logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

1 hr ago
user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
Astrologer सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • शहडोल जिले के कंचनपुर गांव की फूल बाई चौधरी ने सोहागपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि चरित्र पर संदेह को लेकर कुछ लोगों ने उनसे मारपीट की है और वह कार्रवाई की मांग कर रही हैं।
    1
    शहडोल जिले के कंचनपुर गांव की फूल बाई चौधरी ने सोहागपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि चरित्र पर संदेह को लेकर कुछ लोगों ने उनसे मारपीट की है और वह कार्रवाई की मांग कर रही हैं।
    user_Akhilesh Mishra
    Akhilesh Mishra
    सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग कर एक बस काटने का चौंकाने वाला वीडियो वायरल हुआ है। यह जानलेवा तरीका सुरक्षा नियमों का सीधा उल्लंघन है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था। अब प्रशासन ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
    1
    मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग कर एक बस काटने का चौंकाने वाला वीडियो वायरल हुआ है। यह जानलेवा तरीका सुरक्षा नियमों का सीधा उल्लंघन है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था। अब प्रशासन ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
    user_अजय कुमार केवट
    अजय कुमार केवट
    Photographer सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में सड़क हादसे के बाद बुढ़ार थाना प्रभारी पर ग्रामीणों का गला दबाने और पत्रकारों से अभद्रता का आरोप लगा है। घटना कैमरे में कैद होने के बाद डीजीपी को शिकायत सौंपकर तत्काल निलंबन और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। कार्रवाई न होने पर पत्रकार संगठनों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
    1
    मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में सड़क हादसे के बाद बुढ़ार थाना प्रभारी पर ग्रामीणों का गला दबाने और पत्रकारों से अभद्रता का आरोप लगा है। घटना कैमरे में कैद होने के बाद डीजीपी को शिकायत सौंपकर तत्काल निलंबन और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। कार्रवाई न होने पर पत्रकार संगठनों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
    user_JIYAUDDIN ANSARI
    JIYAUDDIN ANSARI
    Voice of people Budar, Shahdol•
    20 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के शहडोल में कोतवाली थाना क्षेत्र में रिहायशी इलाके में अवैध गैस कटिंग का खतरनाक खेल खुलेआम चल रहा है। घरेलू सिलेंडर के इस्तेमाल से कभी भी बड़ा विस्फोट या आगजनी का खतरा मंडरा रहा है, जिससे स्थानीय लोग बेहद चिंतित हैं। प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं, और नागरिकों ने तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
    1
    मध्य प्रदेश के शहडोल में कोतवाली थाना क्षेत्र में रिहायशी इलाके में अवैध गैस कटिंग का खतरनाक खेल खुलेआम चल रहा है। घरेलू सिलेंडर के इस्तेमाल से कभी भी बड़ा विस्फोट या आगजनी का खतरा मंडरा रहा है, जिससे स्थानीय लोग बेहद चिंतित हैं। प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं, और नागरिकों ने तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
    user_Sumit Singh Chandel
    Sumit Singh Chandel
    Classified ads newspaper publisher गोहपारू, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • मानपुर में दूषित पानी पर प्रशासन मौन, 15 दिनों से कीड़ेयुक्त पानी पीने को मजबूर वार्डवासी मानपुर उमरिया मानपुर। एक ओर शासन स्वच्छ पेयजल और जल जीवन मिशन के बड़े-बड़े दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर नगर परिषद मानपुर के वार्ड क्रमांक 6 की हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। पिछले लगभग 15 दिनों से वार्डवासियों के घरों में कीड़ेयुक्त, दूषित एवं मटमैले पानी की सप्लाई हो रही है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। आज सुबह पंचायतिकालीन नल से दोबारा गंदे पानी की सप्लाई होते ही रहवासियों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस गंभीर समस्या की शिकायत पूर्व में नगर परिषद मानपुर को की जा चुकी है। इतना ही नहीं, दिनांक 27 अप्रैल 2026 को नगर परिषद कर्मचारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया गया था तथा शिकायत सही पाए जाने की पुष्टि भी की गई थी, लेकिन 15 दिनों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। भीषण गर्मी और जल संकट के बीच नागरिक स्वच्छ पानी की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन मजबूरी में दूषित पानी उपयोग करने को विवश हैं। इससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब पानी जैसी मूलभूत सुविधा ही सुरक्षित नहीं है, तो आमजन आखिर अपनी समस्याएं लेकर जाएं तो कहां जाएं। लगातार शिकायतों और आश्वासनों के बाद भी स्थिति में सुधार न होना प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। नगर परिषद के नल-जल प्रभारी श्री गोस्वामी ने कर्मचारियों की कमी को समस्या की प्रमुख वजह बताया है। उनके अनुसार नगर परिषद क्षेत्र के 6 ग्रामों के बीच केवल एक मिस्त्री उपलब्ध है तथा अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता से अध्यक्ष एवं सीएमओ को अवगत कराया जा चुका है। यहां सबसे बड़ा विरोधाभास यह है कि वर्ष 2022 में नई परिषद बनने के बाद लगभग 20 आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती की गई थी, जिनमें करीब 16 स्वीपर शामिल थे। इसके बाद 4 वर्षों में यह संख्या बढ़कर लगभग 75 आउटसोर्स कर्मचारियों तक पहुंच गई, लेकिन पेयजल व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विभाग के लिए पर्याप्त नल मिस्त्री एवं लेबर की व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी। परिणामस्वरूप पाइपलाइन लीकेज एवं मरम्मत कार्य समय पर नहीं हो पाते, जिससे नागरिकों को लंबे समय तक दूषित पानी की समस्या झेलनी पड़ती है। गौरतलब है कि हाल ही में जिले के दौरे पर आए पालक मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने ग्राम पंचायत धमोखर एवं बड़ेरी में जल जीवन मिशन योजना का निरीक्षण कर अधिकारियों को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद मानपुर नगर परिषद क्षेत्र में लगातार दूषित पानी की शिकायतें स्थानीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। नगर के रहवासियों में व्यवस्था को लेकर गहरा असंतोष है। उनका कहना है कि व्यवस्थाएं कागजों में सुचारू दिखाई जाती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर आमजन मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं। शिकायत, निरीक्षण और समस्या की पुष्टि के बाद भी समाधान न होना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। नगरवासियों ने स्पष्ट कहा है कि यदि जल्द ही पेयजल व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और दूषित पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो वे ज्ञापन सौंपने, जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराने एवं शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन जैसे लोकतांत्रिक कदम उठाने को बाध्य होंगे। अब बड़ा सवाल यही है कि जब शिकायत हुई, निरीक्षण हुआ और समस्या की पुष्टि भी हुई, तो आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? नगरवासियों ने प्रशासन से तत्काल जांच कर जिम्मेदारी तय करने एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।
    1
    मानपुर में दूषित पानी पर प्रशासन मौन, 15 दिनों से कीड़ेयुक्त पानी पीने को मजबूर वार्डवासी
मानपुर उमरिया
मानपुर। एक ओर शासन स्वच्छ पेयजल और जल जीवन मिशन के बड़े-बड़े दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर नगर परिषद मानपुर के वार्ड क्रमांक 6 की हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। पिछले लगभग 15 दिनों से वार्डवासियों के घरों में कीड़ेयुक्त, दूषित एवं मटमैले पानी की सप्लाई हो रही है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। आज सुबह पंचायतिकालीन नल से दोबारा गंदे पानी की सप्लाई होते ही रहवासियों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस गंभीर समस्या की शिकायत पूर्व में नगर परिषद मानपुर को की जा चुकी है। इतना ही नहीं, दिनांक 27 अप्रैल 2026 को नगर परिषद कर्मचारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया गया था तथा शिकायत सही पाए जाने की पुष्टि भी की गई थी, लेकिन 15 दिनों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।
भीषण गर्मी और जल संकट के बीच नागरिक स्वच्छ पानी की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन मजबूरी में दूषित पानी उपयोग करने को विवश हैं। इससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब पानी जैसी मूलभूत सुविधा ही सुरक्षित नहीं है, तो आमजन आखिर अपनी समस्याएं लेकर जाएं तो कहां जाएं। लगातार शिकायतों और आश्वासनों के बाद भी स्थिति में सुधार न होना प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
नगर परिषद के नल-जल प्रभारी श्री गोस्वामी ने कर्मचारियों की कमी को समस्या की प्रमुख वजह बताया है। उनके अनुसार नगर परिषद क्षेत्र के 6 ग्रामों के बीच केवल एक मिस्त्री उपलब्ध है तथा अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता से अध्यक्ष एवं सीएमओ को अवगत कराया जा चुका है। यहां सबसे बड़ा विरोधाभास यह है कि वर्ष 2022 में नई परिषद बनने के बाद लगभग 20 आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती की गई थी, जिनमें करीब 16 स्वीपर शामिल थे। इसके बाद 4 वर्षों में यह संख्या बढ़कर लगभग 75 आउटसोर्स कर्मचारियों तक पहुंच गई, लेकिन पेयजल व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विभाग के लिए पर्याप्त नल मिस्त्री एवं लेबर की व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी। परिणामस्वरूप पाइपलाइन लीकेज एवं मरम्मत कार्य समय पर नहीं हो पाते, जिससे नागरिकों को लंबे समय तक दूषित पानी की समस्या झेलनी पड़ती है।
गौरतलब है कि हाल ही में जिले के दौरे पर आए पालक मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने ग्राम पंचायत धमोखर एवं बड़ेरी में जल जीवन मिशन योजना का निरीक्षण कर अधिकारियों को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद मानपुर नगर परिषद क्षेत्र में लगातार दूषित पानी की शिकायतें स्थानीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। नगर के रहवासियों में व्यवस्था को लेकर गहरा असंतोष है। उनका कहना है कि व्यवस्थाएं कागजों में सुचारू दिखाई जाती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर आमजन मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं। शिकायत, निरीक्षण और समस्या की पुष्टि के बाद भी समाधान न होना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
नगरवासियों ने स्पष्ट कहा है कि यदि जल्द ही पेयजल व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और दूषित पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो वे ज्ञापन सौंपने, जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराने एवं शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन जैसे लोकतांत्रिक कदम उठाने को बाध्य होंगे। अब बड़ा सवाल यही है कि जब शिकायत हुई, निरीक्षण हुआ और समस्या की पुष्टि भी हुई, तो आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? नगरवासियों ने प्रशासन से तत्काल जांच कर जिम्मेदारी तय करने एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।
    user_पत्रकारिता
    पत्रकारिता
    पत्रकार बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • एक सोशल मीडिया पोस्ट में मध्य प्रदेश में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री 'थलापति' जैसा नेतृत्व होने की इच्छा व्यक्त की गई है। यूज़र ने पूछा कि कितने लोग इस विचार से सहमत हैं।
    1
    एक सोशल मीडिया पोस्ट में मध्य प्रदेश में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री 'थलापति' जैसा नेतृत्व होने की इच्छा व्यक्त की गई है। यूज़र ने पूछा कि कितने लोग इस विचार से सहमत हैं।
    user_Mukesh Singh
    Mukesh Singh
    Farmer बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती किसान की मेहनत: रसमोहिनी लैंप्स में अवैध वसूली का बोलबाला , भीषण गर्मी में किसानों के साथ घोर अन्याय, रसमोहिनी टिकुरी गेहूं खरीदी केंद्र, 2) यह है मुख्य प्रबंधक 3) जरा सा डंठल होने पर लौटा दिया जाता गेहूं, *भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती किसान की मेहनत: रसमोहिनी लैंप्स में अवैध वसूली का बोलबाला* *शहडोल (मध्य प्रदेश): एक तरफ मध्य प्रदेश सरकार किसानों की आय दोगुनी करने और उन्हें पारदर्शी सुविधाएं देने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर रसमोहिनी लैंप्स के प्रभारी प्रबंधक जितेंद्र बरगाही पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे हैं। स्थानीय किसानों ने मोर्चा खोलते हुए लैंप्स प्रबंधन पर शोषण और अवैध उगाही का कच्चा चिट्ठा खोल दिया है।* *👉लूट का 'सिस्टम': हर कदम पर वसूली* *किसानों का आरोप है कि गेहूं खरीदी केंद्र पर बिना पैसे दिए एक दाना भी नहीं तौला जा रहा है। भ्रष्टाचार का यह जाल कई स्तरों पर फैला हुआ है:* *👉क्वालिटी के नाम पर 'खेल':* *अच्छी गुणवत्ता के गेहूं को भी जानबूझकर 'खराब' बता दिया जाता है। किसानों को डराया जाता है कि उनका माल रिजेक्ट हो जाएगा, फिर उसे पास करने के बदले प्रति क्विंटल मोटी रकम वसूली जा रही है।* *👉अवैध शुल्क की लंबी सूची:* *शासन की ओर से जो सुविधाएं नि:शुल्क हैं, प्रभारी प्रबंधक ने उन पर अपना 'टैक्स' लगा रखा है:* *👉तौलाई शुल्क: वजन करने के नाम पर अवैध वसूली।* *👉सिलाई शुल्क: बोरियों की सिलाई के लिए अलग से पैसे।* *👉नपाई शुल्क: मापदंडों के नाम पर किसानों की जेब पर डाका।* *👉शासन की नीतियों को चुनौती:* *मुख्यमंत्री और प्रशासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, यहाँ खुलेआम 'कमीशन खोरी' का खेल चल रहा है, जो सीधे तौर पर प्रदेश सरकार की छवि को धूमिल कर रहा है।* *👉किसानों की मांग: जांच और कार्यवाही-* *पीड़ित किसानों और स्थानीय समाजसेवियों ने जिला प्रशासन और भ्रष्टाचार विरोधी इकाइयों से गुहार लगाई है। उनकी मांगें स्पष्ट हैं:* *👉स्वतंत्र जांच: जिला प्रशासन की टीम मौके पर जाकर सीधे किसानों से गोपनीय तरीके से पूछताछ करे।* *👉EOW और लोकायुक्त की दखल: किसानों ने मांग की है कि आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) और लोकायुक्त इस व्यापक भ्रष्टाचार की जांच करें और प्रभारी प्रबंधक की संपत्ति की भी जांच हो।* *👉कठोर दंडात्मक कार्यवाही: यदि दोष सिद्ध होता है, तो जितेंद्र बरगाही जैसे भ्रष्ट अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर उन पर कानूनी कार्यवाही की जाए।* *👉"किसान का दर्द:"* *"हम दिन-रात मेहनत करके फसल पैदा करते हैं, लेकिन खरीदी केंद्र पर पहुँचते ही हमें लुटेरों का सामना करना पड़ता है। अगर हम पैसे नहीं देते, तो घंटों लाइन में खड़ा रखा जाता है और गेहूं में कमियां निकाली जाती हैं।" — एक पीड़ित किसान* *👉क्या जिला प्रशासन और शहडोल कलेक्टर इस मामले में संज्ञान लेंगे? रसमोहिनी लैंप्स में मचा यह भ्रष्टाचार का तांडव रुकना अनिवार्य है, ताकि सरकार की 'निशुल्क सुविधा' का लाभ असली हकदार यानी किसान को मिल सके, न कि भ्रष्ट अधिकारियों की तिजोरियों को।* *👉ब्यूरो रिपोर्ट: स्थानीय मीडिया एवं किसान हितैषी समूह।*
    1
    भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती किसान की मेहनत: रसमोहिनी लैंप्स में अवैध वसूली का बोलबाला , भीषण गर्मी में किसानों के साथ घोर अन्याय, रसमोहिनी टिकुरी गेहूं खरीदी केंद्र, 2) यह है मुख्य प्रबंधक 3) जरा सा डंठल होने पर लौटा दिया जाता गेहूं,      *भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती किसान की मेहनत: रसमोहिनी लैंप्स में अवैध वसूली का बोलबाला*
*शहडोल (मध्य प्रदेश): एक तरफ मध्य प्रदेश सरकार किसानों की आय दोगुनी करने और उन्हें पारदर्शी सुविधाएं देने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर रसमोहिनी लैंप्स के प्रभारी प्रबंधक जितेंद्र बरगाही पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे हैं। स्थानीय किसानों ने मोर्चा खोलते हुए लैंप्स प्रबंधन पर शोषण और अवैध उगाही का कच्चा चिट्ठा खोल दिया है।*
*👉लूट का 'सिस्टम': हर कदम पर वसूली*
*किसानों का आरोप है कि गेहूं खरीदी केंद्र पर बिना पैसे दिए एक दाना भी नहीं तौला जा रहा है। भ्रष्टाचार का यह जाल कई स्तरों पर फैला हुआ है:*
*👉क्वालिटी के नाम पर 'खेल':* *अच्छी गुणवत्ता के गेहूं को भी जानबूझकर 'खराब' बता दिया जाता है। किसानों को डराया जाता है कि उनका माल रिजेक्ट हो जाएगा, फिर उसे पास करने के बदले प्रति क्विंटल मोटी रकम वसूली जा रही है।*
*👉अवैध शुल्क की लंबी सूची:* *शासन की ओर से जो सुविधाएं नि:शुल्क हैं, प्रभारी प्रबंधक ने उन पर अपना 'टैक्स' लगा रखा है:*
*👉तौलाई शुल्क: वजन करने के नाम पर अवैध वसूली।*
*👉सिलाई शुल्क: बोरियों की सिलाई के लिए अलग से पैसे।*
*👉नपाई शुल्क: मापदंडों के नाम पर किसानों की जेब पर डाका।*
*👉शासन की नीतियों को चुनौती:* *मुख्यमंत्री और प्रशासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, यहाँ खुलेआम 'कमीशन खोरी' का खेल चल रहा है, जो सीधे तौर पर प्रदेश सरकार की छवि को धूमिल कर रहा है।*
*👉किसानों की मांग: जांच और कार्यवाही-*
*पीड़ित किसानों और स्थानीय समाजसेवियों ने जिला प्रशासन और भ्रष्टाचार विरोधी इकाइयों से गुहार लगाई है। उनकी मांगें स्पष्ट हैं:*
*👉स्वतंत्र जांच: जिला प्रशासन की टीम मौके पर जाकर सीधे किसानों से गोपनीय तरीके से पूछताछ करे।*
*👉EOW और लोकायुक्त की दखल: किसानों ने मांग की है कि आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) और लोकायुक्त इस व्यापक भ्रष्टाचार की जांच करें और प्रभारी प्रबंधक की संपत्ति की भी जांच हो।*
*👉कठोर दंडात्मक कार्यवाही: यदि दोष सिद्ध होता है, तो जितेंद्र बरगाही जैसे भ्रष्ट अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर उन पर कानूनी कार्यवाही की जाए।*
*👉"किसान का दर्द:"*
*"हम दिन-रात मेहनत करके फसल पैदा करते हैं, लेकिन खरीदी केंद्र पर पहुँचते ही हमें लुटेरों का सामना करना पड़ता है। अगर हम पैसे नहीं देते, तो घंटों लाइन में खड़ा रखा जाता है और गेहूं में कमियां निकाली जाती हैं।" — एक पीड़ित किसान*
*👉क्या जिला प्रशासन और शहडोल कलेक्टर इस मामले में संज्ञान लेंगे? रसमोहिनी लैंप्स में मचा यह भ्रष्टाचार का तांडव रुकना अनिवार्य है, ताकि सरकार की 'निशुल्क सुविधा' का लाभ असली हकदार यानी किसान को मिल सके, न कि भ्रष्ट अधिकारियों की तिजोरियों को।*
*👉ब्यूरो रिपोर्ट: स्थानीय मीडिया एवं किसान हितैषी समूह।*
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Astrologer सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • मध्य प्रदेश के शहडोल में घरेलू गैस सिलेंडर से बस काटने का एक वीडियो वायरल हुआ है। व्यावसायिक उपयोग देख लोगों में भारी गुस्सा है, क्योंकि आम जनता को घरेलू सिलेंडर मुश्किल से मिल पाता है।
    1
    मध्य प्रदेश के शहडोल में घरेलू गैस सिलेंडर से बस काटने का एक वीडियो वायरल हुआ है। व्यावसायिक उपयोग देख लोगों में भारी गुस्सा है, क्योंकि आम जनता को घरेलू सिलेंडर मुश्किल से मिल पाता है।
    user_अजय कुमार केवट
    अजय कुमार केवट
    Photographer सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के कचारगढ़ में गोंडवाना पार्टी की एकजुटता देखने को मिली। इस अवसर पर गोंडवाना भाइयों से जल, जंगल और जमीन बचाने का आह्वान किया गया। यह एकता समुदाय के अधिकारों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर केंद्रित है।
    1
    मध्य प्रदेश के कचारगढ़ में गोंडवाना पार्टी की एकजुटता देखने को मिली। इस अवसर पर गोंडवाना भाइयों से जल, जंगल और जमीन बचाने का आह्वान किया गया। यह एकता समुदाय के अधिकारों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर केंद्रित है।
    user_Mukesh Singh
    Mukesh Singh
    Farmer बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.