logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

डब्लू सीएल कर्मचारी की मौत ट्रक ने मारी टक्कर सोमवार रात की घटना

1 hr ago
user_Namdev gujre Khabar bhart news
Namdev gujre Khabar bhart news
पत्रकार घोड़ा डोंगरी, बैतूल, मध्य प्रदेश•
1 hr ago
33a84b36-3104-4fd7-a490-d76437f1ab9d

डब्लू सीएल कर्मचारी की मौत ट्रक ने मारी टक्कर सोमवार रात की घटना

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • डब्लू सीएल कर्मचारी की मौत ट्रक ने मारी टक्कर सोमवार रात की घटना
    3
    डब्लू सीएल कर्मचारी की मौत ट्रक ने मारी टक्कर सोमवार रात की घटना
    user_Namdev gujre Khabar bhart news
    Namdev gujre Khabar bhart news
    पत्रकार घोड़ा डोंगरी, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • बैतूल जिले के आमला विकासखंड अंतर्गत बोरदेही के समीप बामला–सोनार गोंदी मार्ग पर चल रहा सड़क निर्माण कार्य अब सीधे-सीधे प्रशासनिक लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है। ग्रामीणों की शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे पूरे मामले में उनकी भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार ठेकेदार द्वारा बिना कंप्रेसर के ही सड़क पर गिट्टी बिछाई जा रही है। यह निर्माण मानकों का खुला उल्लंघन है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना कंप्रेसर सड़क की मजबूती संभव नहीं, ऐसे में यह सड़क पहली बारिश में ही जवाब दे सकती है। सबसे गंभीर सवाल उस तथाकथित पुल निर्माण को लेकर उठ रहा है, जो पूरी तरह समतल जमीन पर बना दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि यह अतिरिक्त भुगतान निकालने का तरीका है। आखिर जब जल निकासी या नाले का कोई अस्तित्व ही नहीं, तो पुल किस जरूरत के तहत बनाया गया? ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण स्थल पर न तो किसी विभागीय इंजीनियर की नियमित उपस्थिति दिखाई दे रही है और न ही गुणवत्ता की जांच। इससे स्पष्ट होता है कि या तो अधिकारियों ने आंख मूंद रखी है या फिर पूरा खेल उनकी मौन सहमति से चल रहा है। अब सवाल यह है कि करोड़ों रुपये के इस निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग किस अधिकारी के जिम्मे है? क्या बिना तकनीकी स्वीकृति पुल बना दिया गया? क्या मटेरियल टेस्ट हुआ? और यदि नहीं हुआ, तो जिम्मेदार कौन? ग्रामीणों ने बैतूल जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे सड़क निर्माण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, तकनीकी ऑडिट कराया जाए और दोषी ठेकेदार के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई हो। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन और धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। यह मामला केवल सरकारी धन के दुरुपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि आम जनता की जान–माल की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस “भ्रष्टाचार की सड़क” पर ब्रेक लगाता है या फिर हमेशा की तरह फाइलों में मामला दबा दिया जाएगा। जिले के आमला विकासखंड अंतर्गत बोरदेही के समीप बामला–सोनार गोंदी मार्ग पर चल रहा सड़क निर्माण कार्य अब सीधे-सीधे प्रशासनिक लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है। ग्रामीणों की शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे पूरे मामले में उनकी भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार ठेकेदार द्वारा बिना कंप्रेसर के ही सड़क पर गिट्टी बिछाई जा रही है। यह निर्माण मानकों का खुला उल्लंघन है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना कंप्रेसर सड़क की मजबूती संभव नहीं, ऐसे में यह सड़क पहली बारिश में ही जवाब दे सकती है। सबसे गंभीर सवाल उस तथाकथित पुल निर्माण को लेकर उठ रहा है, जो पूरी तरह समतल जमीन पर बना दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि यह अतिरिक्त भुगतान निकालने का तरीका है। आखिर जब जल निकासी या नाले का कोई अस्तित्व ही नहीं, तो पुल किस जरूरत के तहत बनाया गया? ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण स्थल पर न तो किसी विभागीय इंजीनियर की नियमित उपस्थिति दिखाई दे रही है और न ही गुणवत्ता की जांच। इससे स्पष्ट होता है कि या तो अधिकारियों ने आंख मूंद रखी है या फिर पूरा खेल उनकी मौन सहमति से चल रहा है। अब सवाल यह है कि करोड़ों रुपये के इस निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग किस अधिकारी के जिम्मे है? क्या बिना तकनीकी स्वीकृति पुल बना दिया गया? क्या मटेरियल टेस्ट हुआ? और यदि नहीं हुआ, तो जिम्मेदार कौन? ग्रामीणों ने बैतूल जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे सड़क निर्माण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, तकनीकी ऑडिट कराया जाए और दोषी ठेकेदार के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई हो। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन और धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। यह मामला केवल सरकारी धन के दुरुपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि आम जनता की जान–माल की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस “भ्रष्टाचार की सड़क” पर ब्रेक लगाता है या फिर हमेशा की तरह फाइलों में मामला दबा दिया जाएगा।
    4
    बैतूल जिले के आमला विकासखंड अंतर्गत बोरदेही के समीप बामला–सोनार गोंदी मार्ग पर चल रहा सड़क निर्माण कार्य अब सीधे-सीधे प्रशासनिक लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है। ग्रामीणों की शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे पूरे मामले में उनकी भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार ठेकेदार द्वारा बिना कंप्रेसर के ही सड़क पर गिट्टी बिछाई जा रही है। यह निर्माण मानकों का खुला उल्लंघन है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना कंप्रेसर सड़क की मजबूती संभव नहीं, ऐसे में यह सड़क पहली बारिश में ही जवाब दे सकती है।
सबसे गंभीर सवाल उस तथाकथित पुल निर्माण को लेकर उठ रहा है, जो पूरी तरह समतल जमीन पर बना दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि यह अतिरिक्त भुगतान निकालने का तरीका है। आखिर जब जल निकासी या नाले का कोई अस्तित्व ही नहीं, तो पुल किस जरूरत के तहत बनाया गया?
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण स्थल पर न तो किसी विभागीय इंजीनियर की नियमित उपस्थिति दिखाई दे रही है और न ही गुणवत्ता की जांच। इससे स्पष्ट होता है कि या तो अधिकारियों ने आंख मूंद रखी है या फिर पूरा खेल उनकी मौन सहमति से चल रहा है।
अब सवाल यह है कि करोड़ों रुपये के इस निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग किस अधिकारी के जिम्मे है? क्या बिना तकनीकी स्वीकृति पुल बना दिया गया? क्या मटेरियल टेस्ट हुआ? और यदि नहीं हुआ, तो जिम्मेदार कौन?
ग्रामीणों ने बैतूल जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे सड़क निर्माण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, तकनीकी ऑडिट कराया जाए और दोषी ठेकेदार के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई हो। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन और धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
यह मामला केवल सरकारी धन के दुरुपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि आम जनता की जान–माल की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस “भ्रष्टाचार की सड़क” पर ब्रेक लगाता है या फिर हमेशा की तरह फाइलों में मामला दबा दिया जाएगा। जिले के आमला विकासखंड अंतर्गत बोरदेही के समीप बामला–सोनार गोंदी मार्ग पर चल रहा सड़क निर्माण कार्य अब सीधे-सीधे प्रशासनिक लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है। ग्रामीणों की शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे पूरे मामले में उनकी भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार ठेकेदार द्वारा बिना कंप्रेसर के ही सड़क पर गिट्टी बिछाई जा रही है। यह निर्माण मानकों का खुला उल्लंघन है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना कंप्रेसर सड़क की मजबूती संभव नहीं, ऐसे में यह सड़क पहली बारिश में ही जवाब दे सकती है।
सबसे गंभीर सवाल उस तथाकथित पुल निर्माण को लेकर उठ रहा है, जो पूरी तरह समतल जमीन पर बना दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि यह अतिरिक्त भुगतान निकालने का तरीका है। आखिर जब जल निकासी या नाले का कोई अस्तित्व ही नहीं, तो पुल किस जरूरत के तहत बनाया गया?
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण स्थल पर न तो किसी विभागीय इंजीनियर की नियमित उपस्थिति दिखाई दे रही है और न ही गुणवत्ता की जांच। इससे स्पष्ट होता है कि या तो अधिकारियों ने आंख मूंद रखी है या फिर पूरा खेल उनकी मौन सहमति से चल रहा है।
अब सवाल यह है कि करोड़ों रुपये के इस निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग किस अधिकारी के जिम्मे है? क्या बिना तकनीकी स्वीकृति पुल बना दिया गया? क्या मटेरियल टेस्ट हुआ? और यदि नहीं हुआ, तो जिम्मेदार कौन?
ग्रामीणों ने बैतूल जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे सड़क निर्माण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, तकनीकी ऑडिट कराया जाए और दोषी ठेकेदार के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई हो। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन और धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
यह मामला केवल सरकारी धन के दुरुपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि आम जनता की जान–माल की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस “भ्रष्टाचार की सड़क” पर ब्रेक लगाता है या फिर हमेशा की तरह फाइलों में मामला दबा दिया जाएगा।
    user_जिला ब्यूरो बैतूल
    जिला ब्यूरो बैतूल
    Classified ads newspaper publisher बैतूल नगर, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • आमला तहसील के वार्ड क्रमांक 2 तिलक वार्ड में वार्ड वासियो को मुलभुत की सुविधा नहीं मिल पा रही हैं. जिससे नाराज होकर वार्ड वासी ने आमला सीएमओ को ज्ञापन सौपा हैं। सुविधा देने की मांग की हैं ताकि वार्ड वासी सुविधा मिल सके।
    1
    आमला तहसील के वार्ड क्रमांक 2 तिलक वार्ड में वार्ड वासियो को मुलभुत की सुविधा नहीं मिल पा रही हैं. जिससे नाराज होकर वार्ड वासी ने आमला सीएमओ को ज्ञापन सौपा हैं। सुविधा देने की मांग की हैं ताकि वार्ड वासी सुविधा मिल सके।
    user_AMLA NEWS
    AMLA NEWS
    पत्रकार आमला, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • गाँधी चौक से आजादी के प्रतिक स्तंभ कों हटाने कों लेकर विवाद। बैतूल। शहर के गाँधी चौक में सन 1947 में स्थापित आज़ादी के प्रतीक स्तंभ को हटाए जाने को लेकर पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष हेमंत वागद्रे ने कड़ा विरोध जताया है,तीन शेर और अशोक चक्र वाले स्तंभ हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नाराज़गी देखी गई। आजादी के स्मारक स्तंभ की खुदाई होते देख हेमंत वागद्रे ने जोरदार विरोध करते हुए कहा कि यह स्तंभ बैतूल शहर की ऐतिहासिक धरोहर और देश की स्वतंत्रता की याद का प्रतीक है, जिससे जन भावनाएँ जुड़ी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना जन अनुमति और पारदर्शिता के नगर पालिका इस प्रकार की कार्रवाई कैसे कर सकती है। मौके पर मौजूद लोगों ने नगर पालिका सीएमओं सतीश मटसेनिया के खिलाफ नाराज़गी जाहिर कर विरोध व्यक्त किया प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले झंडे का पोल हटाया गया और फिर खुदाई कर तीन शेर वाले ऐतिहासिक स्तंभ को निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई रोकने और स्तंभ को यथास्थान पुनर्स्थापित करने की मांग की है। वहीं नगर पालिका की ओर से इस विषय पर आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार किया जा रहा है।
    1
    गाँधी चौक से आजादी के प्रतिक स्तंभ कों हटाने कों लेकर  विवाद।
बैतूल। शहर के गाँधी चौक में सन 1947 में स्थापित आज़ादी के प्रतीक स्तंभ को हटाए जाने को लेकर पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष हेमंत वागद्रे ने कड़ा विरोध जताया है,तीन शेर और अशोक चक्र वाले स्तंभ हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नाराज़गी देखी गई।
आजादी के स्मारक स्तंभ की खुदाई होते देख हेमंत वागद्रे ने जोरदार विरोध करते हुए कहा कि यह स्तंभ बैतूल शहर की ऐतिहासिक धरोहर और देश की स्वतंत्रता की याद का प्रतीक है, जिससे जन भावनाएँ जुड़ी हैं। 
उन्होंने सवाल उठाया कि बिना जन अनुमति और पारदर्शिता के नगर पालिका इस प्रकार की कार्रवाई कैसे कर सकती है।
मौके पर मौजूद लोगों ने नगर पालिका सीएमओं सतीश मटसेनिया के खिलाफ नाराज़गी जाहिर कर विरोध व्यक्त किया प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले झंडे का पोल हटाया गया और फिर खुदाई कर तीन शेर वाले ऐतिहासिक स्तंभ को निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई।
कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई रोकने और स्तंभ को यथास्थान पुनर्स्थापित करने की मांग की है। 
वहीं नगर पालिका की ओर से इस विषय पर आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार किया जा रहा है।
    user_M. Afsar khan
    M. Afsar khan
    Local News Reporter मुलताई, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • मैक्रों और मोदी गेटवे ऑफ इंडिया पर, वीर सावरकर का क़िस्सा सुनाया मोदीजी ने, हरदीप पुरी किसे बचा रहे पूछा पवन खेड़ा ने, नेटफ्लिक्स हो, यूट्यूब हो, फेसबुक हो या व्हाट्सएप भारत के कानून का पालन करना ही पड़ेगा और शिवपाल का आरोप फॉर्म 7 सरकार ही छपवाकर बंटवा रही... देखिए देश दुनिया की छ बड़ी खबरें राजपथ न्यूज़ पर....
    1
    मैक्रों और मोदी गेटवे ऑफ इंडिया पर, वीर सावरकर का क़िस्सा सुनाया मोदीजी ने, हरदीप पुरी किसे बचा रहे पूछा पवन खेड़ा ने, नेटफ्लिक्स हो, यूट्यूब हो, फेसबुक हो या व्हाट्सएप भारत के कानून का पालन करना ही पड़ेगा और शिवपाल का आरोप फॉर्म 7 सरकार ही छपवाकर बंटवा रही... देखिए देश दुनिया की छ बड़ी खबरें राजपथ न्यूज़ पर....
    user_Rajpath News
    Rajpath News
    पत्रकार Prabhatpattan, Betul•
    16 min ago
  • आठनेर विकासखण्ड क्षेत्र के ग्राम सावंगी से दर्जन भर ग्रामीण थाना आठनेर पहुंचे जहां उन्होंने ग्राम की शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण को रोकने और कड़ी कार्रवाई करने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। दरअसल ग्रामीणों ने बताया कि महिला माकोडे की निजी भूमि होते हुए पंचायत को ग़लत जानकारी देते हुए शासकीय भूमि का पट्टा बनाकर वहां प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत मकान बना रही है ग्रामीणों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि ग्राम की शासकीय भूमि अन्य निर्माण कार्यों के लिए है उन्होंने अधिकारियों और थाना प्रभारी को आवेदन सौंपकर निर्माण कार्य रूकवाने की मांग कि है।
    1
    आठनेर विकासखण्ड क्षेत्र के ग्राम सावंगी से दर्जन भर ग्रामीण थाना आठनेर पहुंचे जहां उन्होंने ग्राम की शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण को रोकने और कड़ी कार्रवाई करने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। दरअसल ग्रामीणों ने बताया कि महिला माकोडे की निजी भूमि होते हुए पंचायत को ग़लत जानकारी देते हुए शासकीय भूमि का पट्टा बनाकर वहां प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत मकान बना रही है ग्रामीणों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि ग्राम की शासकीय भूमि अन्य निर्माण कार्यों के लिए है उन्होंने अधिकारियों और थाना प्रभारी को आवेदन सौंपकर निर्माण कार्य रूकवाने की मांग कि है।
    user_Vinod Kanathe
    Vinod Kanathe
    पत्रकारिता आठनेर, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • सोहागपुर (होशंगाबाद)-ग्राम गुर्जर खैरी निवासी श्री लालसाहब पटेल एवं समस्त कर्रक पटेल परिवार द्वारा छह दिवसीय संगीतमय मां नर्मदा महापुराण कथा साप्ताहिक ज्ञान यज्ञ दिनांक 10 फरवरी से 16 फरवरी तक आयोजित किया गया। समापन अवसर पर पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे के पश्चात राम रहीम रोटी बैंक के माध्यम से जरूरतमंद बेघर बेसहारा लोगों एवं नर्मदा परिक्रमावासियों के लिए भी भोजन प्रसादी भिजवाई गई। पंडित श्री कांत जी शर्मा पामली वालों के मुखारविंद से कथा का वाचन किया गया।
    1
    सोहागपुर (होशंगाबाद)-ग्राम गुर्जर खैरी निवासी श्री लालसाहब पटेल एवं समस्त कर्रक पटेल परिवार द्वारा छह दिवसीय संगीतमय मां नर्मदा महापुराण कथा साप्ताहिक ज्ञान यज्ञ दिनांक 10 फरवरी से 16 फरवरी तक आयोजित किया गया। समापन अवसर पर पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे के पश्चात राम रहीम रोटी बैंक के माध्यम से जरूरतमंद बेघर बेसहारा लोगों एवं नर्मदा परिक्रमावासियों के लिए भी भोजन प्रसादी भिजवाई गई। 
पंडित श्री कांत जी शर्मा पामली वालों के मुखारविंद से कथा का वाचन किया गया।
    user_जमील खान  "राम रहीम रोटी बैंक
    जमील खान "राम रहीम रोटी बैंक
    Voice of people सोहागपुर, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • WCL कर्मचारी की को कोयला परिवहन करने वाले ट्रक ने मारी टक्कर कर्मचारी की मौके पर मौत चालक फरार
    1
    WCL कर्मचारी की को कोयला परिवहन करने वाले ट्रक ने मारी टक्कर कर्मचारी की मौके पर मौत चालक फरार
    user_Namdev gujre Khabar bhart news
    Namdev gujre Khabar bhart news
    पत्रकार घोड़ा डोंगरी, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.