फार्मर आईडी अभियान में लापरवाही पर बड़ा एक्शन, 7 कर्मचारी निलंबित; 48 लेखपालों पर कार्रवाई... गाजीपुर। जिले में चल रहे किसान पहचान पत्र (फार्मर आईडी) अभियान में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। अपेक्षित प्रगति न होने पर अब तक 48 लेखपालों और 3 पंचायत सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें 4 लेखपाल और 3 पंचायत सचिव समेत कुल 7 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासनिक जानकारी के अनुसार 28 लेखपालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जबकि 14 लेखपालों का वेतन रोक दिया गया है। वहीं 2 कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। निलंबित कर्मचारियों में सैदपुर तहसील के 2 लेखपाल और 3 पंचायत सचिव तथा सदर तहसील के 2 लेखपाल शामिल हैं। इसके अलावा जखनियां, सेवराई, जमानिया और मोहम्मदाबाद तहसीलों में भी कई लेखपालों पर नोटिस और वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है। जिले में कुल 5,71,338 किसान पंजीकृत हैं, जिनमें से अब तक लगभग 75 प्रतिशत यानी 4,27,238 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। हालांकि अभी भी 1,44,100 किसानों का पंजीकरण बाकी है। प्रशासन ने 25 अप्रैल तक 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनेगी, उन्हें खाद, बीज और कृषि यंत्र खरीदने, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं बेचने और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की अगली किस्त पाने में दिक्कत हो सकती है। 6 अप्रैल से शुरू हुए इस अभियान के तहत जिले की 900 से अधिक ग्राम पंचायतों में शिविर लगाकर अब तक 38 हजार से ज्यादा किसानों की आईडी बनाई जा चुकी है। फार्मर रजिस्ट्री के दौरान खतौनी और आधार में नाम की गड़बड़ी या अंश निर्धारण जैसी समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी संबंधित लेखपालों को दी गई है। इस संबंध में अधिकारी संतोष कुमार वैश्य ने किसानों से अपील की है कि वे अपने मोबाइल, आधार कार्ड और खतौनी के साथ नजदीकी जन सुविधा केंद्र या ग्राम पंचायत शिविर में पहुंचकर जल्द से जल्द फार्मर आईडी बनवा लें। उन्होंने बताया कि यह आईडी मोबाइल पर उपलब्ध होगी और इसका प्रिंट भी लिया जा सकेगा, जिससे भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कोई परेशानी नहीं होगी।
फार्मर आईडी अभियान में लापरवाही पर बड़ा एक्शन, 7 कर्मचारी निलंबित; 48 लेखपालों पर कार्रवाई... गाजीपुर। जिले में चल रहे किसान पहचान पत्र (फार्मर आईडी) अभियान में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। अपेक्षित प्रगति न होने पर अब तक 48 लेखपालों और 3 पंचायत सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें 4 लेखपाल और 3 पंचायत सचिव समेत कुल 7 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासनिक जानकारी के अनुसार 28 लेखपालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जबकि 14 लेखपालों का वेतन रोक दिया गया है। वहीं 2 कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। निलंबित कर्मचारियों में सैदपुर तहसील के 2 लेखपाल और 3 पंचायत सचिव तथा सदर तहसील के 2 लेखपाल शामिल हैं। इसके अलावा जखनियां, सेवराई, जमानिया और मोहम्मदाबाद तहसीलों में भी कई लेखपालों पर नोटिस और वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है। जिले में कुल 5,71,338 किसान पंजीकृत हैं, जिनमें से अब तक लगभग 75 प्रतिशत यानी 4,27,238 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। हालांकि अभी भी 1,44,100 किसानों का पंजीकरण बाकी है। प्रशासन ने 25 अप्रैल तक 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनेगी, उन्हें खाद, बीज और कृषि यंत्र खरीदने, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं बेचने और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की अगली किस्त पाने में दिक्कत हो सकती है। 6 अप्रैल से शुरू हुए इस अभियान के तहत जिले की 900 से अधिक ग्राम पंचायतों में शिविर लगाकर अब तक 38 हजार से ज्यादा किसानों की आईडी बनाई जा चुकी है। फार्मर रजिस्ट्री के दौरान खतौनी और आधार में नाम की गड़बड़ी या अंश निर्धारण जैसी समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी संबंधित लेखपालों को दी गई है। इस संबंध में अधिकारी संतोष कुमार वैश्य ने किसानों से अपील की है कि वे अपने मोबाइल, आधार कार्ड और खतौनी के साथ नजदीकी जन सुविधा केंद्र या ग्राम पंचायत शिविर में पहुंचकर जल्द से जल्द फार्मर आईडी बनवा लें। उन्होंने बताया कि यह आईडी मोबाइल पर उपलब्ध होगी और इसका प्रिंट भी लिया जा सकेगा, जिससे भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कोई परेशानी नहीं होगी।
- भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से बनारस के डीएम साहब से निवेदन है कि अभियान चलाई जाए एक बार खोलकर फिर से जो भी ऑटो हो या टोटो या कर हो 20 चौराहे पर सवारी उठते ही पकड़ी जा रही है चौराहे के हेयर फॉल में कोई भी पार्किंग नहीं होना चाहिए निवेदन इस पर अभियान चलाई जाए और कर का लाइन अलग ऑटोक्लीन अलग बाइक का लाइन अलग सब का नियम बनाया जाए बनारस शहर में खासतौर सिटी से लेकर गांव तक सभी नियम बनाया जाए सभी दुर्घटना काम हो जाएगा 1 महीने के अंदर अगर आप नहीं कर पा रहे हैं तो मुझे परमिशन दीजिए हम उसका उपाय ढूंढ रहे हैं हम नियम बनाएंगे बस आपका सहयोग चाहिए1
- Post by VIKESH DAS2
- बलिया में अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भगवान परशुराम जी का जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुरेमनपुर पिपरपाती निवासी वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल कुमार चौबे ने ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं के साथ अत्यंत भव्य एवं अनुशासित आयोजन कर क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश दिया। इस अवसर पर वे भृगु आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए, जहाँ उन्होंने रवि किशन तथा सहकारिता राज्य मंत्री वाल्मीकि तिवारी से भेंट कर जयंती की शुभकामनाएँ दीं। अपने संबोधन में चौबे ने भगवान परशुराम के आदर्शों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए उनके मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज में समरसता, स्वच्छता और नैतिकता को बढ़ावा देना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। इस दौरान उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता रमेश चंद्र तिवारी व दातादत्त तिवारी को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया, जो उनके नेतृत्व और सामाजिक सरोकारों के प्रति समर्पण को दर्शाता है।1
- Post by Ansarul Haque khan1
- बिल्थरारोड क्षेत्र के हल्दीरामपुर (छपिया) टोले में शनिवार को भीषण आग लगने से करीब 30 घर जलकर राख हो गए। आग इतनी तेज थी कि लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला और अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस व फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे में कई परिवार बेघर हो गए। मौके पर पहुंचे पूर्व विधायक गोरख पासवान ने पीड़ितों से मिलकर महिलाओं को साड़ी वितरण किया और मदद का भरोसा दिया।1
- मोहनियां के पुसौली में मूंग की फसल चराने के विवाद में दबंगों ने लाठी-डंडों से परिवार पर किया हमला कैमूर/बिहार कैमूर। अनुमंडल अस्पताल मोहनियां में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब दो पक्षों में मारपीट में घायल कुल 6 लोग इलाज के लिए पहुंचे। मामला पुसौली गांव का है, जहां मूंग की फसल में मवेशी चराने से मना करने पर दबंगों ने एक परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों से महिलाएं समेत कुल 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, घायलों की पहचान मोहनियां थाना अंतर्गत पुसौली गांव निवासी स्वर्गीय राम मूरत सिंह के पुत्र जीतन सिंह, प्रहलाद सिंह के पुत्र धनंजय सिंह, सुदामा सिंह की पत्नी प्रमिला देवी, पप्पू सिंह की पत्नी आशा देवी, चमरू सिंह के पुत्र सुदामा सिंह और बरहुली गांव निवासी श्रीकांत सिंह का पुत्र पवन कुमार के रूप में हुई है। वही पीड़ित सुदामा सिंह और उनकी पत्नी परमिला देवी ने बताया कि उनके खेत में मूंग की फसल लगी हुई है। बरहुली गांव के कुछ दबंग परशुराम, कमता और मोती यादव के पुत्र जबरन उनके खेत में भैंस चरा रहे थे। जब सुदामा सिंह और उनके परिवार ने इसका विरोध किया और मवेशियों को वहां से हटाने को कहा, तो आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने लाठी, डंडे और पारंपरिक हथियार (बल्लम) से हमला कर दिया। वही परमिला देवी ने रोते हुए बताया कि उनके पति को जमीन पर पटक कर बुरी तरह पीटा गया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आई हैं। बीच-बचाव करने आई घर की महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया। इस संबंध में अनुमंडल अस्पताल के चिकित्सक डॉ अमित तिवारी ने रविवार की दोपहर बताया की मारपीट में घायल कुल 6 लोगो को लाया गया था, जिनमें चार लोगों का सर फट गया था हमने चारों का प्राथमिक उपचार करने के बाद सीटी स्कैन कराने के लिए सदर अस्पताल भभुआ रेफर कर दिया। वही इस संबंध में मोहनियां थाना अध्यक्ष आलोक कुमार ने रविवार की दोपहर 12:45 बजे फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि मारपीट मामले में चार-पांच लोगों को पूछताछ के लिए थाने पर लाया गया है अभी किसी भी पक्ष के द्वारा आवेदन नहीं मिला है आवेदन मिलने पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।4
- Post by Jitendra bahadur Dubey1
- बलिया जनपद के बेरूआरबारी क्षेत्र में रविवार शाम करीब 8 बजे सुखपुरा मार्ग पर रोशनी कार बाजार के सामने स्कॉर्पियो और ई-रिक्शा की जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में पांच लोग घायल हो गए। घटना ब्लॉक मुख्यालय से लगभग आधा किलोमीटर दूर की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने सामने से आ रहे ई-रिक्शा को टक्कर मार दी, जिससे चालक गंभीर रूप से घायल हो गया और वाहन में रखा सामान सड़क पर बिखर गया। हादसे के दौरान पीछे आ रहा एक अन्य ई-रिक्शा भी इसकी चपेट में आ गया, जिससे कुल घायलों की संख्या बढ़ गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए पुलिस की मदद से सभी घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेरूआरबारी पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने रामसागर यादव (50) की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जबकि अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। सोमवार सुबह करीब 7 बजे पुलिस ने जानकारी दी कि मामले की जांच जारी है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।1
- कैमूर/भभुआ अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भभुआ नगर परिषद मैदान में भगवान परशुराम जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महाकालेश्वर ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज तिवारी के साथ काशी से आए विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना, हवन और आरती के साथ हुई। इसके बाद भगवान परशुराम की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें युवाओं का विशेष उत्साह देखने को मिला। शोभायात्रा नगर परिषद मैदान से शुरू होकर जयप्रकाश चौक, पटेल चौक, वन विभाग मार्ग होते हुए एकता चौक तक पहुंची। इस दौरान श्रद्धालु “जय परशुराम” के जयघोष के साथ भजन-कीर्तन करते रहे, जिससे पूरा शहर भक्तिमय माहौल में डूब गया। शोभायात्रा में राधा-कृष्ण, राम-जानकी और भगवान परशुराम की आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं। ढोल-नगाड़ों की गूंज और श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी ने कार्यक्रम को भव्य बना दिया। एकता चौक पर गंगा आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। राष्ट्रीय परशुराम सेना के प्रदेश अध्यक्ष विनोद तिवारी ने बताया कि इस आयोजन में जिले के साथ-साथ अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। उन्होंने सभी समुदायों के लोगों का आभार जताया, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाया। इस मौके पर संगठन के प्रदेश महासचिव अभय पांडे, सम्राट राजन तिवारी, ध्रुव तिवारी, मोनू पांडे, मनोज तिवारी अधिवक्ता मनीष पांडे, ट्विंकल तिवारी और राष्ट्रीय सनातन सेना के प्रदेश अध्यक्ष पवन गुप्ता अमित टिंकल जैनेन्द्र तिवारी उर्फ चातर बाबा सिक्की तिवारी रिशु तिवारी प्रमोद तिवारी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। भक्तों ने इस अवसर पर भगवान परशुराम के जीवन और उनके आदर्शों को भी याद किया। पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान परशुराम का जन्म त्रेता युग में ऋषि महर्षि जमदग्नि और माता रेणुका के घर हुआ था। उनका जन्म अक्षय तृतीया के दिन हुआ, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। भगवान परशुराम ने भगवान शिव की कठोर तपस्या कर उनसे दिव्य परशु (फरसा) और अस्त्र-शस्त्र प्राप्त किए। वे शास्त्र और शस्त्र दोनों के महान ज्ञाता थे। उनके जीवन का प्रमुख प्रसंग सहस्त्रार्जुन (कार्तवीर्य अर्जुन) के साथ युद्ध है, जिसने उनके पिता की हत्या कर दी थी। इसके बाद भगवान परशुराम ने अत्याचार के खिलाफ संघर्ष करते हुए उसका वध किया और अन्य अत्याचारियों का भी नाश किया। कहा जाता है कि उन्होंने 21 बार पृथ्वी को अत्याचारी क्षत्रियों से मुक्त किया। इतनी बड़ी विजय के बाद भी उन्होंने अहंकार नहीं किया और संपूर्ण पृथ्वी को महर्षि कश्यप को दान कर दिया तथा स्वयं तपस्या में लीन हो गए। भगवान परशुराम एक महान गुरु भी थे। उन्होंने भीष्म, द्रोणाचार्य और कर्ण जैसे महान योद्धाओं को शिक्षा दी। जीवन से मिलने वाली सीख भगवान परशुराम का जीवन हमें सिखाता है कि अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। साथ ही, ज्ञान और शक्ति का संतुलन बनाए रखना, गुरु और माता-पिता का सम्मान करना और सफलता के बाद भी विनम्र बने रहना बहुत जरूरी है। पूरा आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ और लोगों ने भगवान परशुराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। रिपोर्ट ---: ओम प्रकाश तिवारी4