जालौन जिले के उरई स्थित कुइयां रोड आश्रम में आयोजित मौन साधना कार्यक्रम में सर्वधर्म प्रेम, मानव एकता और आत्मचिंतन का संदेश दिया गया। "दान-दक्षिणा नहीं, सिर्फ 15 मिनट का समय चाहिए" के नारों के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से प्रतिदिन शाम 6:50 बजे से 7:05 बजे तक 15 मिनट मौन साधना करने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज में बढ़ती नफरत के समय मौन साधना प्रेम और भाईचारे की नई उम्मीद जगाती है और यह जगत पिता के सत्य प्रेम की अनुभूति का सरल माध्यम है। कार्यक्रम में गोंडा जनपद से आए बी.बी. लाल श्रीवास्तव ने कहा कि आज धर्म और ईश्वर के नाम पर अंधविश्वास चरम पर है, जबकि ईश्वर को पाने का सबसे सरल मार्ग स्वयं को पहचानना है। वहीं गोंडा की बीना श्रीवास्तव ने कहा कि धर्म के नाम पर हो रही पैसों की खुली लूट के विपरीत मौन साधना में कोई दान-दक्षिणा नहीं लगती। इसमें केवल 15 मिनट देकर अपने ईश्वर से सर्वोच्च कोटि का प्रेम स्थापित किया जा सकता है। इस मौन साधना कार्यक्रम में विभिन्न स्थानों से आए साधक शामिल हुए। मौके पर महेंद्र कुमार, संदीप राजपूत, उदित सोनी, फूल सिंह यादव, धर्मेंद्र कुमार, मातादीन यादव, चंद्रपाल, राघवेंद्र और शिव कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे।
जालौन जिले के उरई स्थित कुइयां रोड आश्रम में आयोजित मौन साधना कार्यक्रम में सर्वधर्म प्रेम, मानव एकता और आत्मचिंतन का संदेश दिया गया। "दान-दक्षिणा नहीं, सिर्फ 15 मिनट का समय चाहिए" के नारों के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से प्रतिदिन शाम 6:50 बजे से 7:05 बजे तक 15 मिनट मौन साधना करने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज में बढ़ती नफरत के समय मौन साधना प्रेम और भाईचारे की नई उम्मीद जगाती है और यह जगत पिता के सत्य प्रेम की अनुभूति का सरल माध्यम है। कार्यक्रम में गोंडा जनपद से आए बी.बी. लाल श्रीवास्तव ने कहा कि आज धर्म और ईश्वर के नाम पर अंधविश्वास चरम पर है, जबकि ईश्वर को पाने का सबसे सरल मार्ग स्वयं को पहचानना है। वहीं गोंडा की बीना श्रीवास्तव ने कहा कि धर्म के नाम पर हो रही पैसों की खुली लूट के विपरीत मौन साधना में कोई दान-दक्षिणा नहीं लगती। इसमें केवल 15 मिनट देकर अपने ईश्वर से सर्वोच्च कोटि का प्रेम स्थापित किया जा सकता है। इस मौन साधना कार्यक्रम में विभिन्न स्थानों से आए साधक शामिल हुए। मौके पर महेंद्र कुमार, संदीप राजपूत, उदित सोनी, फूल सिंह यादव, धर्मेंद्र कुमार, मातादीन यादव, चंद्रपाल, राघवेंद्र और शिव कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे।
- जालौन जिले के उरई स्थित कुइयां रोड आश्रम में आयोजित मौन साधना कार्यक्रम में सर्वधर्म प्रेम, मानव एकता और आत्मचिंतन का संदेश दिया गया। "दान-दक्षिणा नहीं, सिर्फ 15 मिनट का समय चाहिए" के नारों के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से प्रतिदिन शाम 6:50 बजे से 7:05 बजे तक 15 मिनट मौन साधना करने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज में बढ़ती नफरत के समय मौन साधना प्रेम और भाईचारे की नई उम्मीद जगाती है और यह जगत पिता के सत्य प्रेम की अनुभूति का सरल माध्यम है। कार्यक्रम में गोंडा जनपद से आए बी.बी. लाल श्रीवास्तव ने कहा कि आज धर्म और ईश्वर के नाम पर अंधविश्वास चरम पर है, जबकि ईश्वर को पाने का सबसे सरल मार्ग स्वयं को पहचानना है। वहीं गोंडा की बीना श्रीवास्तव ने कहा कि धर्म के नाम पर हो रही पैसों की खुली लूट के विपरीत मौन साधना में कोई दान-दक्षिणा नहीं लगती। इसमें केवल 15 मिनट देकर अपने ईश्वर से सर्वोच्च कोटि का प्रेम स्थापित किया जा सकता है। इस मौन साधना कार्यक्रम में विभिन्न स्थानों से आए साधक शामिल हुए। मौके पर महेंद्र कुमार, संदीप राजपूत, उदित सोनी, फूल सिंह यादव, धर्मेंद्र कुमार, मातादीन यादव, चंद्रपाल, राघवेंद्र और शिव कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन में गुरुवार अपराह्न तकनीकी सहायक टीम की सदस्य डॉ. रेनू, डॉ. दीक्षा और डॉ. सुरभि ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने लेबर रूम, ओपीडी, ऑपरेशन रूम, पीएनसी वार्ड, जनरल वार्ड, एनबीएसयू, लैब और महिला चिकित्सक डॉ. गरिमा सिंह के ओपीडी रूम का गहन निरीक्षण किया। टीम ने व्यवस्थाओं को देखने के साथ ही स्टाफ से मरीजों के उपचार, दवाओं की उपलब्धता और रेफरल सिस्टम के बारे में जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण का मुख्य मकसद सीएचसी में आने वाली एनेमिया (खून की कमी) से पीड़ित गर्भवती महिलाओं और प्रसूताओं का समय पर प्रबंधन सुनिश्चित करना था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गर्भावस्था और प्रसव के बाद एनेमिया मातृ मृत्यु का एक बड़ा कारण बनता है, इसलिए शुरुआती चरण में ही इसकी पहचान और इलाज बेहद जरूरी है। डॉ. रेनू ने आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्र की प्रत्येक गर्भवती महिला की नियमित जांच व समय पर पंजीकरण कराएं, जिससे हाई रिस्क मामलों की पहचान कर मातृ मृत्यु दर में कमी लाई जा सके। चिकित्सालय की टीम ने दिए गए निर्देशों के पालन का आश्वासन दिया। इस दौरान अधीक्षक डॉ. के डी गुप्ता, डॉ. राजीव दुबे, डॉ. विनोद राजपूत, डॉ. सहन विहारी गुप्ता, डॉ. योगेश आर्या, डॉ. गरिमा सिंह, पी एन शर्मा, अवधेश राजपूत, नर्स रैनू चौहान और सचिन समेत समस्त स्टाफ मौजूद रहा।2
- जनपद जालौन के थाना कदौरा क्षेत्र में पुलिस और स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने चेकिंग के दौरान मुठभेड़ के बाद 4 शातिर अंतर्जनपदीय चोरों को गिरफ्तार कर लिया है। जालौन के अपर पुलिस अधीक्षक ने जानकारी देते हुए बताया कि चोरी की घटनाओं को कारित करने वाले इन आरोपियों को चेकिंग अभियान के दौरान हुई पुलिस मुठभेड़ में दबोचा गया है।1
- जालौन में शातिर और फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत कुठौंद थाना पुलिस ने न्यायालय से जारी गैर जमानती वारंट (NBW) के आधार पर एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 23 जुलाई 2026 को ग्राम मालपुर निवासी 27 वर्षीय पीयूष प्रताप सिंह उर्फ रोहित (पुत्र रविन्द्र सिंह राठौर) को उसके घर के बाहर दरवाजे से दबोच लिया। अभियुक्त न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हो रहा था, जिसके बाद एनबीडब्ल्यू ST 64/19, मुकदमा अपराध संख्या 74/19 और धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के मामले में कोर्ट ने उसके खिलाफ वारंट जारी किया था। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध चोरी, अवैध हथियार, एनडीपीएस एक्ट, हत्या के प्रयास और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। न्यायालय के आदेश पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में उपनिरीक्षक हर्षवर्धन त्रिपाठी और कांस्टेबल प्रवीनराज शर्मा शामिल रहे।1
- अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद की 23 जुलाई को मनाई गई जयंती के अवसर पर जालौन नगर में घोर उपेक्षा देखने को मिली। 23 जुलाई 1906 को जन्मे चंद्रशेखर आज़ाद के सर्वोच्च बलिदान को याद करने के लिए जहां पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ कार्यक्रम हुए, वहीं जालौन में न तो नगर पालिका की ओर से उनकी प्रतिमा या चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित करने का कोई आयोजन किया गया और न ही कई जनप्रतिनिधि या राजनीतिक दलों के नेता श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इस उपेक्षा पर स्थानीय नागरिकों ने गहरा रोष व्यक्त करते हुए सवाल उठाया है कि क्या देश के महान स्वतंत्रता सेनानी को एक माला अर्पित करना भी जरूरी नहीं समझा गया। नागरिकों का कहना है कि जिन वीरों के बलिदान से देश आज़ाद हुआ, उनकी जयंती पर सम्मान देना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की है कि भविष्य में नगर पालिका और जनप्रतिनिधि ऐसे राष्ट्रीय महापुरुषों की जयंती पर सम्मानपूर्वक कार्यक्रम आयोजित करें। इस घटना के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इस उपेक्षा का जिम्मेदार कौन है और जयंती पर किसी ने उनकी सुध क्यों नहीं ली।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित 'जनता दर्शन' कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनपदों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जब शासन स्वयं जनता की समस्याओं, अपेक्षाओं और सुझावों को सुनता है, तभी नीतियां अधिक प्रभावी और परिणामकारी बनती हैं। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सरकार की प्राथमिकता है। आमजन की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक समस्या का समयबद्ध, निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और पात्र लोगों को शासन की योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री के इस प्रयास को प्रदेश में जनता के प्रति जवाबदेह और संवेदनशील शासन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1
- जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र स्थित रहिया गांव निवासी मजदूर ऋषि राज ने पुलिस द्वारा सुनवाई न किए जाने पर अपने तीन मासूम बच्चों के साथ जिलाधिकारी (डीएम) कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया है। पीड़ित मजदूर की पत्नी अनीता उर्फ ममता (32 वर्ष) बीती 11 अप्रैल को संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक गायब हो गई थी। घटना को तीन महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस अब तक उसे खोजने में सफल नहीं हो सकी है। पत्नी के लापता होने के बाद पीड़ित ने अपने स्तर पर रिश्तेदारों, परिचितों और सभी सम्भावित ठिकानों पर काफी खोजबीन की, मगर कोई सुराग नहीं मिला। वर्तमान में आर्थिक तंगी, पारिवारिक जिम्मेदारियों और गंभीर मानसिक तनाव से जूझ रहा यह मजदूर लगातार अधिकारियों के सामने चक्कर काट रहा है और अपनी पत्नी की सकुशल बरामदगी की मांग कर रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कोंच स्थित विद्युत विभाग के उपखंड अधिकारी (SDO) कार्यालय में बढ़े हुए बिजली बिल की शिकायत लेकर पहुंचे एक युवक के साथ अभद्रता और मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित युवक का आरोप है कि बिल को लेकर बातचीत के दौरान उसकी SDO और दफ्तर के कर्मचारियों से कहासुनी हो गई, जिसके बाद SDO, एक बाबू और अन्य कर्मचारियों ने उसके साथ अभद्रता करते हुए मारपीट की। पीड़ित का यह भी आरोप है कि जब उसने पूरे घटनाक्रम का अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाना शुरू किया, तो कर्मचारियों ने उसका मोबाइल छीन लिया और उसे तोड़ दिया। युवक के अनुसार मोबाइल फोन की कीमत लगभग ₹52,000 थी, जिससे उसे आर्थिक नुकसान का भी सामना करना पड़ा है। हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत कर विवाद को शांत कराया। इसके बाद पीड़ित युवक ने थाने में पूरे घटनाक्रम की लिखित तहरीर देकर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि प्राप्त तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।2