मंदसौर जिले में शामगढ़ पुलिस को अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने बिना नंबर की एक सफेद स्विफ्ट कार से लगभग 22 किलोग्राम अवैध डोडाचुरा जब्त किया है, जिसकी कीमत लगभग 44 हज़ार रुपये आंकी गई है। जब्त की गई कार की कीमत करीब 6 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई उस वक्त हुई जब पुलिस थाना शामगढ़ की टीम दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे के नीचे ग्राम साकरियाखेड़ी के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान टीम ने एक संदिग्ध सफेद स्विफ्ट कार को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक वाहन को तेज़ गति से भगाकर ग्राम सगोरिया के कच्चे रास्ते से होते हुए तालाब किनारे छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने वाहन की तलाशी लेने पर उसमें से 22 किलोग्राम अवैध डोडाचुरा बरामद किया। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार मीणा के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती हेमलता कुरील और एसडीओपी दिनेश प्रजापति के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कपिल सौराष्ट्रीय की टीम द्वारा की गई। पुलिस फिलहाल फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।
मंदसौर जिले में शामगढ़ पुलिस को अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने बिना नंबर की एक सफेद स्विफ्ट कार से लगभग 22 किलोग्राम अवैध डोडाचुरा जब्त किया है, जिसकी कीमत लगभग 44 हज़ार रुपये आंकी गई है। जब्त की गई कार की कीमत करीब 6 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई उस वक्त हुई जब पुलिस थाना शामगढ़ की टीम दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे के नीचे ग्राम साकरियाखेड़ी के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान टीम ने एक संदिग्ध सफेद स्विफ्ट कार को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक वाहन को तेज़ गति से भगाकर ग्राम सगोरिया के कच्चे रास्ते से होते हुए तालाब किनारे छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने वाहन की तलाशी लेने पर उसमें से 22 किलोग्राम अवैध डोडाचुरा बरामद किया। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार मीणा के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती हेमलता कुरील और एसडीओपी दिनेश प्रजापति के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कपिल सौराष्ट्रीय की टीम द्वारा की गई। पुलिस फिलहाल फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।
- रामपुरा थाना परिसर में सोमवार को आगामी बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता एसडीएम किरण आजना और एसडीओपी निकिता सिंह ने की। बैठक में तहसीलदार मृगेंद्र सिसोदिया, मुख्य नगर पालिका अधिकारी के.एल. सूर्यवंशी, विद्युत विभाग से कनिष्ठ यंत्री श्री जोशी और थाना प्रभारी विपिन मसीह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सभी नागरिकों से आपसी भाईचारा, शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था, साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था, यातायात और सुरक्षा संबंधी विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने यह भी निर्देश दिए कि त्योहार के समय किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचा जाए और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत प्रशासन एवं पुलिस को दी जाए। इस बैठक में नगर के गणमान्य नागरिकों के साथ आदर्श हिंदू सेवा समिति के पदाधिकारी, अंजुमन इस्लाम कमेटी के सदस्य, पत्रकार बंधु, जन प्रतिनिधि एवं अन्य समाजजन बड़ी संख्या में मौजूद थे। सभी उपस्थित सदस्यों ने मिलकर त्योहार को आपसी सद्भाव और भाईचारे के साथ मनाने का संकल्प लिया। नागरिकों ने अपने सुझाव भी रखे, जिन पर अधिकारियों ने गंभीरता से विचार करने और आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया।4
- मंदसौर जिले में शामगढ़ पुलिस को अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने बिना नंबर की एक सफेद स्विफ्ट कार से लगभग 22 किलोग्राम अवैध डोडाचुरा जब्त किया है, जिसकी कीमत लगभग 44 हज़ार रुपये आंकी गई है। जब्त की गई कार की कीमत करीब 6 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई उस वक्त हुई जब पुलिस थाना शामगढ़ की टीम दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे के नीचे ग्राम साकरियाखेड़ी के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान टीम ने एक संदिग्ध सफेद स्विफ्ट कार को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक वाहन को तेज़ गति से भगाकर ग्राम सगोरिया के कच्चे रास्ते से होते हुए तालाब किनारे छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने वाहन की तलाशी लेने पर उसमें से 22 किलोग्राम अवैध डोडाचुरा बरामद किया। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार मीणा के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती हेमलता कुरील और एसडीओपी दिनेश प्रजापति के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कपिल सौराष्ट्रीय की टीम द्वारा की गई। पुलिस फिलहाल फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।1
- मध्य प्रदेश के जीरन स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहाँ बिना यूरिन सैंपल की जाँच किए ही उसकी रिपोर्ट बना दी गई। इस 'खेल' का खुलासा तब हुआ जब स्टाफ से इस संबंध में सवाल पूछे गए, जिसके बाद संबंधित स्टाफ तुरंत मौके से भाग खड़ा हुआ।1
- रीवा सड़क हादसे में जैन साध्वियों के निधन से आक्रोशित मल्हारगढ़ के सकल जैन समाज एवं सनातन धर्म समिति ने सोमवार को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। समाजजनों ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की और संत समाज की सुरक्षा के लिए एक ठोस नीति बनाने की अपील की है। विरोध प्रदर्शन के तहत, सोमवार सुबह 11:15 बजे मल्हारगढ़ बस स्टैंड पर बड़ी संख्या में समाजजन एकत्रित हुए। इसके बाद सभी ने रैली निकाली और अनुविभागीय कार्यालय पहुंचे, जहाँ नायब तहसीलदार पंकज जाट को मुख्यमंत्री के नाम यह ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में रीवा सड़क हादसे की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने, संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने, राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाने तथा संत समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसी प्रमुख मांगें रखी गईं। समाजजनों का कहना था कि संत समाज देश और धर्म की आस्था का केंद्र है, इसलिए सरकार को उनकी सुरक्षा के लिए प्रभावी एवं कठोर कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ खंड संचालक ओमप्रकाश बटवाल, दिगंबर जैन समाज अध्यक्ष कमलेश गोयल, जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ अध्यक्ष वर्धमान जैन, स्थानकवासी जैन समाज अध्यक्ष अशोक दुग्गड़, नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ. योगेश कच्छावा, नगर परिषद उपाध्यक्ष राधेश्याम प्रजापति, विश्व हिंदू परिषद नगर अध्यक्ष हरीश साहू, बजरंग दल के प्रमेश सोनावत एवं मंजीत प्रजापति, बाबा रामदेव मेला समिति अध्यक्ष नितिन शर्मा सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त, विजय जैन, सुरेंद्र गोयल, महेश गोयल, कमलेश बाफना, मनीष चौहान, प्रेस क्लब पदाधिकारी राधेश्याम बैरागी, अशोक कुमार दक, चंदु अग्रवाल, सूरजमल राठौर, गोपाल मालेचा, महेश मरैठा, मुकेश भाना, डॉ. जितेंद्र गहलोत, कैलाश फरक्या, सुनील मुजावदिया, दिनेश पोरवाल, गोपाल कौशिक, बाबूलाल प्रजापति, पूर्व पार्षद विमल मोदी, सुनील कांसल, अनिल अग्रवाल, नितिन दीक्षित, हरीश रतनावत, राजेश लोढ़ा, संजय यति, सुमित दक, प्रवीण अग्रवाल, चेतन शर्मा, अशोक राठौर, अनिल परिहार, हिमांशु गोयल, मुकूल गोयल एवं अंश गोयल सहित बड़ी संख्या में सनातन एवं जैन समाज के अनुयायी उपस्थित थे। ज्ञापन का वाचन एवं आभार प्रदर्शन कमलेश गोयल द्वारा किया गया।1
- मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के पिपलियामंडी में प्रशासन ने मुख्य मार्गों पर फैले अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। कृषि उपज मंडी से लेकर टीलाखेड़ा तक के मुख्य मार्गों से अस्थायी और स्थायी अतिक्रमणों को हटाया गया, जिसमें हाथ ठेलागाड़ी पर फल-सब्जी लगाकर किए गए अतिक्रमण भी शामिल थे। प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानों पर लोगों द्वारा विरोध दर्ज कराया गया और अधिकारियों के साथ बहसबाज़ी भी देखने को मिली।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समस्त प्रदेशवासियों को "गंगा दशमी" के अवसर पर शुभकामनाएँ दी हैं।1
- मंदसौर में 25 मई 2026 को गंगा दशहरा के पावन अवसर पर पशुपतिनाथ मंदिर स्थित शिवना नदी के घाट पर एक सामूहिक श्रमदान एवं स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। सांसद श्री सुधीर गुप्ता के मुख्य आतिथ्य में हुए इस कार्यक्रम में आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों, पर्यावरण प्रेमियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर शिवना नदी घाट की सफाई की। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर और जनपद अध्यक्ष श्री बसंत शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे, वहीं प्रशासनिक अधिकारियों में कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग, अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल और जिला पंचायत सीईओ श्री अनुकूल जैन समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद श्री सुधीर गुप्ता ने कहा कि जल के बिना जीवन संभव नहीं है और इसे प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का अभिन्न अंग बनना चाहिए। उन्होंने नदियों के किनारे सभ्यताओं के विकास और परम आनंद की अनुभूति का जिक्र करते हुए गंगा दशहरा के इस दिन को जल संरक्षण एवं स्वच्छता का संदेश देने वाला बताया। सांसद ने भविष्य में जल संकट की स्थिति से बचने के लिए वर्तमान में ही जल संरक्षण हेतु विशेष प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी बताया कि शिवना नदी में सामूहिक श्रमदान से शुरू हुआ सफाई अभियान प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ अभियान घोषित हुआ था, जिसने उन्हें देशभर में जल संवर्धन के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने का अवसर दिया। सांसद श्री गुप्ता ने चंबल के पानी को खेतों तक पहुंचाने और माइक्रो सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को मिल रहे लाभ का भी उल्लेख किया, साथ ही जल की बचत सुनिश्चित करने के लिए किसानों को ड्रिप सिंचाई अपनाने हेतु प्रेरित और प्रशिक्षित करने का आह्वान किया। उन्होंने भारतीय रेलवे के लगभग 97 प्रतिशत इलेक्ट्रिक ऊर्जा पर आधारित होने और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम होने की बात कही। इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार द्वारा मंदसौर-नीमच क्षेत्र में परमाणु ऊर्जा उत्पादन की संभावनाओं के सर्वे कार्य की जानकारी भी दी। भारत के स्वच्छता के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने की बात पर जोर देते हुए, सांसद श्री गुप्ता ने समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल नदियों और आसपास के क्षेत्रों तक सीमित नहीं, बल्कि मन में भी होनी चाहिए। कार्यक्रम के समापन पर, सांसद श्री गुप्ता ने सभी उपस्थित लोगों को मंदसौर नगर, प्रदेश और देश के पर्यावरण को सुरक्षित एवं संरक्षित रखने के लिए अपने तन, मन और धन से योगदान करने की शपथ दिलाई। इस शपथ में विशेष रूप से माँ शिवना को प्रदूषण से बचाने, उसे स्वच्छ रखने और मित्रों को इस कार्य के लिए प्रेरित करने का संकल्प भी शामिल था।3
- गंगा दशहरा के पावन अवसर पर, 25 मई 2026 को रामपुरा नगर परिषद ने जल संरक्षण और जनजागरूकता के लिए एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया। नगर के श्रीपुरा स्थित प्राचीन बावड़ी परिसर में श्रमदान कार्यक्रम आयोजित कर उसकी साफ-सफाई की गई, वहीं पूरे नगर में कलश यात्रा निकालकर नगरवासियों को जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य नगर पालिका अधिकारी के.एल. सूर्यवंशी और सांसद प्रतिनिधि विजय दानगड़ के नेतृत्व में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नगरवासी शामिल हुए। सभी ने उत्साहपूर्वक श्रमदान करते हुए प्राचीन जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प लिया। सफाई कार्य के दौरान किसी ने फावड़ा संभाला तो किसी ने तसला उठाकर सक्रिय भागीदारी निभाई, जिसके सामूहिक प्रयासों से श्रीपुरा की ऐतिहासिक बावड़ी स्वच्छ और सुंदर बनाई गई। वक्ताओं ने इस अवसर पर जल संरक्षण के लिए समाज को जागरूक करने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्राचीन बावड़ियां और जल स्रोत हमारी सांस्कृतिक धरोहर होने के साथ-साथ भविष्य की जल सुरक्षा का आधार भी हैं। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे आयोजनों से समाज में जागरूकता बढ़ती है और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत होती है। यह आयोजन केवल एक सफाई अभियान नहीं, बल्कि जल संरक्षण और सामाजिक सहभागिता का एक सशक्त संदेश बनकर उभरा, यह दर्शाता है कि जब प्रशासन और समाज एक साथ कदम बढ़ाते हैं तो बदलाव की नई तस्वीर दिखाई देती है।4