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मध्य प्रदेश में शहरी क्षेत्र में दुकान व्यवसाय का ट्रेड लाइसेंस लेना हुआ अनिवार्य मध्य प्रदेश सरकार ने शहरी क्षेत्र में दुकान व्यवसाय करने वालों के लिए ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया है ट्रेड लाइसेंस नहीं लेने वालों पर नगर निगम द्वारा कार्यवाही की जाएगी
Sharique Akhtar Durrani
मध्य प्रदेश में शहरी क्षेत्र में दुकान व्यवसाय का ट्रेड लाइसेंस लेना हुआ अनिवार्य मध्य प्रदेश सरकार ने शहरी क्षेत्र में दुकान व्यवसाय करने वालों के लिए ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया है ट्रेड लाइसेंस नहीं लेने वालों पर नगर निगम द्वारा कार्यवाही की जाएगी
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- एक करोड़ का सफेद हाथी बना स्टेडियम, आठ साल से ताला बंद महेश्वर :- झिरनिया (पिपल्या बुजुर्ग)। तहसील स्तर का खेल स्टेडियम बनाया गया एक करोड़ रुपये खर्च करके। मकसद था क्षेत्र के युवाओं को खेल का मंच देना। लेकिन आठ साल बीत गए और मैदान पर अभी भी सिर्फ पत्थर, गोबर और दरारें दिखती हैं। खेल का कोई निशान नहीं। 2016-17 में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग महेश्वर ने यह स्टेडियम तैयार करवाया था। तब उम्मीद थी कि यहां नियमित टूर्नामेंट, अभ्यास और प्रतियोगिताएं होंगी। आज हकीकत यह है कि भवन के हॉल में बाहर के लोग चादर-टीन लगाकर रहने लगे हैं। दीवारों का प्लास्टर झड़ रहा है, पेवेलियन में दरारें फैल गई हैं और क्रिकेट पिच पर बड़े-बड़े पत्थर बिखरे पड़े हैं। मैदान में मवेशी घूमते हैं। ग्रामीण महेंद्र शुक्ला, धर्मेंद्र जायसवाल और संतोष भजीत कहते हैं, “इतनी बड़ी रकम खर्च हुई, लेकिन किसी अधिकारी ने कभी नियमित निरीक्षण नहीं किया। न मरम्मत हुई, न खेल शुरू हुए। युवाओं को दूसरे गांव जाना पड़ता है।” जगदीश मुकाती बताते हैं कि छत्तसील स्तर का यह मैदान आज पूरी तरह बेकार पड़ा है। निर्माण के बाद विभाग ने इसकी सुध ही नहीं ली। देखरेख न होने से भवन और मैदान दोनों दिन-ब-दिन खराब होते जा रहे हैं। यह सिर्फ एक इमारत की कहानी नहीं है। यह सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की उस हकीकत को दर्शाती है, जहां निर्माण तो हो जाता है, लेकिन रखरखाव और उपयोग की कोई जिम्मेदारी नहीं ली जाती। क्षेत्र के सैकड़ों युवा खेलना चाहते हैं, लेकिन उनके पास न मैदान है, न सुविधा। अब सवाल सिर्फ इतना है — क्या प्रशासन इस एक करोड़ के स्टेडियम को फिर से जिंदा करेगा, या यह हमेशा के लिए वीरान पड़ा रहेगा?1
- धामनोद जय भीम नगर में स्कूली बच्चों को जान जोखिम में डाल गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ागंदे पानी की समस्या से रहवासी परेशान नगर के वार्ड जिम्मेदार बेखबर (जे.एन.यादव धामनोद ) 14 जय भीम नगर में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से प्रतिवर्ष की तरह रहवासियों को परेशानी का सामना उठाना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि नगर की विभिन्न गंदी नालियों का पानी बहकर उनके वार्ड में पहुंच रहा है, जिससे वर्षा के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। मंगलवार को स्थिति उस समय भयावह नजर आई, जब स्कूली बच्चों को इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा। इसका वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हुआ। रहवासियों ने समस्या को लेकर विरोध जताते हुए जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित किया, लेकिन उनका आरोप है कि इसके बावजूद समस्या के निराकरण के लिए अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। गंदे बहते पानी से गुजरते स्कूली बच्चे। समस्या से नाराज वार्डवासी नगर परिषद पहुंचे और मुख्य नगर पालिका अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपकर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की है। मांग की। रहवासियों ने बताया कि वर्षा के दौरान गंदा पानी सड़कों पर जमा हो जाता है, जिससे आवागमन प्रभावित होने के साथ ही बच्चों, बुजुर्गों और आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ती बीमारियों का भी बना रहता है खतरा रहवासियों ने कहा कि लंबे समय तक सड़कों पर गंदा पानी जमा रहने से दुर्गंध और गंदगी के साथ बीमारियां फैलने का खतरा भी बना रहता है। विशेष रूप से स्कूली बच्चों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है, स्कुल ड्रेस बेग गीले होने के साथ ही बच्चो के स्वास्थ्य को लेकर अभिभावकों में चिंता है। उल्लेखनीय है कि वर्षा के दौरान नगर में कई स्थानों पर निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण जलभराव की स्थिति बन रही है। रहवासियों का आरोप है कि नगर परिषद द्वारा समय रहते निकासी व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किए जाने से लोगों की परेशानी बढ़ रही है। अब वार्डवासियों का विरोध खुलकर सामने आया है और उन्होंने समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।3
- #ANT थम नहीं रहा युवाओ का कग्रेस मे शामिल होना धार्मिक खंडवा: धार्मिक आयोजनों और युवाओं के मुद्दों पर कांग्रेस का भाजपा सरकार पर हमला1