नागौर पुलिस ने 'नशा मुक्त नागौर अभियान' के तहत अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित की गई लगभग ₹1 करोड़ 13 लाख 45 हज़ार रुपये की संपत्ति को फ्रीज किया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी और वृताधिकारी जतिन जैन के निकट पर्यवेक्षण तथा आईपीएस अदिति उपाध्याय के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में खींवसर पुलिस थाना के हिस्ट्रीशीटर और नामी तस्कर भोपालराम पुत्र खम्माराम विश्नोई की संपत्ति जब्त की गई। भोपालराम, जो पांचलासिद्धा के विश्नोईयों की ढाणी का निवासी है, साल 2018 से अवैध डोडा पोस्त की तस्करी कर रहा था और साल 2020 से मादक पदार्थ बेचकर अर्जित रुपयों से ये बेनामी संपत्तियां खरीदी थीं। इनमें पांचलासिद्धा में दो आलीशान मकान, पांचलासिद्धा से पांचौड़ी जाने वाली सड़क पर एक निर्माणाधीन दुकानें कॉम्पलेक्स, नाल हाईवे बीकानेर रोड पर 0.4875 हेक्टेयर बेशकीमती जमीन और चार वाहन (ट्रैक्टर, क्रेटा गाड़ी, बोलेरो पीकअप, बाइक) शामिल हैं। ये सभी संपत्तियां उसने अपने पारिवारिक रिश्तेदारों जैसे पिता खम्माराम, पत्नी शारदा, भाई गोपाल विश्नोई, भाई की पत्नी सुशीला, और साले रामस्वरूप व सुभाष के नाम करवा दी थीं। आरोपी भोपालराम के खिलाफ राजस्थान और मध्य प्रदेश के विभिन्न थानों में अवैध मादक पदार्थ तस्करी के कुल 08 प्रकरण दर्ज हैं, और उस पर कुल 15 आपराधिक प्रकरण लंबित हैं। वर्तमान में वह न्यायिक अभिरक्षा में है, तथा उसके विरुद्ध डेगाना पुलिस थाना, नागौर में प्रकरण संख्या 217/2025 तहत एक मामला जांचाधीन है। राजस्व और आयकर विभाग से प्राप्त रिकॉर्ड में इन संपत्तियों को अवैध मादक पदार्थ डोडा पोस्त सप्लाई से अर्जित किया जाना पाया गया, जिसके बाद एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत कार्रवाई करते हुए इन्हें फ्रीज किया गया। इस फ्रीजिंग आदेश को सक्षम प्राधिकारी, दिल्ली द्वारा भी कंफर्म किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि नशा बेचकर समाज को खोखला करने वाले अपराधियों के खिलाफ इस तरह की प्रभावी कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।
नागौर पुलिस ने 'नशा मुक्त नागौर अभियान' के तहत अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित की गई लगभग ₹1 करोड़ 13 लाख 45 हज़ार रुपये की संपत्ति को फ्रीज किया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी और वृताधिकारी जतिन जैन के निकट पर्यवेक्षण तथा आईपीएस अदिति उपाध्याय के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में खींवसर पुलिस थाना के हिस्ट्रीशीटर और नामी तस्कर भोपालराम पुत्र खम्माराम विश्नोई की संपत्ति जब्त की गई। भोपालराम, जो पांचलासिद्धा के
विश्नोईयों की ढाणी का निवासी है, साल 2018 से अवैध डोडा पोस्त की तस्करी कर रहा था और साल 2020 से मादक पदार्थ बेचकर अर्जित रुपयों से ये बेनामी संपत्तियां खरीदी थीं। इनमें पांचलासिद्धा में दो आलीशान मकान, पांचलासिद्धा से पांचौड़ी जाने वाली सड़क पर एक निर्माणाधीन दुकानें कॉम्पलेक्स, नाल हाईवे बीकानेर रोड पर 0.4875 हेक्टेयर बेशकीमती जमीन और चार वाहन (ट्रैक्टर, क्रेटा गाड़ी, बोलेरो पीकअप, बाइक) शामिल हैं। ये सभी संपत्तियां उसने अपने पारिवारिक रिश्तेदारों
जैसे पिता खम्माराम, पत्नी शारदा, भाई गोपाल विश्नोई, भाई की पत्नी सुशीला, और साले रामस्वरूप व सुभाष के नाम करवा दी थीं। आरोपी भोपालराम के खिलाफ राजस्थान और मध्य प्रदेश के विभिन्न थानों में अवैध मादक पदार्थ तस्करी के कुल 08 प्रकरण दर्ज हैं, और उस पर कुल 15 आपराधिक प्रकरण लंबित हैं। वर्तमान में वह न्यायिक अभिरक्षा में है, तथा उसके विरुद्ध डेगाना पुलिस थाना, नागौर में प्रकरण संख्या 217/2025 तहत एक मामला जांचाधीन है।
राजस्व और आयकर विभाग से प्राप्त रिकॉर्ड में इन संपत्तियों को अवैध मादक पदार्थ डोडा पोस्त सप्लाई से अर्जित किया जाना पाया गया, जिसके बाद एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत कार्रवाई करते हुए इन्हें फ्रीज किया गया। इस फ्रीजिंग आदेश को सक्षम प्राधिकारी, दिल्ली द्वारा भी कंफर्म किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि नशा बेचकर समाज को खोखला करने वाले अपराधियों के खिलाफ इस तरह की प्रभावी कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।
- भारतीय जनता पार्टी द्वारा वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया को राज्यसभा प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद से प्रदेशभर के कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। इसी क्रम में राज्यसभा प्रत्याशी घोषित होने के बाद सतीश पूनिया के मेड़ता विधानसभा क्षेत्र में आगमन पर, पादूकलां में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। इस स्वागत कार्यक्रम में मेड़ता विधायक लक्ष्मणराम कलरू, भाजपा कार्यकारिणी सदस्य नवीन मंडा, युवा नेता रामेश्वर छाबा, और एससी मोर्चा जिलाध्यक्ष शोभाराम जयपाल सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने सतीश पूनिया को पुष्पमालाएं पहनाकर और जोरदार नारों के साथ उनका अभिनंदन किया। राजस्थानी परंपरा के अनुसार, मेड़ता विधायक लक्ष्मण राम कलरू ने सतीश पूनिया को साफा पहनाकर उनका स्वागत किया। भाजपा नेताओं ने इस अवसर को पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए गौरव का क्षण बताते हुए कहा कि संगठन ने एक अनुभवी और समर्पित नेता को राज्यसभा के लिए अवसर प्रदान किया है, जिससे कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। इस व्यापक उत्साह के बीच, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नवीन मंडा ने जयपुर में सतीश पूनिया से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं एवं बधाई भी दी।4
- स्वतंत्र भारत की आठवीं और देश की पहली डिजिटल जनगणना के तहत चल रहे मकान सूचीकरण तथा सर्वे कार्य की प्रगति का अधिकारियों ने मूंडवा में शुक्रवार को भौतिक सत्यापन किया। जनगणना के प्रथम चरण में मकानों के मानक सूचीकरण का कार्य जारी है, जिसके तहत प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित कर रहे हैं। आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग जनगणना से जुड़े आंकड़ों के संकलन और कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लगातार इसकी निगरानी कर रहा है। इसी क्रम में उप जिला जनगणना अधिकारी एवं आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के उपनिदेशक रामकुमार राव तथा सांख्यिकी अधिकारी संजय कुमार सोनी ने मूंडवा नगर पालिका क्षेत्र के विभिन्न मोहल्लों में अब तक किए गए सर्वे एवं सूचीकरण कार्य का भौतिक सत्यापन किया। इस निरीक्षण के दौरान नगर पालिका के कनिष्ठ अभियंता नरपतराम और जनगणना सहायक रूपेश पाराशर सहित अन्य कार्मिक भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर लगाए गए भवन नंबरों और संकलित आंकड़ों का सत्यापन किया, साथ ही स्थानीय नागरिकों से भी जानकारी प्राप्त कर कार्य की गुणवत्ता का आकलन किया। उपनिदेशक रामकुमार राव ने बताया कि जनगणना कार्य को निर्धारित योजना के अनुरूप और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न करने के लिए नियमित निरीक्षण किए जा रहे हैं। उन्होंने प्रगणकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और सूचीकरण कार्य को अधिक दक्षता तथा सटीकता के साथ पूरा करने को कहा। विभागीय अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि डिजिटल जनगणना के माध्यम से देश की जनसंख्या, आवासीय स्थिति एवं सामाजिक-आर्थिक आंकड़ों का अधिक सटीक एवं आधुनिक तरीके से संकलन किया जा रहा है, जिससे भविष्य की विकास योजनाओं को एक बेहतर आधार मिलेगा।2
- प्रशासन ने ग्रामीणों की चौपाल में भाग लिया और जनसुनवाई का आयोजन किया। इस दौरान, प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया गया।1
- राज्यसभा सदस्य बनने के बाद डॉ. सतीश पूनिया पहली बार नागौर जिले के पादूकलां गाँव पहुँचे। इस अवसर पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया।3
- रियांबड़ी के अखावास गांव में विद्युत विभाग की कथित लापरवाही के कारण करंट लगने से दो भेड़ों की मौत हो गई। इस घटना से स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष है और वे संबंधित विभाग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बुधवार शाम से ही कृषि क्षेत्र में एक 11 केवी विद्युत लाइन का तार टूटकर जमीन पर पड़ा था, लेकिन विद्युत विभाग ने न तो उसकी मरम्मत की और न ही बिजली आपूर्ति बंद की। गुरुवार को किसान कालूराम नायक की दो भेड़ें खेत में चारा चरते समय इसी टूटे हुए, चालू तार की चपेट में आ गईं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। कालूराम नायक ने बताया कि उन्होंने भेड़ों के पास से धुआं उठते देखा और मौके पर पहुँचने पर पता चला कि जमीन पर पड़ा 11 केवी लाइन का तार सक्रिय था। उन्होंने आशंका जताई कि अगर उन्हें समय रहते जानकारी नहीं मिलती, तो वे स्वयं भी करंट की चपेट में आ सकते थे। नायक ने विभाग की लापरवाही को हजारों रुपये के नुकसान का कारण बताते हुए मृत भेड़ों के लिए उचित मुआवजे की मांग की है और हादसे की पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग पर डाली है। घटना की सूचना मिलने पर हल्का पटवारी राजू पारीक ने मौके पर पहुँचकर मृत भेड़ों का निरीक्षण किया और एक रिपोर्ट तैयार की। यह रिपोर्ट किसान को सरकारी नियमानुसार अनुदान का लाभ दिलवाने के उद्देश्य से बनाई गई है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि क्षेत्र में विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं; उन्होंने हाल ही में कौड़िया गांव में विद्युत लाइन से लगी आग का उदाहरण दिया, जिसमें एक किसान को 10 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ था। इसके बावजूद विभाग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा है, जिसके चलते ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।1
- परीक्षा से संबंधित जाँच प्रक्रिया में अनियमितता का मामला सामने आया है, जहाँ विद्यार्थियों और निजी व्यक्तियों द्वारा चेकिंग की जा रही है। बताया गया है कि परीक्षा परिणाम से जुड़े इस कार्य में पुलिस प्रशासन का कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं है, इसके बावजूद भी यह जाँच निजी लोगों की तरफ से हो रही है।1
- बीकानेर की सीएडी कॉलोनी में पिछले दो दिनों से एक बिजली का तार ज़मीन पर पड़ा हुआ है। इस गंभीर स्थिति के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका है, जिससे स्थानीय लोगों के लिए खतरा बना हुआ है।1
- नागौर पुलिस ने 'नशा मुक्त नागौर अभियान' के तहत अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित की गई लगभग ₹1 करोड़ 13 लाख 45 हज़ार रुपये की संपत्ति को फ्रीज किया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी और वृताधिकारी जतिन जैन के निकट पर्यवेक्षण तथा आईपीएस अदिति उपाध्याय के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में खींवसर पुलिस थाना के हिस्ट्रीशीटर और नामी तस्कर भोपालराम पुत्र खम्माराम विश्नोई की संपत्ति जब्त की गई। भोपालराम, जो पांचलासिद्धा के विश्नोईयों की ढाणी का निवासी है, साल 2018 से अवैध डोडा पोस्त की तस्करी कर रहा था और साल 2020 से मादक पदार्थ बेचकर अर्जित रुपयों से ये बेनामी संपत्तियां खरीदी थीं। इनमें पांचलासिद्धा में दो आलीशान मकान, पांचलासिद्धा से पांचौड़ी जाने वाली सड़क पर एक निर्माणाधीन दुकानें कॉम्पलेक्स, नाल हाईवे बीकानेर रोड पर 0.4875 हेक्टेयर बेशकीमती जमीन और चार वाहन (ट्रैक्टर, क्रेटा गाड़ी, बोलेरो पीकअप, बाइक) शामिल हैं। ये सभी संपत्तियां उसने अपने पारिवारिक रिश्तेदारों जैसे पिता खम्माराम, पत्नी शारदा, भाई गोपाल विश्नोई, भाई की पत्नी सुशीला, और साले रामस्वरूप व सुभाष के नाम करवा दी थीं। आरोपी भोपालराम के खिलाफ राजस्थान और मध्य प्रदेश के विभिन्न थानों में अवैध मादक पदार्थ तस्करी के कुल 08 प्रकरण दर्ज हैं, और उस पर कुल 15 आपराधिक प्रकरण लंबित हैं। वर्तमान में वह न्यायिक अभिरक्षा में है, तथा उसके विरुद्ध डेगाना पुलिस थाना, नागौर में प्रकरण संख्या 217/2025 तहत एक मामला जांचाधीन है। राजस्व और आयकर विभाग से प्राप्त रिकॉर्ड में इन संपत्तियों को अवैध मादक पदार्थ डोडा पोस्त सप्लाई से अर्जित किया जाना पाया गया, जिसके बाद एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत कार्रवाई करते हुए इन्हें फ्रीज किया गया। इस फ्रीजिंग आदेश को सक्षम प्राधिकारी, दिल्ली द्वारा भी कंफर्म किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि नशा बेचकर समाज को खोखला करने वाले अपराधियों के खिलाफ इस तरह की प्रभावी कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।4