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मंडी में 'प्रवेश पर्ची' के बहाने किसानों से अवैध रूप से पैसे वसूले जाने का मामला सामने आया है। इस गैर-कानूनी उगाही का किसानों ने कड़ा विरोध किया, जिसके बाद यह वसूली आखिरकार रोक दी गई। अधिकारियों द्वारा इस अवैध वसूली के लिए स्टाफ की कमी को एक बहाना बताया गया है।
Dev Anand
मंडी में 'प्रवेश पर्ची' के बहाने किसानों से अवैध रूप से पैसे वसूले जाने का मामला सामने आया है। इस गैर-कानूनी उगाही का किसानों ने कड़ा विरोध किया, जिसके बाद यह वसूली आखिरकार रोक दी गई। अधिकारियों द्वारा इस अवैध वसूली के लिए स्टाफ की कमी को एक बहाना बताया गया है।
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- मंडी में 'प्रवेश पर्ची' के बहाने किसानों से अवैध रूप से पैसे वसूले जाने का मामला सामने आया है। इस गैर-कानूनी उगाही का किसानों ने कड़ा विरोध किया, जिसके बाद यह वसूली आखिरकार रोक दी गई। अधिकारियों द्वारा इस अवैध वसूली के लिए स्टाफ की कमी को एक बहाना बताया गया है।1
- सिवनी जिले में कलेक्टर श्रीमति नेहा मीना के निर्देशन और जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास विभाग) श्री मनोज लारोकर के मार्गदर्शन में मिशन शक्ति के अंतर्गत "बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ" योजना के तहत विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में, प्रशासक वन स्टॉप सेंटर सुश्री ईशा बाल्मिक के मार्गदर्शन में 12 जून 2026 को 14 से 18 वर्ष की बालिकाओं के लिए आष्टा मंदिर बरघाट में एक एक्सपोजर विजिट और शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान, केस वर्कर श्रीमती वर्षा बैस ने वन स्टॉप सेंटर से संबंधित जानकारी, साथ ही विभिन्न हेल्पलाइन नंबर्स जैसे 1098, 181, 112, और 1930 के बारे में बताया। उन्होंने बच्चों को शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और बाल संरक्षण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी। कार्यक्रम में स्वच्छता, बेटी शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर जागरूकता संदेश दिए गए, जिसका उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को क्षेत्र की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से परिचित कराना भी था। भ्रमण के दौरान, प्रतिभागियों ने आष्टा मंदिर परिसर का अवलोकन किया, जहाँ केस वर्कर वन स्टॉप सेंटर सिवनी श्रीमती सोनल सक्सेना ने मंदिर के इतिहास और स्थापत्य कला के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने जानकारी दी कि आष्टा काली मंदिर बरघाट क्षेत्र का एक प्राचीन और ऐतिहासिक धार्मिक स्थल है, जिसका निर्माण 13वीं शताब्दी में देवगिरि के यादव वंश के शासनकाल में हुआ माना जाता है। ऐतिहासिक स्रोतों के अनुसार, इसके निर्माण का श्रेय अक्सर यादव राजा महादेव को दिया जाता है, जबकि कुछ स्थानीय परम्पराएँ इसे राजा रामचंद्र के काल से भी जोड़ती हैं। यह मंदिर हेमाड़पंथी शैली में निर्मित है, जिसका नाम यादव शासन के प्रसिद्ध मंत्री एवं विद्वान हेमाद्रि पंडित (हेमाड़पंत) के नाम पर पड़ा है। एक स्थानीय मान्यता यह भी है कि यहाँ मूल रूप से आठ मंदिरों का समूह था, जिससे इस स्थान का नाम "आष्टा" पड़ा। वर्तमान में अधिकांश मंदिर अवशेष के रूप में हैं, और मुख्य मंदिर ही प्रमुख रूप से विद्यमान है। इस कार्यक्रम में केस वर्कर वन स्टॉप सेंटर श्रीमती सोनल सक्सेना एवं वर्षा बैस, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएँ, सहायिकाएँ तथा लगभग 35 बालिकाएँ उपस्थित रहीं।1
- ग्राम पंचायत बादलपार के चांदनी चौक में वर्षों से चली आ रही सड़क पर जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय युवा आक्रोशित हो गए। इसी के विरोध में युवाओं ने बैलगाड़ी और पानी में कुर्सी लगाकर सड़क जाम कर दी। उनकी मुख्य मांग थी कि अतिक्रमण हटाकर पानी की उचित निकासी की जाए और पुरानी सड़क को फिर से चालू किया जाए। सड़क पर पानी भरने से न केवल आवागमन बाधित हो रहा था, बल्कि संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा था, क्योंकि गांव की नालियां मिट्टी से भरी होने के कारण अतिक्रमित हो चुकी थीं और पानी निकासी वाली पुलिया भी चोक हो गई थी। युवाओं के इस विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आया। बादलपार चौकी प्रभारी अपनी पूरी पुलिस टीम और राजस्व अमले के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने अतिक्रमण करने वालों को समझाया और तत्काल जेसीबी मशीन लगाकर दोनों ओर की नालियों की खुदाई का काम शुरू कराया। इस दौरान नायब तहसीलदार हिमांशु कौशल की मौजूदगी में नालियों पर किए गए अतिक्रमण को हटाया गया और सड़क भूमि का सीमांकन कर उसे कब्जा मुक्त कराया गया। नायब तहसीलदार कौशल ने पुरानी सड़क को तीन दिनों के भीतर चालू करने का सख्त निर्देश भी दिया। कार्रवाई के दौरान कुछ जगहों पर बहस और विरोध की स्थिति भी बनी, लेकिन प्रशासन ने अपना काम जारी रखा। मौके पर चौकी प्रभारी इंजन सिंह मर्सकोले, राजस्व अमला, पंचायत कर्मी, पुलिस बल और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे, जिनमें अजय करवेति, लोमेश कोरचे, नियाज खान, प्रशांत डेहरवाल, कन्हैया मसराम और प्रदीप डेहरवाल जैसे स्थानीय लोग शामिल थे। ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि इस ठोस कार्रवाई के बाद वर्षों पुरानी जलभराव की गंभीर समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।1
- शासन की योजनाओं से नागरिकों का जीवन बदल रहा है, जहाँ जनकल्याण शिविरों के माध्यम से लोगों को लाभ मिल रहा है। इन शिविरों में नागरिकों को एक ही स्थान पर आवेदन करने, अपना पंजीयन कराने और विभिन्न योजनाओं का हितलाभ प्राप्त करने की सुविधा प्रदान की गई, जिससे वे आसानी से लाभान्वित हो सके।1
- सिवनी में समान नागरिक संहिता के विषय पर एक जनपरामर्श बैठक का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान, नागरिकों ने समान नागरिक संहिता से संबंधित कई अहम सुझाव प्रस्तुत किए।1
- चौरई क्षेत्र के ग्राम सीतापार स्थित बालरूपी हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित मंचीय रामलीला का भव्य समापन हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे, जिससे मंदिर परिसर में जन सैलाब उमड़ पड़ा और मर्यादा, त्याग तथा सदाचार की प्रेरणा बनी यह रामलीला अत्यधिक सफल रही। विंध्याचल (बनारस) से आए कलाकारों ने भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान एवं रावण के चरित्रों का जीवंत मंचन कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। रामलीला के माध्यम से सत्य, मर्यादा, त्याग, संयम और आदर्श जीवन का प्रेरणादायक संदेश दिया गया, वहीं रावण के चरित्र से यह सीख मिली कि अहंकार और बुराई का अंत निश्चित है। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में हनुमान मंदिर समिति एवं ग्राम के युवाओं का विशेष योगदान रहा।1
- लोहमारा के पास एक सड़क हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह दुर्घटना बाइक की टक्कर के कारण हुई, जिसकी मुख्य वजह फॉग लाइट को बताया गया है। घायलों को इलाज के लिए एम्स नागपुर रेफर किया गया है।1
- एक भीषण सड़क दुर्घटना में एक बस और ट्रक के बीच टक्कर हो गई। इस हादसे में दो दर्जन से ज्यादा यात्री घायल हो गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।1