उत्तरप्रदेश के सिद्धार्थ नगर मे 26 साल पुरानी पानी की जर्जर टंकी पर पांच लड़कों को रील बनाना पड़ा भारी 26 साल पुरानी पानी की टंकी पर चढ़कर रील बनाने का खतरनाक जुनून 5 लड़को को महंगा पड़ गया उत्तरप्रदेश के सिद्धार्थनगर में 60 फीट ऊंची बंद पानी की टंकी पर चढ़कर 5 लड़के रील बना रहे थे। उतरते समय सीढ़ी टूट गई और बड़ा हादसा हो गया। इसमे 1 युवक की मौत हो गई और 2 गंभीर घायल हो गए। जबकि 2 युवक 16 घंटे तक टंकी के ऊपर बिना किसी मूवमेंट के फंसे रहे |आस पास दलदल होने के कारण क्रैन द्वारा बचाव कार्य नहीं हो सका जिसके 16 घंटे बाद सेना के हेलीकाप्टर से दो लड़को का रेस्क्यू किया गया | रविवार 3 मई की घटना है बारिश होने के कारण कुछ दूरी तक सडक बन पाई उसके बाद कार्य अधूरा रह गया | उसके पश्चात् हेलीकाप्टर से बचाव कार्य किया गया | Updated News- 06/मई/26- AIN नेटवर्क की व्यरो रिपोर्ट
उत्तरप्रदेश के सिद्धार्थ नगर मे 26 साल पुरानी पानी की जर्जर टंकी पर पांच लड़कों को रील बनाना पड़ा भारी 26 साल पुरानी पानी की टंकी पर चढ़कर रील बनाने का खतरनाक जुनून 5 लड़को को महंगा पड़ गया उत्तरप्रदेश के सिद्धार्थनगर में 60 फीट ऊंची बंद पानी की टंकी पर चढ़कर 5 लड़के रील बना रहे थे। उतरते समय सीढ़ी टूट गई और बड़ा हादसा हो गया। इसमे 1 युवक की मौत हो गई और 2 गंभीर घायल हो गए। जबकि 2 युवक 16 घंटे तक टंकी के ऊपर बिना किसी मूवमेंट के फंसे रहे |आस पास दलदल होने के कारण क्रैन द्वारा बचाव कार्य नहीं हो सका जिसके 16 घंटे बाद सेना के हेलीकाप्टर से दो लड़को का रेस्क्यू किया गया | रविवार 3 मई की घटना है बारिश होने के कारण कुछ दूरी तक सडक बन पाई उसके बाद कार्य अधूरा रह गया | उसके पश्चात् हेलीकाप्टर से बचाव कार्य किया गया | Updated News- 06/मई/26- AIN नेटवर्क की व्यरो रिपोर्ट
- उत्तरप्रदेश के सिद्धार्थ नगर मे 26 साल पुरानी पानी की जर्जर टंकी पर पांच लड़कों को रील बनाना पड़ा भारी 26 साल पुरानी पानी की टंकी पर चढ़कर रील बनाने का खतरनाक जुनून 5 लड़को को महंगा पड़ गया उत्तरप्रदेश के सिद्धार्थनगर में 60 फीट ऊंची बंद पानी की टंकी पर चढ़कर 5 लड़के रील बना रहे थे। उतरते समय सीढ़ी टूट गई और बड़ा हादसा हो गया। इसमे 1 युवक की मौत हो गई और 2 गंभीर घायल हो गए। जबकि 2 युवक 16 घंटे तक टंकी के ऊपर बिना किसी मूवमेंट के फंसे रहे |आस पास दलदल होने के कारण क्रैन द्वारा बचाव कार्य नहीं हो सका जिसके 16 घंटे बाद सेना के हेलीकाप्टर से दो लड़को का रेस्क्यू किया गया | रविवार 3 मई की घटना है बारिश होने के कारण कुछ दूरी तक सडक बन पाई उसके बाद कार्य अधूरा रह गया | उसके पश्चात् हेलीकाप्टर से बचाव कार्य किया गया | Updated News- 06/मई/26- AIN नेटवर्क की व्यरो रिपोर्ट1
- 🚨तमिलनाडु में विजय गाथा, अभिनेता से राजनेता 🖊️तमिलनाडु में हुई धांसू एंट्री, विजय थलापति की राजनीतिक एंट्री तमिलनाडु… जहाँ राजनीति सिर्फ सत्ता नहीं, बल्कि भावनाओं की लड़ाई होती है… जहाँ हर चुनाव एक कहानी लिखता है… लेकिन इस बार… कहानी कुछ अलग थी। एक ऐसा नाम… जो पर्दे से निकलकर सत्ता के दरवाज़े तक पहुँच गया… नाम— विजय थलापति। - फिल्मी दुनिया का सुपरस्टार… लाखों दिलों पर राज करने वाला चेहरा… लेकिन सवाल ये था— क्या स्क्रीन का हीरो… असल जिंदगी में भी जनता का नेता बन सकता है? राजनीतिक गलियारों में हलचल थी… पुराने दलों को भरोसा था कि ये सिर्फ एक “स्टार का शो” है… कुछ लोगों ने इसे “पॉपुलैरिटी का बुलबुला” बताया… लेकिन… जमीन पर कुछ और ही चल रहा था। गाँव-गाँव, शहर-शहर… एक नई लहर उठ रही थी… विजय थलापति— एक ऐसे नेता के रूप में सामने आए, जो सामाजिक न्याय और अम्बेडकरवादी सोच की बात कर रहे थे… एक ऐसा चेहरा… जो क्रिश्चियन समाज से आता है, लेकिन हर वर्ग को साथ लेकर चलने की बात करता है… उनकी रैलियों में सिर्फ भीड़ नहीं, उम्मीद लेकर आ रहे थे। चुनाव नज़दीक आए… और फिर आया वो दिन… मतदान खत्म हुआ… एग्जिट पोल ने तस्वीर धुंधली कर दी… कोई साफ नहीं था… कोई दावा पक्का नहीं था… पूरे तमिलनाडु की नज़रें… बस एक सवाल पर टिकी थीं— क्या एक्टर सच में सत्ता तक पहुँच पाएगा? और फिर… गिनती शुरू हुई… पहले राउंड में हल्की बढ़त… दूसरे में मुकाबला कड़ा… तीसरे में— चौंकाने वाला उछाल… और फिर… पूरे राज्य में एक ही नाम गूंज उठा— विजय… विजय… विजय… इतिहास ने खुद को दोहराया… जैसे कभी और ने किया था… वैसे ही एक और अभिनेता… सत्ता की कुर्सी तक पहुँच गया। लेकिन ये सिर्फ जीत नहीं थी… ये एक मैसेज था— कि जनता अब नया चेहरा, नई सोच और नया नेतृत्व चाहती है। एक सुपरस्टार… अब एक जिम्मेदारी बन चुका है… फिल्मों की तालियों से निकलकर… अब असली परीक्षा शुरू हुई है… क्या विजय थलापति… अपने वादों को हकीकत में बदल पाएंगे? या ये जीत… सिर्फ एक कहानी बनकर रह जाएगी? --- मैं… अनिल कुमार आप देख रहे हैं ब्लू इंक वॉइस डिजिटल मीडिया चैनल को अभी सब्सक्राइब और फॉलो करें, लाइक and share धन्यवाद।1
- 🏏 गढ़ी रामी में क्रिकेट टूर्नामेंट का हुआ आयोजन : रोमांचक फाइनल मैच में गढ़ी रामी बनी विजेता आगरा के एत्मादपुर क्षेत्र के गांव गढ़ी रामी में आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट ने पूरे क्षेत्र में खेल प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्साह और रोमांच का माहौल बना दिया। इस टूर्नामेंट में आसपास की कई मजबूत टीमों ने भाग लिया और एक से बढ़कर एक मुकाबले देखने को मिले। टूर्नामेंट के अंतिम दिन खेले गए फाइनल मुकाबले ने दर्शकों की धड़कनें तेज कर दीं। गढ़ी रामी और भागूपुर की टीमें आमने-सामने थीं, और दोनों ही जीत के लिए पूरा दमखम दिखा रही थीं। कभी गढ़ी रामी की टीम बढ़त बनाती तो कभी भागूपुर के खिलाड़ी जोरदार वापसी करते नजर आते। हर गेंद पर रोमांच और हर रन पर तालियों की गूंज से मैदान गूंज उठा। मैच का आखिरी ओवर बेहद निर्णायक और सांसें थाम देने वाला रहा, जहां गढ़ी रामी के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत अपने नाम कर ली। इस जीत के साथ ही गढ़ी रामी की टीम ने खिताब पर कब्जा जमाया, जबकि भागूपुर की टीम ने भी शानदार खेल दिखाते हुए उपविजेता का स्थान हासिल किया। विजेता टीम गढ़ी रामी को ₹11,000 नगद राशि और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया, वहीं उपविजेता भागूपुर की टीम को ₹5,100 की नगद पुरस्कार राशि प्रदान की गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जयवीर सिंह तोमर, एम. एस. ठाकुर और लाला ठाकुर उपस्थित रहे। उन्होंने दोनों टीमों के खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए विजेता और उपविजेता टीमों को सम्मानित किया। यह टूर्नामेंट न केवल खेल प्रतिभा का मंच बना, बल्कि क्षेत्र में एकता और उत्साह का प्रतीक भी साबित हुआ।1
- उत्तर प्रदेश में राशन वितरण में अनियमितता को लेकर लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। समय पर सामग्री न मिलने और दुकान बंद रहने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शनकारियों ने रास्ता जाम कर दिया।1
- नवागत जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने संभाला जनपद का पदभार, *फ़िरोज़ाबाद* नवागत जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने संभाला जनपद का पदभार, नवागत जिलाधिकारी ने IANS पर कहा जनसुनवाई और सरकार की विकास योजनाओं को दी जाएगी प्राथमिता, जनपद में कानून व्यवस्था के साथ कोई समझौता नही होगा, जनपद में बड़ी तादात में आलू की खेती होती है जिसको प्राथमिकता के तहत फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा दिया जाएगा, काँच उधोग को बढ़ावा दिया जाएगा, सरकार की योजनाओं को धरातल तक पहुँचाने का कार्य किया जाएगा।1
- 10 साल से सड़क-नाली नहीं, ड्रम में जमा हो रहा गंदा पानी, पानी के लिए रातभर जाग रहे लोग फिरोजाबाद के रेपुरा रोड स्थित शांति नगर वार्ड नंबर 34 में रहने वाले लोग पिछले 10 साल से बदहाल जिंदगी जीने को मजबूर हैं। इलाके में ना सड़क बनी है और ना ही नाली की कोई व्यवस्था है। पूरी गली में कीचड़ और गंदा पानी भरा रहता है, जिससे लोगों का निकलना तक मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने एक ही पार्षद को लगातार दो बार जिताया, लेकिन इसके बावजूद आज तक इलाके की समस्याएं दूर नहीं हुईं। लोगों ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन बाद में कोई देखने तक नहीं आता।1
- फिरोजाबाद के नए DM संतोष शर्मा का सख्त संदेश | कानून व्यवस्था पर ZERO Tolerance | Jan Sunwai Priority1
- उत्तर प्रदेश के शिकोहाबाद में मां-पत्नी की हत्या के आरोपियों पर कार्रवाई न होने से आहत एक युवक ने न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित ने वरिष्ठ अधिकारियों से न्याय न मिलने पर अपने नन्हे पुत्र के साथ इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है। इस मामले ने राज्य में कानून व्यवस्था और जांच की दिशा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1