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बलरामपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 343 के हल्लाहाल पुल के समीप एक यात्री बस और ट्रेलर वाहन के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। संवाददाता दयाशंकर यादव के अनुसार, यात्रियों से भरी यह बस बलरामपुर से होकर अंबिकापुर की ओर जा रही थी, तभी यह दुर्घटना हुई। टक्कर के बाद मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में बस में सवार आधा दर्जन यात्रियों को चोटें आई हैं, हालांकि एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
Vijay Singh
बलरामपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 343 के हल्लाहाल पुल के समीप एक यात्री बस और ट्रेलर वाहन के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। संवाददाता दयाशंकर यादव के अनुसार, यात्रियों से भरी यह बस बलरामपुर से होकर अंबिकापुर की ओर जा रही थी, तभी यह दुर्घटना हुई। टक्कर के बाद मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में बस में सवार आधा दर्जन यात्रियों को चोटें आई हैं, हालांकि एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
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- बलरामपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग 343 पर हल्लाहाल पुल के समीप एक यात्री बस और ट्रेलर वाहन के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। यह दुर्घटना कोतवाली थाना क्षेत्र में उस समय हुई जब यात्रियों से भरी एक बस बलरामपुर से होकर अंबिकापुर की ओर जा रही थी। इस भिड़ंत के बाद मौके पर तुरंत अफरा-तफरी मच गई। हादसे में बस में सवार आधा दर्जन यात्रियों को चोटें आई हैं, हालांकि एक बड़ा हादसा होने से टल गया।1
- गढ़वा जिले के चिनिया मुख्यालय निवासी और झारखंड मुक्ति मोर्चा के समर्पित कार्यकर्ता राजेंद्र प्रसाद शाह (55 वर्ष) का शुक्रवार सुबह अचानक हृदय गति रुक जाने से निधन हो गया। यह हादसा उस समय हुआ जब वह सुबह शौच से वापस आ रहे थे। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और उनके आवास पर परिजनों, शुभचिंतकों तथा स्थानीय लोगों का तांता लग गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, राजेंद्र प्रसाद शाह बेहद मिलनसार, सरल और हंसमुख स्वभाव के थे, जो हमेशा सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे और जरूरतमंदों की मदद करते थे। उनके इस असामयिक निधन को क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है, जिससे पूरे समाज और झामुमो कार्यकर्ताओं में गहरा शोक व्याप्त है। स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद शाह अपने पीछे पत्नी, तीन पुत्र और एक पुत्री सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, राजनीतिक नेताओं और ग्रामीणों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है और शोक संतप्त परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।1
- उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में वर्ष 1985 में जन्मीं अनामिका ने रुड़की की मदरहुड यूनिवर्सिटी से वनस्पति विज्ञान (Botany) में पी.एच.डी. की उपाधि हासिल की है। साहित्य की दुनिया में कदम रखने से पहले उन्हें तीन बार सरकारी नौकरी के अवसर प्राप्त हुए थे, लेकिन कविता के प्रति अपने अटूट समर्पण के कारण उन्होंने उन सभी अवसरों को छोड़ दिया। साहित्यिक संदर्भों में 'अनामिका' नाम से सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' और एक समकालीन कवयित्री दोनों के कविता संग्रह मौजूद हैं। कवि 'निराला' के 'अनामिका' संग्रह में 9 कविताएँ संकलित थीं, जिनमें 'जुही की कली' सबसे प्रमुख है। वहीं, समकालीन कवयित्री अनामिका के संकलन 'अनामिका: 75 कविताएँ' (संपादक - रेखा सेठी) में कुल 75 कविताएँ शामिल हैं। इसके अलावा, उनके चर्चित साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता संग्रह 'टोकरी में दिगंत' में लंबी कविताएँ और कई छोटे प्रसंग शामिल हैं। इसी बीच, अनामिका जैन अंबर भगवान श्री राम जी का गुणगान करने के कारण खूब सुर्खियों में बनी हुई हैं।1
- बलरामपुर की कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने विकासखंड कुसमी के अंतर्राज्यीय सीमा पर स्थित कोरंधा चेकपोस्ट एवं पुलिस थाना का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना परिसर की व्यवस्थाओं, सुरक्षा व्यवस्था, कार्यालयीन अभिलेखों के संधारण तथा साफ-सफाई का जायजा लिया। इसके साथ ही कलेक्टर ने विवेचक कक्ष, मोहर्रिर कक्ष, पुरूष एवं महिला बंदी कक्ष सहित थाना परिसर के अन्य कक्षों का भी अवलोकन किया। कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने थाना प्रभारी से क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, अंतर्राज्यीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था, नियमित गश्त एवं वाहनों की जांच संबंधी जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस को आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण करने को कहा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में वाहनों की नियमित जांच करने और संदिग्ध व अवैध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखते हुए नियंत्रण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि अंतर्राज्यीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ रखते हुए सतर्कता के साथ कार्य किया जा सके।2
- बलरामपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 343 के हल्लाहाल पुल के समीप एक यात्री बस और ट्रेलर वाहन के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। संवाददाता दयाशंकर यादव के अनुसार, यात्रियों से भरी यह बस बलरामपुर से होकर अंबिकापुर की ओर जा रही थी, तभी यह दुर्घटना हुई। टक्कर के बाद मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में बस में सवार आधा दर्जन यात्रियों को चोटें आई हैं, हालांकि एक बड़ा हादसा होने से टल गया।1