Shuru
Apke Nagar Ki App…
जिला बरेली संवाददाता हरपाल यादव की खास रिपोर्ट बरेली विकास भवन में आठ में उषा को लेकर सुरक्षा की बैठक की गई
जिला संवाददाता हरपाल यादव बरेल
जिला बरेली संवाददाता हरपाल यादव की खास रिपोर्ट बरेली विकास भवन में आठ में उषा को लेकर सुरक्षा की बैठक की गई
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- Post by जिला संवाददाता हरपाल यादव बरेल1
- नोएडा सेक्टर 119 के गौर गार्डनर सोसाइटी के लोगों ने बैसाखी मेले का आयोजन किया इस मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए जिसमें पंजाब की झलक देखने को मिली1
- ब्याज चुकाने के बाद भी दबंगों ने गाड़ी पर किया कब्जा, एसएसपी से लगाई गुहार बरेली से कविता मौर्य की रिपोर्ट1
- जहां एक तरफ साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, वहीं बरेली में कक्षा 8 में पढ़ने वाले एक छात्र तन्मय ने अपनी सूझबूझ से ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। दरअसल, तन्मय के परिवार को कुछ लोगों ने खुद को एटीएस (ATS) का अधिकारी बताकर डराने और ठगी करने की कोशिश की। लेकिन तन्मय ने उनकी बातों में आने के बजाय समझदारी दिखाई और तुरंत स्थिति को पहचान लिया। उसने न सिर्फ फर्जी कॉल करने वालों की चाल पकड़ ली, बल्कि अपने माता-पिता को भी सतर्क कर दिया। तन्मय की इसी सतर्कता और जागरूकता के चलते एक बड़ा साइबर फ्रॉड होने से बच गया। उसकी इस बहादुरी और समझदारी को देखते हुए उसे “साइबर सिक्योरिटी एंबेसडर” के रूप में सम्मानित किया गया है। क्यों बन रहा चर्चा का विषय? कम उम्र में साइबर अपराध की समझ फर्जी अधिकारियों की चाल पहचानना पूरे परिवार को आर्थिक नुकसान से बचाना अब तन्मय पूरे जिले में एक मिसाल बन गया है और लोग उसकी तारीफ करते नहीं थक रहे। प्रशासन भी इस घटना को लोगों के लिए जागरूकता का बड़ा उदाहरण बता रहा है। संदेश साफ है: अगर एक 8वीं का बच्चा साइबर ठगी को पहचान सकता है, तो हम सबको भी सतर्क रहने की जरूरत है। पूरे मामले में बरेली पब्लिक एप की टीम हैदर अली द्वारा बच्चे से बात की गई तो उसने आज शनिवार समय लगभग दोपहर के 3:00 बजे पूरी जानकारी देते हुए बताया1
- बरेली। डिजिटल ठगी के बढ़ते मामलों के बीच एक 8वीं कक्षा के छात्र ने अपनी सूझबूझ से ऐसा काम कर दिखाया ले, जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है। जहां बड़े-बड़े लोग साइबर अपराधियों के जाल में फंस जाते हैं, वहीं इस नन्हे बच्चे ने अपनी समझदारी से न सिर्फ अपने माता-पिता को “डिजिटल अरेस्ट” जैसे गंभीर साइबर फ्रॉड से बचाया, बल्कि लाखों रुपये की ठगी भी टाल दी। मामले के अनुसार, साइबर ठगों ने छात्र के माता-पिता को फोन कर खुद को अधिकारी बताते हुए डराया-धमकाया और “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर करीब 9 से 10 घंटे तक फोन पर ही बंधक बनाए रखा। ठग लगातार दबाव बनाकर बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे थे। परिवार पूरी तरह घबराया हुआ था और ठगी का खतरा बढ़ता जा रहा था। इसी बीच घर में मौजूद 8वीं के छात्र ने स्थिति को भांप लिया। उसने बिना घबराए समझदारी दिखाते हुए मोबाइल को तुरंत फ्लाइट मोड पर डाल दिया, जिससे ठगों का संपर्क टूट गया और पूरा परिवार साइबर जाल से बाहर निकल आया। बच्चे की इस सूझबूझ से न केवल ठगी रुक गई, बल्कि एक बड़ा नुकसान होने से भी बच गया। इस सराहनीय कार्य की जानकारी जब समाज के लोगों और संगठनों तक पहुंची, तो हर किसी ने बच्चे की जमकर प्रशंसा की। पीस कमेटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष नदीम इकबाल ने छात्र को विशेष रूप से सम्मानित करते हुए उसे “बाल साइबर प्रहरी” की उपाधि दी। उन्होंने कहा कि यह बच्चा समाज के लिए प्रेरणा है और आज के समय में साइबर जागरूकता कितनी जरूरी है, इसका जीता-जागता उदाहरण है। नदीम इकबाल ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी अनजान कॉल या दबाव में आकर अपनी बैंकिंग या निजी जानकारी साझा न करें। यदि कोई खुद को पुलिस, सीबीआई या अन्य अधिकारी बताकर डराए, तो तुरंत सतर्क हो जाएं और संबंधित विभाग से सत्यापन करें। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि जागरूकता उम्र की मोहताज नहीं होती। एक छोटे से बच्चे की समझदारी ने पूरे परिवार को सुरक्षित रखा और समाज को एक बड़ा संदेश दिया—सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक द्वारा 9 अप्रैल 2026 को एक भव्य टाउन हॉल बैठक का आयोजन किया गया। क्षेत्रीय प्रबंधक श्री नीरज टंडन ने बैंक की अभूतपूर्व उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि बैंक ने IBEX इंडिया BFSI टेक अवॉर्ड्स 2026 में दो स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि बैंक का कुल व्यवसाय 2.30 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। मुख्य अतिथि महाप्रबंधक श्री उत्तम कुमार मिश्रा ने स्टाफ को बेहतर ग्राहक सेवा और बैंकिंग उत्पादों के प्रचार के लिए प्रेरित किया।1
- ठेले पर खाना खाकर पैसे न देने पर दबंगों का हमला, पति के दोनों पैर तोड़े — एसएसपी से गुहार1
- बरेली के थाना शाही क्षेत्र के नरेली रसूलपुर गांव में प्रस्तावित शराब की दुकान को लेकर ग्रामीणों में भारी विरोध देखने को मिल रहा है। गांव के लोगों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर साफ कहा है कि यह इलाका पूरी तरह रिहायशी है, जहां रोजाना महिलाएं, छात्र-छात्राएं और बच्चे आवागमन करते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शराब की दुकान खुलने से माहौल बिगड़ सकता है। उनका कहना है कि अक्सर ऐसी दुकानों के आसपास शराबी उत्पात मचाते हैं, जिससे सुरक्षा पर खतरा बढ़ जाता है। लोगों ने 15 साल पुरानी उस घटना का भी जिक्र किया, जब इसी गांव में शराब के विवाद में एक व्यक्ति की हत्या हो गई थी, जिसके बाद दुकान बंद कर दी गई थी। अब एक बार फिर दुकान खुलने की खबर से गांव में दहशत का माहौल है। करीब 80 प्रतिशत ग्रामीण इस फैसले के खिलाफ हैं और प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि दुकान को किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट किया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में क्या कदम उठाता है। पूरे मामले में आज शनिवार समय लगभग दोपहर के 2:00 बजे ग्रामीण की महिलाओं ने जानकारी देते हुए बताया1
- पीलीभीत में गेहूं खरीद व्यवस्था सुचारू, किसान संतुष्ट मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में जनपद पीलीभीत के जिलाधिकारी के नेतृत्व में सभी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद प्रक्रिया निर्बाध रूप से संचालित की जा रही है। प्रशासन द्वारा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाते हुए किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। किसान बंधुओं ने भी खरीद प्रक्रिया को लेकर संतोष व्यक्त किया है और कहा कि इस बार व्यवस्थाएं बेहतर हैं, जिससे उन्हें अपनी उपज बेचने में किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही है। प्रशासन की सतत निगरानी से व्यवस्था सुचारू बनी हुई है।4