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क्या प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा है अवैध ब्याज का काला धंधा? पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार। अजीत मिश्रा (खोजी) गणेशपुर: 'सूदखोर' कल्लू सोनार के जाल में फंसा गरीब, 30 हजार के बदले मांगे सवा लाख! गरीबों की मजबूरी, सूदखोर की तिजोरी: गणेशपुर में जारी है कल्लू सोनार की 'गुंडा टैक्स' जैसी वसूली। बस्ती पुलिस ध्यान दे! गणेशपुर में कानून को ठेंगा दिखा रहा सूदखोर कल्लू सोनार। क्या प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा है अवैध ब्याज का काला धंधा? पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार। सिकटा का 'सूदखोर' और गणेशपुर की 'दहशत': आखिर कब थमेगा कल्लू सोनार का कहर? ब्याज माफिया कल्लू सोनार का शिकार बना मनोज, न्याय के लिए दर-दर भटक रहा पीड़ित। 30% ब्याज की दरिंदगी: कल्लू सोनार के चंगुल में फंसा गणेशपुर का मजबूर तबका। ​ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल | 12 अप्रैल, 2026 ​बस्ती।। जनपद के नगर पंचायत गणेशपुर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक स्वर्ण व्यवसायी की 'रक्तबीज' जैसी सूदखोरी ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। सिकटा का निवासी और गणेशपुर में सोने की दुकान चलाने वाला कल्लू सोनार अब गरीबों के लिए साक्षात काल बन चुका है। अपनी दुकान की आड़ में वह ब्याज का ऐसा काला धंधा चला रहा है, जिसने कई परिवारों की कमर तोड़ दी है। ​मजबूरी का सौदा: 30% तक की अवैध वसूली ​ताजा मामला मनोज कुमार नामक व्यक्ति का है, जिसने अपनी पारिवारिक मजबूरी और डिलीवरी के खर्चों के लिए कल्लू सोनार से मदद की गुहार लगाई थी। पीड़ित ने बताया कि उसने अपनी गृहस्थी के गहने—पाउजेब, पायल और कान के झाले—गिरवी रखकर मात्र 30,000 रुपये उधार लिए थे। ​लेकिन, कल्लू सोनार की दरिंदगी का आलम यह है कि महज 8-9 महीनों के भीतर उस 30 हजार की राशि को ब्याज के चक्रव्यूह में फंसाकर 1,20,000 रुपये बना दिया गया। 20 से 30 प्रतिशत की दर से वसूला जा रहा यह ब्याज किसी भी संवैधानिक कानून की धज्जियां उड़ाने के लिए काफी है। ​दहशत का पर्याय बना 'कल्लू सोनार' ​ग्रामीणों का आरोप है कि कल्लू सोनार सिर्फ एक दुकानदार नहीं, बल्कि एक पेशेवर सूदखोर है जो लोगों की लाचारी को अपनी तिजोरी भरने का जरिया बनाता है। गिरवी रखे सामान को हड़पना और ब्याज पर ब्याज लगाकर मूलधन से चार गुना वसूली करना उसकी कार्यशैली बन चुकी है। ​प्रशासन की चुप्पी पर सवाल? ​आखिर कब तक गणेशपुर के गरीब इस आर्थिक शोषण की बलि चढ़ते रहेंगे? क्या बस्ती पुलिस और स्थानीय प्रशासन इस अवैध ब्याज माफिया के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई करेगा? पीड़ित मनोज कुमार ने वीडियो के जरिए अपनी व्यथा सुनाई है और अब सबकी नजरें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं। ​हमारी मांग: ​कल्लू सोनार के ब्याज के कारोबार की गहन जांच हो। ​पीड़ितों के गिरवी रखे जेवर तुरंत वापस कराए जाएं। ​अवैध बैंकिंग और सूदखोरी अधिनियम के तहत सख्त मुकदमा दर्ज हो। 1. व्यवस्था पर प्रहार : "यह केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि उस सड़ी-गली व्यवस्था पर तमाचा है जहाँ कानून की नाक के नीचे कल्लू सोनार जैसे 'आर्थिक नरभक्षी' पल रहे हैं। जब गरीब अपनी गाढ़ी कमाई का हिस्सा इन दरिंदों के हवाले कर देता है, तब प्रशासन की खामोशी मिलीभगत का अहसास कराती है। क्या खाकी का खौफ खत्म हो चुका है, या फिर इन सूदखोरों की पहुँच सत्ता के गलियारों तक है?" 2. सूदखोर की मानसिकता पर चोट: "कल्लू सोनार जैसे लोग समाज के घुन हैं, जो मजहब और मानवता की नहीं, सिर्फ 'फीसदी' की भाषा समझते हैं। गिरवी रखे जेवरों पर कुंडली मारकर बैठना और फिर उसी मजबूर इंसान को सरेआम बेइज्जत करना, यह इनकी पुरानी कार्यशैली है। 30% ब्याज कोई व्यापार नहीं, बल्कि गरीब का गला रेतने जैसा है।" 3. जनता के लिए आह्वान (अपील): "आज मनोज कुमार का घर उजड़ रहा है, कल आपकी बारी हो सकती है। इन 'सफेदपोश डकैतों' के खिलाफ जब तक समूचा समाज उठ खड़ा नहीं होगा, तब तक गणेशपुर की गलियों में ऐसी चीखें गूंजती रहेंगी। डरिए मत, आवाज उठाइए!" ​"गरीब की हाय से बना ये महल ज्यादा दिन नहीं टिकेगा। अब वक्त आ गया है कि प्रशासन इस आतंक का अंत करे।" "अब कागजी कार्रवाई का वक्त बीत चुका है। बस्ती मंडल के अधिकारियों को तय करना होगा कि वे कानून के रक्षक हैं या इन सूदखोरों के मूक दर्शक। कल्लू सोनार जैसे लोगों को जेल की सलाखों के पीछे होना चाहिए, न कि गणेशपुर के चौराहे पर सीना तानकर घूमना चाहिए। इंसाफ में देरी, अन्याय को बढ़ावा है!"

1 hr ago
user_अजीत मिश्रा (खोजी)
अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

क्या प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा है अवैध ब्याज का काला धंधा? पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार। अजीत मिश्रा (खोजी) गणेशपुर: 'सूदखोर' कल्लू सोनार के जाल में फंसा गरीब, 30 हजार के बदले मांगे सवा लाख! गरीबों की मजबूरी, सूदखोर की तिजोरी: गणेशपुर में जारी है कल्लू सोनार की 'गुंडा टैक्स' जैसी वसूली। बस्ती पुलिस ध्यान दे! गणेशपुर में कानून को ठेंगा दिखा रहा सूदखोर कल्लू सोनार। क्या प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा है अवैध ब्याज का काला धंधा? पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार। सिकटा का 'सूदखोर' और गणेशपुर की 'दहशत': आखिर कब थमेगा कल्लू सोनार का कहर? ब्याज माफिया कल्लू सोनार का शिकार बना मनोज, न्याय के लिए दर-दर भटक रहा पीड़ित। 30% ब्याज की दरिंदगी: कल्लू सोनार के चंगुल में फंसा गणेशपुर का मजबूर तबका। ​ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल | 12 अप्रैल, 2026 ​बस्ती।। जनपद के नगर पंचायत गणेशपुर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक स्वर्ण व्यवसायी की 'रक्तबीज' जैसी सूदखोरी ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। सिकटा का निवासी और गणेशपुर में सोने की दुकान चलाने वाला कल्लू सोनार अब गरीबों के लिए साक्षात काल बन चुका है। अपनी दुकान की आड़ में वह ब्याज का ऐसा काला धंधा चला रहा है, जिसने कई परिवारों की कमर तोड़ दी है। ​मजबूरी का सौदा: 30% तक की अवैध वसूली ​ताजा मामला मनोज कुमार नामक व्यक्ति का है, जिसने अपनी पारिवारिक मजबूरी और डिलीवरी के खर्चों के लिए कल्लू सोनार से मदद की गुहार लगाई थी। पीड़ित ने बताया कि उसने अपनी गृहस्थी के गहने—पाउजेब, पायल और कान के झाले—गिरवी रखकर मात्र 30,000 रुपये उधार लिए थे। ​लेकिन, कल्लू सोनार की दरिंदगी का आलम यह है कि महज 8-9 महीनों के भीतर उस 30 हजार की राशि को ब्याज के चक्रव्यूह में फंसाकर 1,20,000 रुपये बना दिया गया। 20 से 30 प्रतिशत की दर से वसूला जा रहा यह ब्याज किसी भी संवैधानिक कानून की धज्जियां उड़ाने के लिए काफी है। ​दहशत का पर्याय बना 'कल्लू सोनार' ​ग्रामीणों का आरोप है कि कल्लू सोनार सिर्फ एक दुकानदार नहीं, बल्कि एक पेशेवर सूदखोर है जो लोगों की लाचारी को अपनी तिजोरी भरने का जरिया बनाता है। गिरवी रखे सामान को हड़पना और ब्याज पर ब्याज लगाकर मूलधन से चार गुना वसूली करना उसकी कार्यशैली बन चुकी है। ​प्रशासन की चुप्पी पर सवाल? ​आखिर कब तक गणेशपुर के गरीब इस आर्थिक शोषण की बलि चढ़ते रहेंगे? क्या बस्ती पुलिस और स्थानीय प्रशासन इस अवैध ब्याज माफिया के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई करेगा? पीड़ित मनोज कुमार ने वीडियो के जरिए अपनी व्यथा सुनाई है और अब सबकी नजरें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं। ​हमारी मांग: ​कल्लू सोनार के ब्याज के कारोबार की गहन जांच हो। ​पीड़ितों के गिरवी रखे जेवर तुरंत वापस कराए जाएं। ​अवैध बैंकिंग और सूदखोरी अधिनियम के तहत सख्त मुकदमा दर्ज हो। 1. व्यवस्था पर प्रहार : "यह केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि उस सड़ी-गली व्यवस्था पर तमाचा है जहाँ कानून की नाक के नीचे कल्लू सोनार जैसे 'आर्थिक नरभक्षी' पल रहे हैं। जब गरीब अपनी गाढ़ी कमाई का हिस्सा इन दरिंदों के हवाले कर देता है, तब प्रशासन की खामोशी मिलीभगत का अहसास कराती है। क्या खाकी का खौफ खत्म हो चुका है, या फिर इन सूदखोरों की पहुँच सत्ता के गलियारों तक है?" 2. सूदखोर की मानसिकता पर चोट: "कल्लू सोनार जैसे लोग समाज के घुन हैं, जो मजहब और मानवता की नहीं, सिर्फ 'फीसदी' की भाषा समझते हैं। गिरवी रखे जेवरों पर कुंडली मारकर बैठना और फिर उसी मजबूर इंसान को सरेआम बेइज्जत करना, यह इनकी पुरानी कार्यशैली है। 30% ब्याज कोई व्यापार नहीं, बल्कि गरीब का गला रेतने जैसा है।" 3. जनता के लिए आह्वान (अपील): "आज मनोज कुमार का घर उजड़ रहा है, कल आपकी बारी हो सकती है। इन 'सफेदपोश डकैतों' के खिलाफ जब तक समूचा समाज उठ खड़ा नहीं होगा, तब तक गणेशपुर की गलियों में ऐसी चीखें गूंजती रहेंगी। डरिए मत, आवाज उठाइए!" ​"गरीब की हाय से बना ये महल ज्यादा दिन नहीं टिकेगा। अब वक्त आ गया है कि प्रशासन इस आतंक का अंत करे।" "अब कागजी कार्रवाई का वक्त बीत चुका है। बस्ती मंडल के अधिकारियों को तय करना होगा कि वे कानून के रक्षक हैं या इन सूदखोरों के मूक दर्शक। कल्लू सोनार जैसे लोगों को जेल की सलाखों के पीछे होना चाहिए, न कि गणेशपुर के चौराहे पर सीना तानकर घूमना चाहिए। इंसाफ में देरी, अन्याय को बढ़ावा है!"

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    अजीत मिश्रा (खोजी)
गणेशपुर: 'सूदखोर' कल्लू सोनार के जाल में फंसा गरीब, 30 हजार के बदले मांगे सवा लाख!
गरीबों की मजबूरी, सूदखोर की तिजोरी: गणेशपुर में जारी है कल्लू सोनार की 'गुंडा टैक्स' जैसी वसूली।
बस्ती पुलिस ध्यान दे! गणेशपुर में कानून को ठेंगा दिखा रहा सूदखोर कल्लू सोनार।
क्या प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा है अवैध ब्याज का काला धंधा? पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार।
सिकटा का 'सूदखोर' और गणेशपुर की 'दहशत': आखिर कब थमेगा कल्लू सोनार का कहर?
ब्याज माफिया कल्लू सोनार का शिकार बना मनोज, न्याय के लिए दर-दर भटक रहा पीड़ित।
30% ब्याज की दरिंदगी: कल्लू सोनार के चंगुल में फंसा गणेशपुर का मजबूर तबका।
​ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल | 12 अप्रैल, 2026
​बस्ती।। जनपद के नगर पंचायत गणेशपुर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक स्वर्ण व्यवसायी की 'रक्तबीज' जैसी सूदखोरी ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। सिकटा का निवासी और गणेशपुर में सोने की दुकान चलाने वाला कल्लू सोनार अब गरीबों के लिए साक्षात काल बन चुका है। अपनी दुकान की आड़ में वह ब्याज का ऐसा काला धंधा चला रहा है, जिसने कई परिवारों की कमर तोड़ दी है।
​मजबूरी का सौदा: 30% तक की अवैध वसूली
​ताजा मामला मनोज कुमार नामक व्यक्ति का है, जिसने अपनी पारिवारिक मजबूरी और डिलीवरी के खर्चों के लिए कल्लू सोनार से मदद की गुहार लगाई थी। पीड़ित ने बताया कि उसने अपनी गृहस्थी के गहने—पाउजेब, पायल और कान के झाले—गिरवी रखकर मात्र 30,000 रुपये उधार लिए थे।
​लेकिन, कल्लू सोनार की दरिंदगी का आलम यह है कि महज 8-9 महीनों के भीतर उस 30 हजार की राशि को ब्याज के चक्रव्यूह में फंसाकर 1,20,000 रुपये बना दिया गया। 20 से 30 प्रतिशत की दर से वसूला जा रहा यह ब्याज किसी भी संवैधानिक कानून की धज्जियां उड़ाने के लिए काफी है।
​दहशत का पर्याय बना 'कल्लू सोनार'
​ग्रामीणों का आरोप है कि कल्लू सोनार सिर्फ एक दुकानदार नहीं, बल्कि एक पेशेवर सूदखोर है जो लोगों की लाचारी को अपनी तिजोरी भरने का जरिया बनाता है। गिरवी रखे सामान को हड़पना और ब्याज पर ब्याज लगाकर मूलधन से चार गुना वसूली करना उसकी कार्यशैली बन चुकी है।
​प्रशासन की चुप्पी पर सवाल?
​आखिर कब तक गणेशपुर के गरीब इस आर्थिक शोषण की बलि चढ़ते रहेंगे? क्या बस्ती पुलिस और स्थानीय प्रशासन इस अवैध ब्याज माफिया के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई करेगा? पीड़ित मनोज कुमार ने वीडियो के जरिए अपनी व्यथा सुनाई है और अब सबकी नजरें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं।
​हमारी मांग:
​कल्लू सोनार के ब्याज के कारोबार की गहन जांच हो।
​पीड़ितों के गिरवी रखे जेवर तुरंत वापस कराए जाएं।
​अवैध बैंकिंग और सूदखोरी अधिनियम के तहत सख्त मुकदमा दर्ज हो।
1. व्यवस्था पर प्रहार :
"यह केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि उस सड़ी-गली व्यवस्था पर तमाचा है जहाँ कानून की नाक के नीचे कल्लू सोनार जैसे 'आर्थिक नरभक्षी' पल रहे हैं। जब गरीब अपनी गाढ़ी कमाई का हिस्सा इन दरिंदों के हवाले कर देता है, तब प्रशासन की खामोशी मिलीभगत का अहसास कराती है। क्या खाकी का खौफ खत्म हो चुका है, या फिर इन सूदखोरों की पहुँच सत्ता के गलियारों तक है?"
2. सूदखोर की मानसिकता पर चोट:
"कल्लू सोनार जैसे लोग समाज के घुन हैं, जो मजहब और मानवता की नहीं, सिर्फ 'फीसदी' की भाषा समझते हैं। गिरवी रखे जेवरों पर कुंडली मारकर बैठना और फिर उसी मजबूर इंसान को सरेआम बेइज्जत करना, यह इनकी पुरानी कार्यशैली है। 30% ब्याज कोई व्यापार नहीं, बल्कि गरीब का गला रेतने जैसा है।"
3. जनता के लिए आह्वान (अपील):
"आज मनोज कुमार का घर उजड़ रहा है, कल आपकी बारी हो सकती है। इन 'सफेदपोश डकैतों' के खिलाफ जब तक समूचा समाज उठ खड़ा नहीं होगा, तब तक गणेशपुर की गलियों में ऐसी चीखें गूंजती रहेंगी। डरिए मत, आवाज उठाइए!"
​"गरीब की हाय से बना ये महल ज्यादा दिन नहीं टिकेगा। अब वक्त आ गया है कि प्रशासन इस आतंक का अंत करे।"
"अब कागजी कार्रवाई का वक्त बीत चुका है। बस्ती मंडल के अधिकारियों को तय करना होगा कि वे कानून के रक्षक हैं या इन सूदखोरों के मूक दर्शक। कल्लू सोनार जैसे लोगों को जेल की सलाखों के पीछे होना चाहिए, न कि गणेशपुर के चौराहे पर सीना तानकर घूमना चाहिए। इंसाफ में देरी, अन्याय को बढ़ावा है!"
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • 🙏👍🤔
    1
    🙏👍🤔
    user_Santosh Jaiswal
    Santosh Jaiswal
    Basti, Uttar Pradesh•
    14 hrs ago
  • Post by Ramnath chauhan
    1
    Post by Ramnath chauhan
    user_Ramnath chauhan
    Ramnath chauhan
    Video Creator Sant Kabeer Nagar, Uttar Pradesh•
    18 hrs ago
  • भोजपुरी सिनेमा में धूम: “सईंया हमर धनवान बा” में दरोगा राघवेंद्र त्रिपाठी का जबरदस्त एक्शन भोजपुरी फिल्म सईंया हमर धनवान बा इन दिनों दर्शकों के बीच खासा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस फिल्म में यूपी पुलिस के दरोगा राघवेंद्र त्रिपाठी ने अपने दमदार एक्शन और प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया है। फिल्म में राघवेंद्र त्रिपाठी का किरदार न्याय और बहादुरी की मिसाल पेश करता है। उनकी एंट्री से लेकर क्लाइमेक्स तक हर सीन में जोश, जुनून और देशभक्ति की झलक साफ दिखाई देती है। खास बात यह है कि एक वास्तविक पुलिस अधिकारी होने के नाते उनके एक्शन और संवादों में वास्तविकता का अद्भुत समावेश देखने को मिलता है। दर्शक फिल्म के एक्शन सीक्वेंस, दमदार डायलॉग और कहानी की सराहना कर रहे हैं। “सईंया हमर धनवान बा” न सिर्फ मनोरंजन करती है, बल्कि समाज में न्याय और साहस का संदेश भी देती है। भोजपुरी सिनेमा प्रेमियों के लिए यह फिल्म एक शानदार तोहफा है, जिसमें एक असली दरोगा की असली दमदारी बड़े पर्दे पर देखने को मिल रही है।
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    भोजपुरी सिनेमा में धूम: “सईंया हमर धनवान बा” में दरोगा राघवेंद्र त्रिपाठी का जबरदस्त एक्शन
भोजपुरी फिल्म सईंया हमर धनवान बा इन दिनों दर्शकों के बीच खासा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस फिल्म में यूपी पुलिस के दरोगा राघवेंद्र त्रिपाठी ने अपने दमदार एक्शन और प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया है।
फिल्म में राघवेंद्र त्रिपाठी का किरदार न्याय और बहादुरी की मिसाल पेश करता है। उनकी एंट्री से लेकर क्लाइमेक्स तक हर सीन में जोश, जुनून और देशभक्ति की झलक साफ दिखाई देती है। खास बात यह है कि एक वास्तविक पुलिस अधिकारी होने के नाते उनके एक्शन और संवादों में वास्तविकता का अद्भुत समावेश देखने को मिलता है।
दर्शक फिल्म के एक्शन सीक्वेंस, दमदार डायलॉग और कहानी की सराहना कर रहे हैं। “सईंया हमर धनवान बा” न सिर्फ मनोरंजन करती है, बल्कि समाज में न्याय और साहस का संदेश भी देती है।
भोजपुरी सिनेमा प्रेमियों के लिए यह फिल्म एक शानदार तोहफा है, जिसमें एक असली दरोगा की असली दमदारी बड़े पर्दे पर देखने को मिल रही है।
    user_शक्ति श्रीवास्तव बाबुल
    शक्ति श्रीवास्तव बाबुल
    खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • संतकबीरनगर । जनपद संतकबीरनगर स्थित रिजर्व पुलिस लाइन में गोरखपुर जोन की तृतीय अन्तरजनपदीय पुलिस कबड्डी क्लस्टर (महिला/पुरुष) प्रतियोगिता वर्ष-2026 का शुभारम्भ शनिवार को अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह द्वारा फीता काटकर किया गया। कार्यक्रम का आयोजन अपर पुलिस महानिदेशक, गोरखपुर जोन के निर्देशन में किया गया है। प्रतियोगिता 11 अप्रैल से 14 अप्रैल 2026 तक आयोजित की जाएगी, जिसमें कबड्डी, जिम्नास्टिक, फेंसिंग एवं खो-खो जैसी खेल विधाओं में विभिन्न जनपदों के खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं। उद्घाटन अवसर पर गुब्बारे उड़ाकर प्रतियोगिता के औपचारिक शुभारम्भ की घोषणा की गई। अपर पुलिस अधीक्षक ने विभिन्न जनपदों से आए खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं पुलिस बल में शारीरिक दक्षता के साथ-साथ आपसी समन्वय और अनुशासन को भी सुदृढ़ करती हैं। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय, क्षेत्राधिकारी लाइन्स अमित कुमार, क्षेत्राधिकारी मेहदावल सर्वदवन सिंह, प्रतिसार निरीक्षक रामबली यादव सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
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    संतकबीरनगर ।
जनपद संतकबीरनगर स्थित रिजर्व पुलिस लाइन में गोरखपुर जोन की तृतीय अन्तरजनपदीय पुलिस कबड्डी क्लस्टर (महिला/पुरुष) प्रतियोगिता वर्ष-2026 का शुभारम्भ शनिवार को अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह द्वारा फीता काटकर किया गया। कार्यक्रम का आयोजन अपर पुलिस महानिदेशक, गोरखपुर जोन के निर्देशन में किया गया है।
प्रतियोगिता 11 अप्रैल से 14 अप्रैल 2026 तक आयोजित की जाएगी, जिसमें कबड्डी, जिम्नास्टिक, फेंसिंग एवं खो-खो जैसी खेल विधाओं में विभिन्न जनपदों के खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं। उद्घाटन अवसर पर गुब्बारे उड़ाकर प्रतियोगिता के औपचारिक शुभारम्भ की घोषणा की गई।
अपर पुलिस अधीक्षक ने विभिन्न जनपदों से आए खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं पुलिस बल में शारीरिक दक्षता के साथ-साथ आपसी समन्वय और अनुशासन को भी सुदृढ़ करती हैं।
इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय, क्षेत्राधिकारी लाइन्स अमित कुमार, क्षेत्राधिकारी मेहदावल सर्वदवन सिंह, प्रतिसार निरीक्षक रामबली यादव सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
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    खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
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    Local News Reporter खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • आज दिनांक 11.04.2026 को अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर सुशील कुमार सिंह द्वारा थाना कोतवाली खलीलाबाद का किया गया औचक निरीक्षण । निरीक्षण के दौरान थाना परिसर, कार्यालय, अभिलेखों एवं पुलिस कार्यप्रणाली का गहनता से अवलोकन किया गया । निरीक्षण के क्रम में थाना कार्यालय में रखे अभिलेखों, अपराध रजिस्टर, महिला हेल्प डेस्क, पिंक बूथ, मालखाना, हवालात, शस्त्रागार तथा सीसीटीएनएस कार्यों की समीक्षा की गई। अभिलेखों के रख-रखाव को व्यवस्थित रखने एवं लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। थाना परिसर की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था एवं आगंतुकों के साथ व्यवहार का भी निरीक्षण किया गया तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को अनुशासन बनाए रखने एवं आमजन के साथ विनम्र व्यवहार करने हेतु निर्देशित किया गया । इस दौरान महिला सुरक्षा के दृष्टिगत पिंक बूथ एवं महिला हेल्प डेस्क की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया साथ ही, बीट पुलिसिंग को सुदृढ़ करने, अपराध नियंत्रण एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए। महोदय द्वारा थाना स्टाफ को सतर्कता, पारदर्शिता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने तथा जनसमस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया । इस दौरान व0 उ0नि0 प्रमोद कुमार यादव, सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे ।
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    आज दिनांक 11.04.2026 को अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर  सुशील कुमार सिंह द्वारा थाना कोतवाली खलीलाबाद का किया गया औचक निरीक्षण ।
निरीक्षण के दौरान थाना परिसर, कार्यालय, अभिलेखों एवं पुलिस कार्यप्रणाली का गहनता से अवलोकन किया गया । निरीक्षण के क्रम में थाना कार्यालय में रखे अभिलेखों, अपराध रजिस्टर, महिला हेल्प डेस्क, पिंक बूथ, मालखाना, हवालात, शस्त्रागार तथा सीसीटीएनएस कार्यों की समीक्षा की गई। अभिलेखों के रख-रखाव को व्यवस्थित रखने एवं लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
थाना परिसर की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था एवं आगंतुकों के साथ व्यवहार का भी निरीक्षण किया गया तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को अनुशासन बनाए रखने एवं आमजन के साथ विनम्र व्यवहार करने हेतु निर्देशित किया गया ।
इस दौरान महिला सुरक्षा के दृष्टिगत पिंक बूथ एवं महिला हेल्प डेस्क की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया साथ ही, बीट पुलिसिंग को सुदृढ़ करने, अपराध नियंत्रण एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए।
महोदय द्वारा थाना स्टाफ को सतर्कता, पारदर्शिता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने तथा जनसमस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया ।
इस दौरान व0 उ0नि0  प्रमोद कुमार यादव, सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे ।
    user_Ashwini Kumar Pandey
    Ashwini Kumar Pandey
    पत्रकार Khalilabad, Sant Kabeer Nagar•
    14 hrs ago
  • भोजपुरी सिनेमा में धूम: “सईंया हमर धनवान बा” में दरोगा राघवेंद्र त्रिपाठी का जबरदस्त एक्शन भोजपुरी फिल्म सईंया हमर धनवान बा इन दिनों दर्शकों के बीच खासा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस फिल्म में यूपी पुलिस के दरोगा राघवेंद्र त्रिपाठी ने अपने दमदार एक्शन और प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया है। फिल्म में राघवेंद्र त्रिपाठी का किरदार न्याय और बहादुरी की मिसाल पेश करता है। उनकी एंट्री से लेकर क्लाइमेक्स तक हर सीन में जोश, जुनून और देशभक्ति की झलक साफ दिखाई देती है। खास बात यह है कि एक वास्तविक पुलिस अधिकारी होने के नाते उनके एक्शन और संवादों में वास्तविकता का अद्भुत समावेश देखने को मिलता है। दर्शक फिल्म के एक्शन सीक्वेंस, दमदार डायलॉग और कहानी की सराहना कर रहे हैं। “सईंया हमर धनवान बा” न सिर्फ मनोरंजन करती है, बल्कि समाज में न्याय और साहस का संदेश भी देती है। भोजपुरी सिनेमा प्रेमियों के लिए यह फिल्म एक शानदार तोहफा है, जिसमें एक असली दरोगा की असली दमदारी बड़े पर्दे पर देखने को मिल रही है।
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    भोजपुरी सिनेमा में धूम: “सईंया हमर धनवान बा” में दरोगा राघवेंद्र त्रिपाठी का जबरदस्त एक्शन
भोजपुरी फिल्म सईंया हमर धनवान बा इन दिनों दर्शकों के बीच खासा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस फिल्म में यूपी पुलिस के दरोगा राघवेंद्र त्रिपाठी ने अपने दमदार एक्शन और प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया है।
फिल्म में राघवेंद्र त्रिपाठी का किरदार न्याय और बहादुरी की मिसाल पेश करता है। उनकी एंट्री से लेकर क्लाइमेक्स तक हर सीन में जोश, जुनून और देशभक्ति की झलक साफ दिखाई देती है। खास बात यह है कि एक वास्तविक पुलिस अधिकारी होने के नाते उनके एक्शन और संवादों में वास्तविकता का अद्भुत समावेश देखने को मिलता है।
दर्शक फिल्म के एक्शन सीक्वेंस, दमदार डायलॉग और कहानी की सराहना कर रहे हैं। “सईंया हमर धनवान बा” न सिर्फ मनोरंजन करती है, बल्कि समाज में न्याय और साहस का संदेश भी देती है।
भोजपुरी सिनेमा प्रेमियों के लिए यह फिल्म एक शानदार तोहफा है, जिसमें एक असली दरोगा की असली दमदारी बड़े पर्दे पर देखने को मिल रही है।
    user_शक्ति श्रीवास्तव बाबुल
    शक्ति श्रीवास्तव बाबुल
    खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
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