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सिकंदरा राऊ तहसील में भाभी-देवर का हाई वोल्टेज ड्रामा, वीडियो हुआ वायरल हाथरस के सिकंदरा राऊ तहसील परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब जमीन विवाद को लेकर भाभी और देवर के बीच जोरदार बहस हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गांव बरई शाहपुर का रहने वाला देवर तहसील किसी काम से पहुंचा था। इसी दौरान उसकी भाभी ने उस पर पिता की पूरी जमीन अपने नाम करवाने की कोशिश का आरोप लगा दिया। आरोप-प्रत्यारोप के बीच माहौल गरमा गया और बताया जाता है कि भाभी ने गुस्से में देवर का कॉलर तक पकड़ लिया। वहीं देवर का कहना है कि वह जमीन अपने नाम कराने नहीं, बल्कि किसी अन्य काम से तहसील आया था। लेकिन भाभी ने उसे देखते ही विवाद शुरू कर दिया। कुछ देर तक चले इस ड्रामे को वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया, और देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों को शांत कराया, लेकिन यह घटना पूरे तहसील परिसर में चर्चा का विषय बनी रही। अब हर तरफ इसी हाई वोल्टेज फैमिली ड्रामे की बात हो रही ।

20 hrs ago
user_JIMMY VARSHNEY
JIMMY VARSHNEY
पत्रकार सिकंदरा राव, हाथरस, उत्तर प्रदेश•
20 hrs ago

सिकंदरा राऊ तहसील में भाभी-देवर का हाई वोल्टेज ड्रामा, वीडियो हुआ वायरल हाथरस के सिकंदरा राऊ तहसील परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब जमीन विवाद को लेकर भाभी और देवर के बीच जोरदार बहस हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गांव बरई शाहपुर का रहने वाला देवर तहसील किसी काम से पहुंचा था। इसी दौरान उसकी भाभी ने उस पर पिता की पूरी जमीन अपने नाम करवाने की कोशिश का आरोप लगा दिया। आरोप-प्रत्यारोप के बीच माहौल गरमा गया और बताया जाता है कि भाभी ने गुस्से में देवर का कॉलर तक पकड़ लिया। वहीं देवर का कहना है कि वह जमीन अपने नाम कराने नहीं, बल्कि किसी अन्य काम से तहसील आया था। लेकिन भाभी ने उसे देखते ही विवाद शुरू कर दिया। कुछ देर तक चले इस ड्रामे को वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया, और देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों को शांत कराया, लेकिन यह घटना पूरे तहसील परिसर में चर्चा का विषय बनी रही। अब हर तरफ इसी हाई वोल्टेज फैमिली ड्रामे की बात हो रही ।

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  • हाथरस के सिकंदरा राऊ तहसील परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब जमीन विवाद को लेकर भाभी और देवर के बीच जोरदार बहस हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गांव बरई शाहपुर का रहने वाला देवर तहसील किसी काम से पहुंचा था। इसी दौरान उसकी भाभी ने उस पर पिता की पूरी जमीन अपने नाम करवाने की कोशिश का आरोप लगा दिया। आरोप-प्रत्यारोप के बीच माहौल गरमा गया और बताया जाता है कि भाभी ने गुस्से में देवर का कॉलर तक पकड़ लिया। वहीं देवर का कहना है कि वह जमीन अपने नाम कराने नहीं, बल्कि किसी अन्य काम से तहसील आया था। लेकिन भाभी ने उसे देखते ही विवाद शुरू कर दिया। कुछ देर तक चले इस ड्रामे को वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया, और देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों को शांत कराया, लेकिन यह घटना पूरे तहसील परिसर में चर्चा का विषय बनी रही। अब हर तरफ इसी हाई वोल्टेज फैमिली ड्रामे की बात हो रही ।
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    हाथरस के सिकंदरा राऊ तहसील परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब जमीन विवाद को लेकर भाभी और देवर के बीच जोरदार बहस हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गांव बरई शाहपुर का रहने वाला देवर तहसील किसी काम से पहुंचा था। इसी दौरान उसकी भाभी ने उस पर पिता की पूरी जमीन अपने नाम करवाने की कोशिश का आरोप लगा दिया। आरोप-प्रत्यारोप के बीच माहौल गरमा गया और बताया जाता है कि भाभी ने गुस्से में देवर का कॉलर तक पकड़ लिया।
वहीं देवर का कहना है कि वह जमीन अपने नाम कराने नहीं, बल्कि किसी अन्य काम से तहसील आया था। लेकिन भाभी ने उसे देखते ही विवाद शुरू कर दिया। कुछ देर तक चले इस ड्रामे को वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया, और देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों को शांत कराया, लेकिन यह घटना पूरे तहसील परिसर में चर्चा का विषय बनी रही। अब हर तरफ इसी हाई वोल्टेज फैमिली ड्रामे की बात हो रही ।
    user_JIMMY VARSHNEY
    JIMMY VARSHNEY
    पत्रकार सिकंदरा राव, हाथरस, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • पत्रकार योगेन्द्र प्रताप सिंह की खास रिपोर्ट जलेसर। एटा। उत्तर प्रदेश। जनपद एटा में जलेसर क्षेत्र के दरोगा की मनमानी से हजारों जिंदगियां लगी दांव पर, 25 फीट गहरे गड्डे के किनारे भारी वाहनों की लम्बी दौड़, जिले के एटा-बरहन रेलवे लाइन पर गेट संख्या 22 सी (समपार क्रॉसिंग) के पास फ्लाईओवर (रेलवे ओवर ब्रिज) निर्माण कार्य के दौरान एक चौंकाने वाली लापरवाही और मनमानी का मामला आया सामने। स्थानीय दरोगा ने बिना किसी उच्चाधिकारी के आदेश, बिना लिखित अनुमति और बिना सुरक्षा मानकों का पालन किए रास्ते को पूरी तरह खोल दिया, जिससे भारी-भरकम वाहनों और अन्य यानों का आवागमन किया जा रहा है। यह फैसला इतना जोखिम भरा है, कि विशेषज्ञों की मानें तो किसी भी क्षण बड़ा हादसा हो सकता है। मौके पर मौजूद वीडियो और तस्वीरों में साफ दिख रहा है, कि निर्माण स्थल पर 25 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया है, जिसमें फ्लाईओवर के लिए आरसीसी सरिया (रॉड) का जाल बिछाया जा रहा है। इसी गड्ढे के ठीक किनारे से सड़क गुजर रही है, जहां भारी वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य यातायात बिना किसी बैरिकेडिंग या सुरक्षा व्यवस्था के आवाजाही कर रहे हैं। आसपास की भीड़ में हजारों लोग की भीड़ जमा दिखाई दे रही है, जिनमें स्थानीय निवासी, स्कूली छात्र-छात्राएं और अभिभावक शामिल हैं। पुलिस के जवान भी मौके पर मौजूद हैं, लेकिन कोई सख्त कार्यवाही नजर नहीं आ रही। सबसे बड़ा सवाल: है, कि दरोगा जी ने यह निर्णय अकेले कैसे ले लिया? उत्तर मध्य रेलवे निर्माण खंड कानपुर या उपजिलाधिकारी जलेसर जैसी उच्च स्तरीय अनुमति के बिना रास्ता खोलना क्या नियमों का खुला उल्लंघन नहीं है? निर्माण कार्य के दौरान सड़क को पूरी तरह बंद रखने और वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने के प्रावधान हैं, लेकिन यहां तो उल्टा हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है, कि स्कूली छात्र-छात्राओं की मुख्य मांग थी, कि परीक्षा के दौरान (फरवरी-मार्च 2026 सत्र चल रहा है) दोपहिया वाहनों के लिए सुरक्षित निकासी हो, लेकिन दरोगा के इस फैसले ने स्थिति को और खतरनाक बना दिया है। अब भारी वाहन गुजर रहे हैं, जिससे गड्ढे में गिरने या दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ गया है। एक छोटी सी चूक भी दर्जनों जिंदगियों को तहस-नहस कर सकती है। यह निर्माण उत्तर मध्य रेलवे के तहत एटा-बरहन खंड पर चल रहा है, जहां कुल 6 समपार फाटकों पर आरओबी बनाए जा रहे हैं। गेट 22 पर काम 2025-26 में तेजी से शुरू हुआ, लेकिन सुरक्षा और स्थानीय सुविधाओं की अनदेखी हो रही है। पहले से ही सड़क अवरुद्ध होने से स्कूली बच्चों का भविष्य दांव पर था, अब यह मनमानी फैसला मौत को दावत दे रहा है। प्रशासन से सवाल है: बिना आदेश के रास्ता खोलने वाले दरोगा पर क्या कार्यवाही होगी? क्या सुरक्षा मानकों की जांच होगी? क्या तत्काल बैरिकेडिंग, साइनेज और वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी? स्थानीय लोग आक्रोशित हैं, और यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो जनहित याचिका तक पहुंचने की चेतावनी दी जा रही है। यह मामला न केवल निर्माण की लापरवाही का है, बल्कि आम जनता की जान से खिलवाड़ का भी है। प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप कर इस मौत के गड्ढे को सुरक्षित बनाना होगा, वरना कोई बड़ा हादसा होने पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
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    पत्रकार योगेन्द्र प्रताप सिंह की खास रिपोर्ट
जलेसर। एटा। उत्तर प्रदेश। जनपद एटा में जलेसर क्षेत्र के दरोगा की मनमानी से हजारों जिंदगियां लगी दांव पर, 25 फीट गहरे गड्डे के किनारे भारी वाहनों की लम्बी दौड़, जिले के एटा-बरहन रेलवे लाइन पर गेट संख्या 22 सी (समपार क्रॉसिंग) के पास फ्लाईओवर (रेलवे ओवर ब्रिज) निर्माण कार्य के दौरान एक चौंकाने वाली लापरवाही और मनमानी का मामला आया सामने। स्थानीय दरोगा ने बिना किसी उच्चाधिकारी के आदेश, बिना लिखित अनुमति और बिना सुरक्षा मानकों का पालन किए रास्ते को पूरी तरह खोल दिया, जिससे भारी-भरकम वाहनों और अन्य यानों का आवागमन किया जा रहा है। यह फैसला इतना जोखिम भरा है, कि विशेषज्ञों की मानें तो किसी भी क्षण बड़ा हादसा हो सकता है। मौके पर मौजूद वीडियो और तस्वीरों में साफ दिख रहा है, कि निर्माण स्थल पर 25 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया है, जिसमें फ्लाईओवर के लिए आरसीसी सरिया (रॉड) का जाल बिछाया जा रहा है। इसी गड्ढे के ठीक किनारे से सड़क गुजर रही है, जहां भारी वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य यातायात बिना किसी बैरिकेडिंग या सुरक्षा व्यवस्था के आवाजाही कर रहे हैं। आसपास की भीड़ में हजारों लोग की भीड़ जमा दिखाई दे रही है, जिनमें स्थानीय निवासी, स्कूली छात्र-छात्राएं और अभिभावक शामिल हैं। पुलिस के जवान भी मौके पर मौजूद हैं, लेकिन कोई सख्त कार्यवाही नजर नहीं आ रही। सबसे बड़ा सवाल: है, कि दरोगा जी ने यह निर्णय अकेले कैसे ले लिया? उत्तर मध्य रेलवे निर्माण खंड कानपुर या उपजिलाधिकारी जलेसर जैसी उच्च स्तरीय अनुमति के बिना रास्ता खोलना क्या नियमों का खुला उल्लंघन नहीं है? निर्माण कार्य के दौरान सड़क को पूरी तरह बंद रखने और वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने के प्रावधान हैं, लेकिन यहां तो उल्टा हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है, कि स्कूली छात्र-छात्राओं की मुख्य मांग थी, कि परीक्षा के दौरान (फरवरी-मार्च 2026 सत्र चल रहा है) दोपहिया वाहनों के लिए सुरक्षित निकासी हो, लेकिन दरोगा के इस फैसले ने स्थिति को और खतरनाक बना दिया है। अब भारी वाहन गुजर रहे हैं, जिससे गड्ढे में गिरने या दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ गया है। एक छोटी सी चूक भी दर्जनों जिंदगियों को तहस-नहस कर सकती है। यह निर्माण उत्तर मध्य रेलवे के तहत एटा-बरहन खंड पर चल रहा है, जहां कुल 6 समपार फाटकों पर आरओबी बनाए जा रहे हैं। गेट 22 पर काम 2025-26 में तेजी से शुरू हुआ, लेकिन सुरक्षा और स्थानीय सुविधाओं की अनदेखी हो रही है। पहले से ही सड़क अवरुद्ध होने से स्कूली बच्चों का भविष्य दांव पर था, अब यह मनमानी फैसला मौत को दावत दे रहा है। प्रशासन से सवाल है: बिना आदेश के रास्ता खोलने वाले दरोगा पर क्या कार्यवाही होगी? क्या सुरक्षा मानकों की जांच होगी? क्या तत्काल बैरिकेडिंग, साइनेज और वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी? स्थानीय लोग आक्रोशित हैं, और यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो जनहित याचिका तक पहुंचने की चेतावनी दी जा रही है। यह मामला न केवल निर्माण की लापरवाही का है, बल्कि आम जनता की जान से खिलवाड़ का भी है। प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप कर इस मौत के गड्ढे को सुरक्षित बनाना होगा, वरना कोई बड़ा हादसा होने पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
    user_जुर्म का पर्दाफाश
    जुर्म का पर्दाफाश
    Press Midea जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
    31 min ago
  • सासनी। हाथरस के जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक निपुण अग्रवाल ने शनिवार को संयुक्त रूप से सासनी कोतवाली का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने कोतवाली परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई और अभिलेखों के रख-रखाव का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण की शुरुआत में डीएम और एसपी ने महिला हेल्प डेस्क पर पहुंचकर वहां आने वाली फरियादियों की शिकायतों के निस्तारण की स्थिति जांची। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुना जाए और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
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    सासनी। हाथरस के जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक निपुण अग्रवाल ने शनिवार को संयुक्त रूप से सासनी कोतवाली का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने कोतवाली परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई और अभिलेखों के रख-रखाव का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण की शुरुआत में डीएम और एसपी ने महिला हेल्प डेस्क पर पहुंचकर वहां आने वाली फरियादियों की शिकायतों के निस्तारण की स्थिति जांची। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुना जाए और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
    user_Journalists Sasni
    Journalists Sasni
    पत्रकार सासनी, हाथरस, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • #EpsteinFiles का स्याह सच! Newsflix Stream Ashish Chhabra
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    #EpsteinFiles का स्याह सच!
Newsflix Stream Ashish Chhabra
    user_Shan Mohammad
    Shan Mohammad
    Local News Reporter जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • *एटा: इसौली में झाड़ियों में दिखा अजगर, एसडीएम के निर्देश पर वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर अजगर को पकड़ा।* जलेसर/एटा: जनपद एटा के जलेसर तहसील क्षेत्र अंतर्गत गांव इसौली में आज एक अजगर दिखाई दिया। झाड़ियों में अजगर छिपे होने की खबर पूरे क्षेत्र के आग की तरह फैल गई। इसौली गाँव से भीलनगर जाने वाले रास्ते के पास झाड़ियां में अजगर कहां से आ गया इसके बारे में कुछ भी पता नहीं चल सका है। झाड़ियों में अजगर को देखकर ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया और देखते ही देखते आसपास के गावों के सैकडों लोगों की भीड़ अजगर को देखने के लिए इकट्ठा हो गई। स्थानीय लोगों ने जंगल में अजगर देखकर सकरौली पुलिस और एसडीएम जलेसर को सूचना दी। झाड़ियों में अजगर होने की सूचना को एसडीएम जलेसर सुश्री भावना विमल ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल वन विभाग के अधिकारियों को रेस्क्यू करने के लिए निर्देशित किया। सूचना मिलते ही सकरौली पुलिस के चौकी इंचार्ज जरानी कलां जितेंद्र तेवतिया और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू करते हुए झाड़ियां में छिपे अजगर को पड़कर अपने कब्जे में ले लिया और वन विभाग जलेसर की टीम अजगर को किसी सुरक्षित स्थान पर छोड़ने के लिए अपने साथ ले गई और अजगर को उसके प्रवास में सकुशल छोड़ दिया। वन विभाग जलेसर की रेस्क्यू टीम द्वारा अजगर के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। रेस्क्यू टीम में क्षेत्रीय वन अधिकारी गिरजेश तिवारी, वन दरोगा अमरेश कुमार सिंह, वनरक्षक चमन सिंह, परवेज उस्मानी और रामनरेश शामिल रहे।
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    *एटा: इसौली में झाड़ियों में दिखा अजगर, एसडीएम के निर्देश पर वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर अजगर को पकड़ा।*
जलेसर/एटा:
जनपद एटा के जलेसर तहसील क्षेत्र अंतर्गत गांव इसौली में आज एक अजगर दिखाई दिया। झाड़ियों में अजगर छिपे होने की खबर पूरे क्षेत्र के आग की तरह फैल गई। इसौली गाँव से भीलनगर जाने वाले रास्ते के पास झाड़ियां में अजगर कहां से आ गया इसके बारे में कुछ भी पता नहीं चल सका है। झाड़ियों में अजगर को देखकर ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया और देखते ही देखते  आसपास के गावों के सैकडों लोगों की भीड़ अजगर को देखने के लिए इकट्ठा हो गई। स्थानीय लोगों ने जंगल में अजगर देखकर सकरौली पुलिस और एसडीएम जलेसर को सूचना दी। झाड़ियों में अजगर होने की सूचना को एसडीएम जलेसर सुश्री भावना विमल ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल वन विभाग के अधिकारियों को रेस्क्यू करने के लिए निर्देशित किया। सूचना मिलते ही सकरौली पुलिस के चौकी इंचार्ज जरानी कलां जितेंद्र तेवतिया और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू करते हुए झाड़ियां में छिपे अजगर को पड़कर अपने कब्जे में ले लिया और वन विभाग जलेसर की टीम अजगर को किसी सुरक्षित स्थान पर छोड़ने के लिए अपने साथ ले गई और अजगर को उसके प्रवास में सकुशल छोड़ दिया। वन विभाग जलेसर की रेस्क्यू टीम द्वारा अजगर के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। रेस्क्यू टीम में क्षेत्रीय वन अधिकारी गिरजेश तिवारी, वन दरोगा अमरेश कुमार सिंह, वनरक्षक चमन सिंह, परवेज उस्मानी और रामनरेश शामिल रहे।
    user_आदित्य कुमार  पत्रकार
    आदित्य कुमार पत्रकार
    पत्रकार जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • *दरोगा की मनमानी से हजारों जिंदगियां दांव पर, 25 फीट गहरे खड्डे के किनारे भारी वाहनों का दौड़ना, मौत का खेल बन गया निर्माण स्थल* *रवेन्द्र जादौन की खास रिपोर्ट✍️* एटा/जलेसर ~ 6 फरवरी 2026 जिले के एटा-बरहन रेलवे लाइन पर गेट संख्या 22सी (समपार क्रॉसिंग) के पास फ्लाईओवर (रेलवे ओवर ब्रिज) निर्माण कार्य के दौरान एक चौंकाने वाली लापरवाही और मनमानी का मामला सामने आया है। स्थानीय दरोगा ने बिना किसी उच्चाधिकारी के आदेश, बिना लिखित अनुमति और बिना सुरक्षा मानकों का पालन किए रास्ते को पूरी तरह खोल दिया, जिससे भारी-भरकम वाहनों, ट्रकों और अन्य यानों का आवागमन हो रहा है। यह फैसला इतना जोखिम भरा है कि विशेषज्ञों की मानें तो किसी भी क्षण बड़ा हादसा हो सकता है। मौके पर मौजूद वीडियो और तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि निर्माण स्थल पर *25 फीट गहरा गड्ढा* खोदा गया है, जिसमें फ्लाईओवर के लिए आरसीसी सरिया (रॉड) का जाल बिछाया जा रहा है। इसी गड्ढे के ठीक किनारे से सड़क गुजर रही है, जहां भारी वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य यातायात बिना किसी बैरिकेडिंग या सुरक्षा व्यवस्था के आवाजाही कर रहे हैं। आसपास की भीड़ में हजारों लोग जमा दिखाई दे रहे हैं, जिनमें स्थानीय निवासी, स्कूली *छात्र-छात्राएं* और अभिभावक शामिल हैं। पुलिस के जवान भी मौके पर मौजूद हैं, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नजर नहीं आ रही। *सबसे बड़ा सवाल:* दरोगा जी ने यह निर्णय अकेले कैसे ले लिया? उत्तर मध्य रेलवे निर्माण खंड कानपुर या एसडीएम जलेसर जैसी उच्च स्तरीय अनुमति के बिना रास्ता खोलना क्या नियमों का खुला उल्लंघन नहीं है? निर्माण कार्य के दौरान सड़क को पूरी तरह बंद रखने और वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने के प्रावधान हैं, लेकिन यहां तो उल्टा हो रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूली *छात्र-छात्राओं* की मुख्य मांग थी कि परीक्षा के दौरान (फरवरी-मार्च 2026 सत्र चल रहा है) दोपहिया वाहनों के लिए सुरक्षित निकासी हो, लेकिन *दरोगा* के इस फैसले ने स्थिति को और *खतरनाक* बना दिया है। अब भारी वाहन गुजर रहे हैं, जिससे गड्ढे में गिरने या दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ गया है। एक छोटी सी चूक भी दर्जनों जिंदगियों को तहस-नहस कर सकती है।यह निर्माण उत्तर मध्य रेलवे के तहत एटा-बरहन खंड पर चल रहा है, जहां कुल 6 समपार फाटकों पर आरओबी बनाए जा रहे हैं। गेट 22 पर काम 2025-26 में तेजी से शुरू हुआ, लेकिन सुरक्षा और स्थानीय सुविधाओं की अनदेखी हो रही है। पहले से ही सड़क अवरुद्ध होने से स्कूली बच्चों का भविष्य दांव पर था, अब यह मनमानी फैसला मौत को दावत दे रहा है। *प्रशासन से सवाल है:* 👉बिना आदेश के रास्ता खोलने वाले दरोगा पर क्या कार्रवाई होगी? 👉क्या सुरक्षा मानकों की जांच होगी? 👉क्या तत्काल बैरिकेडिंग, साइनेज और वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी? स्थानीय लोग आक्रोशित हैं और यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो जनहित याचिका तक पहुंचने की चेतावनी दी जा रही है। यह मामला न केवल निर्माण की लापरवाही का है, बल्कि आम जनता की जान से खिलवाड़ का भी है। प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप कर इस मौत के गड्ढे को सुरक्षित बनाना होगा, वरना कोई बड़ा हादसा होने पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
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    *दरोगा की मनमानी से हजारों जिंदगियां दांव पर, 25 फीट गहरे खड्डे के किनारे भारी वाहनों का दौड़ना, मौत का खेल बन गया निर्माण स्थल* 
*रवेन्द्र जादौन की खास रिपोर्ट✍️*
एटा/जलेसर ~ 6 फरवरी 2026 जिले के एटा-बरहन रेलवे लाइन पर गेट संख्या 22सी (समपार क्रॉसिंग) के पास फ्लाईओवर (रेलवे ओवर ब्रिज) निर्माण कार्य के दौरान एक चौंकाने वाली लापरवाही और मनमानी का मामला सामने आया है। स्थानीय दरोगा ने बिना किसी उच्चाधिकारी के आदेश, बिना लिखित अनुमति और बिना सुरक्षा मानकों का पालन किए रास्ते को पूरी तरह खोल दिया, जिससे भारी-भरकम वाहनों, ट्रकों और अन्य यानों का आवागमन हो रहा है। यह फैसला इतना जोखिम भरा है कि विशेषज्ञों की मानें तो किसी भी क्षण बड़ा हादसा हो सकता है। मौके पर मौजूद वीडियो और तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि निर्माण स्थल पर *25 फीट गहरा गड्ढा* खोदा गया है, जिसमें फ्लाईओवर के लिए आरसीसी सरिया (रॉड) का जाल बिछाया जा रहा है। इसी गड्ढे के ठीक किनारे से सड़क गुजर रही है, जहां भारी वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य यातायात बिना किसी बैरिकेडिंग या सुरक्षा व्यवस्था के आवाजाही कर रहे हैं। आसपास की भीड़ में हजारों लोग जमा दिखाई दे रहे हैं, जिनमें स्थानीय निवासी, स्कूली *छात्र-छात्राएं* और अभिभावक शामिल हैं। पुलिस के जवान भी मौके पर मौजूद हैं, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नजर नहीं आ रही।
*सबसे बड़ा सवाल:* दरोगा जी ने यह निर्णय अकेले कैसे ले लिया? उत्तर मध्य रेलवे निर्माण खंड कानपुर या एसडीएम जलेसर जैसी उच्च स्तरीय अनुमति के बिना रास्ता खोलना क्या नियमों का खुला उल्लंघन नहीं है? निर्माण कार्य के दौरान सड़क को पूरी तरह बंद रखने और वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने के प्रावधान हैं, लेकिन यहां तो उल्टा हो रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूली *छात्र-छात्राओं* की मुख्य मांग थी कि परीक्षा के दौरान (फरवरी-मार्च 2026 सत्र चल रहा है) दोपहिया वाहनों के लिए सुरक्षित निकासी हो, लेकिन *दरोगा* के इस फैसले ने स्थिति को और *खतरनाक* बना दिया है। अब भारी वाहन गुजर रहे हैं, जिससे गड्ढे में गिरने या दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ गया है। एक छोटी सी चूक भी दर्जनों जिंदगियों को तहस-नहस कर सकती है।यह निर्माण उत्तर मध्य रेलवे के तहत एटा-बरहन खंड पर चल रहा है, जहां कुल 6 समपार फाटकों पर आरओबी बनाए जा रहे हैं। गेट 22 पर काम 2025-26 में तेजी से शुरू हुआ, लेकिन सुरक्षा और स्थानीय सुविधाओं की अनदेखी हो रही है। पहले से ही सड़क अवरुद्ध होने से स्कूली बच्चों का भविष्य दांव पर था, अब यह मनमानी फैसला मौत को दावत दे रहा है। *प्रशासन से सवाल है:* 👉बिना आदेश के रास्ता खोलने वाले दरोगा पर क्या कार्रवाई होगी?
👉क्या सुरक्षा मानकों की जांच होगी?
👉क्या तत्काल बैरिकेडिंग, साइनेज और वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी?
स्थानीय लोग आक्रोशित हैं और यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो जनहित याचिका तक पहुंचने की चेतावनी दी जा रही है। यह मामला न केवल निर्माण की लापरवाही का है, बल्कि आम जनता की जान से खिलवाड़ का भी है। प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप कर इस मौत के गड्ढे को सुरक्षित बनाना होगा, वरना कोई बड़ा हादसा होने पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
    user_Ravendra Jadon पत्रकार
    Ravendra Jadon पत्रकार
    पत्रकार जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • सासनी । आगामी महाशिवरात्रि पर्व को जनपद में शांति, आपसी सौहार्द और उल्लास के साथ संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में शनिवार को सासनी कोतवाली परिसर में जिला अधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक (चिरंजीवी नाथ सिन्हा) ने संयुक्त रूप से क्षेत्र के संभ्रांत नागरिकों और गणमान्य व्यक्तियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक के दौरान अधिकारियों ने त्योहार की तैयारियों की समीक्षा की और स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था का भरोसा दिलाया। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने बैठक में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि महाशिवरात्रि का पर्व आस्था और प्रेम का प्रतीक है, जिसे सभी को मिलजुलकर पारंपरिक भाईचारे के साथ मनाना चाहिए। उन्होंने अपील की कि किसी भी प्रकार की नई परंपरा न डाली जाए और निर्धारित रूटों का ही पालन किया जाए। वहीं पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद है, लेकिन व्यवस्था बनाए रखने में जनता का सहयोग अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसी व्यक्ति को अपने आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि या किसी अप्रिय घटना की जानकारी मिलती है, तो वह बिना किसी देरी के तत्काल संबंधित इलाका पुलिस को सूचित करें। समय पर सूचना मिलने से पुलिस त्वरित कार्रवाई कर सकेगी और किसी भी अप्रिय स्थिति को टाला जा सकेगा। अधिकारियों ने बैठक में मौजूद लोगों से अराजक तत्वों पर नजर रखने और सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक खबर न फैलाने की भी हिदायत दी।
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    सासनी । आगामी महाशिवरात्रि पर्व को जनपद में शांति, आपसी सौहार्द और उल्लास के साथ संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में शनिवार को सासनी कोतवाली परिसर में जिला अधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक (चिरंजीवी नाथ सिन्हा) ने संयुक्त रूप से क्षेत्र के संभ्रांत नागरिकों और गणमान्य व्यक्तियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक के दौरान अधिकारियों ने त्योहार की तैयारियों की समीक्षा की और स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था का भरोसा दिलाया।
जिलाधिकारी अतुल वत्स ने बैठक में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि महाशिवरात्रि का पर्व आस्था और प्रेम का प्रतीक है, जिसे सभी को मिलजुलकर पारंपरिक भाईचारे के साथ मनाना चाहिए। उन्होंने अपील की कि किसी भी प्रकार की नई परंपरा न डाली जाए और निर्धारित रूटों का ही पालन किया जाए। वहीं पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद है, लेकिन व्यवस्था बनाए रखने में जनता का सहयोग अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसी व्यक्ति को अपने आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि या किसी अप्रिय घटना की जानकारी मिलती है, तो वह बिना किसी देरी के तत्काल संबंधित इलाका पुलिस को सूचित करें। समय पर सूचना मिलने से पुलिस त्वरित कार्रवाई कर सकेगी और किसी भी अप्रिय स्थिति को टाला जा सकेगा। अधिकारियों ने बैठक में मौजूद लोगों से अराजक तत्वों पर नजर रखने और सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक खबर न फैलाने की भी हिदायत दी।
    user_Journalists Sasni
    Journalists Sasni
    पत्रकार सासनी, हाथरस, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • #EpsteinFiles का स्याह सच! Newsflix Stream Ashish Chhabra
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    #EpsteinFiles का स्याह सच!
Newsflix Stream Ashish Chhabra
    user_Shan Mohammad
    Shan Mohammad
    Local News Reporter जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • पत्रकार योगेन्द्र प्रताप सिंह की खास रिपोर्ट निधौली कलाँ। एटा। उत्तर प्रदेश। जनपद एटा में जलेसर क्षेत्र के थाना निधौली कलाँ क्षेत्र में एक 16 वर्षीय युवक का शव खेत में मिलने की सूचना पर उच्चाधिकारियों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। फील्ड यूनिट तथा डॉग स्क्वायड द्वारा साक्ष्य संकलन की कार्यवाही करते हुए प्रकरण में प्राप्त तहरीर के आधार पर अभियोग पंजीकृत किया गया है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है। घटना के प्रत्येक पहलू की गहराई से छानबीन करते हुए अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है, मौके पर कानून एवं शांति व्यवस्था सामान्य है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी जलेसर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह द्वारा दी गई बाइट।
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    पत्रकार योगेन्द्र प्रताप सिंह की खास रिपोर्ट
निधौली कलाँ। एटा। उत्तर प्रदेश। जनपद एटा में जलेसर क्षेत्र के थाना निधौली कलाँ क्षेत्र में एक 16 वर्षीय युवक का शव खेत में मिलने की सूचना पर उच्चाधिकारियों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। फील्ड यूनिट तथा डॉग स्क्वायड द्वारा साक्ष्य संकलन की कार्यवाही करते हुए प्रकरण में प्राप्त तहरीर के आधार पर अभियोग पंजीकृत किया गया है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है। घटना के प्रत्येक पहलू की गहराई से छानबीन करते हुए अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है, मौके पर कानून एवं शांति व्यवस्था सामान्य है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी जलेसर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह द्वारा दी गई बाइट।
    user_जुर्म का पर्दाफाश
    जुर्म का पर्दाफाश
    Press Midea Jalesar, Etah•
    6 hrs ago
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