उनियारा का चुनावी रण :- चुनाव मे विकास का मुद्दा हावी. कांग्रेस बीजेपी को आ रहे धरातल पर पसीना. निर्दलीय फिर बन सकते है निर्णायक. उनियारा (टोंक)। 82 वर्ष पुरानी नगर पालिका का 1944 से अब तक का सफर. उनियारा नगरपालिका में पहली बार चुनाव वर्ष 1944 में हुए थे, जिसमें जगदम्बा प्रसाद पहले पालिकाध्यक्ष बने। इसके बाद श्याम सुन्दर माथुर चेयरमैन बने। सर्वाधिक बार अध्यक्ष: शिवरत्न सिंह सबसे अधिक 4 बार नगर पालिका के चेयरमैन रहे। सबसे लंबा कार्यकाल: ठाकुर विष्णु सिंह 1953 से 1966 तक लगातार 13 वर्षों तक चेयरमैन पद पर रहे। सबसे छोटा कार्यकाल: दौलतराम शर्मा का कार्यकाल सबसे कम केवल 33 दिन (16 नवंबर 1967 से 19 दिसंबर 1967) का रहा। 5 बार लगे प्रशासक नगरपालिका में विषम परिस्थितियों के चलते अब तक कुल 5 बार राज्य सरकार द्वारा प्रशासक नियुक्त किए जा चुके हैं: 21 जून 1969 से 20 नवम्बर 1970 2 दिसम्बर 1973 से 9 अक्टूबर 1974 3 अक्टूबर 1977 से 16 फरवरी 1982 17 फरवरी 1986 से 21 मई 1990 21 अगस्त 2020 से 7 फरवरी 2021 भाजपा और निर्दलीय का रिकॉर्ड सीधे चुनाव प्रणाली के तहत 2010 से 2015 तक भाजपा से शंकर लाल ठाड़ा अध्यक्ष बने, जो भाजपा के पहले अध्यक्ष रहे। इसके बाद 2015 से 2020 तक राकेश कुमार बढ़ाया ने निर्दलीय के रूप में 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा किया। 2020 मे विधायक हरीश मीणा द्वारा रणनीति का प्रयोग करते हुए बहुमत नहीं होने के बाद भी मोनिका गुर्जर को चेयरमेन बनाया गया. वर्तमान स्थिति मे कांग्रेस ओर बीजेपी दोनों दलों के लिये चेयरमेन पद पर कब्जा प्रतिष्ठा का प्रश्न है भाजपा विधानसभा मे जीत के बाद उत्साहित तो है मगर पार्टी के सत्ता मे आने के बाद भी विकास के नाम पर नगरपालिका को बजट ऊंट के मुँह मे जीरा ही दिया गया है पुराने प्रपोजल अब तक बजट के इंतजार मे है. वही कांग्रेस के निवर्तमान चेयरमेन जो की 2020 से पूर्व सत्तारुड़ दल के प्रमुख घटक थे उनके द्वारा विधायक के मद से विकास कार्य तो करवाये गये मगर वो भी गिनाने लायक नहीं है. गलवा बांध की वेस्ट वेयर चलने की स्थिति मे उनियारा मे बाढ़ के पानी की निकासी का मार्ग अब भी अवरुद्ध है थोड़ी बारिश मे नाले उफान पर आ जाते है. हालाकी अभी टिकिट वितरण होना बाकि है. पर आज की स्थिति मे कांग्रेस ओर बीजेपी के लिये बहुमत के साथ बोर्ड बनाना दूर की कोड़ी है लगता है इसबार भी सन 2015 की तरह बोर्ड के निर्माण मे निर्दलीय ही अहम भूमिका निभाएगे क्योंकि इस बार आम आदमी पार्टी भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने को लेकर सक्रिय है.
उनियारा का चुनावी रण :- चुनाव मे विकास का मुद्दा हावी. कांग्रेस बीजेपी को आ रहे धरातल पर पसीना. निर्दलीय फिर बन सकते है निर्णायक. उनियारा (टोंक)। 82 वर्ष पुरानी नगर पालिका का 1944 से अब तक का सफर. उनियारा नगरपालिका में पहली बार चुनाव वर्ष 1944 में हुए थे, जिसमें जगदम्बा प्रसाद पहले पालिकाध्यक्ष बने। इसके बाद श्याम सुन्दर माथुर चेयरमैन बने। सर्वाधिक बार अध्यक्ष: शिवरत्न सिंह सबसे अधिक 4 बार नगर पालिका के चेयरमैन रहे। सबसे लंबा कार्यकाल: ठाकुर विष्णु सिंह 1953 से 1966 तक लगातार 13 वर्षों तक चेयरमैन पद पर रहे। सबसे छोटा कार्यकाल: दौलतराम शर्मा का कार्यकाल सबसे कम केवल 33 दिन (16 नवंबर 1967 से 19 दिसंबर 1967) का रहा। 5 बार लगे प्रशासक नगरपालिका में विषम परिस्थितियों के चलते अब तक कुल 5 बार राज्य सरकार द्वारा प्रशासक नियुक्त किए जा चुके हैं: 21 जून 1969 से 20 नवम्बर 1970 2 दिसम्बर 1973 से 9 अक्टूबर 1974 3 अक्टूबर 1977 से 16 फरवरी 1982 17 फरवरी 1986 से 21 मई 1990 21 अगस्त 2020 से 7 फरवरी 2021 भाजपा और निर्दलीय का रिकॉर्ड सीधे चुनाव प्रणाली के तहत 2010 से 2015 तक भाजपा से शंकर लाल ठाड़ा अध्यक्ष बने, जो भाजपा के पहले अध्यक्ष रहे। इसके बाद 2015 से 2020 तक राकेश कुमार बढ़ाया ने निर्दलीय के रूप में 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा किया। 2020 मे विधायक हरीश मीणा द्वारा रणनीति का प्रयोग करते हुए बहुमत नहीं होने के बाद भी मोनिका गुर्जर को चेयरमेन बनाया गया. वर्तमान स्थिति मे कांग्रेस ओर बीजेपी दोनों दलों के लिये चेयरमेन पद पर कब्जा प्रतिष्ठा का प्रश्न है भाजपा विधानसभा मे जीत के बाद उत्साहित तो है मगर पार्टी के सत्ता मे आने के बाद भी विकास के नाम पर नगरपालिका को बजट ऊंट के मुँह मे जीरा ही दिया गया है पुराने प्रपोजल अब तक बजट के इंतजार मे है. वही कांग्रेस के निवर्तमान चेयरमेन जो की 2020 से पूर्व सत्तारुड़ दल के प्रमुख घटक थे उनके द्वारा विधायक के मद से विकास कार्य तो करवाये गये मगर वो भी गिनाने लायक नहीं है. गलवा बांध की वेस्ट वेयर चलने की स्थिति मे उनियारा मे बाढ़ के पानी की निकासी का मार्ग अब भी अवरुद्ध है थोड़ी बारिश मे नाले उफान पर आ जाते है. हालाकी अभी टिकिट वितरण होना बाकि है. पर आज की स्थिति मे कांग्रेस ओर बीजेपी के लिये बहुमत के साथ बोर्ड बनाना दूर की कोड़ी है लगता है इसबार भी सन 2015 की तरह बोर्ड के निर्माण मे निर्दलीय ही अहम भूमिका निभाएगे क्योंकि इस बार आम आदमी पार्टी भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने को लेकर सक्रिय है.
- उनियारा का चुनावी रण :- चुनाव मे विकास का मुद्दा हावी. कांग्रेस बीजेपी को आ रहे धरातल पर पसीना. निर्दलीय फिर बन सकते है निर्णायक. उनियारा (टोंक)। 82 वर्ष पुरानी नगर पालिका का 1944 से अब तक का सफर. उनियारा नगरपालिका में पहली बार चुनाव वर्ष 1944 में हुए थे, जिसमें जगदम्बा प्रसाद पहले पालिकाध्यक्ष बने। इसके बाद श्याम सुन्दर माथुर चेयरमैन बने। सर्वाधिक बार अध्यक्ष: शिवरत्न सिंह सबसे अधिक 4 बार नगर पालिका के चेयरमैन रहे। सबसे लंबा कार्यकाल: ठाकुर विष्णु सिंह 1953 से 1966 तक लगातार 13 वर्षों तक चेयरमैन पद पर रहे। सबसे छोटा कार्यकाल: दौलतराम शर्मा का कार्यकाल सबसे कम केवल 33 दिन (16 नवंबर 1967 से 19 दिसंबर 1967) का रहा। 5 बार लगे प्रशासक नगरपालिका में विषम परिस्थितियों के चलते अब तक कुल 5 बार राज्य सरकार द्वारा प्रशासक नियुक्त किए जा चुके हैं: 21 जून 1969 से 20 नवम्बर 1970 2 दिसम्बर 1973 से 9 अक्टूबर 1974 3 अक्टूबर 1977 से 16 फरवरी 1982 17 फरवरी 1986 से 21 मई 1990 21 अगस्त 2020 से 7 फरवरी 2021 भाजपा और निर्दलीय का रिकॉर्ड सीधे चुनाव प्रणाली के तहत 2010 से 2015 तक भाजपा से शंकर लाल ठाड़ा अध्यक्ष बने, जो भाजपा के पहले अध्यक्ष रहे। इसके बाद 2015 से 2020 तक राकेश कुमार बढ़ाया ने निर्दलीय के रूप में 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा किया। 2020 मे विधायक हरीश मीणा द्वारा रणनीति का प्रयोग करते हुए बहुमत नहीं होने के बाद भी मोनिका गुर्जर को चेयरमेन बनाया गया. वर्तमान स्थिति मे कांग्रेस ओर बीजेपी दोनों दलों के लिये चेयरमेन पद पर कब्जा प्रतिष्ठा का प्रश्न है भाजपा विधानसभा मे जीत के बाद उत्साहित तो है मगर पार्टी के सत्ता मे आने के बाद भी विकास के नाम पर नगरपालिका को बजट ऊंट के मुँह मे जीरा ही दिया गया है पुराने प्रपोजल अब तक बजट के इंतजार मे है. वही कांग्रेस के निवर्तमान चेयरमेन जो की 2020 से पूर्व सत्तारुड़ दल के प्रमुख घटक थे उनके द्वारा विधायक के मद से विकास कार्य तो करवाये गये मगर वो भी गिनाने लायक नहीं है. गलवा बांध की वेस्ट वेयर चलने की स्थिति मे उनियारा मे बाढ़ के पानी की निकासी का मार्ग अब भी अवरुद्ध है थोड़ी बारिश मे नाले उफान पर आ जाते है. हालाकी अभी टिकिट वितरण होना बाकि है. पर आज की स्थिति मे कांग्रेस ओर बीजेपी के लिये बहुमत के साथ बोर्ड बनाना दूर की कोड़ी है लगता है इसबार भी सन 2015 की तरह बोर्ड के निर्माण मे निर्दलीय ही अहम भूमिका निभाएगे क्योंकि इस बार आम आदमी पार्टी भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने को लेकर सक्रिय है.1
- लबान रेलवे स्टेशन पर श्मशान घाट की समस्या, कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान लबान। खरायता पंचायत के गांव लबान रेलवे स्टेशन क्षेत्र में श्मशान घाट की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या को लेकर कई बार उपखंड कार्यालय में ज्ञापन दिया गया तथा सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया गया।2
- सवाई माधोपुर राखी के पावन पर्व पर आज मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा महिलाओं को निशुल्क सरकारी बसें उपलब्ध करवाई गई है। अब देखने की बात है कि क्या महिलाओं को सरकारी बसें निशुल्क उपलब्ध हो रही है या नहीं सवाई माधोपुर राखी के पावन पर्व पर आज मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा महिलाओं को निशुल्क सरकारी बसें उपलब्ध करवाई गई है। अब देखने की बात है कि क्या महिलाओं को सरकारी बसें निशुल्क उपलब्ध हो रही है या नहीं2
- माउजर दिखाकर ग्रामीण से 315 बोर की बंदूक लूटी, भैंस चराने गया था जंगल बेंचाई के जंगल में चार बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम, गसवानी के साथ कराहल और बरगवां पुलिस की टीमें सर्चिंग में जुटीं श्योपुर। गसवानी थाना क्षेत्र के बेंचाई के जंगल में भैंस चराने गए ग्रामीण से चार बदमाशों द्वारा माउजर दिखाकर 315 बोर की बंदूक लूटने का मामला सामने आया है। घटना गुरुवार की बताई जा रही है। वारदात के बाद आरोपी जंगल की ओर फरार हो गए। सूचना मिलने पर गसवानी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपियों की तलाश शुरू की। जंगल का क्षेत्र होने के कारण कराहल और बरगवां थाना पुलिस की टीमें भी सर्चिंग अभियान में शामिल हो गई हैं। पुलिस के अनुसार, मुकेश धाकड़ और रामसिंह धाकड़ गुरुवार को अपनी भैंसों को चराने के लिए बेंचाई के जंगल में गए थे। इसी दौरान चार बदमाश उनके पास पहुंचे। आरोप है कि बदमाशों ने माउजर दिखाकर दोनों ग्रामीणों को डराया और उनके पास मौजूद 315 बोर की बंदूक अपने कब्जे में ले ली। इसके बाद चारों बदमाश जंगल के रास्ते फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस ने शुरू की तलाश घटना के बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही गसवानी थाना पुलिस की टीम जंगल में पहुंची और आसपास के इलाके में आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने जंगल से बाहर निकलने वाले संभावित रास्तों और आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ाई। चूंकि घटना जंगल के क्षेत्र में हुई है और आरोपी वारदात के बाद जंगल की ओर भागे हैं, इसलिए गसवानी पुलिस ने आसपास के थानों को भी सूचना दी। इसके बाद कराहल और बरगवां थाना पुलिस की टीमें भी मौके पर पहुंचीं और संयुक्त रूप से जंगल में सर्चिंग शुरू की। पुलिस द्वारा अलग-अलग रास्तों और संभावित ठिकानों पर तलाश की जा रही है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास गसवानी थाना प्रभारी आशा मौर्य ने बताया कि मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। पुलिस घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है। फिलहाल जंगल में सर्चिंग अभियान जारी है और पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास में जुटी हुई है। माउजर दिखाकर ग्रामीण से 315 बोर की बंदूक लूटी, भैंस चराने गया था जंगल बेंचाई के जंगल में चार बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम, गसवानी के साथ कराहल और बरगवां पुलिस की टीमें सर्चिंग में जुटीं श्योपुर। गसवानी थाना क्षेत्र के बेंचाई के जंगल में भैंस चराने गए ग्रामीण से चार बदमाशों द्वारा माउजर दिखाकर 315 बोर की बंदूक लूटने का मामला सामने आया है। घटना गुरुवार की बताई जा रही है। वारदात के बाद आरोपी जंगल की ओर फरार हो गए। सूचना मिलने पर गसवानी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपियों की तलाश शुरू की। जंगल का क्षेत्र होने के कारण कराहल और बरगवां थाना पुलिस की टीमें भी सर्चिंग अभियान में शामिल हो गई हैं। पुलिस के अनुसार, मुकेश धाकड़ और रामसिंह धाकड़ गुरुवार को अपनी भैंसों को चराने के लिए बेंचाई के जंगल में गए थे। इसी दौरान चार बदमाश उनके पास पहुंचे। आरोप है कि बदमाशों ने माउजर दिखाकर दोनों ग्रामीणों को डराया और उनके पास मौजूद 315 बोर की बंदूक अपने कब्जे में ले ली। इसके बाद चारों बदमाश जंगल के रास्ते फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस ने शुरू की तलाश घटना के बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही गसवानी थाना पुलिस की टीम जंगल में पहुंची और आसपास के इलाके में आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने जंगल से बाहर निकलने वाले संभावित रास्तों और आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ाई। चूंकि घटना जंगल के क्षेत्र में हुई है और आरोपी वारदात के बाद जंगल की ओर भागे हैं, इसलिए गसवानी पुलिस ने आसपास के थानों को भी सूचना दी। इसके बाद कराहल और बरगवां थाना पुलिस की टीमें भी मौके पर पहुंचीं और संयुक्त रूप से जंगल में सर्चिंग शुरू की। पुलिस द्वारा अलग-अलग रास्तों और संभावित ठिकानों पर तलाश की जा रही है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास गसवानी थाना प्रभारी आशा मौर्य ने बताया कि मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। पुलिस घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है। फिलहाल जंगल में सर्चिंग अभियान जारी है और पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास में जुटी हुई है।2
- राखी का त्यौहार हर्षोल्लास से मनाया, बाजारों में लगी भीड़ लालसोट । उपखंड मुख्यालय सहित समूचे क्षेत्र में रक्षाबंधन का त्यौहार हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर बाजारो में मिठाई और रक्षा सूत्र खरीदने के लिए लोगों की भीड़ रही। बहनों ने रक्षा सूत्र बांध कर भाइयों की लंबी उम्र की कामना की। इस अवसर पर रजनी गुप्ता एडवोकेट सहित अन्य महिलाओं ने विनोद सीपा एडिशनल एसपी, सत्यनारायण यादव डीएसपी , हरदयाल थाना अधिकारी , महिमा चौधरी विजय लक्ष्मी रावत अमर सिंह सी सांवरा हेड कांस्टेबल के राखी बांध त्यौहार मनाया ।2
- Post by Piyaray Lal3
- बिलासपुर एयरपोर्ट पर मौत की लैंडिंग: बाल-बाल बचे 60 यात्री, रनवे पर घिसटते विमान से उठीं चिंगारियां! बिलासपुर एयरपोर्ट पर मौत की लैंडिंग: बाल-बाल बचे 60 यात्री, रनवे पर घिसटते विमान से उठीं चिंगारियां! चीख-पुकार, थरथराता विमान और रनवे पर मौत से जंग… बिलासपुर एयरपोर्ट पर टला भीषण हादसा धमाके के साथ फटा अलायंस एयर के विमान का टायर, कई मीटर तक घिसटता चला गया विमान; पायलट की जांबाजी से टली देश की बड़ी विमान त्रासदी। 📍 बिलासपुर (विशेष संवाददाता): बिलासपुर एयरपोर्ट पर शुक्रवार को उस वक्त मौत साक्षात सामने नाचती नजर आई, जब दिल्ली से आ रहा अलायंस एयर का यात्री विमान रनवे को छूते ही एक भयानक हादसे का शिकार होते-होते बचा। विमान में सवार 60 यात्रियों की सांसें तब हलक में अटक गईं, जब लैंडिंग के चंद सेकंडों के भीतर एक भीषण धमाके के साथ विमान का टायर फट गया। इसके बाद जो मंजर दिखा, उसने हर किसी की रूह कंपा दी। 🔥 रनवे पर चीखती धातु और यात्रियों का खौफ विमान जैसे ही रनवे पर उतरा, टायर ब्लास्ट होते ही संतुलन डगमगा गया। विमान पहिए के बजाय अपनी मेटल बॉडी और रिम के बल पर रनवे पर कई मीटर तक बेकाबू होकर घिसटता चला गया। घर्षण की वजह से तेज चिंगारियां और धुएं का गुबार उठने लगा। केबिन के अंदर का नजारा किसी खौफनाक मंजर से कम नहीं था: सीटों पर कांपते मुसाफिर: झटका इतना जबर्दस्त था कि यात्री अपनी सीटों से उछल पड़े। चारों तरफ चीख-पुकार: विमान के अंदर बच्चों और महिलाओं की चीखें गूंजने लगीं, लोग आंखें मूंदकर ईश्वर को याद करने लगे। केबिन में हड़कंप: कुछ ही सेकंड में पूरे केबिन में अफरा-तफरी मच गई और हर कोई अनहोनी की आशंका से सिहर उठा। 🛡️ पायलट की सूझबूझ से हुआ चमत्कार विमान जिस रफ्तार में था, जरा सी भी चूक होने पर वह रनवे से फिसलकर पलट सकता था या भीषण आग का गोला बन सकता था। मगर, पायलट ने अदम्य साहस और गजब के नियंत्रण का परिचय देते हुए विमान को रनवे से नीचे नहीं उतरने दिया और इमरजेंसी ब्रेक लगाकर घिसटते विमान को आखिरकार रोक लिया। 📋 राहत की सांस: सभी 60 यात्री पूरी तरह सुरक्षित हादसे की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट का पूरा रेस्क्यू अमला, दमकल गाड़ियां और एम्बुलेंस सायरन बजाते हुए रनवे की ओर दौड़ीं। सुरक्षित निकासी: आनन-फानन में सभी 60 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। तकनीकी जांच शुरू: नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) और तकनीकी टीम ने मामले का तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है कि आखिर लैंडिंग के वक्त टायर फटने की असल वजह क्या थी1
- चतरपुरा के पास सड़क दुर्घटना में घायल हुए पुलिस कांस्टेबल, हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर देर रात हादसे का शिकार हुए कांस्टेबल मीठालाल मीणा, बेहतर इलाज के लिए टोंक किया गया रेफर. उनियारा (टोंक)। उनियारा थाना क्षेत्र के चतरपुरा गांव के पास गुरुवार देर रात हुए एक सड़क हादसे में पुलिस कांस्टेबल मीठालाल मीणा गंभीर रूप से घायल हो गए। बूंदी जिले के काशपुरिया गांव निवासी कांस्टेबल को दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय उनियारा अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने टोंक जिला मुख्यालय रेफर कर दिया। हादसे के कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।1