लालापुर क्षेत्र में अवैध बालू खनन का वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल प्रयागराज यमुनापार के लालापुर क्षेत्र में अवैध बालू खनन का वीडियो वायरल! थाना लालापुर, एसीपी बारा प्रयागराज क्षेत्र के गांव भिलोर और प्रतापपुर में यमुना नदी में अवैध बालू खनन का कारोबार पिछले एक महीने से प्रतिदिन तेजी से चल रहा है। 👉🏻 पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी संध्या सुमन के मुताबिक भिलोर गांव में अवैध बालू खनन माफिया 4 जेसीबी, 20 ट्रक, 70 ट्रैक्टर, 150 नाव, 300 लेबर और प्रतापपुर गांव में 3 जेसीबी, 40 ट्रक, 50 ट्रैक्टर, 125 नाव और 250 लेबर को लगा कर प्रतिदिन तेजी से बालू का अवैध खनन जारी है। 👉🏻 कोर्ट और सरकार के आदेशों को धता बता कर निरंकुश होकर चलाया जा रहा अवैध खनन का काला कारोबार। 👉🏻 इस मामले में थाना लालापुर, हल्का इंचार्ज और खनन अधिकारी की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। 👉🏻 एसीपी बारा और खनन इंस्पेक्टर की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। 👉🏻 क्या प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत है इस अवैध खनन में? यह सवाल अब जांच का विषय बन गया है। 👉🏻 महीने से भिलोर और प्रतापपुर घाट यमुना नदी में चल रहे अवैध बालू खनन की गतिविधियों को लेकर क्षेत्र में कई सवाल उठ रहे हैं। 👉🏻 आखिर कौन है इस अवैध बालू खनन का असली जिम्मेदार? क्या खनन विभाग और क्षेत्रीय पुलिस प्रशासन इस मामले में माफियाओं के आगे बेबस हो चुका है? या फिर कोई कार्रवाई करने से कतरा रहें?
लालापुर क्षेत्र में अवैध बालू खनन का वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल प्रयागराज यमुनापार के लालापुर क्षेत्र में अवैध बालू खनन का वीडियो वायरल! थाना लालापुर, एसीपी बारा प्रयागराज क्षेत्र के गांव भिलोर और प्रतापपुर में यमुना नदी में अवैध बालू खनन का कारोबार पिछले एक महीने से प्रतिदिन तेजी से चल रहा है। 👉🏻 पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी संध्या सुमन के मुताबिक भिलोर गांव में अवैध बालू खनन माफिया 4 जेसीबी, 20 ट्रक, 70 ट्रैक्टर, 150 नाव, 300 लेबर और प्रतापपुर गांव में 3 जेसीबी, 40 ट्रक, 50 ट्रैक्टर, 125 नाव और 250 लेबर को लगा कर प्रतिदिन तेजी से बालू का अवैध खनन जारी है। 👉🏻 कोर्ट और सरकार के आदेशों को धता बता कर निरंकुश
होकर चलाया जा रहा अवैध खनन का काला कारोबार। 👉🏻 इस मामले में थाना लालापुर, हल्का इंचार्ज और खनन अधिकारी की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। 👉🏻 एसीपी बारा और खनन इंस्पेक्टर की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। 👉🏻 क्या प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत है इस अवैध खनन में? यह सवाल अब जांच का विषय बन गया है। 👉🏻 महीने से भिलोर और प्रतापपुर घाट यमुना नदी में चल रहे अवैध बालू खनन की गतिविधियों को लेकर क्षेत्र में कई सवाल उठ रहे हैं। 👉🏻 आखिर कौन है इस अवैध बालू खनन का असली जिम्मेदार? क्या खनन विभाग और क्षेत्रीय पुलिस प्रशासन इस मामले में माफियाओं के आगे बेबस हो चुका है? या फिर कोई कार्रवाई करने से कतरा रहें?
- प्रयागराज के लालापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा नौढ़ीया तरहार घाट पर अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। लगातार ग्रामीणों और पत्रकारों द्वारा की जा रही शिकायतों का संज्ञान लेते हुए खनन अधिकारी वैभव सोनी ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर सख्त कदम उठाए। कार्रवाई के दौरान घाटों पर जमा बालू को पानी में फिंकवाया गया तथा जेसीबी मशीन से अवैध खनन के लिए बनाए गए रास्तों को बंद करा दिया गया। थाना प्रभारी लालापुर भी पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया। खनन अधिकारी वैभव सोनी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आगे भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।4
- प्रयागराज में अपना दल (कमेरावादी) का विशाल धरना, UGC रेगुलेशन 2026 लागू करने की उठी जोरदार मांग अपना दल (कमेरावादी) के नेतृत्व में शुक्रवार को प्रयागराज जिले के सिविल लाइंस स्थित पत्थर गिरजाघर धरना स्थल पर एक विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने एक सूत्रीय मांग रखते हुए यूजीसी एक्टिव रेगुलेशन 2026 को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की। धरने में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समर्थक मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी प्रयागराज के माध्यम से उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें प्रदेश में यूजीसी रेगुलेशन 2026 लागू करने की मांग की गई। प्रमुख नेताओं की मौजूदगी धरना-प्रदर्शन में मुख्य रूप से राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एडवोकेट दिलीप पटेल, प्रदेश अध्यक्ष बौद्धिक मंच मोहम्मद अबरार, जिला अध्यक्ष गंगा पार अरुण पटेल तथा जिला अध्यक्ष जमुना पार एडवोकेट रमेश चंद्र पटेल सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए एडवोकेट दिलीप पटेल ने कहा कि सरकार यूजीसी का नाम लेकर उसके मूल उद्देश्यों का हनन कर रही है, जबकि उसे सही मायनों में लागू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूजीसी रेगुलेशन 2026 ओबीसी, एससी, एसटी, विकलांगजनों, गरीब महिलाओं और अन्य वंचित वर्गों के लिए एक वरदान साबित हो सकता है, लेकिन सत्ता में बैठे लोग इसे लागू करने में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस कानून को प्रभावी रूप से लागू करती है तो इससे सामाजिक न्याय को मजबूती मिलेगी और शैक्षणिक संस्थानों में वंचित वर्गों को उनका अधिकार और सम्मान सुनिश्चित होगा। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय को यह संज्ञान में लेना चाहिए कि देश में आज भी ओबीसी, एससी, एसटी वर्ग के पदाधिकारियों की कुर्सी खाली होने पर उसे गोमूत्र से पवित्र कराने जैसी घटनाओं की चर्चाएं सामने आती हैं, जो जातिगत भेदभाव की मानसिकता को दर्शाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश के प्रथम नागरिक महामहिम राष्ट्रपति को भी कभी-कभी मंदिर प्रवेश को लेकर विवादों का सामना करना पड़ता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भारत में जाति व्यवस्था किस स्तर तक सामाजिक व्यवहार को प्रभावित करती है। ऐसी परिस्थितियों में यूजीसी रेगुलेशन 2026 को लागू करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि शिक्षा व्यवस्था में समानता और सम्मान सुनिश्चित किया जा सके। राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश के महामहिम राज्यपाल से हस्तक्षेप कर यूजीसी रेगुलेशन 2026 को लागू कराने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि यह कानून गरीब, असहाय और पिछड़े वर्गों के हित में है, इसलिए इसे शीघ्र लागू किया जाना चाहिए। धरना-प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखी और चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आगे भी आंदोलन जारी रहेगा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित और सामाजिक न्याय के समर्थन में नारों के साथ हुआ।2
- मेजा प्रयागराज। मेजा क्षेत्र के रामनगर के डोरवा मोड़ चौराहे पर सड़क के बीच बना गढ़ाजानलेवा ही नहीं बल्कि किसी बड़ी अनहोनी के इन्तजार में है। सड़क के बीचों बीच बने गड्ढे के कारण चार पहिया वाहन चालक अपनी गाड़ी को दाईं बाई ओर से निकला करते हैं जिससे दोनों ओर से आने वाले राहगीरों को काफी परेशानियां झेलनी पड़ती है देखिए पूरी वीडियो1
- मेजा, प्रयागराज। मेजा तहसील क्षेत्र के मेजारोड बाजार स्थित पटेल चौराहे पर जाम नाले का दूषित पानी लगातार सड़क पर फैल रहा है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर फैले गंदे पानी से जहां फिसलन और जाम की स्थिति बन रही है, वहीं क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय व्यापारियों में इस समस्या को लेकर खासा आक्रोश है। दुकानदार विजय पटेल, मोनू केसरी, राजा अग्रवाल, आसाराम यादव व सिपाही लाल प्रजापति सहित अन्य व्यापारियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि नाले की सफाई समय पर नहीं होने से यह स्थिति बनी है, जिसका सीधा असर उनके व्यापार पर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि त्योहारी सीजन नजदीक है, लेकिन सड़क पर फैले दूषित पानी के कारण ग्राहक दुकानों तक आने से कतरा रहे हैं। व्यापारियों ने संबंधित विभाग से जल्द से जल्द नाले की सफाई कर समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है, ताकि बाजार में सामान्य आवागमन बहाल हो सके।1
- Post by Haree ji Kol1
- ghatna baksar jile ka hai aur jaymala ke samay ladki Ko Goli maar Diya1
- Post by रंजना हडिया प्रयागराज मोबाइल नंबर,84169043591
- प्रयागराज यमुनापार के लालापुर क्षेत्र में अवैध बालू खनन का वीडियो वायरल! थाना लालापुर, एसीपी बारा प्रयागराज क्षेत्र के गांव भिलोर और प्रतापपुर में यमुना नदी में अवैध बालू खनन का कारोबार पिछले एक महीने से प्रतिदिन तेजी से चल रहा है। 👉🏻 पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी संध्या सुमन के मुताबिक भिलोर गांव में अवैध बालू खनन माफिया 4 जेसीबी, 20 ट्रक, 70 ट्रैक्टर, 150 नाव, 300 लेबर और प्रतापपुर गांव में 3 जेसीबी, 40 ट्रक, 50 ट्रैक्टर, 125 नाव और 250 लेबर को लगा कर प्रतिदिन तेजी से बालू का अवैध खनन जारी है। 👉🏻 कोर्ट और सरकार के आदेशों को धता बता कर निरंकुश होकर चलाया जा रहा अवैध खनन का काला कारोबार। 👉🏻 इस मामले में थाना लालापुर, हल्का इंचार्ज और खनन अधिकारी की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। 👉🏻 एसीपी बारा और खनन इंस्पेक्टर की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। 👉🏻 क्या प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत है इस अवैध खनन में? यह सवाल अब जांच का विषय बन गया है। 👉🏻 महीने से भिलोर और प्रतापपुर घाट यमुना नदी में चल रहे अवैध बालू खनन की गतिविधियों को लेकर क्षेत्र में कई सवाल उठ रहे हैं। 👉🏻 आखिर कौन है इस अवैध बालू खनन का असली जिम्मेदार? क्या खनन विभाग और क्षेत्रीय पुलिस प्रशासन इस मामले में माफियाओं के आगे बेबस हो चुका है? या फिर कोई कार्रवाई करने से कतरा रहें?2