राइफल क्लब खेल मैदान में निजी प्रदर्शनी की अनुमति रद्द करने की मांग, खिलाड़ियों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन बांदा:जनपद बांदा में खिलाड़ियों ने गुरुवार को जिलाधिकारी को एक शिकायत पत्र सौंपकर राइफल क्लब खेल मैदान कथित पर प्रस्तावित निजी प्रदर्शनी की अनुमति रद्द करने की मांग की है। खिलाड़ियों का कहना है कि यह मैदान जिले के खेल प्रेमियों और युवाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और यहां नियमित रूप से विभिन्न खेल गतिविधियां संचालित होती हैं। खिलाड़ियों ने बताया कि ग्रीष्मकाल में बोर्ड परीक्षाओं के बाद इसी मैदान में समर कैंप आयोजित किए जाते हैं, जहां हॉकी, कबड्डी, वॉलीबॉल, क्रिकेट और फुटबॉल जैसे खेलों का अभ्यास कराया जाता है। इसके अलावा यह मैदान खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स कॉलेज और आवासीय हॉस्टलों में प्रवेश के लिए ट्रायल देने तथा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी करने में भी सहायक है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती की तैयारी करने वाले युवा भी इसी मैदान में शारीरिक और मानसिक अभ्यास करते हैं। ऐसे में किसी भी निजी प्रदर्शनी के आयोजन से खेल गतिविधियां प्रभावित होंगी और खिलाड़ियों को कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। खिलाड़ियों ने जनहित और युवा पीढ़ी की भावनाओं का हवाला देते हुए जिलाधिकारी से राइफल क्लब खेल मैदान को सुरक्षित रखने और उसके आकार व स्वरूप को यथावत बनाए रखने की मांग की है। इस मौके पर अबरार फारूखी, लल्लू खां, राजेश कुमार, बृजेश सोनी, इंद्रजीत, अभिषेक, फरीद, प्रशांत, जाहिद समेत अन्य खिलाड़ी मौजूद रहे।
राइफल क्लब खेल मैदान में निजी प्रदर्शनी की अनुमति रद्द करने की मांग, खिलाड़ियों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन बांदा:जनपद बांदा में खिलाड़ियों ने गुरुवार को जिलाधिकारी को एक शिकायत पत्र सौंपकर राइफल क्लब खेल मैदान कथित पर प्रस्तावित निजी प्रदर्शनी की अनुमति रद्द करने की मांग की है। खिलाड़ियों का कहना है कि यह मैदान जिले के खेल प्रेमियों और युवाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और यहां नियमित रूप से विभिन्न खेल गतिविधियां संचालित होती हैं। खिलाड़ियों ने बताया कि ग्रीष्मकाल में बोर्ड परीक्षाओं के बाद इसी मैदान में समर कैंप आयोजित किए जाते हैं, जहां हॉकी, कबड्डी, वॉलीबॉल, क्रिकेट और फुटबॉल जैसे खेलों का अभ्यास कराया जाता है। इसके अलावा यह मैदान खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स कॉलेज और आवासीय हॉस्टलों में प्रवेश के लिए ट्रायल देने तथा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी करने में भी सहायक है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती की तैयारी करने वाले युवा भी इसी मैदान में शारीरिक और मानसिक अभ्यास करते हैं। ऐसे में किसी भी निजी प्रदर्शनी के आयोजन से खेल गतिविधियां प्रभावित होंगी और खिलाड़ियों को कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। खिलाड़ियों ने जनहित और युवा पीढ़ी की भावनाओं का हवाला देते हुए जिलाधिकारी से राइफल क्लब खेल मैदान को सुरक्षित रखने और उसके आकार व स्वरूप को यथावत बनाए रखने की मांग की है। इस मौके पर अबरार फारूखी, लल्लू खां, राजेश कुमार, बृजेश सोनी, इंद्रजीत, अभिषेक, फरीद, प्रशांत, जाहिद समेत अन्य खिलाड़ी मौजूद रहे।
- #Apkiawajdigital बुलंदशहर | गुरुवार, 12 मार्च 2026 विशेष संवाददाता यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता का दावा करना एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन बुलंदशहर की एक शिखा के लिए यह उपलब्धि तब 'हास्यास्पद' बन गई जब उन्होंने बिना रोल नंबर मिलान किए ही अपनी जीत का ढोल पीट दिया। खबर यह है कि जिस शिखा ने बड़े ही धूमधाम से अपना विजय जुलूस निकलवाया था, उनका नाम मेरिट लिस्ट में था ही नहीं। जुलूस अब भी निकलेगा, लेकिन शर्म का! सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे बुलंदशहर की शिखा ने यूपीएससी में 113वीं रैंक आने का दावा कर गाजे-बाजे के साथ अपना जुलूस निकलवाया था। मिठाई बांटी गई, ढोल-नगाड़े बजे और पूरे क्षेत्र में उनकी चर्चा होने लगी। लेकिन, अब जब सच्चाई सामने आई है कि वह मुख्य परीक्षा (Mains) में भी उत्तीर्ण नहीं हो सकी थीं, तो सोशल मीडिया पर जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। लोग तंज कस रहे हैं कि "जुलूस तो निकलेगा, पर इस बार जीत का नहीं, बल्कि फर्जीवाड़े के शर्म का।" 'नाम की समानता' का लिया सहारा? इस अजीबोगरीब वाकये पर शिखा का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने सफाई दी कि, "उसका भी नाम शिखा है, मेरा भी। मैंने PDF में सिर्फ नाम देखा, रोल नंबर नहीं।" प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि केवल नाम के आधार पर UPSC जैसी परीक्षा में सफलता का दावा करना न केवल लापरवाही है, बल्कि पूरी चयन प्रक्रिया की गरिमा को कम करने जैसा है। सच्चाई यह है कि 113वीं रैंक हरियाणा की एक अन्य शिखा ने प्राप्त की है, न कि बुलंदशहर की इस शिखा ने। वायरल वीडियो ने खोली पोल सोशल मीडिया पर उनका जश्न मनाते हुए जो वीडियो मंगलवार, 10 मार्च 2026 को वायरल हुआ था, आज वही वीडियो उनकी फजीहत का कारण बना हुआ है। जहाँ पहले लोग उन्हें बधाई दे रहे थे, वहीं अब उनके इस 'झूठे दावे' को लेकर ट्रोलिंग का सिलसिला जारी है। यह घटना उन सभी उम्मीदवारों के लिए एक बड़ा सबक है जो बिना तथ्यों की पुष्टि किए सोशल मीडिया पर अपनी 'सफलता' का बखान करते हैं। बुलंदशहर की इस घटना ने साबित कर दिया है कि सच्चाई छिपाने से नहीं, बल्कि मेहनत से ही सामने आती है।1
- खिलाड़ी प्रेमी पहुंचे कलेक्टर सभागार शिकायत पत्र लेकर निजी प्रदर्शनी को रोक के लिए राइफल क्लब मैदान में हर प्रकार के खिलाड़ी पहुंचे हैं बाहर से आए हुए खिलाड़ी को भी बहुत दिक्कत होती है यहां पर ना लगाया जाए प्रदेशनी की मांग करते हुए1
- महोबा जनपद के कबरई कस्बे के शास्त्री नगर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा परीक्षित श्री बाल्मिक पाठक एवं श्रीमती शकुंतला पाठक द्वारा आयोजित इस पावन कार्यक्रम में कथा व्यास परम पूजनीय गुरुदेव राजेश पांडे जी (काशीपुर, कानपुर देहात) ने भक्तों को भक्त प्रह्लाद की प्रेरणादायक कथा सुनाई। गुरुदेव ने अपनी वाणी के माध्यम से अंधकार और प्रकाश, परमात्मा की भक्ति और सच्ची श्रद्धा का महत्व बताते हुए भक्तों को धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। कथा के दौरान पंडाल में मौजूद श्रद्धालु संगीतमय भजनों पर झूम उठे और पूरे माहौल में भक्ति का रंग देखने को मिला। कार्यक्रम के अंत में आरती, पूजा और प्रसाद वितरण किया गया तथा जय श्री राम के नारों के साथ आज की कथा का समापन हुआ। इस अवसर पर कस्बा कबरई के बड़ी संख्या में भागवत प्रेमी भक्त उपस्थित रहे।1
- बांदा में चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले शातिर चोर को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर किया गिरफ्तार,आरोपी के पास से चोरी के जेवरात और नकदी भी बरामद।1
- महोबा मे जलशक्ति मंत्री की समय सीमा बीतने के बाद विधायक ने किया गांवों का निरीक्षण1
- “महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए बड़ी पहल। सरकार ने गांवों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आर्थिक सहायता और आसान लोन सुविधा बढ़ाने का फैसला किया है।”1
- #Apkiawajdigital स्त्रोत-ANI बुलंदशहर | शुक्रवार, 13 मार्च 2026 ब्यूरो रिपोर्ट यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के परिणामों के बीच उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ की एक युवती शिखा ने अपनी 113वीं रैंक आने का ढिंढोरा पीट दिया, लेकिन जब सच्चाई की परतें खुलीं, तो पूरी कहानी झूठ की बुनियाद पर खड़ी पाई गई। असल में, 113वीं रैंक हरियाणा की एक अन्य शिखा ने हासिल की है। PDF में सिर्फ नाम देखा, रोल नंबर नहीं फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद बुलंदशहर की शिखा ने अजीबोगरीब सफाई देते हुए कहा, "उसका भी नाम शिखा है और मेरा भी। मैंने पीडीएफ में सिर्फ नाम देखा, रोल नंबर चेक करना भूल गई।" हालांकि, जांच में यह बात सामने आई है कि बुलंदशहर वाली शिखा का तो मेंस (मुख्य परीक्षा) भी क्लियर नहीं हुआ था। ऐसे में अंतिम सूची में अपना नाम ढूंढना और उसका जश्न मनाना एक सोची-समझी साजिश या भारी लापरवाही मानी जा रही है। मिठाई बंटी, बधाई मिली और फिर हुई किरकिरी जैसे ही शिखा ने अपने चयन की खबर फैलाई, उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिजनों ने खुशी में मिठाई बांटी और मोहल्ले में जश्न का माहौल हो गया। लेकिन असली शिखा (हरियाणा निवासी) के दस्तावेजों और रोल नंबर से मिलान होने पर बुलंदशहर वाली शिखा का दावा ताश के पत्तों की तरह ढह गया। UPSC उम्मीदवारों के लिए सबक प्रशासनिक विशेषज्ञों का कहना है कि यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा के परिणामों में केवल नाम ही नहीं, बल्कि रोल नंबर सबसे महत्वपूर्ण पहचान होता है। इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा बटोरी है, जहाँ लोग इसे 'सस्ते प्रचार' का जरिया बता रहे हैं। फिलहाल, इस फर्जी दावे के बाद युवती और उसके परिवार को भारी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है।1
- खिलाड़ी पहुंच कर जिला अधिकारी कार्यालय पर शिकायत पत्र दिया सभी खिलाड़ियों का भविष्य का सवाल है कि यहां पर राइफल क्लब में निजी प्रदर्शनी को लेकर के यहां पर प्रदर्शनी रोक लगाने की मांग जिला अधिकारी से की खिलाड़ी हर प्रकार का पहुंचता है वहां पर अन्य जगह लगवाया जाए1
- खिलाड़ियों ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन,राइफल क्लब खेल मैदान पर एक निजी प्रदर्शनी की अनुमति रद्द करने की मांग की।1