लालगंज में ट्रैफिक व्यवस्था पर एसडीएम का सख्त रुख: ड्यूटी छोड़ बूथ पर बैठे पुलिसकर्मियों को लगाई फटकार लालगंज में ट्रैफिक व्यवस्था पर एसडीएम का सख्त रुख: ड्यूटी छोड़ बूथ पर बैठे पुलिसकर्मियों को लगाई फटकार रायबरेली: लालगंज क्षेत्र में इन दिनों बिगड़ती यातायात व्यवस्था और लगातार लग रहे जाम से आम जनता बेहाल है। इस समस्या पर नकेल कसने के लिए प्रशासनिक अमला अब पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। इसी क्रम में, एसडीएम का एक कड़ा रुख सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। क्या है पूरा मामला? क्षेत्र में आए दिन लगने वाले भीषण जाम के बीच, जब औचक निरीक्षण किया गया तो यातायात नियमों को संभालने की जिम्मेदारी जिन कंधों पर थी, वही लापरवाह नजर आए। चौराहे पर ड्यूटी करने के बजाय यातायात पुलिसकर्मी आराम से बूथ के भीतर बैठे हुए थे। बाहर बढ़ती जाम की समस्या और राहगीरों की परेशानी को देख एसडीएम का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने बीच चौराहे पर ही लापरवाही बरतने वाले इन पुलिसकर्मियों को जमकर फटकार लगाई। वायरल वीडियो पर उठे सवाल सामने आए इस वीडियो ने स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही और पुलिसकर्मियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जनता का कहना है कि जब सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने वाले ही अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ लेंगे, तो आम नागरिकों को राहत कैसे मिल पाएगी। इस घटना के बाद से महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और उम्मीद जताई जा रही है कि अब ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए प्रशासन और अधिक सख्ती बरतेगा।
लालगंज में ट्रैफिक व्यवस्था पर एसडीएम का सख्त रुख: ड्यूटी छोड़ बूथ पर बैठे पुलिसकर्मियों को लगाई फटकार लालगंज में ट्रैफिक व्यवस्था पर एसडीएम का सख्त रुख: ड्यूटी छोड़ बूथ पर बैठे पुलिसकर्मियों को लगाई फटकार रायबरेली: लालगंज क्षेत्र में इन दिनों बिगड़ती यातायात व्यवस्था और लगातार लग रहे जाम से आम जनता बेहाल है। इस समस्या पर नकेल कसने के लिए प्रशासनिक अमला अब पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। इसी क्रम में, एसडीएम का एक कड़ा रुख सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। क्या है पूरा मामला? क्षेत्र में आए दिन लगने वाले भीषण जाम के बीच, जब औचक निरीक्षण किया गया तो यातायात नियमों को संभालने की जिम्मेदारी जिन कंधों पर थी, वही लापरवाह नजर आए। चौराहे पर ड्यूटी करने के बजाय यातायात पुलिसकर्मी आराम से बूथ के भीतर बैठे हुए थे। बाहर बढ़ती जाम की समस्या और राहगीरों की परेशानी को देख एसडीएम का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने बीच चौराहे पर ही लापरवाही बरतने वाले इन पुलिसकर्मियों को जमकर फटकार लगाई। वायरल वीडियो पर उठे सवाल सामने आए इस वीडियो ने स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही और पुलिसकर्मियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जनता का कहना है कि जब सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने वाले ही अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ लेंगे, तो आम नागरिकों को राहत कैसे मिल पाएगी। इस घटना के बाद से महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और उम्मीद जताई जा रही है कि अब ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए प्रशासन और अधिक सख्ती बरतेगा।
- मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं और बेटियों को किया गया जागरूक रायबरेली। चंदापुर थाना क्षेत्र की सिकंदरपुर ग्राम पंचायत अंतर्गत शिवराम कोहली का पुरवा में मंगलवार को मिशन शक्ति अभियान के तहत महिला सुरक्षा एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा, साइबर अपराध से बचाव, महिला सुरक्षा कानूनों तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चंदापुर चौकी इंचार्ज वेद प्रकाश पांडे ने कहा कि महिला सुरक्षा पुलिस प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने महिलाओं को आपातकालीन सेवा 112, महिला हेल्पलाइन 181, वूमेन पावर लाइन 1090 तथा साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 की जानकारी देते हुए किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तत्काल पुलिस से संपर्क करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बेटियों को आत्मनिर्भर, जागरूक एवं सुरक्षित बनाना है। इस दौरान ग्रामीणों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता अभियानों से महिलाओं को अपने अधिकारों और सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां मिलती हैं। अंत में चौकी इंचार्ज ने उपस्थित लोगों को मिशन शक्ति के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में देव प्रकाश पांडे, गोविंद नारायण पांडेय, सेक्टर संयोजक आशुतोष पांडेय, जिला उपाध्यक्ष जन्मेजय सिंह, प्रधान सिकंदरपुर डब्बू सिंह सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, युवतियां एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- मिड-डे मील में बच्चों को परोसा हल्दी का पीला पानी और जली रोटियां! वायरल वीडियो से मचा हड़कंप सीतापुर 👉👉 सरकारी स्कूलों में बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के दावों के बीच सीतापुर से सामने आए एक कथित वीडियो ने व्यवस्था की पोल खोल दी है। वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि मासूम बच्चों को मिड-डे मील के नाम पर हल्दी का पतला पीला पानी और जली हुई रोटियां परोसी गईं। वीडियो सामने आते ही शिक्षा विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। मिड-डे मील योजना का उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक भोजन देकर उनके स्वास्थ्य और शिक्षा को बेहतर बनाना है, लेकिन यदि वायरल वीडियो में दिखाई गई स्थिति सही साबित होती है, तो यह न केवल सरकारी दावों की हकीकत उजागर करती है, बल्कि बच्चों के अधिकारों के साथ भी बड़ा खिलवाड़ है। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि जब बच्चों की थाली तक में भ्रष्टाचार और लापरवाही पहुंच जाए, तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होना जरूरी है। अब सवाल यह है कि बच्चों के हिस्से का भोजन किसकी लापरवाही या भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा? क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी या मामला जांच तक ही सीमित रह जाएगा? फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले में आधिकारिक बयान का इंतजार है। यदि वीडियो की पुष्टि होती है, तो यह शिक्षा व्यवस्था और मिड-डे मील योजना पर गंभीर सवाल खड़े करेगा।1
- कौशाम्बी। सावन माह कृष्ण पक्ष अष्टमी के पावन अवसर पर बुधवार को शिव नगर, कसिया पश्चिम, सिराथू से बाबा काशी विश्वनाथ धाम के लिए भव्य कांवर यात्रा निकाली गई। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यात्रा का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं भगवान शिव की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके बाद आकर्षक झांकियों, डीजे पर गूंजते शिव भजनों और "हर-हर महादेव", "बोल बम" के जयघोष के बीच कांवरियों का जत्था काशी के लिए रवाना हुआ। पूरे गांव में भक्तिमय माहौल रहा और ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत एवं विदाई की। यात्रा समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, संचालक चंदन सिंह तथा कोषाध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने बताया कि यह धार्मिक यात्रा वर्षों से निरंतर आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि काशी पहुंचकर श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करेंगे और क्षेत्र, प्रदेश तथा देश की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना करेंगे। इस अवसर पर गांव के समस्त कांवरियों, युवा साथियों, महिलाओं एवं बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। यात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में स्थानीय लोगों का भी सराहनीय सहयोग रहा।1
- राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग में नई नियुक्ति: समाजसेवी श्रीयम दूबे बनीं राष्ट्रीय सहायक सचिव #10newsnation #tennewsnation #brekingnews राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग में नई नियुक्ति: समाजसेवी श्रीयम दूबे बनीं राष्ट्रीय सहायक सचिव #10newsnation #tennewsnation #brekingnews1
- पानी निकास न होने के सम्बन्ध में ग्राम जहांगीर नगर गहुरा में नक्शा में सरकारी नाली होने के बावजूद पानी निकलने की कोई नाली नहीं मात्र 100 मीटर की कच्ची नाली में हमेशा पानी भरा रहता है जिससे लोगों को आने जाने में भी समस्या हो रही हैं।2
- सलीमपुर भैरव अकोढिया में सड़क पर छुट्टा जानवरों का आतंक, किसानों की फसलें बर्बाद सलीमपुर भैरव अकोढिया में सड़क पर छुट्टा जानवरों का आतंक, किसानों की फसलें बर्बाद ऊँचाहार (रायबरेली): क्षेत्र के सलीमपुर भैरव अकोढिया गांव में छुट्टा जानवरों का आतंक चरम पर है। आवारा पशुओं के झुंड न केवल मुख्य सड़कों पर डेरा डाले रहते हैं, बल्कि किसानों की लहलहाती फसलों को भी लगातार बर्बाद कर रहे हैं। हालात यह हैं कि अन्नदाता अपनी फसलों को बचाने के लिए कड़ाके की ठंड, चिलचिलाती गर्मी और भारी बरसात की परवाह किए बिना रात-दिन खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। सड़क पर छुट्टा जानवरों के लगातार जमावड़े के कारण आने-जाने वाले राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन राहगीर दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यही स्थिति रही, तो कभी भी कोई बड़ा सड़क हादसा हो सकता है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि इस लापरवाही के लिए आखिरकार जिम्मेदार कौन होगा? क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी के इंतजार में बैठा है? प्रशासनिक स्तर पर आश्वासन के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई न होने से किसानों में भारी रोष व्याप्त है। स्थानीय किसानों के अनुसार, इस गंभीर समस्या को लेकर ऊँचाहार विकास खंड अधिकारी (बीडीओ) ने गत 2 अगस्त 2026 (सोमवार) को आश्वासन दिया था कि जल्द ही एक विशेष टीम भेजकर छुट्टा जानवरों से निजात दिलाई जाएगी। हालांकि, निर्धारित समय सीमा यानी 5 अगस्त 2026 तक मौके पर कोई टीम नहीं पहुँची, जिससे किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। किसानों का आरोप है कि प्रशासन केवल कागजी दावे कर रहा है। इस संबंध में जब पक्ष जानने के लिए ऊँचाहार बीडीओ से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनसे बात नहीं हो सकी। ग्रामीणों और किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आवारा पशुओं को पकड़कर गोवंश आश्रय स्थल नहीं भेजा गया, तो वे सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।1
- इस अभियान का उद्देश्य अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। पुलिस ने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की। पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी के निर्देशन में जनपदभर में यातायात पुलिस एवं विभिन्न थानों की टीमों द्वारा प्रमुख चौराहों और सड़क मार्गों पर संदिग्ध व्यक्ति एवं वाहनों की गहन चेकिंग की गई।1