HC से हुई अंकिता भण्डारी हत्याकांड के आरोपियों की जमानत याचिका पर खारिज। उत्तराखंड हाईकोर्ट में बहुचर्चित अंकिता हत्याकांड के तीनों अभियुक्तों पुलकित आर्य, सौरभ भाष्कर और अंकित गुप्ता की जमानत पर हुई लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट की खंडपीठ ने तीनों अभियुक्तों की जमानत याचिका खारिज कर दी। आज कोर्ट में चली लंबी सुनवाई पर तीनों अभियुक्तों की ओर से अपना पक्ष रखा गया और बचाव में कई तर्क रखे गये। जिन्हें कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया। आपकों बता दे कि कोटद्वार की तत्कालीन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीना नेगी की अदालत ने पिछले साल 30 मई को तीनों अभियुक्तों को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। पुलकित आर्य को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 201 और 354 (ए) के तहत आजीवन कारावास जबकि रिसॉर्ट के प्रबंधक सौरभ भाष्कर और अंकित गुप्ता को भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 302 और 201 के तहत आजीवन कारावास और साक्ष्य मिटाने का दोषी करार दिया गया है। इसके बाद तीनों अभियुक्तों की ओर से निचली अदालत के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दायर की गई है। अपील पर सुनवाई लंबित है। वर्ष 2022 में अंकिता हत्याकांड सामने आया था। अंकिता ऋषिकेश के पास मौजूद वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्सनिष्ट के पद पर तैनात थी। वह 18 सितम्बर, 2022 को संदिग्ध हालात में लापता हो गयी थी। 24 सितम्बर को उसका शव चीला बैराज से बरामद हुआ था।
HC से हुई अंकिता भण्डारी हत्याकांड के आरोपियों की जमानत याचिका पर खारिज। उत्तराखंड हाईकोर्ट में बहुचर्चित अंकिता हत्याकांड के तीनों अभियुक्तों पुलकित आर्य, सौरभ भाष्कर और अंकित गुप्ता की जमानत पर हुई लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट की खंडपीठ ने तीनों अभियुक्तों की जमानत याचिका खारिज कर दी। आज कोर्ट में चली लंबी सुनवाई पर तीनों अभियुक्तों की ओर से अपना पक्ष रखा गया और बचाव में कई तर्क रखे गये। जिन्हें कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया। आपकों बता दे कि कोटद्वार की तत्कालीन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीना नेगी की अदालत ने पिछले साल 30 मई को तीनों अभियुक्तों को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। पुलकित आर्य को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 201 और 354 (ए) के तहत आजीवन कारावास जबकि रिसॉर्ट के प्रबंधक सौरभ भाष्कर और अंकित गुप्ता को भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 302 और 201 के तहत आजीवन कारावास और साक्ष्य मिटाने का दोषी करार दिया गया है। इसके बाद तीनों अभियुक्तों की ओर से निचली अदालत के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दायर की गई है। अपील पर सुनवाई लंबित है। वर्ष 2022 में अंकिता हत्याकांड सामने आया था। अंकिता ऋषिकेश के पास मौजूद वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्सनिष्ट के पद पर तैनात थी। वह 18 सितम्बर, 2022 को संदिग्ध हालात में लापता हो गयी थी। 24 सितम्बर को उसका शव चीला बैराज से बरामद हुआ था।
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | शाहजहांपुर गौतम मौर्य हत्याकांड में आरोपी समीर अली के घर चला बुलडोजर कांट में गौतम मौर्य हत्याकांड के मामले में आरोपी समीर अली के घर पर प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई। ➡️ मौके पर पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी ➡️ कार्रवाई के बाद इलाके में बढ़ी हलचल ➡️ हत्याकांड के मामले में प्रशासन की कार्रवाई चर्चा में शाहजहांपुर | कांट जिला संवाददाता देवेंद्र पटेल1
- HC से हुई अंकिता भण्डारी हत्याकांड के आरोपियों की जमानत याचिका पर खारिज। उत्तराखंड हाईकोर्ट में बहुचर्चित अंकिता हत्याकांड के तीनों अभियुक्तों पुलकित आर्य, सौरभ भाष्कर और अंकित गुप्ता की जमानत पर हुई लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट की खंडपीठ ने तीनों अभियुक्तों की जमानत याचिका खारिज कर दी। आज कोर्ट में चली लंबी सुनवाई पर तीनों अभियुक्तों की ओर से अपना पक्ष रखा गया और बचाव में कई तर्क रखे गये। जिन्हें कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया। आपकों बता दे कि कोटद्वार की तत्कालीन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीना नेगी की अदालत ने पिछले साल 30 मई को तीनों अभियुक्तों को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। पुलकित आर्य को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 201 और 354 (ए) के तहत आजीवन कारावास जबकि रिसॉर्ट के प्रबंधक सौरभ भाष्कर और अंकित गुप्ता को भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 302 और 201 के तहत आजीवन कारावास और साक्ष्य मिटाने का दोषी करार दिया गया है। इसके बाद तीनों अभियुक्तों की ओर से निचली अदालत के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दायर की गई है। अपील पर सुनवाई लंबित है। वर्ष 2022 में अंकिता हत्याकांड सामने आया था। अंकिता ऋषिकेश के पास मौजूद वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्सनिष्ट के पद पर तैनात थी। वह 18 सितम्बर, 2022 को संदिग्ध हालात में लापता हो गयी थी। 24 सितम्बर को उसका शव चीला बैराज से बरामद हुआ था।1
- साहूपुर से ककराही तक मार्ग पर निकलना मुश्किल भीषण कीचड से कूद फांद कर निकलते स्कूली नन्हे मुन्ने बच्चे साहूपुर से ककराही तक मार्ग पर निकलना मुश्किल भीषण कीचड से कूद फांद कर निकलते स्कूली नन्हे मुन्ने बच्चे जिम्मेदार इस मार्ग पर नहीं दे रहे ध्यान बरवर। विकास खंड पसगवां के गांव साहूपुर से प्राथमिक विद्यालय ककराही जाने बाला मुख्य मार्ग पर भीषण कीचड और दलदल होने से इस पर निकलने मे स्कूली नन्हें मुन्ने बच्चों को काफी परेशानी होती है इस मार्ग साहूपुर गाँव से ककराही प्राथमिक विद्यालय तक मुख्य मार्ग पर भीषण कीचड तथा दलदल मे स्कूली बच्चो तथा ग्रामीणो को भी इस मार्ग पर निकलने मे काफी मुशिकले आती है। ग्रामीणों का कहना है की इस मार्ग पर भीषण कीचड से स्कूली बच्चो को कूद फांद कर विद्यालय आने जाने मे काफी दिक्क़तो का सामना कर शिक्षा ग्रहण करने के लिए स्कूल जाते है। यह मार्ग पर भीषण किसी जिम्मेदार अधिकारी या नेता ने संज्ञान नहीं लिया तो किसी दिन बच्चे संक्रामक विमारी की चपेट मे आसकते है। सबसे बड़ी बात यह है की इस मार्ग पर कीचड के चलते आवागमन काम रहता है जिस पर जंगली सियार अधिक देखने को मिल रहे है,नन्हे मुन्ने स्कूली बच्चे विद्यालय तक आने-जाने मे काफी भय बना रहता है। जिला पंचायत सदस्य लाल वहादुर शास्त्री से जानकारी लेने पर बताया। हमें अगर कहीं पर प्रस्ताव देने का मौका मिला तो सबसे पहले हम ककराही मार्ग का प्रस्ताव देकर कार्य करवाएंगे1
- घरेलू गैस सिलेंडर के इस्तेमाल के सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल रेलवे कॉलोनी में निर्माण कार्य के दौरान घरेलू गैस सिलेंडर के इस्तेमाल का आरोप, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल छत पर ट्रिपल बिछाने के काम में सिलेंडर इस्तेमाल होने का वीडियो सामने आने का दावा, ठेकेदार और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल शाहजहांपुर। रेलवे कॉलोनी में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान घरेलू एलपीजी सिलेंडर के इस्तेमाल का मामला सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। कॉलोनी की छत पर बारिश से बचाव के लिए ट्रिपल बिछाने का काम कराया जा रहा है। इसी दौरान घरेलू गैस सिलेंडर के इस्तेमाल का वीडियो सामने आने का दावा किया जा रहा है। वीडियो में सिलेंडर दिखाई देने और एक कर्मचारी द्वारा उसे ले जाते हुए देखे जाने की बात कही जा रही है। एक सिलेंडर से दो तक पहुंचा मामला स्थानीय स्तर पर सामने आए वीडियो के मुताबिक, निर्माण कार्य के पहले दिन मौके पर एक घरेलू गैस सिलेंडर दिखाई दिया था। इसके दो दिन बाद मौके पर दो सिलेंडर नजर आने का दावा किया गया। इससे सवाल उठ रहा है कि रेलवे परिसर में चल रहे सरकारी निर्माण कार्य के दौरान घरेलू उपयोग के लिए निर्धारित सिलेंडर आखिर किसकी अनुमति से लाए गए और उनका इस्तेमाल किस कार्य के लिए किया जा रहा था। यदि जांच में घरेलू एलपीजी सिलेंडर का नियमों के विपरीत निर्माण कार्य में इस्तेमाल होना सामने आता है तो संबंधित जिम्मेदारों की भूमिका की जांच जरूरी होगी। पूछताछ में मुंशी ने ठेकेदार पर डाली जिम्मेदारी मामले की पड़ताल के दौरान कर्मचारियों से सिलेंडर के इस्तेमाल को लेकर सवाल किया गया। बताया गया कि कर्मचारियों ने मुंशी के निर्देश का हवाला दिया। निर्माण कार्य देख रहे मुंशी पप्पू से जब घरेलू सिलेंडर के इस्तेमाल के संबंध में जानकारी मांगी गई तो उन्होंने इसकी जिम्मेदारी ठेकेदार पर डाल दी। ठेकेदार से बात कराने और उसका मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने को कहा गया, लेकिन कथित तौर पर नंबर उपलब्ध नहीं कराया गया। इस पूरे मामले में मौके पर मौजूद जिम्मेदारों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। छत पर काम के दौरान हादसे का खतरा रेलवे कॉलोनी की छत पर ऊंचाई में काम कराया जा रहा है। ऐसे में गैस सिलेंडर और गर्मी पैदा करने वाले उपकरणों के इस्तेमाल के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी गंभीर साबित हो सकती है। किसी भी तरह की गैस लीकेज, आग या अन्य दुर्घटना की स्थिति में मजदूरों के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। इसलिए यह भी जांच का विषय है कि निर्माण स्थल पर अग्निशमन उपकरण, सुरक्षा साधन और मजदूरों के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध है या नहीं। रेलवे की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल मामले में सबसे बड़ा सवाल रेलवे परिसर में चल रहे निर्माण कार्य की निगरानी को लेकर है। यदि कार्यस्थल पर कई दिनों से सिलेंडर का इस्तेमाल किया जा रहा था तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी? यदि जानकारी थी तो इस संबंध में क्या कार्रवाई की गई? सरकारी परिसर में चल रहे निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग और कार्यदायी एजेंसी की होती है। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। स्थलीय जांच से सामने आ सकती है हकीकत स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर निर्माण स्थल का स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है। मौके पर मौजूद सिलेंडरों की श्रेणी, उनके इस्तेमाल और निर्माण कार्य में उनकी आवश्यकता की जांच कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही ठेकेदार, मुंशी और निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच किए जाने की आवश्यकता जताई गई है। यदि जांच में घरेलू एलपीजी सिलेंडर का नियमों के विपरीत इस्तेमाल पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल वीडियो में दिखाई दे रहे सिलेंडरों और लगाए जा रहे आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। लेकिन सुरक्षा से जुड़े इस मामले में रेलवे प्रशासन की ओर से समय रहते जांच और आवश्यक कार्रवाई जरूरी है, ताकि किसी संभावित हादसे को रोका जा सके।1
- ****24 अगस्त से नए भवन में नगर निगम का संचालन, डीएम ने तय की डेडलाइन*** 👉अक्टूबर तक अर्बन हाट और ऑडिटोरियम पूरा करने के सख्त निर्देश शाहजहांपुर। ककरा स्थित निर्माणाधीन नगर निगम कार्यालय भवन में अब 24 अगस्त से नगर निगम के कामकाज का संचालन शुरू होगा। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने शुक्रवार को नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी के साथ भवन का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को स्पष्ट समयसीमा के साथ काम पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान भवन के धरातल एवं प्रथम तल पर स्थित विभिन्न कक्षों का जायजा लिया गया। अधिकांश कमरों का निर्माण कार्य लगभग पूरा मिला। जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त को निर्देशित किया कि 24 अगस्त, सोमवार से नए भवन में नगर निगम कार्यालय हर हाल में संचालित किया जाए। डीएम ने विकास प्राधिकरण कार्यालय का संचालन भी इसी भवन से शुरू कराने के निर्देश दिए। इससे नगर निगम और प्राधिकरण से जुड़ी सेवाएं आमजन को एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी। उन्होंने जनसुनवाई समेत अन्य आवश्यक कार्य नए भवन से शुरू कराने तथा अधिकारियों को नियमित रूप से कार्यालय में बैठकर जनसमस्याओं का निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। 👉निर्माण में देरी पर सख्ती, अक्टूबर तक पूरा करना होगा काम जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि भवन का निर्माण निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। अर्बन हाट और ऑडिटोरियम का निर्माण अक्टूबर माह तक पूरा कराने की स्पष्ट डेडलाइन दी गई। इसके अलावा डीएम ने शहर में निर्माणाधीन नक्षत्रशाला, प्लैनोटोरियम और कार पार्किंग की प्रगति की भी जानकारी ली। संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को इन परियोजनाओं में तेजी लाकर जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि निर्माणाधीन परियोजनाओं को समय से पूरा कराने से शहरवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं मिलेंगी और शहरी विकास को नई गति मिलेगी। निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त अजय कुमार त्रिपाठी, एसके सिंह, संबंधित विभागों के अधिकारी और कार्यदायी संस्था के अभियंता मौजूद रहे।1
- राष्ट्रीय क्रांति पार्टी के जिला कार्यालय कटिया टोला स्थित पार्टी के संस्थापक एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल स्वर्गीय कल्याण सिंह हिंदू हृदय सम्राट की तृतीय पुण्यतिथि पर तमाम कार्यकर्ताओं व पदाधिकारी ने उनकी याद में 2 मिनट का मन रखकर स्वर्गीय कल्याण सिंह चित्र के समक्ष पुष्परित कर भावपूर्ण स्मरण कर श्रद्धांजलि दी अयोध्या में कल्याण सिंह के नाम से बने स्मारक.. राजेश तृतीय पुण्यतिथि पर राष्ट्रीय क्रांति पार्टी ने याद किया कल्याण सिंह को शाहजहांपुर। राष्ट्रीय क्रांति पार्टी के जिला कार्यालय कटिया टोला स्थित पार्टी के संस्थापक एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल स्वर्गीय कल्याण सिंह हिंदू हृदय सम्राट की तृतीय पुण्यतिथि पर तमाम कार्यकर्ताओं व पदाधिकारी ने उनकी याद में 2 मिनट का मन रखकर स्वर्गीय कल्याण सिंह चित्र के समक्ष पुष्परित कर भावपूर्ण स्मरण कर श्रद्धांजलि दी इस अवसर पर जिला अध्यक्ष राजेश कुमार कश्यप ने कहा कि स्वर्गीय कल्याण सिंह के त्याग और बलिदान के कारण ही आज श्री राम मंदिर का निर्माण हुआ है भगवान श्री राम के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया था हम सबको उन पर गर्व है कल्याण सिंह राम मंदिर आंदोलन से बड़े नेता बने दो बार यूपी के मुख्यमंत्री बने करोड़ों लोगों की आवाज बने यूपी के विकास में उनका बड़ा योगदान था बाबूजी कल्याण सिंह आज हमारे बीच न होने से उनकी हम सबको कमी महसूस हो रही है जिला अध्यक्ष ने कहा कि कल्याण सिंह ने भाजपा को अपने खून पसीने से सींच कर राष्ट्रीय पार्टी बनकर इस मुकाम पर पहुंचा आज उसे भाजपा में उनका कोई नाम लेने वाला नहीं है जब भाजपा से मतभेद हुए तो बाबूजी ने राष्ट्रीय क्रांति पार्टी का गठन किया2
- शहीदों की नगरी शाहजहांपुर से आप देख रहे हैं सुपरफास्ट कवरेज तेज इंडिया न्यूज़ चैनल से जिला संवाददाता आशीष अवस्थी1
- 24 अगस्त से ककरा के नए भवन में नगर निगम का दफ्तर एक छत के नीचे मिलेंगी निगम और विकास प्राधिकरण की सेवाएं, अर्बन हाट-ऑडिटोरियम अक्टूबर तक पूरा कराने के निर्देश शाहजहांपुर। शहरवासियों को अब नगर निगम और विकास प्राधिकरण से जुड़े कामों के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ककरा स्थित निर्माणाधीन नगर निगम कार्यालय भवन में 24 अगस्त, सोमवार से नगर निगम के कामकाज की शुरुआत होगी। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने शुक्रवार को नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी के साथ भवन का निरीक्षण कर यह निर्देश दिए।1