अलीगढ़ मंडलायुक्त संगीता सिंह ने सदर तहसील में की जनसुनवाई, औचक निरीक्षण कर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश कासगंज।शनिवार को अलीगढ़ मंडल की आयुक्त (कमिश्नर) संगीता सिंह ने सदर तहसील पहुंचकर आमजन की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। कमिश्नर ने एक-एक कर सभी फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए। जनसुनवाई के बाद कमिश्नर संगीता सिंह ने सदर तहसील परिसर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने तहसील कार्यालयों, रिकॉर्ड रूम, प्रतीक्षालय तथा अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान कई स्थानों पर साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक न पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई और विशेष रूप से शौचालयों की नियमित सफाई एवं रखरखाव सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने कहा कि तहसील आम जनता से सीधे जुड़ा हुआ कार्यालय है, इसलिए यहां आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाए और इसकी नियमित समीक्षा भी की जाए। इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने बताया कि जनसुनवाई के माध्यम से प्राप्त शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों को भेजा जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी मामलों का निष्पक्ष और समय पर समाधान कराया जाएगा। वहीं पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने जनसुनवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और पुलिस से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सदर तहसील के उपजिलाधिकारी संजीव कुमार भी इस दौरान मौजूद रहे। उन्होंने तहसील स्तर पर चल रही विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी कमिश्नर को दी और उनके निर्देशों का शीघ्र अनुपालन कराने का भरोसा दिलाया। कमिश्नर के इस औचक निरीक्षण और जनसुनवाई से तहसील प्रशासन में सक्रियता देखने को मिली और आमजन को राहत की उम्मीद जगी।
अलीगढ़ मंडलायुक्त संगीता सिंह ने सदर तहसील में की जनसुनवाई, औचक निरीक्षण कर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश कासगंज।शनिवार को अलीगढ़ मंडल की आयुक्त (कमिश्नर) संगीता सिंह ने सदर तहसील पहुंचकर आमजन की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। कमिश्नर ने एक-एक कर सभी फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए। जनसुनवाई के बाद कमिश्नर संगीता सिंह ने सदर तहसील परिसर का औचक निरीक्षण
किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने तहसील कार्यालयों, रिकॉर्ड रूम, प्रतीक्षालय तथा अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान कई स्थानों पर साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक न पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई और विशेष रूप से शौचालयों की नियमित सफाई एवं रखरखाव सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने कहा कि तहसील आम जनता से सीधे जुड़ा हुआ कार्यालय है, इसलिए यहां आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण
में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाए और इसकी नियमित समीक्षा भी की जाए। इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने बताया कि जनसुनवाई के माध्यम से प्राप्त शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों को भेजा जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी मामलों का निष्पक्ष और समय पर समाधान कराया जाएगा। वहीं पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने जनसुनवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का
जायजा लिया और पुलिस से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सदर तहसील के उपजिलाधिकारी संजीव कुमार भी इस दौरान मौजूद रहे। उन्होंने तहसील स्तर पर चल रही विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी कमिश्नर को दी और उनके निर्देशों का शीघ्र अनुपालन कराने का भरोसा दिलाया। कमिश्नर के इस औचक निरीक्षण और जनसुनवाई से तहसील प्रशासन में सक्रियता देखने को मिली और आमजन को राहत की उम्मीद जगी।
- Post by Mohit kumar1
- शोभायात्रा के साथ-साथ काली की सवारी तलवारबाजी करती चल रही थी। शोभा यात्रा में माता काली के भव्य स्वरूप की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। शोभा यात्रा का श्री गणेश समाजसेवी किशनवीर सिंह, विकास देवा वार्ष्णेय, बबलू सिसोदिया आदि ने जाहरवीर यात्रा की पीठ की पूजा करके कराया । शोभायात्रा में बाबा जाहरवीर को फूलों से सज्जित डोले में सजाया गया। शोभा यात्रा मोहल्ला गौसगंज से नोरंगाबाद, हुर्मतगंज, राठी चौराहा सब्जी मंडी, जीटी रोड, बड़ा बाजार, नयागंज बाजार, मोहल्ला दमदमा बड़े डाकखाने के पास से गुजरकर बाबा जाहरवीर मठ गौसगंज पर समाप्त हुई। जगह-जगह शोभा यात्रा का पुष्प वर्षा करके स्वागत किया गया। अतिथियो का माल्यार्पण तथा पगड़ी पहना कर भव्य स्वागत किया गया ।अपने संबोधन में अतिथियों ने कहा कि वह बाबा जाहरवीर की पूजा सच्चे मन से करने से मनोकामना पूरी होती है तथा दुख दर्द संकट दूर हो जाते हैं। हमारे क्षेत्र में बाबा जाहरवीर की जोत बड़ी श्रद्धा के साथ मनाई जाती है। इस अवसर पर बाबा के स्थान पर कई दिनों तक जागरण का आयोजन किया जाता है ।पुलिस सुरक्षा में लगी हुई थी । प्रमुख रूप से अशोक उपाध्याय सोनू, पंकज पचौरी, मनोज यादव ,अवधेश बघेल, अमन गुप्ता, अमर सिंह यादव प्रमुख रूप से मौजूद थे।3
- पत्रकार योगेन्द्र प्रताप सिंह की खास रिपोर्ट जलेसर। एटा। उत्तर प्रदेश। जनपद एटा में जलेसर क्षेत्र के दरोगा की मनमानी से हजारों जिंदगियां लगी दांव पर, 25 फीट गहरे गड्डे के किनारे भारी वाहनों की लम्बी दौड़, जिले के एटा-बरहन रेलवे लाइन पर गेट संख्या 22 सी (समपार क्रॉसिंग) के पास फ्लाईओवर (रेलवे ओवर ब्रिज) निर्माण कार्य के दौरान एक चौंकाने वाली लापरवाही और मनमानी का मामला आया सामने। स्थानीय दरोगा ने बिना किसी उच्चाधिकारी के आदेश, बिना लिखित अनुमति और बिना सुरक्षा मानकों का पालन किए रास्ते को पूरी तरह खोल दिया, जिससे भारी-भरकम वाहनों और अन्य यानों का आवागमन किया जा रहा है। यह फैसला इतना जोखिम भरा है, कि विशेषज्ञों की मानें तो किसी भी क्षण बड़ा हादसा हो सकता है। मौके पर मौजूद वीडियो और तस्वीरों में साफ दिख रहा है, कि निर्माण स्थल पर 25 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया है, जिसमें फ्लाईओवर के लिए आरसीसी सरिया (रॉड) का जाल बिछाया जा रहा है। इसी गड्ढे के ठीक किनारे से सड़क गुजर रही है, जहां भारी वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य यातायात बिना किसी बैरिकेडिंग या सुरक्षा व्यवस्था के आवाजाही कर रहे हैं। आसपास की भीड़ में हजारों लोग की भीड़ जमा दिखाई दे रही है, जिनमें स्थानीय निवासी, स्कूली छात्र-छात्राएं और अभिभावक शामिल हैं। पुलिस के जवान भी मौके पर मौजूद हैं, लेकिन कोई सख्त कार्यवाही नजर नहीं आ रही। सबसे बड़ा सवाल: है, कि दरोगा जी ने यह निर्णय अकेले कैसे ले लिया? उत्तर मध्य रेलवे निर्माण खंड कानपुर या उपजिलाधिकारी जलेसर जैसी उच्च स्तरीय अनुमति के बिना रास्ता खोलना क्या नियमों का खुला उल्लंघन नहीं है? निर्माण कार्य के दौरान सड़क को पूरी तरह बंद रखने और वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने के प्रावधान हैं, लेकिन यहां तो उल्टा हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है, कि स्कूली छात्र-छात्राओं की मुख्य मांग थी, कि परीक्षा के दौरान (फरवरी-मार्च 2026 सत्र चल रहा है) दोपहिया वाहनों के लिए सुरक्षित निकासी हो, लेकिन दरोगा के इस फैसले ने स्थिति को और खतरनाक बना दिया है। अब भारी वाहन गुजर रहे हैं, जिससे गड्ढे में गिरने या दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ गया है। एक छोटी सी चूक भी दर्जनों जिंदगियों को तहस-नहस कर सकती है। यह निर्माण उत्तर मध्य रेलवे के तहत एटा-बरहन खंड पर चल रहा है, जहां कुल 6 समपार फाटकों पर आरओबी बनाए जा रहे हैं। गेट 22 पर काम 2025-26 में तेजी से शुरू हुआ, लेकिन सुरक्षा और स्थानीय सुविधाओं की अनदेखी हो रही है। पहले से ही सड़क अवरुद्ध होने से स्कूली बच्चों का भविष्य दांव पर था, अब यह मनमानी फैसला मौत को दावत दे रहा है। प्रशासन से सवाल है: बिना आदेश के रास्ता खोलने वाले दरोगा पर क्या कार्यवाही होगी? क्या सुरक्षा मानकों की जांच होगी? क्या तत्काल बैरिकेडिंग, साइनेज और वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी? स्थानीय लोग आक्रोशित हैं, और यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो जनहित याचिका तक पहुंचने की चेतावनी दी जा रही है। यह मामला न केवल निर्माण की लापरवाही का है, बल्कि आम जनता की जान से खिलवाड़ का भी है। प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप कर इस मौत के गड्ढे को सुरक्षित बनाना होगा, वरना कोई बड़ा हादसा होने पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।1
- एटा जिले में एक सड़क हादस े मे ं ऑटो चालक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। मलावन थाना क्षेत्र के छछैना के पास जीटी रोड पर एक कंटेनर ने सवारियो ं से भरे ऑटो को टक्कर मार दी। घायलों को एटा के वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर ऑटो मे ं फंस े लोगों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। मलावन थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया।1
- इस्लामनगर ब्लॉक परिसर मैं सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड अध्यक्ष प्रतिनिधि पद पर निर्विरोध हुए। रामवीर शर्मा विजयी प्रमाण पत्र लेते हुए।1
- प्रजापति समाज सेवक गिरीश दक्ष सेनाध्यक्ष जलेसर1
- उत्तर प्रदेश सरकार की मानसा के चलते यह स्पष्ट कहा गया था हर जिले में तहसील में चलने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ट्रॉमा सेंटरों पर डॉक्टरों की उचित व्यवस्था कराई जाए जिसके चलते जिला अधिकारी द्वारा की गई पहल के बाद सीएससी सिकंदरा राव पर एनेस्थेटिक डॉक्टर नवीन कुमार की तैनाती कराई गई साथ ही सीसी मार्ग को भी निर्माण कराया गया जिसके चलते शासन से निर्देशन अनुसार आज दिनांक 7 फरवरी दिन शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया जहां उन्होंने सीएससी पर कुछ कमियों को ठीक करने हेतु बोला साथी निर्माणधिन सड़क का भी निरीक्षण किया, सीएससी पर प्रसूता बोर्ड का निरीक्षण किया जा उन्होंने कलर को लेकर भी कहा की दीवारों पर अच्छे से कलर कराऐ साथी मेडिकल स्टोर पर डी फार्मा तैनात कमी को हिदायत दी जो पर्ची आए उसकी सही और सटीक दबा दें साथी उन्होंने कहा की सासन की मंशा के चलते जो भी कार्य अभी बाकी रह गया है उसको भी धरातल पर पूर्ण कराया जाएगा3
- हाथरस के सिकंदरा राऊ तहसील परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब जमीन विवाद को लेकर भाभी और देवर के बीच जोरदार बहस हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गांव बरई शाहपुर का रहने वाला देवर तहसील किसी काम से पहुंचा था। इसी दौरान उसकी भाभी ने उस पर पिता की पूरी जमीन अपने नाम करवाने की कोशिश का आरोप लगा दिया। आरोप-प्रत्यारोप के बीच माहौल गरमा गया और बताया जाता है कि भाभी ने गुस्से में देवर का कॉलर तक पकड़ लिया। वहीं देवर का कहना है कि वह जमीन अपने नाम कराने नहीं, बल्कि किसी अन्य काम से तहसील आया था। लेकिन भाभी ने उसे देखते ही विवाद शुरू कर दिया। कुछ देर तक चले इस ड्रामे को वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया, और देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों को शांत कराया, लेकिन यह घटना पूरे तहसील परिसर में चर्चा का विषय बनी रही। अब हर तरफ इसी हाई वोल्टेज फैमिली ड्रामे की बात हो रही ।1
- *दरोगा की मनमानी से हजारों जिंदगियां दांव पर, 25 फीट गहरे खड्डे के किनारे भारी वाहनों का दौड़ना, मौत का खेल बन गया निर्माण स्थल* एटा, 6 फरवरी 2026 जिले के एटा-बरहन रेलवे लाइन पर गेट संख्या 22सी (समपार क्रॉसिंग) के पास फ्लाईओवर (रेलवे ओवर ब्रिज) निर्माण कार्य के दौरान एक चौंकाने वाली लापरवाही और मनमानी का मामला सामने आया है। स्थानीय दरोगा ने बिना किसी उच्चाधिकारी के आदेश, बिना लिखित अनुमति और बिना सुरक्षा मानकों का पालन किए रास्ते को पूरी तरह खोल दिया, जिससे भारी-भरकम वाहनों, ट्रकों और अन्य यानों का आवागमन हो रहा है। यह फैसला इतना जोखिम भरा है कि विशेषज्ञों की मानें तो किसी भी क्षण बड़ा हादसा हो सकता है। मौके पर मौजूद वीडियो और तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि निर्माण स्थल पर *25 फीट गहरा गड्ढा* खोदा गया है, जिसमें फ्लाईओवर के लिए आरसीसी सरिया (रॉड) का जाल बिछाया जा रहा है। इसी गड्ढे के ठीक किनारे से सड़क गुजर रही है, जहां भारी वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य यातायात बिना किसी बैरिकेडिंग या सुरक्षा व्यवस्था के आवाजाही कर रहे हैं। आसपास की भीड़ में हजारों लोग जमा दिखाई दे रहे हैं, जिनमें स्थानीय निवासी, स्कूली *छात्र-छात्राएं* और अभिभावक शामिल हैं। पुलिस के जवान भी मौके पर मौजूद हैं, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नजर नहीं आ रही। *सबसे बड़ा सवाल:* दरोगा जी ने यह निर्णय अकेले कैसे ले लिया? उत्तर मध्य रेलवे निर्माण खंड कानपुर या एसडीएम जलेसर जैसी उच्च स्तरीय अनुमति के बिना रास्ता खोलना क्या नियमों का खुला उल्लंघन नहीं है? निर्माण कार्य के दौरान सड़क को पूरी तरह बंद रखने और वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने के प्रावधान हैं, लेकिन यहां तो उल्टा हो रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूली *छात्र-छात्राओं* की मुख्य मांग थी कि परीक्षा के दौरान (फरवरी-मार्च 2026 सत्र चल रहा है) दोपहिया वाहनों के लिए सुरक्षित निकासी हो, लेकिन *दरोगा* के इस फैसले ने स्थिति को और *खतरनाक* बना दिया है। अब भारी वाहन गुजर रहे हैं, जिससे गड्ढे में गिरने या दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ गया है। एक छोटी सी चूक भी दर्जनों जिंदगियों को तहस-नहस कर सकती है।यह निर्माण उत्तर मध्य रेलवे के तहत एटा-बरहन खंड पर चल रहा है, जहां कुल 6 समपार फाटकों पर आरओबी बनाए जा रहे हैं। गेट 22 पर काम 2025-26 में तेजी से शुरू हुआ, लेकिन सुरक्षा और स्थानीय सुविधाओं की अनदेखी हो रही है। पहले से ही सड़क अवरुद्ध होने से स्कूली बच्चों का भविष्य दांव पर था, अब यह मनमानी फैसला मौत को दावत दे रहा है। *प्रशासन से सवाल है:* 👉बिना आदेश के रास्ता खोलने वाले दरोगा पर क्या कार्रवाई होगी? 👉क्या सुरक्षा मानकों की जांच होगी? 👉क्या तत्काल बैरिकेडिंग, साइनेज और वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी? स्थानीय लोग आक्रोशित हैं और यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो जनहित याचिका तक पहुंचने की चेतावनी दी जा रही है। यह मामला न केवल निर्माण की लापरवाही का है, बल्कि आम जनता की जान से खिलवाड़ का भी है। प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप कर इस मौत के गड्ढे को सुरक्षित बनाना होगा, वरना कोई बड़ा हादसा होने पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।2