बैरवा समाज धर्मशाला 27 वर्ष पुराना जमीन विवाद नही सुलझा: मलारना डूंगर उपखंड के मलारना स्टेशन कस्बे में स्थित बैरवा समाज धर्मशाला का 27 साल पुराना विवाद को लेकर सर्व पंचायत देर श्याम तक नही सुलझा विवाद मलारना डूंगर उपखंड के मलारना स्टेशन कस्बे में स्थित बैरवा समाज धर्मशाला का 27 साल पुराना विवाद को लेकर सर्व पंचायत नई सुलझा विवाद मलारना स्टेशन पर 27 साल पहले बैरवा समाज का सूर्य कुंड यज्ञ हुआ था जिसको लेकर बैरवा समाज ने थोड़ी सी जमीन मलारना स्टेशन पर खरीदी 1999 में हुए यज्ञ में समाज के ही एक व्यक्ति को अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया यज्ञ के बाद समाज की धर्मशाला और बगल में थोड़ी सी जमीन पर भी दो कमरों का निर्माण हुआ जिसमें तय हुआ भगवान सूर्य नारायण की मूर्ति रखने का लेकिन समाज का पूरा पैसा खर्च हो जाने के कारण भगवान सूर्य नारायण की मूर्ति नहीं लग सकी समाज ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया इसके चलते बैरवा समाज के अध्यक्ष ने इस जमीन को अपने नाम रजिस्ट्री करवा कर दूसरे आदमी को बेच दिया और धर्मशाला पर ताला लगा दिया बैरवा समाज अध्यक्ष सरपंच रामस्वरूप बैरवा ने बताया की धर्मशाला अध्यक्ष के द्वारा दिया गया धर्मशाला पर ताला खोलकर हमने भगवान सूर्य नारायण की मूर्ति स्थापित कर दी है लेकिन बगल में रही जमीन जिसे पूर्व अध्यक्ष ने बेच दिया था उसको लेकर आज सर्व समाज की पंचायत बुलाई गई जिसमें आज कोई निर्णय नहीं हुआ लगातार 1:00 बजे से लेकर शाम 6:00, 6:30 बजे तक चली इस मीटिंग में सर्व समाज के लोग पंच पटेल और सैकड़ो की संख्या में भीड़ इकट्ठा हुई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला सरपंच बैरवा ने का हमने हमारी समस्या पंच पटेल और जनता के बीच में रख दी हैं अगर यहां हमारा समाधान नहीं निकला तो हम न्याय के लिए माननीय न्यायालय के दरवाजे खटखटा आएंगे
बैरवा समाज धर्मशाला 27 वर्ष पुराना जमीन विवाद नही सुलझा: मलारना डूंगर उपखंड के मलारना स्टेशन कस्बे में स्थित बैरवा समाज धर्मशाला का 27 साल पुराना विवाद को लेकर सर्व पंचायत देर श्याम तक नही सुलझा विवाद मलारना डूंगर उपखंड के मलारना स्टेशन कस्बे में स्थित बैरवा समाज धर्मशाला का 27 साल पुराना विवाद को लेकर सर्व पंचायत नई सुलझा विवाद मलारना स्टेशन पर 27 साल पहले बैरवा समाज का सूर्य कुंड यज्ञ हुआ था जिसको लेकर बैरवा समाज ने थोड़ी सी जमीन मलारना स्टेशन पर खरीदी 1999 में हुए यज्ञ में समाज के ही एक व्यक्ति को अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया यज्ञ के बाद समाज की धर्मशाला और बगल में थोड़ी सी जमीन पर भी दो कमरों का निर्माण हुआ जिसमें तय हुआ भगवान सूर्य नारायण की मूर्ति रखने का लेकिन समाज का पूरा पैसा खर्च हो जाने के कारण भगवान सूर्य नारायण की मूर्ति नहीं लग सकी समाज ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया इसके चलते बैरवा समाज के अध्यक्ष ने इस जमीन को अपने नाम रजिस्ट्री करवा कर दूसरे आदमी को बेच दिया और धर्मशाला पर ताला लगा दिया बैरवा समाज अध्यक्ष सरपंच रामस्वरूप बैरवा ने बताया की धर्मशाला अध्यक्ष के द्वारा दिया गया धर्मशाला पर ताला खोलकर हमने भगवान सूर्य नारायण की मूर्ति स्थापित कर दी है लेकिन बगल में रही जमीन जिसे पूर्व अध्यक्ष ने बेच दिया था उसको लेकर आज सर्व समाज की पंचायत बुलाई गई जिसमें आज कोई निर्णय नहीं हुआ लगातार 1:00 बजे से लेकर शाम 6:00, 6:30 बजे तक चली इस मीटिंग में सर्व समाज के लोग पंच पटेल और सैकड़ो की संख्या में भीड़ इकट्ठा हुई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला सरपंच बैरवा ने का हमने हमारी समस्या पंच पटेल और जनता के बीच में रख दी हैं अगर यहां हमारा समाधान नहीं निकला तो हम न्याय के लिए माननीय न्यायालय के दरवाजे खटखटा आएंगे
- बिच्छीदोना गांव में आतंकी पैंथर पिंजरे में बंद: मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र के बिच्छीदोना गांव में आतंकी पैंथर पिंजरे में बंद वन नाका मलारना डूंगर ने किया रेस्क्यू रणथंभौर के जंगलों में छोड़ा जाएगा आतंकी पैंथर मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र के बिच्छीदोना गांव में आतंकी पैंथर पिंजरे में बंद वन नाका मलारना डूंगर ने किया रेस्क्यू रणथंभौर के जंगलों में छोड़ा जाएगा आतंकी पैंथर बिच्छीदोना गांव में कई दिनों से आतंक मचा रहे पैंथर को आखिरकार पिंजरे में बंद होना पड़ा 20-25 दिनों से लगातार गाय की छोटी बछड़ीयो, भेड़ बकरियां एवं कुत्तों को आये दिन अपना शिकार बना रहा था जिस गांव में दहशत का माहौल था इसके बाद ग्रामीणों ने कई बार वन विभाग को सूचना दी वन विभाग ने रेस्क्यू करने की भी कोशिश की लेकिन पैंथर पकड़ में नहीं आया जिसकी खबर पहले भी दैनिक भास्कर में चलाई गई तथा वन विभाग के द्वारा कई दिनों से पिंजरा लगाया गया जिसमें आज सुबह ही खूंखार पैंथर बंद हो गया इसके बाद ग्रामीणों की भीड़ लग गई ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग के फॉरेस्टर कमलेश कुमार को दी कमलेश कुमार मय टीम के साथ बिच्छीदोना गांव पहुंचे और पैंथर को रेस्क्यू कर मलारना डूंगर वन नाका लाया गया फॉरेस्टर कमलेश कुमार ने बताया की पैंथर की सूचना वन विभाग के उच्च अधिकारियों को दे दी है पैंथर को रणथंभौर के जंगलों में छोड़ा जाएगा वही ग्रामीणों ने बताया कि अभी गांव के आसपास एक और पैंथर का मूवमेंट बना हुआ है जिस पर फॉरेस्टर कमलेश कुमार ने कहां की जल्दी दूसरे पैंथर को भी पिंजरा लगाकर रेस्क्यू किया जाएगा1
- पुलिस थाना सदर गंगापुर सिटी में सीएलजी एवं सुरक्षा सखी सदस्यों की बैठक आयोजित। सुश्री ज्यैष्ठा मैत्रेयी जिला पुलिस अधीक्षक ने आमजन से संवाद कर सुनी समस्याएं। अपराध नियंत्रण एवं महिला सुरक्षा को लेकर दिए आवश्यक निर्देश- सवाई माधोपुर पुलिस एवं आमजन के बीच बेहतर समन्वय, संवाद एवं सहभागिता को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस थाना सदर गंगापुर सिटी में सीएलजी (Community Liaison Group) एवं सुरक्षा सखी सदस्यों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक सवाई माधोपुर ने स्वयं उपस्थित होकर सीएलजी सदस्यों, सुरक्षा सखियों एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों से संवाद किया तथा क्षेत्र की कानून-व्यवस्था एवं आमजन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान उपस्थित सीएलजी सदस्यों एवं सुरक्षा सखियों से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति, अपराध की प्रवृत्तियों, महिला एवं बाल सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, नशे की रोकथाम तथा आमजन की पुलिस से अपेक्षाओं के संबंध में जानकारी ली। साथ ही उपस्थित सदस्यों द्वारा बताई गई समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुना गया।1
- "स्कूलों में मीडिया की नो-एंट्री पर बवाल: शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का गरमाया बयान, कहा— 'गलत फैलाया जा रहा है "स्कूलों में मीडिया की नो-एंट्री पर बवाल: शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का गरमाया बयान, कहा— 'गलत फैलाया जा रहा है रायता!'” कोटा | विशेष संवाददाता सरकारी स्कूलों की दहलीज पर मीडिया के कैमरों को लेकर राजस्थान के सियासी और प्रशासनिक गलियारों में भूचाल आ गया है! माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के हालिया फरमान के बाद मचे हाहाकार पर आखिरकार प्रदेश के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने चुप्पी तोड़ते हुए विरोधियों और अफवाहबाजों पर करारा पलटवार किया है। मंत्री जी ने सीधे शब्दों में ताल ठोकते हुए साफ कर दिया कि "स्कूलों में मीडिया पर कोई पाबंदी नहीं है, बस इस पूरे आदेश का बतंगड़ बना दिया गया है!" 💥 "छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं!" कैमरे के सामने कड़े तेवर दिखाते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि: "स्कूल कोई पिकनिक स्पॉट नहीं है कि कभी भी कोई भी बिना पूछे घुस जाए! मासूम छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और निजता की जिम्मेदारी सरकार और शिक्षकों की है। अगर किसी को बाइट या फोटो लेनी है, तो पहले अभिभावकों या स्कूल प्रशासन से विधिवत अनुमति लेनी होगी।" 🔥 खबर की बड़ी बातें: अफवाहों पर लगाम: मंत्री का दावा— आदेश को गलत ढंग से पेश कर सनसनी फैलाने की हो रही थी कोशिश। निजता पर पहरा: नाबालिग छात्र-छात्राओं की तस्वीरें खींचने और जबरन बाइट लेने की मनमानी पर लगेगा कड़ा ब्रेक। पीटीएम (PTM) का हवाला: मंत्री बोले— स्कूलों में कुछ भी छिपा नहीं है, हर महीने पेरेंट्स-टीचर मीटिंग में सब दूध का दूध और पानी का पानी रहता है। अब देखना यह होगा कि मंत्री जी की इस सख्त सफाई के बाद मचे इस सियासी और प्रशासनिक घमासान पर विराम लगता है या यह आग और भड़कती है!1
- हमारे यहां की रोड की बहुत बुरी हालत है1
- सावन के तीसरे सोमवार को घुश्मेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब शिवाड़। सावन माह के तीसरे सोमवार को शिवाड़ स्थित प्रसिद्ध घुश्मेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो दिनभर जारी रहा। भक्तों ने भगवान घुश्मेश्वर महादेव के दर्शन कर जलाभिषेक एवं दुग्धाभिषेक किया और सुख-समृद्धि की कामना की। सावन सोमवार के चलते मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ को बेलपत्र, धतूरा, पुष्प एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित की। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंजता रहा। भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यवस्थाएं की गईं। दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान घुश्मेश्वर महादेव के दर्शन के लिए शिवाड़ पहुंचे।1
- बनास नदी में हो रहे बड़े बड़े घड़े ओर वाहन चालक को ख़तरा बनास नदी में हो रहे बड़े बड़े घड़े1
- कोठी वाले बालाजी महाराज के दरबार में आज रात्रि खाटू श्याम बाबा की भजन संध्या आज रात्रि कोठी वाले बालाजी महाराज के पावन दरबार में खाटू श्याम बाबा की भव्य भजन संध्या का आयोजन होगा। भजन संध्या में श्याम बाबा के मधुर भजनों की रसधारा बहेगी और श्रद्धालु भक्ति में सराबोर होकर बाबा श्याम के जयकारे लगाएंगे। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है।1
- बैरवा समाज धर्मशाला 27 वर्ष पुराना जमीन विवाद नही सुलझा: मलारना डूंगर उपखंड के मलारना स्टेशन कस्बे में स्थित बैरवा समाज धर्मशाला का 27 साल पुराना विवाद को लेकर सर्व पंचायत देर श्याम तक नही सुलझा विवाद मलारना डूंगर उपखंड के मलारना स्टेशन कस्बे में स्थित बैरवा समाज धर्मशाला का 27 साल पुराना विवाद को लेकर सर्व पंचायत नई सुलझा विवाद मलारना स्टेशन पर 27 साल पहले बैरवा समाज का सूर्य कुंड यज्ञ हुआ था जिसको लेकर बैरवा समाज ने थोड़ी सी जमीन मलारना स्टेशन पर खरीदी 1999 में हुए यज्ञ में समाज के ही एक व्यक्ति को अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया यज्ञ के बाद समाज की धर्मशाला और बगल में थोड़ी सी जमीन पर भी दो कमरों का निर्माण हुआ जिसमें तय हुआ भगवान सूर्य नारायण की मूर्ति रखने का लेकिन समाज का पूरा पैसा खर्च हो जाने के कारण भगवान सूर्य नारायण की मूर्ति नहीं लग सकी समाज ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया इसके चलते बैरवा समाज के अध्यक्ष ने इस जमीन को अपने नाम रजिस्ट्री करवा कर दूसरे आदमी को बेच दिया और धर्मशाला पर ताला लगा दिया बैरवा समाज अध्यक्ष सरपंच रामस्वरूप बैरवा ने बताया की धर्मशाला अध्यक्ष के द्वारा दिया गया धर्मशाला पर ताला खोलकर हमने भगवान सूर्य नारायण की मूर्ति स्थापित कर दी है लेकिन बगल में रही जमीन जिसे पूर्व अध्यक्ष ने बेच दिया था उसको लेकर आज सर्व समाज की पंचायत बुलाई गई जिसमें आज कोई निर्णय नहीं हुआ लगातार 1:00 बजे से लेकर शाम 6:00, 6:30 बजे तक चली इस मीटिंग में सर्व समाज के लोग पंच पटेल और सैकड़ो की संख्या में भीड़ इकट्ठा हुई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला सरपंच बैरवा ने का हमने हमारी समस्या पंच पटेल और जनता के बीच में रख दी हैं अगर यहां हमारा समाधान नहीं निकला तो हम न्याय के लिए माननीय न्यायालय के दरवाजे खटखटा आएंगे1