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- राजस्थान शिक्षक संघ (एसटीएफआई) जिला कमेटी डूंगरपुर ने जिला अध्यक्ष मणीलाल मालीवाड़ के नेतृत्व में शिक्षकों के स्थानांतरण में व्याप्त अव्यवस्थाओं और अमानवीय दृष्टिकोण के विरोध में उग्र प्रदर्शन किया। आक्रोशित शिक्षकों ने इस दौरान शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका और मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर व मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सभी अन्यायपूर्ण और बदले की भावना से किए गए तबादलों को तत्काल निरस्त करने की मांग की। शिक्षक नेताओं का आरोप है कि वर्तमान स्थानांतरण प्रक्रिया ने प्रदेश के शैक्षिक वातावरण को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है, जिससे सत्र की शुरुआत में ही नामांकन अभियान और विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है। संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष हेमंत कुमार खराड़ी और जिला अध्यक्ष मणीलाल मालीवाड़ ने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों के साथ-साथ असाध्य रोग से पीड़ित, विधवा और दिव्यांग शिक्षकों तक को दूर-दराज के क्षेत्रों में भेजकर मानवीय संवेदनाओं की पूरी तरह उपेक्षा की गई है। स्थिति यह बन गई है कि शिक्षक स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के बजाय अपने तबादले रुकवाने के लिए अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। जिला मंत्री धनराज खराड़ी और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य देवीलाल गौड ने सरकार से इन विसंगतिपूर्ण तबादलों को तुरंत रद्द करने और पूर्व वादे के अनुसार सभी संवर्गों के लिए एक पारदर्शी, न्यायसंगत व स्थायी स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग की है। वहीं, संघर्ष समिति के संयोजक जीवन लाल बरांडा और जिला उपाध्यक्ष नारायण लाल कोटेड ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शीघ्र कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो शिक्षक संगठन प्रदेशभर में चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को और तेज करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और शिक्षा विभाग की होगी। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कांतिलाल खराड़ी, रामलाल भगोरा, सतीश अहारी, केशव कोटेड, मानशंकर खराड़ी, गोपाल पाटीदार, नारायण लाल डामोर सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और पदाधिकारी उपस्थित रहे।1
- प्रतापगढ़ जिले के धरियावद कस्बे में बुधवार को दिगम्बर जैन मुनि परम पूज्य वात्सल्य निधि आचार्य कल्प 108 श्री पुण्य सागरजी महाराज का भव्य मंगल प्रवेश हुआ। इस पावन अवसर पर सकल जैन समाज सहित सर्वसमाज के धर्मप्रेमी लोगों ने आचार्य मुनि का बड़े ही उत्साह के साथ स्वागत-सत्कार किया। जुलूस के दौरान घोड़े, बैंड-बाजे और भक्तिमय भजनों की धुन पर झूमते-नाचते श्रद्धालुओं ने पलक पांवड़े बिछाकर मुनि श्री की अगवानी की। नगर में जगह-जगह भव्य तोरण द्वार और आकर्षक साज-सज्जा की गई थी। विभिन्न मार्गों से होता हुआ यह भव्य जुलूस दिगंबर जैन मंदिर पहुंचा, जहां जैन समाज द्वारा महाराज की भव्य अगवानी की गई। आचार्य श्री के सानिध्य में नगर की महावीर वाटिका में भक्तिभाव के साथ चतुर्थ मास का प्रारंभ हुआ, जिसमें मेवाड़, वागड़ और मालवा से बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु सम्मिलित हुए। इस दौरान महावीर वाटिका में आचार्य श्री के पाद प्रक्षालन किए गए और मंगल गीत गाए गए, जहां हजारों की संख्या में जनसैलाब उमड़ पड़ा। चतुर्थ मास के अंतर्गत यहां प्रतिदिन सुबह और शाम को विशेष धार्मिक अनुष्ठान एवं महाराज के मंगल प्रवचन आयोजित किए जाएंगे। भव्य आयोजन के दौरान कानून व सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीआई हजारीलाल मीणा पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर मुस्तैद रहे।1
- राजस्थान के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में 'CSR-22 स्टाफ नर्स राजमेस भर्ती 2025' के तहत नवनियुक्त संविदा स्टाफ नर्स ग्रेड-2 (नर्सिंग ऑफिसर्स) ने चिकित्सा मंत्री को ज्ञापन सौंपकर वेटिंग सूची जारी होने से पहले अपने गृह जिलों में रिलोकेशन (समायोजन) करने की मांग की है। डूंगरपुर से सामने आई इस मांग में कर्मियों ने अपनी व्यावहारिक समस्याओं को प्रमुखता से उजागर किया है। नवनियुक्त नर्सिंग कर्मियों का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार रोजगार और जनकल्याण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रही है, जिससे युवाओं में भारी उत्साह है। हालांकि, इस भर्ती के तहत दूर-दराज के जिलों में पदस्थापन मिलने से कई व्यावहारिक कठिनाइयां खड़ी हो गई हैं। इस भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों को केवल लगभग ₹18,900 का मासिक मानदेय मिल रहा है। इस कम मानदेय और गृह जिले से अत्यधिक दूरी के कारण विशेष रूप से महिला कार्मिकों, विवाहित महिलाओं, एकल व विधवा महिलाओं तथा आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों को भारी पारिवारिक, सामाजिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन के जरिए मांग की गई है कि वर्तमान में विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में खाली पड़े पदों पर पहले बाहर कार्यरत संविदा स्टाफ नर्सों को उनके गृह जिले या नजदीकी मेडिकल कॉलेजों में समायोजित किया जाए, और इसके बाद ही वेटिंग सूची जारी की जाए। नर्सिंग संगठनों का तर्क है कि इस प्रक्रिया को अपनाने से पूरी भर्ती पारदर्शी रहेगी और अनावश्यक कानूनी या सामाजिक विवादों से भी बचा जा सकेगा। सभी नवनियुक्त नर्सिंग ऑफिसर्स ने चिकित्सा मंत्री से इस संवेदनशील मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए जल्द से जल्द राहत देने वाले दिशा-निर्देश जारी करने की अपील की है।2
- चित्तौड़गढ़ के डूंगला ग्राम पंचायत भवन में बुधवार को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ 'हरियालो राजस्थान' अभियान के अंतर्गत 'एक पौधा मां के नाम' कार्यक्रम से हुआ। इस अवसर पर शिविर प्रभारी मोहनलाल त्रिवेदी द्वारा पौधारोपण किया गया। ब्लॉक नोडल अधिकारी डॉ. बनवारीलाल शर्मा एवं पंडित द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ देववृक्ष पीपल का पूजन-अर्चन व माल्यार्पण कर विधिवत पौधारोपण कराया गया। इस कार्यक्रम में सहायक विकास अधिकारी नरेश ढाबरिया, ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र मेनारिया, सामाजिक कार्यकर्ता लालसिंह मीणा, ग्राम विकास अधिकारी गिरीश शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रचेता उजाला प्रजापत, एलएस सुरता मीणा, होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. कल्पना जैन, आयुर्वेद विभाग के शराफत मंसूरी, ग्रामीण रोड़ीलाल मेहता तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के दशरथ सिंह राठौड़ उपस्थित रहे। शिविर के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा मौके पर ही कई सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को दिया गया। इसमें वर्षों से अपने मकानों के वैधानिक स्वामित्व से वंचित परिवारों को पुश्तैनी मकानों के पट्टे वितरित किए गए, वहीं एक दिव्यांग दंपती को निःशुल्क राजस्थान रोडवेज पास उपलब्ध कराए गए। इसके अलावा व्यक्तिगत शौचालय में नाम जोड़ने, नामांतरण, खाता शुद्धिकरण, फार्मर आईडी, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, चिकित्सा, आयुर्वेद एवं होम्योपैथी स्वास्थ्य जांच सहित विभिन्न कार्यों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। साथ ही भवन रहित आयुर्वेद एवं होम्योपैथिक सरकारी भवनों के लिए भूमि आवंटन संबंधी आवेदन भी प्राप्त किए गए। शिविर प्रभारी मोहनलाल त्रिवेदी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति के कार्यों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीणों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। ब्लॉक नोडल अधिकारी डॉ. बनवारीलाल शर्मा ने श्रीमद्भगवद्गीता का संदर्भ देते हुए पीपल को श्रेष्ठ देववृक्ष बताया और पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आह्वान किया। वहीं ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र मेनारिया ने नई पीढ़ी को प्रकृति संरक्षण और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने पर जोर दिया। एक ही स्थान पर सभी सेवाएं मिलने पर ग्रामीणों ने राज्य सरकार की इस पहल की सराहना की।4
- प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा बुधवार शाम को उदयपुर के डबोक स्थित महाराणा प्रताप एयरपोर्ट पहुंचे। हवाई अड्डे और सर्किट हाउस में स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों ने उनकी भव्य अगवानी कर उनका स्वागत किया। उपमुख्यमंत्री गुरुवार सुबह 10 बजे सेवा भारती योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र के लोकार्पण समारोह में भाग लेंगे। इसके बाद, वह उसी दिन शाम 6 बजे विमान द्वारा जयपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।1
- धर्मनगरी उदयपुर में भगवान श्री जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की भव्य रथयात्रा श्रद्धा, आस्था और धार्मिक उत्साह के साथ निकाली जाएगी। इस भव्य रथयात्रा का शुभारंभ 16 जुलाई को जगदीश चौक स्थित श्री जगदीश मंदिर से होगा, जहां से हजारों श्रद्धालु भगवान के रथ के साथ नगर भ्रमण करेंगे। तैयारियों के शुरू होने से उदयपुर में भक्ति और उल्लास का माहौल बना हुआ है।1
- भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के संस्थापक और राजस्थान के बांसवाड़ा-डूंगरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद राजकुमार रोत ने जिनेवा में आयोजित संयुक्त राष्ट्र के आदिवासी अधिकार सम्मेलन में भारत के मूल निवासियों के अधिकारों को लेकर बेहद प्रभावशाली भाषण दिया है। वैश्विक मंच से देश के करोड़ों आदिवासियों का प्रतिनिधित्व करते हुए सांसद रोत ने भारत सरकार के उस पुराने और पारंपरिक दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें कहा जाता रहा है कि भारत में कोई विशिष्ट 'इंडिजिनस' (आदिवासी) समुदाय नहीं है। उन्होंने पुरजोर शब्दों में स्पष्ट किया कि भारत की अनुसूचित जनजातियां ही यहाँ की मूल निवासी हैं। 13 से 17 जुलाई तक चले इस उच्च स्तरीय सम्मेलन में सांसद राजकुमार रोत ने आंकड़ों के साथ अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि भारत में लगभग 14 करोड़ आदिवासी आबादी निवास करती है, जो कुल 705 अलग-अलग आदिवासी समूहों में विभाजित है और जिन्हें संविधान के तहत 'अनुसूचित जनजाति' (ST) का दर्जा प्राप्त है। ऐतिहासिक और नस्लीय रूप से प्रोटो-ऑस्ट्रेलॉयड, नेग्रिटो, द्रविड़ और मंगोलॉयड मूल से जुड़े इन समूहों को उन्होंने भारत के मूल स्वदेशी समुदाय होने का सबसे बड़ा प्रमाण बताया। अपने इस तर्क को कानूनी मजबूती देने के लिए सांसद रोत ने साल 2011 के प्रसिद्ध 'कैलाश बनाम महाराष्ट्र राज्य' मामले में भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति मार्कंडेय काटजू के ऐतिहासिक फैसले का भी हवाला दिया, जिसमें शीर्ष अदालत ने माना था कि अनुसूचित जनजातियां ही इस देश के मूल निवासियों की वंशज हैं। संबोधन के समापन पर बेहद भावुक और गर्वित नजर आए राजकुमार रोत ने गर्व के साथ बताया कि वह स्वयं भील आदिवासी समुदाय से आते हैं, जो राजस्थान के अनुसूचित क्षेत्र का सबसे बड़ा आदिवासी समूह है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र जैसे वैश्विक मंच पर भील समाज और देश के करोड़ों शोषित आदिवासी भाई-बहनों का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए एक परम सम्मान की बात है। उन्होंने अपनी बात को पारंपरिक संबोधन 'जोहार' के साथ समाप्त किया।1
- उदयपुर के वल्लभनगर उपखंड क्षेत्र के भटेवर कस्बे में बुधवार को मेवाड़ संघ शिरोमणि उपप्रवर्तक जैनमुनि कोमल मुनि महाराज एवं सेवाभावी हर्षित मुनि महाराज का भव्य मंगल आगमन हुआ। जैन मुनियों के स्वागत में ग्रामीणों और समाजजनों द्वारा गांव के प्रमुख मार्गों पर बेहद आकर्षक सजावट की गई थी। इस पावन अवसर पर मुनियों के स्वागत के लिए समाजजनों की भारी भीड़ उमड़ी। इसी मंगल प्रवेश के साथ भटेवर में नवीन उपासराय (प्रवचन भवन) निर्माण कार्य का भव्य शुभारंभ किया गया। पंडितों द्वारा किए गए पवित्र वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जैन समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों और प्रबुद्ध जनों ने पूरे विधिविधान से भूमि पूजन की रस्में संपन्न कीं।1
- राजस्थान के चौरासी विधानसभा क्षेत्र से विधायक अनिल कटारा ने भील प्रदेश संदेश यात्रा को लेकर एक जरूरी और महत्वपूर्ण संदेश जारी किया है।1