जालौन के कोंच तहसील क्षेत्र के पिरौना गांव में शुक्रवार देर रात करीब 11:30 बजे तब अफरा-तफरी मच गई, जब गांव के तालाब के पास से एक मगरमच्छ निकलकर आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच गया। एक कच्चे मकान के करीब मगरमच्छ को रेंगते देख ग्रामीणों में भारी दहशत फैल गई और लोग अपने घरों से बाहर आ गए। हालांकि, ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए रस्सियों की मदद से काफी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया। इस घटना की सूचना तत्काल वन विभाग और पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, जिसके बाद ग्रामीणों ने पकड़े गए मगरमच्छ को वन विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया। ग्रामीणों के अनुसार, गांव के तालाब में मगरमच्छों का पहले से जमावड़ा है। उनका कहना है कि उन्होंने एक नहीं, बल्कि तीन मगरमच्छों को तालाब के आसपास देखा था। इनमें से एक मगरमच्छ आबादी की ओर आ गया था, जिसे ग्रामीणों ने पकड़ लिया, जबकि अन्य दो मगरमच्छ वापस तालाब की ओर चले गए। घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण वन विभाग से तालाब की निगरानी बढ़ाने और अन्य मगरमच्छों को भी सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर गांव से दूर छोड़ने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में कोई अप्रिय घटना न हो। स्थानीय ग्रामीण अरविंद और राहुल ने भी इस बात की पुष्टि की कि मगरमच्छों को पहले भी देखा गया है और इस घटना से गांव में भय बढ़ गया है। इस संबंध में, एट क्षेत्र वन अधिकारी रमेश चन्द्र वर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही उनकी विभागीय टीम घटनास्थल पर पहुंची और ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए मगरमच्छ को अपने कब्जे में ले लिया। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस मगरमच्छ को उसके सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा।
जालौन के कोंच तहसील क्षेत्र के पिरौना गांव में शुक्रवार देर रात करीब 11:30 बजे तब अफरा-तफरी मच गई, जब गांव के तालाब के पास से एक मगरमच्छ निकलकर आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच गया। एक कच्चे मकान के करीब मगरमच्छ को रेंगते देख ग्रामीणों में भारी दहशत फैल गई और लोग अपने घरों से बाहर आ गए। हालांकि, ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए रस्सियों की मदद से काफी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया। इस घटना की सूचना तत्काल वन विभाग और पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, जिसके बाद ग्रामीणों ने पकड़े गए मगरमच्छ को वन विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया। ग्रामीणों के अनुसार, गांव के तालाब में मगरमच्छों का पहले से जमावड़ा है। उनका कहना है कि उन्होंने एक नहीं, बल्कि तीन मगरमच्छों को तालाब के आसपास देखा था। इनमें से एक मगरमच्छ आबादी की ओर आ गया था, जिसे ग्रामीणों ने पकड़ लिया, जबकि अन्य दो मगरमच्छ वापस तालाब की ओर चले गए। घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण वन विभाग से तालाब की निगरानी बढ़ाने और अन्य मगरमच्छों को भी सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर गांव से दूर छोड़ने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में कोई अप्रिय घटना न हो। स्थानीय ग्रामीण अरविंद और राहुल ने भी इस बात की पुष्टि की कि मगरमच्छों को पहले भी देखा गया है और इस घटना से गांव में भय बढ़ गया है। इस संबंध में, एट क्षेत्र वन अधिकारी रमेश चन्द्र वर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही उनकी विभागीय टीम घटनास्थल पर पहुंची और ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए मगरमच्छ को अपने कब्जे में ले लिया। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस मगरमच्छ को उसके सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा।
- जालौन के कोंच तहसील क्षेत्र के पिरौना गांव में शुक्रवार देर रात करीब 11:30 बजे तब अफरा-तफरी मच गई, जब गांव के तालाब के पास से एक मगरमच्छ निकलकर आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच गया। एक कच्चे मकान के करीब मगरमच्छ को रेंगते देख ग्रामीणों में भारी दहशत फैल गई और लोग अपने घरों से बाहर आ गए। हालांकि, ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए रस्सियों की मदद से काफी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया। इस घटना की सूचना तत्काल वन विभाग और पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, जिसके बाद ग्रामीणों ने पकड़े गए मगरमच्छ को वन विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया। ग्रामीणों के अनुसार, गांव के तालाब में मगरमच्छों का पहले से जमावड़ा है। उनका कहना है कि उन्होंने एक नहीं, बल्कि तीन मगरमच्छों को तालाब के आसपास देखा था। इनमें से एक मगरमच्छ आबादी की ओर आ गया था, जिसे ग्रामीणों ने पकड़ लिया, जबकि अन्य दो मगरमच्छ वापस तालाब की ओर चले गए। घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण वन विभाग से तालाब की निगरानी बढ़ाने और अन्य मगरमच्छों को भी सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर गांव से दूर छोड़ने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में कोई अप्रिय घटना न हो। स्थानीय ग्रामीण अरविंद और राहुल ने भी इस बात की पुष्टि की कि मगरमच्छों को पहले भी देखा गया है और इस घटना से गांव में भय बढ़ गया है। इस संबंध में, एट क्षेत्र वन अधिकारी रमेश चन्द्र वर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही उनकी विभागीय टीम घटनास्थल पर पहुंची और ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए मगरमच्छ को अपने कब्जे में ले लिया। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस मगरमच्छ को उसके सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन में दो दिन पहले एक महिला की उसके ही घर के बाहर चारपाई पर सोते समय निर्मम हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद पुलिस ने 24 घंटे के अंदर इस चौंकाने वाले मामले का खुलासा किया है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुँचकर छानबीन शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने एक टीम गठित की, जिसने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आज अपर पुलिस अधीक्षक ईशान सोनी ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि अभियुक्तों ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि उन्होंने 15 साल पहले मृतका द्वारा उनके पिता को चप्पल मारकर किए गए अपमान का बदला लेने के लिए यह हत्या की थी। पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।1
- आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र में एक महिला पर अपने पति की हत्या करने और उसके शव को घर के बाथरूम में दफनाने का गंभीर आरोप लगा है।1
- जालौन के सिरसाकलार थाना क्षेत्र में शनिवार को पुलिस टीम पर हुए हमले से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। एक महिला की शिकायत की जाँच करने पहुँची पुलिस टीम पर आरोपियों ने अचानक हमला कर दिया, जिसके दौरान एक कोबरा सिपाही को घर के अंदर बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की गई। वहीं, दूसरा सिपाही छत से कूदकर अपनी जान बचाते हुए थाने पहुँचा और घटना की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, यह घटना तब हुई जब थाना सिरसाकलार में तैनात आरक्षी सौरव पटेल और रिंकू यादव 04 जुलाई 2026 को श्रीमती अजमेरन द्वारा अपने पति, सास, देवर और एक रिश्तेदार के विरुद्ध दर्ज कराई गई शिकायत की जाँच के लिए आरोपियों के घर पहुँचे थे। जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची, शिकायतकर्ता महिला के पति मजीद खां, सफीक, सास अकबरी तथा भांजे सलमान ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। आरोप है कि हमलावरों ने कोबरा सिपाही सौरव पटेल को घर के अंदर बंधक बना लिया और लाठी-डंडों से उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। जबकि दूसरे आरक्षी रिंकू यादव किसी तरह छत के रास्ते से निकलकर थाने पहुँचने में सफल रहे और उन्होंने अधिकारियों को पूरी घटना की सूचना दी। घटना की सूचना मिलते ही सिरसाकलार थाना पुलिस सहित भारी पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुँचा। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल सिपाही सौरव पटेल को सुरक्षित बाहर निकाला और मौके से चारों आरोपियों, मजीद खां, सफीक, अकबरी और सलमान, को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने इन चारों गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों पर हमला करने और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। क्षेत्राधिकारी जालौन ने बताया है कि पुलिस टीम पर हमला करने वाले सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और इस पूरे मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है, साथ ही घटनाक्रम की गहन जाँच भी जारी है।1
- जालौन जिले के रामपुरा कस्बे के वार्ड संख्या-2, सुभाष नगर में रहने वाले एक बुजुर्ग दंपति ने अपने बड़े बेटे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दंपति ने थाना रामपुरा में तहरीर देकर बताया है कि उनका बड़ा बेटा शराब के नशे में उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज करता है, जिससे वे बेहद परेशान हैं। कमलेश नाम के बुजुर्ग ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा पान सिंह अपनी पत्नी रेखाबाई के साथ अलग रहता है, जबकि कमलेश और उनकी पत्नी अपने छोटे बेटे के परिवार के साथ रहते हैं। छोटे बेटे के बाहर काम करने और घर खर्च के लिए पैसे भेजने से ही बुजुर्ग दंपति का भरण-पोषण होता है। कमलेश का आरोप है कि बड़ा बेटा अक्सर शराब पीकर घर आता है और हंगामा करता है। जब बुजुर्ग दंपति उसे समझाने की कोशिश करते हैं या बीच-बचाव करते हैं, तो वह उनके साथ मारपीट करने और गाली-गलौज करने लगता है। इस व्यवहार से दंपति अत्यंत परेशान हैं। त्रस्त दंपति ने पुलिस से मामले की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि यदि आवश्यक हो तो पुलिस उनके बड़े बेटे को अपनी चल-अचल संपत्ति से बेदखल करने की प्रक्रिया में भी सहयोग दे। पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- जालौन के सिरसाकलार थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया है। यह घटना उस समय हुई जब थाना सिरसाकलार में तैनात आरक्षी सौरव पटेल और रिंकू यादव, अजमेरन नामक एक महिला द्वारा अपने पति, सास, देवर और एक रिश्तेदार के खिलाफ दर्ज कराए गए अभियोग की जांच के लिए गए थे। जांच के दौरान, वादिनी अजमेरन के पति मजीद खां, शफीक, सास अकबरी और भांजे सलमान ने इन पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनके खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। इस घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी जालौन द्वारा जानकारी दी गई है।1
- जनपद जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र में शनिवार को एक सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर दिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास स्थित मलंगा पुल पर एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने एक टेंपो में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि टेंपो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसका चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, घायल टेंपो चालक कोंच नगर में सवारियों को छोड़ने के बाद खाली वाहन लेकर उरई की ओर लौट रहा था। इसी दौरान, मलंगा पुल के पास पीछे से आए तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसके टेंपो को टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल चालक की मदद करते हुए उसे उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। वहीं, टक्कर मारने वाला अज्ञात वाहन चालक मौके का फायदा उठाकर अपने वाहन सहित फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त टेंपो को सड़क किनारे हटवाकर यातायात को सुचारु कराया। पुलिस अब अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश में जुट गई है, जिसके लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। घायल चालक का इलाज फिलहाल जारी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने मलंगा पुल पर तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण और नियमित पुलिस निगरानी की मांग की है।2