेकर युवा मोर्चा द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।भाजयुमो जिला अध्यक्ष अंशुमान सिंह ने कहा कि “वडनगर–वाराणसी सेवा संकल्प यात्रा आस्था, सेवा, संस्कृति और राष्ट्रीय एकता का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है। प्रतापगढ़ में दोनों यात्राओं का भव्य स्वागत कर इसे सफल बनाने के लिए भाजयुमो का प्रत्येक कार्यकर्ता पूरी ऊर्जा और समर्पण के साथ जुटेगा।”बैठक में जिला महामंत्री नीतीश श्रीवास्तव, सुजीत पांडेय, जिला मंत्री अविनाश सिंह चंदन, सोशल मीडिया प्रमुख मदन पाल, मंडल अध्यक्ष विनय सिंह, शिव अग्रहरि, देवेंद्र काका, सुधांशु, राहुल मौर्य एवं चंद्र प्रताप सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- एसपी सरवणन टी. ने अमेठी पुलिस लाइन में ली शुक्रवार परेड की सलामी, व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण एसपी सरवणन टी. ने अमेठी पुलिस लाइन में ली शुक्रवार परेड की सलामी, व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण अमेठी। पुलिस अधीक्षक अमेठी सरवणन टी. ने शुक्रवार को रिजर्व पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में साप्ताहिक परेड की सलामी ली और परेड का निरीक्षण किया। पुलिसकर्मियों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से फिट रखने के लिए दौड़ लगवाई गई तथा अनुशासन और एकरूपता बनाए रखने के लिए ड्रिल कराई गई। परेड में पुलिस लाइन, पुलिस कार्यालय और विभिन्न थानों व शाखाओं के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। निरीक्षण के बाद एसपी ने पुलिसकर्मियों को साफ-सुथरी एवं अच्छी वर्दी धारण करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने पुलिस लाइन की बैरक, शस्त्रागार, मेस, कैश कार्यालय और परिवहन शाखा समेत विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मेस में भोजन की गुणवत्ता, स्वाद और स्वच्छता परखने के लिए एसपी ने स्वयं भोजन ग्रहण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। एसपी ने 112-पीआरवी व थानों के वाहनों में दंगा नियंत्रण एवं भीड़ नियंत्रण उपकरणों की उपलब्धता भी जांची। विभिन्न रजिस्टरों और अभिलेखों को चेक कर उन्हें अद्यावधिक रखने के निर्देश दिए। इस दौरान सीओ तिलोई दिनेश कुमार मिश्र, सीओ लाइन्स श्वेताभ भास्कर, प्रतिसार निरीक्षक अमेठी समेत अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।4
- पुलिस अधीक्षक अमेठी द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन अमेठी में शुक्रवार परेड की सलामी ली गई एवं निरीक्षण कर दिए गए आवश्यक निर्देश अमेठी।आज दिनांक 11.09.2026 को पुलिस अधीक्षक अमेठी सरवणन टी. के द्वारा पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में शुक्रवार परेड की सलामी ली गई तथा परेड का निरीक्षण किया गया।इस दौरान पुलिस बल के शारीरिक व मानसिक रूप से फिट रहने के लिए समस्त पुलिसकर्मियों से दौड़ लगवायी गयी एवं अनुशासन व एकरूपता बनाए रखने के लिए ड्रिल करवाया गया।परेड में पुलिस लाइन, पुलिस कार्यालय व जनपद के विभिन्न थानों व शाखाओं के अधिकारी/कर्मचारीगण सम्मिलित हुये।निरीक्षण के पश्चात पुलिस अधीक्षक अमेठी द्वारा परेड में शामिल समस्त पुलिसकर्मियों को साफ-सुथरी एवं अच्छी वर्दी धारण करने हेतु निर्देशित किया गया।तत्पश्चात पुलिस अधीक्षक अमेठी महोदय द्वारा पुलिस लाइन का मुआयना करते हुए बैरक, शस्त्रागार, मेस, बैरिक, कैश कार्यालय, परिवहन शाखा, आदि का निरीक्षण किया गया एवं भोजन की गुणवत्ता, स्वाद एवं स्वच्छता का परीक्षण करने हेतु पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा मेस में तैयार भोजन को ग्रहण किया गया तथा संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा 112-पीआरवी व थानों के वाहनों में आवश्यक भीड़ व दंगा नियंत्रण उपकरणों को चेक किया गया तथा पुलिस लाइन में विभिन्न रजिस्टरों एवं अभिलेखों को चेक कर अद्यावधिक रखने हेतु सम्बन्धित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।इस दौरान क्षेत्राधिकारी तिलोई दिनेश कुमार मिश्र, क्षेत्राधिकारी लाइन्स श्वेताभ भास्कर, प्रतिसार निरीक्षक अमेठी व अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण मौजूद रहे ।1
- पांच लाख से अधिक के जेवरात, घरेलू बर्तन और 1.80 लाख रुपए नकद बरामद; एसपी ने किया खुलासा पुलिस ने नाबालिग समेत तीन शातिर चोरों को किया गिरफ्तार अमेठी। बंद घरों की रेकी करने के बाद चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक नाबालिग समेत तीन आरोपियों को गौरीगंज पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच लाख रुपए से अधिक कीमत के जेवरात, घरेलू बर्तन और 1,80,100 रुपए नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं नाबालिग को बाल अपचारी के तौर पर निगरानी में भेजा गया है। गुरुवार को पुलिस ऑफिस सभागार में एसपी सरवणन टी ने मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गौरीगंज कोतवाली क्षेत्र में पिछले दिनों बंद घरों में चोरी की कई घटनाएं सामने आई थीं। इसके बाद पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में जुटी थी। ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत हुई गिरफ्तारी ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत गुरुवार सुबह करीब पांच बजे पुलिस संदिग्धों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने असैदापुर निवासी वैभव तिवारी पुत्र करुणा शंकर तिवारी, दुलारे खान पुत्र गुफरान और उसके एक नाबालिग साथी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से 16 जोड़ी बिछिया, आठ जोड़ी पायल, तीन कटोरे, तीन गिलास, तीन सफेद धातु के चम्मच, चार अंगूठियां, एक मंगलसूत्र, दो बाला, दो लॉकेट समेत अन्य घरेलू बर्तन और 1,80,100 रुपए नकद बरामद हुए हैं। पूछताछ में दो घरों में चोरी की बात कबूली पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि तीनों ने मिलकर कुछ दिन पहले माधवपुर, जेठू मवई और मोहल्ला अहिरन माधवपुर समेत दो अलग-अलग घरों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था। पुलिस अब आरोपियों से अन्य घटनाओं के संबंध में भी पूछताछ कर रही है। एसपी सरवणन टी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में वैभव तिवारी के खिलाफ पहले से मुकदमा दर्ज है। दोनों बालिग आरोपियों को जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है, जबकि नाबालिग को बाल अपचारी के रूप में पुलिस निगरानी में भेजा गया है। एसपी ने बताया कि मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 10 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ आगे गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।1
- पनियारी गाँव में बना अपशिष्ट प्रबंधन बदहाली का हुआ शिकार मांधाता ब्लॉक में लाखों की लागत से खड़ा ढांचा, जमीनी बदहाली ने खोली व्यवस्था की पोल कागजों में संचालन के दावों के बीच मौके की तस्वीरें पूछ रहीं तीखे सवाल प्रतापगढ़। गांवों को स्वच्छ और कचरा मुक्त बनाने के नाम पर सरकार लगातार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। ग्राम पंचायतों में अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र बनाए गए, लेकिन मांधाता ब्लॉक की पनियारी ग्राम सभा में इन दावों की जमीनी हकीकत सवालों के कठघरे में खड़ी है। जिस केंद्र का उद्देश्य गांव के कचरे का संग्रहण, पृथक्करण और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करना था, उसकी बदहाली व्यवस्था की निगरानी पर ही सवाल उठा रही है। सरकारी योजनाओं में निर्माण पूरा होना सिर्फ पहला कदम है। असली सवाल है क्या केंद्र जमीन पर चल भी रहा है? अगर केंद्र नियमित रूप से संचालित है तो परिसर की यह हालत क्यों? अगर संचालन नहीं हो रहा तो सरकारी धन से तैयार इस ढांचे को यूं ही छोड़ने की जिम्मेदारी किसकी है? क्या गांवों से नियमित कचरा यहां पहुंच रहा है? क्या गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण हो रहा है? क्या संचालन के नाम पर भुगतान किया गया? यदि हां, तो किसके सत्यापन पर? मामला केवल ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी बताकर खत्म नहीं किया जा सकता। ब्लॉक से लेकर जिला पंचायत राज विभाग तक निगरानी की पूरी कड़ी सवालों के घेरे में है। केंद्र का निर्माण कब हुआ, कितनी धनराशि खर्च हुई, किस एजेंसी ने कार्य कराया, संचालन पर कितना भुगतान हुआ और अधिकारियों ने आखिरी बार कब निरीक्षण किया इन सभी सवालों का रिकॉर्ड सामने आना चाहिए। अब जांच सिर्फ खानापूर्ति नहीं, जवाबदेही वाली हो। जरूरत है कि जिलाधिकारी स्तर से स्थलीय जांच और अभिलेखों का मिलान कराया जाए। भुगतान की पुष्टि मौके के काम से हो और संचालन के दावों की वास्तविकता जांची जाए।1