ये संयोग नहीं, साक्षात ब्रह्मांड का प्रणाम है - जब चंद्र देव खुद जगन्नाथ के ध्वज को अपना सिंहासन बना लें ये वीडियो देखो, और आंखें बंद मत करना, क्योंकि जो दिख रहा है वो दोबारा नहीं दिखेगा। पुरी का श्री जगन्नाथ मंदिर। रात का अंधेरा। शिखर पर लहराता वो पवित्र ध्वज - पीला, लाल, जिस पर स्वयं महाप्रभु का चिन्ह है। और उसके ठीक पीछे... पूर्ण चंद्रमा। बिल्कुल सीध में। जैसे किसी ने नाप कर, पैमाने से बैठाया हो। चंद्रमा ध्वज के आर-पार चमक रहा है। ध्वज हवा में लहरा रहा है, और चांद उसके पीछे स्थिर है। लग रहा है जैसे चंद्रमा ध्वज में छेद करके निकल रहा हो, या जैसे ध्वज ने चंद्रमा को अपने अंदर समा लिया हो। इस पावन रात्रि पर चंद्र देव, महाप्रभु श्री जगन्नाथ का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उपस्थित होते हैं। शास्त्रों में लिखा है - चंद्रमा मन का कारक है, शीतलता का देवता है। और जगन्नाथ कौन हैं? वो तो जगत के नाथ हैं, पूरे ब्रह्मांड के स्वामी। तो आज मन का देवता, ब्रह्मांड के स्वामी के चरणों में आया है। देखो इस दृश्य की गहराई - नीचे मंदिर का शिखर है, जो 1000 साल से अडिग खड़ा है, जिस पर आज तक कोई परछाई नहीं पड़ती। उसके ऊपर नील चक्र है, जो सुदर्शन का प्रतीक है। उसके ऊपर ध्वज है, जो रोज बदलता है, जो हवा के विपरीत दिशा में उड़ता है। और उसके भी ऊपर - आज चंद्रमा आकर बैठ गया है। ये सनातन की शाश्वत आध्यात्मिक विरासत और गहरी, अटूट भक्ति की एक सुंदर झलक प्रस्तुत करता है... हम नासा के टेलिस्कोप से चांद को देखते हैं, साइंस कहती है चांद एक उपग्रह है, एक पत्थर है। पर हमारा सनातन कहता है - नहीं, चांद एक देवता है। और वो भी महाप्रभु का भक्त है। आज की रात शरद पूर्णिमा नहीं, फिर भी पूर्णिमा जैसा तेज है। क्योंकि जब महाप्रभु बुलाते हैं तो चंद्रमा को आना ही पड़ता है। लाखों लोग पुरी जाते हैं, ध्वज के दर्शन करते हैं। कहा जाता है कि जो ध्वज के दर्शन कर ले, उसके सारे पाप धुल जाते हैं। तो सोचो, जो चंद्रमा खुद ध्वज के पीछे खड़ा होकर दर्शन कर रहा है, उसका कितना पुण्य होगा? और जो इंसान इस वीडियो को देख रहा है, उसका कितना पुण्य होगा? ये वीडियो वायरल होना चाहिए, क्योंकि ये सिर्फ वीडियो नहीं, दर्शन है। जो इसे शेयर करेगा, उसके घर में शीतलता आएगी, मन शांत होगा, क्योंकि चंद्र देव का आशीर्वाद और महाप्रभु की कृपा दोनों एक साथ मिल रही हैं। एक बार दिल से बोलो - जय जगन्नाथ! 🙏 @highlight और इस चमत्कार को हर सनातनी तक पहुंचा दो। साभार ये संयोग नहीं, साक्षात ब्रह्मांड का प्रणाम है - जब चंद्र देव खुद जगन्नाथ के ध्वज को अपना सिंहासन बना लें ये वीडियो देखो, और आंखें बंद मत करना, क्योंकि जो दिख रहा है वो दोबारा नहीं दिखेगा। पुरी का श्री जगन्नाथ मंदिर। रात का अंधेरा। शिखर पर लहराता वो पवित्र ध्वज - पीला, लाल, जिस पर स्वयं महाप्रभु का चिन्ह है। और उसके ठीक पीछे... पूर्ण चंद्रमा। बिल्कुल सीध में। जैसे किसी ने नाप कर, पैमाने से बैठाया हो। चंद्रमा ध्वज के आर-पार चमक रहा है। ध्वज हवा में लहरा रहा है, और चांद उसके पीछे स्थिर है। लग रहा है जैसे चंद्रमा ध्वज में छेद करके निकल रहा हो, या जैसे ध्वज ने चंद्रमा को अपने अंदर समा लिया हो। इस पावन रात्रि पर चंद्र देव, महाप्रभु श्री जगन्नाथ का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उपस्थित होते हैं। शास्त्रों में लिखा है - चंद्रमा मन का कारक है, शीतलता का देवता है। और जगन्नाथ कौन हैं? वो तो जगत के नाथ हैं, पूरे ब्रह्मांड के स्वामी। तो आज मन का देवता, ब्रह्मांड के स्वामी के चरणों में आया है। देखो इस दृश्य की गहराई - नीचे मंदिर का शिखर है, जो 1000 साल से अडिग खड़ा है, जिस पर आज तक कोई परछाई नहीं पड़ती। उसके ऊपर नील चक्र है, जो सुदर्शन का प्रतीक है। उसके ऊपर ध्वज है, जो रोज बदलता है, जो हवा के विपरीत दिशा में उड़ता है। और उसके भी ऊपर - आज चंद्रमा आकर बैठ गया है। ये सनातन की शाश्वत आध्यात्मिक विरासत और गहरी, अटूट भक्ति की एक सुंदर झलक प्रस्तुत करता है... हम नासा के टेलिस्कोप से चांद को देखते हैं, साइंस कहती है चांद एक उपग्रह है, एक पत्थर है। पर हमारा सनातन कहता है - नहीं, चांद एक देवता है। और वो भी महाप्रभु का भक्त है। आज की रात शरद पूर्णिमा नहीं, फिर भी पूर्णिमा जैसा तेज है। क्योंकि जब महाप्रभु बुलाते हैं तो चंद्रमा को आना ही पड़ता है। लाखों लोग पुरी जाते हैं, ध्वज के दर्शन करते हैं। कहा जाता है कि जो ध्वज के दर्शन कर ले, उसके सारे पाप धुल जाते हैं। तो सोचो, जो चंद्रमा खुद ध्वज के पीछे खड़ा होकर दर्शन कर रहा है, उसका कितना पुण्य होगा? और जो इंसान इस वीडियो को देख रहा है, उसका कितना पुण्य होगा? ये वीडियो वायरल होना चाहिए, क्योंकि ये सिर्फ वीडियो नहीं, दर्शन है। जो इसे शेयर करेगा, उसके घर में शीतलता आएगी, मन शांत होगा, क्योंकि चंद्र देव का आशीर्वाद और महाप्रभु की कृपा दोनों एक साथ मिल रही हैं। एक बार दिल से बोलो - जय जगन्नाथ! 🙏 @highlight और इस चमत्कार को हर सनातनी तक पहुंचा दो। साभार
ये संयोग नहीं, साक्षात ब्रह्मांड का प्रणाम है - जब चंद्र देव खुद जगन्नाथ के ध्वज को अपना सिंहासन बना लें ये वीडियो देखो, और आंखें बंद मत करना, क्योंकि जो दिख रहा है वो दोबारा नहीं दिखेगा। पुरी का श्री जगन्नाथ मंदिर। रात का अंधेरा। शिखर पर लहराता वो पवित्र ध्वज - पीला, लाल, जिस पर स्वयं महाप्रभु का चिन्ह है। और उसके ठीक पीछे... पूर्ण चंद्रमा। बिल्कुल सीध में। जैसे किसी ने नाप कर, पैमाने से बैठाया हो। चंद्रमा ध्वज के आर-पार चमक रहा है। ध्वज हवा में लहरा रहा है, और चांद उसके पीछे स्थिर है। लग रहा है जैसे चंद्रमा ध्वज में छेद करके निकल रहा हो, या जैसे ध्वज ने चंद्रमा को अपने अंदर समा लिया हो। इस पावन रात्रि पर चंद्र देव, महाप्रभु श्री जगन्नाथ का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उपस्थित होते हैं। शास्त्रों में लिखा है - चंद्रमा मन का कारक है, शीतलता का देवता है। और जगन्नाथ कौन हैं? वो तो जगत के नाथ हैं, पूरे ब्रह्मांड के स्वामी। तो आज मन का देवता, ब्रह्मांड के स्वामी के चरणों में आया है। देखो इस दृश्य की गहराई - नीचे मंदिर का शिखर है, जो 1000 साल से अडिग खड़ा है, जिस पर आज तक कोई परछाई नहीं पड़ती। उसके ऊपर नील चक्र है, जो सुदर्शन का प्रतीक है। उसके ऊपर ध्वज है, जो रोज बदलता है, जो हवा के विपरीत दिशा में उड़ता है। और उसके भी ऊपर - आज चंद्रमा आकर बैठ गया है। ये सनातन की शाश्वत आध्यात्मिक विरासत और गहरी, अटूट भक्ति की एक सुंदर झलक प्रस्तुत करता है... हम नासा के टेलिस्कोप से चांद को देखते हैं, साइंस कहती है चांद एक उपग्रह है, एक पत्थर है। पर हमारा सनातन कहता है - नहीं, चांद एक देवता है। और वो भी महाप्रभु का भक्त है। आज की रात शरद पूर्णिमा नहीं, फिर भी पूर्णिमा जैसा तेज है। क्योंकि जब महाप्रभु बुलाते हैं तो चंद्रमा को आना ही पड़ता है। लाखों लोग पुरी जाते हैं, ध्वज के दर्शन करते हैं। कहा जाता है कि जो ध्वज के दर्शन कर ले, उसके सारे पाप धुल जाते हैं। तो सोचो, जो चंद्रमा खुद ध्वज के पीछे खड़ा होकर दर्शन कर रहा है, उसका कितना पुण्य होगा? और जो इंसान इस वीडियो को देख रहा है, उसका कितना पुण्य होगा? ये वीडियो वायरल होना चाहिए, क्योंकि ये सिर्फ वीडियो नहीं, दर्शन है। जो इसे शेयर करेगा, उसके घर में शीतलता आएगी, मन शांत होगा, क्योंकि चंद्र देव का आशीर्वाद और महाप्रभु की कृपा दोनों एक साथ मिल रही हैं। एक बार दिल से बोलो - जय जगन्नाथ! 🙏 @highlight और इस चमत्कार को हर सनातनी तक पहुंचा दो। साभार ये संयोग नहीं, साक्षात ब्रह्मांड का प्रणाम है - जब चंद्र देव खुद जगन्नाथ के ध्वज को अपना सिंहासन बना लें ये वीडियो देखो, और आंखें बंद मत करना, क्योंकि जो दिख रहा है वो दोबारा नहीं दिखेगा। पुरी का श्री जगन्नाथ मंदिर। रात का अंधेरा। शिखर पर लहराता वो पवित्र ध्वज - पीला, लाल, जिस पर स्वयं महाप्रभु का चिन्ह है। और उसके ठीक पीछे... पूर्ण चंद्रमा। बिल्कुल सीध में। जैसे किसी ने नाप कर, पैमाने से बैठाया हो। चंद्रमा ध्वज के आर-पार चमक रहा है। ध्वज हवा में लहरा रहा है, और चांद उसके पीछे स्थिर है। लग रहा है जैसे चंद्रमा ध्वज में छेद करके निकल रहा हो, या जैसे ध्वज ने चंद्रमा को अपने अंदर समा लिया हो। इस पावन रात्रि पर चंद्र देव, महाप्रभु श्री जगन्नाथ का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उपस्थित होते हैं। शास्त्रों में लिखा है - चंद्रमा मन का कारक है, शीतलता का देवता है। और जगन्नाथ कौन हैं? वो तो जगत के नाथ हैं, पूरे ब्रह्मांड के स्वामी। तो आज मन का देवता, ब्रह्मांड के स्वामी के चरणों में आया है। देखो इस दृश्य की गहराई - नीचे मंदिर का शिखर है, जो 1000 साल से अडिग खड़ा है, जिस पर आज तक कोई परछाई नहीं पड़ती। उसके ऊपर नील चक्र है, जो सुदर्शन का प्रतीक है। उसके ऊपर ध्वज है, जो रोज बदलता है, जो हवा के विपरीत दिशा में उड़ता है। और उसके भी ऊपर - आज चंद्रमा आकर बैठ गया है। ये सनातन की शाश्वत आध्यात्मिक विरासत और गहरी, अटूट भक्ति की एक सुंदर झलक प्रस्तुत करता है... हम नासा के टेलिस्कोप से चांद को देखते हैं, साइंस कहती है चांद एक उपग्रह है, एक पत्थर है। पर हमारा सनातन कहता है - नहीं, चांद एक देवता है। और वो भी महाप्रभु का भक्त है। आज की रात शरद पूर्णिमा नहीं, फिर भी पूर्णिमा जैसा तेज है। क्योंकि जब महाप्रभु बुलाते हैं तो चंद्रमा को आना ही पड़ता है। लाखों लोग पुरी जाते हैं, ध्वज के दर्शन करते हैं। कहा जाता है कि जो ध्वज के दर्शन कर ले, उसके सारे पाप धुल जाते हैं। तो सोचो, जो चंद्रमा खुद ध्वज के पीछे खड़ा होकर दर्शन कर रहा है, उसका कितना पुण्य होगा? और जो इंसान इस वीडियो को देख रहा है, उसका कितना पुण्य होगा? ये वीडियो वायरल होना चाहिए, क्योंकि ये सिर्फ वीडियो नहीं, दर्शन है। जो इसे शेयर करेगा, उसके घर में शीतलता आएगी, मन शांत होगा, क्योंकि चंद्र देव का आशीर्वाद और महाप्रभु की कृपा दोनों एक साथ मिल रही हैं। एक बार दिल से बोलो - जय जगन्नाथ! 🙏 @highlight और इस चमत्कार को हर सनातनी तक पहुंचा दो। साभार
- 🌙 करवा चौथ पर हरिद्वार में निकला चाँद - आप सभी को हार्दिक बधाई हर की पौड़ी, हरिद्वार से करवा चौथ के चाँद का दिव्य नज़ारा। सुहागिनों ने गंगा किनारे छलनी से चाँद देखकर पति की लंबी उम्र की कामना की। गंगा में दीपों की रोशनी और आसमान में चाँद का अद्भुत संगम। आप सभी को करवा चौथ की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! #KarwaChauth #Haridwar #HarKiPauri #KarwaChauthChand #Ganga 🌙 करवा चौथ पर हरिद्वार में निकला चाँद - आप सभी को हार्दिक बधाई हर की पौड़ी, हरिद्वार से करवा चौथ के चाँद का दिव्य नज़ारा। सुहागिनों ने गंगा किनारे छलनी से चाँद देखकर पति की लंबी उम्र की कामना की। गंगा में दीपों की रोशनी और आसमान में चाँद का अद्भुत संगम। आप सभी को करवा चौथ की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! #KarwaChauth #Haridwar #HarKiPauri #KarwaChauthChand #Ganga2
- टीकमगढ़ जिले की बिकास खंड पलेरा के अंतर्गत ग्राम पंचायत बम्होरी कलां के बहादुरपुरा में दो दिवसीय कैंप जिसमें गायों के दूध में प्रथम विजेता को 1लाख दूसरे नंबर को पचास हजार तीसरे नम्बर को 25हजार के लिए जारी देखिए खास रिपोर्ट राम सिंह यादव जी के साथ1
- भगवती मानव कल्याण संगठन कार्यकर्ताओं ने घनश्याम पिपरिया गाँव मे शराब तस्करी पकडीज़ पुलिस को मौके पर बुलाया भगवती मानव कल्याण संगठन कार्यकर्ताओं ने घनश्याम पिपरिया गाँव मे शराब तस्करी पकडीज़ पुलिस को मौके पर बुलाया भगवती मानव कल्याण संगठन शाखा बटियागढ़ के कार्यकर्ताओं ने अजब धाम चौकी क्षेत्र के घनश्याम पिपरिया गाँव मे अवैध शराब की तस्करी पकड़ी संगठन कार्यकर्ताओं ने बाइक से शराब तस्करी कर रहे दो लोगों को घेराबंदी कर पकड़ा और अजब धाम चौकी पुलिस को मौके पर बुलाया आज गुरुवार सुबह 8 वजे प्रधान आरक्षक नीरज राय और प्रधान आरक्षक राधेश्याम परिहार मौके पर पहुंचे और करीब 3 पेटी देशी शराब के साथ बाइक और शराब तस्करों को अभिरक्षा में लिया,पुलिस मामले की जांच कर रही है2
- खरगापुर में राजस्व अभिलेख सुधार शिविर आयोजित, नामांतरण के 152 प्रकरणों में आदेश वितरित* *खरगापुर में राजस्व अभिलेख सुधार शिविर आयोजित, नामांतरण के 152 प्रकरणों में आदेश वितरित* *कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय के निर्देशानुसार आयोजित शिविर में प्राप्त आवेदनों के निराकरण के दिए निर्देश* टीकमगढ़, 29 अक्टूबर 2026। कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय के निर्देशानुसार आज तहसील खरगापुर में राजस्व अभिलेखों में सुधार एवं लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष शिविर आयोजित किया गया। शिविर में कलेक्टर श्री श्रोत्रिय, एसडीएम बल्देवगढ़ श्री निशांत भूरिया एवं तहसीलदार खरगापुर श्री ओपी गुप्ता सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। शिविर में पूर्व से प्राप्त नामांतरण के 152 प्रकरणों का निराकरण कर संबंधित हितग्राहियों को आदेश वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रकरणों से संबंधित लगभग 35 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कुछ का मौके पर ही निराकरण किया गया। शेष प्रकरणों में आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर नियमानुसार परीक्षण एवं अभिलेख सुधार की कार्रवाई करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। शिविर में बीपीएल, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना, ग्राम पंचायत एवं राशन दुकान से संबंधित आवेदन भी प्राप्त हुए। कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने संबंधित अधिकारियों को इन आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए पात्र हितग्राहियों की समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि जिले में लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण तथा भूमि से संबंधित मामलों को प्राथमिकता से हल करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत राजस्व अभिलेख सुधार शिविर आयोजित कर आमजन को राहत प्रदान करने एवं प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।3
- बस से 5 करोड़ की ज्वेलरी व 15 लाख से भरे दो बैग चोरी, पीड़ित पहुंचा कोतवाली झांसी-मऊरानीपुर। कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत बुधवार की शाम एक बड़ी सनसनीखेज वारदात सामने आई है। अमृतसर के रहने वाले व्यापारी कीरत सिंह अपने साथी रामेश्वर के साथ बस से छतरपुर से झांसी की ओर जा रहे थे। इसी दौरान मऊरानीपुर बस स्टैंड पर अज्ञात चोरों ने उनकी ज्वैलरी और नकदी से भरे दो बैग पार कर दिए। पीड़ित के अनुसार, बैग में लगभग 5 करोड़ रुपये कीमत की ज्वेलरी और 15 लाख रुपये नकद रखे हुए थे। पीड़ित कीरत सिंह ने बताया कि उनकी 'मोर्डन ज्वैलर्स' के नाम से दुकान और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। वे ऑर्डर मिलने पर छतरपुर, महोबा, मऊरानीपुर, ग्वालियर और दिल्ली आदि स्थानों पर तैयार ज्वेलरी पहुंचाने का कार्य करते हैं। बुधवार की शाम वे छतरपुर से झांसी आ रहे थे। शाम लगभग 5:50 बजे जब उनकी बस मऊरानीपुर बस स्टैंड पहुँची, तो वहाँ सवारियों के उतरने और चढ़ने के दौरान भारी भीड़भाड़ का फायदा उठाकर अज्ञात चोर ज्वेलरी और नकदी से भरे दोनों बैग चुराकर फरार हो गए। जबकि उनके साथी ने देखा कि उनके बैग लेकर युवक चार पहिया गाड़ी में सवार होकर भाग निकले। घटना की सूचना मिलते ही सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश बिलाटिया, अनिल सोनी, अरविंद अग्रवाल और जगदीश अग्रवाल मौके पर पहुँच गए। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से कड़ी नाराजगी जताते हुए मांग की है कि इस बड़ी चोरी की घटना का जल्द से जल्द खुलासा किया जाए और चोरों को गिरफ्तार कर माल बरामद किया जाए। वही सर्राफा व्यापारियों ने आरोप लगाया कि पिछले 4 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस के द्वारा सिर्फ पूछता की जा रही है। मामला पंजीकृत नहीं किया गया है। पुलिस क्षेत्राधिकारी रत्नेश सिंह ने बताया कि घटना पुलिस के संज्ञान में आ चुकी है। चोरों की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई टीमों का गठन कर दिया गया है। शुरुआती जांच में मध्य प्रदेश के अलीपुर टोल के पास से एक संदिग्ध चार पहिया वाहन का नंबर प्राप्त हुआ है, जिसके आधार पर छानबीन की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बैग में रखी ज्वेलरी की सही कीमत और नकदी के आंकड़ों की पुष्टि गहनता से जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। रिपोर्ट- संतोष श्रीवास2
- छतरपुर में सूने मकान में चोरी का पुलिस ने किया खुलासा, धार के 4 आरोपी गिरफ्तार; ₹14 लाख की संपत्ति जब्त शहर के ओरछा रोड थाना क्षेत्र में सूने मकान में हुई चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए धार जिले के बाग थाना क्षेत्र के ग्राम देवधा निवासी 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की संपत्ति और वारदात में इस्तेमाल की गई कार सहित करीब ₹14 लाख 625 रुपए की संपत्ति जब्त की गई है। पुलिस अधीक्षक राजत सकलेचा ने पुलिस टीम की सराहनीय कार्रवाई पर ₹10 हजार के इनाम की घोषणा की है। **250 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले, तकनीकी साक्ष्यों से आरोपियों तक पहुंची पुलिस** पुलिस के मुताबिक, 11 अक्टूबर 2026 को ओरछा रोड थाना क्षेत्र के पीठिक टाउन में फरियादिया नीरजा राजा के मकान में चोरी की शिकायत दर्ज हुई थी। मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर भौतिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाए। इसके बाद आसपास के क्षेत्रों में लगे 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज एकत्र कर उनका विश्लेषण किया गया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने चोरी में कथित रूप से शामिल आरोपियों की पहचान की। **धार जिले के चार आरोपी गिरफ्तार** पुलिस ने शौभन भूरिया, कालू भूरिया, दिनेश मंडलोई और कैलाश भूरिया को गिरफ्तार किया है। चारों आरोपी ग्राम देवधा, थाना बाग, जिला धार के निवासी बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी पूर्व में भी चोरी एवं नकबजनी जैसे अपराधों में संलिप्त रहे हैं। **नकदी, चांदी के जेवर और कार जब्त** पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹63 हजार नकद, चांदी की 7 चूड़ियां, चांदी की 2 जोड़ी पायल, चांदी के 3 सिक्के और वारदात में इस्तेमाल की गई सोनेट कार जब्त की है। जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब ₹14 लाख 625 रुपए बताई गई है। **पुलिस टीम को ₹10 हजार का इनाम** एसपी राजत सकलेचा के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले और नगर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सोनी के मार्गदर्शन में ओरछा रोड थाना प्रभारी दीपक शर्मा सहित साइबर सेल और पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एसपी ने टीम का उत्साहवर्धन करते हुए ₹10 हजार के इनाम की घोषणा की है। **SEO Keywords:** छतरपुर चोरी का खुलासा, ओरछा रोड थाना चोरी मामला, छतरपुर पुलिस कार्रवाई, धार के चार आरोपी गिरफ्तार, छतरपुर चोरी की संपत्ति जब्त, छतरपुर क्राइम न्यूज, SP Rajat Saklecha अन्य प्रभावी हेडलाइन विकल्प:1
- बड़ी खबर | टीकमगढ़, मध्यप्रदेश भू-स्वामित्व योजना में ड्यूटी लगाने का विरोध! आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, रात 11 बजे तक काम कराने पर जताई चिंता बड़ी खबर | टीकमगढ़, मध्यप्रदेश भू-स्वामित्व योजना में ड्यूटी लगाने का विरोध! आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, रात 11 बजे तक काम कराने पर जताई चिंता जिला ब्यूरो हैड धर्मेंद्र सिंह लोधी टीकमगढ़ जिले से इस वक्त की खबर सामने आ रही है, जहां भू-स्वामित्व योजना के अंतर्गत ड्यूटी लगाए जाने को लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ ने आपत्ति जताई है। दरअसल, मध्यप्रदेश आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ ने 28 अक्टूबर 2026 को कलेक्टर टीकमगढ़ के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को भू-स्वामित्व योजना के कार्य से मुक्त रखने की मांग की है। संघ ने देर रात 11 बजे तक काम कराए जाने पर चिंता जताते हुए महिला कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया है। संघ की मांग है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और उनकी जिम्मेदारियों एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाए। अब देखना होगा कि संघ की इस मांग पर जिला प्रशासन क्या कदम उठाता है और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को इस मामले में क्या राहत मिलती है। फिलहाल, संघ ने ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांग प्रशासन के सामने रख दी है।1
- ये संयोग नहीं, साक्षात ब्रह्मांड का प्रणाम है - जब चंद्र देव खुद जगन्नाथ के ध्वज को अपना सिंहासन बना लें ये वीडियो देखो, और आंखें बंद मत करना, क्योंकि जो दिख रहा है वो दोबारा नहीं दिखेगा। पुरी का श्री जगन्नाथ मंदिर। रात का अंधेरा। शिखर पर लहराता वो पवित्र ध्वज - पीला, लाल, जिस पर स्वयं महाप्रभु का चिन्ह है। और उसके ठीक पीछे... पूर्ण चंद्रमा। बिल्कुल सीध में। जैसे किसी ने नाप कर, पैमाने से बैठाया हो। चंद्रमा ध्वज के आर-पार चमक रहा है। ध्वज हवा में लहरा रहा है, और चांद उसके पीछे स्थिर है। लग रहा है जैसे चंद्रमा ध्वज में छेद करके निकल रहा हो, या जैसे ध्वज ने चंद्रमा को अपने अंदर समा लिया हो। इस पावन रात्रि पर चंद्र देव, महाप्रभु श्री जगन्नाथ का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उपस्थित होते हैं। शास्त्रों में लिखा है - चंद्रमा मन का कारक है, शीतलता का देवता है। और जगन्नाथ कौन हैं? वो तो जगत के नाथ हैं, पूरे ब्रह्मांड के स्वामी। तो आज मन का देवता, ब्रह्मांड के स्वामी के चरणों में आया है। देखो इस दृश्य की गहराई - नीचे मंदिर का शिखर है, जो 1000 साल से अडिग खड़ा है, जिस पर आज तक कोई परछाई नहीं पड़ती। उसके ऊपर नील चक्र है, जो सुदर्शन का प्रतीक है। उसके ऊपर ध्वज है, जो रोज बदलता है, जो हवा के विपरीत दिशा में उड़ता है। और उसके भी ऊपर - आज चंद्रमा आकर बैठ गया है। ये सनातन की शाश्वत आध्यात्मिक विरासत और गहरी, अटूट भक्ति की एक सुंदर झलक प्रस्तुत करता है... हम नासा के टेलिस्कोप से चांद को देखते हैं, साइंस कहती है चांद एक उपग्रह है, एक पत्थर है। पर हमारा सनातन कहता है - नहीं, चांद एक देवता है। और वो भी महाप्रभु का भक्त है। आज की रात शरद पूर्णिमा नहीं, फिर भी पूर्णिमा जैसा तेज है। क्योंकि जब महाप्रभु बुलाते हैं तो चंद्रमा को आना ही पड़ता है। लाखों लोग पुरी जाते हैं, ध्वज के दर्शन करते हैं। कहा जाता है कि जो ध्वज के दर्शन कर ले, उसके सारे पाप धुल जाते हैं। तो सोचो, जो चंद्रमा खुद ध्वज के पीछे खड़ा होकर दर्शन कर रहा है, उसका कितना पुण्य होगा? और जो इंसान इस वीडियो को देख रहा है, उसका कितना पुण्य होगा? ये वीडियो वायरल होना चाहिए, क्योंकि ये सिर्फ वीडियो नहीं, दर्शन है। जो इसे शेयर करेगा, उसके घर में शीतलता आएगी, मन शांत होगा, क्योंकि चंद्र देव का आशीर्वाद और महाप्रभु की कृपा दोनों एक साथ मिल रही हैं। एक बार दिल से बोलो - जय जगन्नाथ! 🙏 @highlight और इस चमत्कार को हर सनातनी तक पहुंचा दो। साभार ये संयोग नहीं, साक्षात ब्रह्मांड का प्रणाम है - जब चंद्र देव खुद जगन्नाथ के ध्वज को अपना सिंहासन बना लें ये वीडियो देखो, और आंखें बंद मत करना, क्योंकि जो दिख रहा है वो दोबारा नहीं दिखेगा। पुरी का श्री जगन्नाथ मंदिर। रात का अंधेरा। शिखर पर लहराता वो पवित्र ध्वज - पीला, लाल, जिस पर स्वयं महाप्रभु का चिन्ह है। और उसके ठीक पीछे... पूर्ण चंद्रमा। बिल्कुल सीध में। जैसे किसी ने नाप कर, पैमाने से बैठाया हो। चंद्रमा ध्वज के आर-पार चमक रहा है। ध्वज हवा में लहरा रहा है, और चांद उसके पीछे स्थिर है। लग रहा है जैसे चंद्रमा ध्वज में छेद करके निकल रहा हो, या जैसे ध्वज ने चंद्रमा को अपने अंदर समा लिया हो। इस पावन रात्रि पर चंद्र देव, महाप्रभु श्री जगन्नाथ का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उपस्थित होते हैं। शास्त्रों में लिखा है - चंद्रमा मन का कारक है, शीतलता का देवता है। और जगन्नाथ कौन हैं? वो तो जगत के नाथ हैं, पूरे ब्रह्मांड के स्वामी। तो आज मन का देवता, ब्रह्मांड के स्वामी के चरणों में आया है। देखो इस दृश्य की गहराई - नीचे मंदिर का शिखर है, जो 1000 साल से अडिग खड़ा है, जिस पर आज तक कोई परछाई नहीं पड़ती। उसके ऊपर नील चक्र है, जो सुदर्शन का प्रतीक है। उसके ऊपर ध्वज है, जो रोज बदलता है, जो हवा के विपरीत दिशा में उड़ता है। और उसके भी ऊपर - आज चंद्रमा आकर बैठ गया है। ये सनातन की शाश्वत आध्यात्मिक विरासत और गहरी, अटूट भक्ति की एक सुंदर झलक प्रस्तुत करता है... हम नासा के टेलिस्कोप से चांद को देखते हैं, साइंस कहती है चांद एक उपग्रह है, एक पत्थर है। पर हमारा सनातन कहता है - नहीं, चांद एक देवता है। और वो भी महाप्रभु का भक्त है। आज की रात शरद पूर्णिमा नहीं, फिर भी पूर्णिमा जैसा तेज है। क्योंकि जब महाप्रभु बुलाते हैं तो चंद्रमा को आना ही पड़ता है। लाखों लोग पुरी जाते हैं, ध्वज के दर्शन करते हैं। कहा जाता है कि जो ध्वज के दर्शन कर ले, उसके सारे पाप धुल जाते हैं। तो सोचो, जो चंद्रमा खुद ध्वज के पीछे खड़ा होकर दर्शन कर रहा है, उसका कितना पुण्य होगा? और जो इंसान इस वीडियो को देख रहा है, उसका कितना पुण्य होगा? ये वीडियो वायरल होना चाहिए, क्योंकि ये सिर्फ वीडियो नहीं, दर्शन है। जो इसे शेयर करेगा, उसके घर में शीतलता आएगी, मन शांत होगा, क्योंकि चंद्र देव का आशीर्वाद और महाप्रभु की कृपा दोनों एक साथ मिल रही हैं। एक बार दिल से बोलो - जय जगन्नाथ! 🙏 @highlight और इस चमत्कार को हर सनातनी तक पहुंचा दो। साभार1