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हाय दोस्तों! 👋 आज मैं स्कूल पढ़ाने के लिए गया था। वहाँ मुझे कक्षा 6, 7 और 8 के बच्चों को पढ़ाने का मौका मिला। आज कुल 6 पीरियड हुए और हर पीरियड 40 मिनट का था। दोपहर 1:30 बजे स्कूल की छुट्टी हुई, इसके बाद मैं वापस अपने घर के लिए निकल गया। 😊 आज का दिन बहुत अच्छा रहा। धन्यवाद दोस्तों! ❤️🙏

8 hrs ago
user_Mukesh Kumar
Mukesh Kumar
गोरा बौरम, दरभंगा, बिहार•
8 hrs ago

हाय दोस्तों! 👋 आज मैं स्कूल पढ़ाने के लिए गया था। वहाँ मुझे कक्षा 6, 7 और 8 के बच्चों को पढ़ाने का मौका मिला। आज कुल 6 पीरियड हुए और हर पीरियड 40 मिनट का था। दोपहर 1:30 बजे स्कूल की छुट्टी हुई, इसके बाद मैं वापस अपने घर के लिए निकल गया। 😊 आज का दिन बहुत अच्छा रहा। धन्यवाद दोस्तों! ❤️🙏

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  • सरकारी अधिकारी बनकर युवाओं को ठग रहे थे जीजा-साले! पटना पुलिस ने खोला फर्जी नौकरी रैकेट का राज बिहार की राजधानी पटना में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे कथित फर्जीवाड़े का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सचिवालय थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर खुद को सरकारी अधिकारी और पुलिसकर्मी बताकर नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को अपने जाल में फंसाने का आरोप है। गिरफ्तार आरोपियों में कटिहार के अजय कुमार शुक्ला और बांका के राजा कुमार शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, एक आरोपी खुद को स्वास्थ्य विभाग का प्रशाखा पदाधिकारी बताता था, जबकि दूसरा पुलिस की वर्दी पहनकर पुलिसकर्मी होने का दावा करता था। तलाशी के दौरान पुलिस ने मोबाइल फोन, लैपटॉप, पुलिस और सचिवालय की वर्दियां, फर्जी आई-कार्ड, सरकारी नौकरी से जुड़े जाली बैनर और फर्जी प्रशस्ति पत्र बरामद किए हैं। अब पुलिस मोबाइल और लैपटॉप की जांच कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। सवाल यह है कि इस कथित फर्जीवाड़े में कितने युवाओं को निशाना बनाया गया और कितने लोगों से पैसे लिए गए?
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    सरकारी अधिकारी बनकर युवाओं को ठग रहे थे जीजा-साले! पटना पुलिस ने खोला फर्जी नौकरी रैकेट का राज
बिहार की राजधानी पटना में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे कथित फर्जीवाड़े का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सचिवालय थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर खुद को सरकारी अधिकारी और पुलिसकर्मी बताकर नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को अपने जाल में फंसाने का आरोप है।
गिरफ्तार आरोपियों में कटिहार के अजय कुमार शुक्ला और बांका के राजा कुमार शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, एक आरोपी खुद को स्वास्थ्य विभाग का प्रशाखा पदाधिकारी बताता था, जबकि दूसरा पुलिस की वर्दी पहनकर पुलिसकर्मी होने का दावा करता था।
तलाशी के दौरान पुलिस ने मोबाइल फोन, लैपटॉप, पुलिस और सचिवालय की वर्दियां, फर्जी आई-कार्ड, सरकारी नौकरी से जुड़े जाली बैनर और फर्जी प्रशस्ति पत्र बरामद किए हैं।
अब पुलिस मोबाइल और लैपटॉप की जांच कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। सवाल यह है कि इस कथित फर्जीवाड़े में कितने युवाओं को निशाना बनाया गया और कितने लोगों से पैसे लिए गए?
    user_Janki news 24
    Janki news 24
    गोरा बौरम, दरभंगा, बिहार•
    14 hrs ago
  • 580 पेटी शराब जप्त, उत्पाद विभाग ने लगभग 7 किलोमीटर पीछा कर पकड़ा ट्रक, ड्राइवर फरार- वर्षा सिंह जिलाधिकारी, वैशाली हाजीपुर
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    580 पेटी शराब जप्त, उत्पाद विभाग ने लगभग 7 किलोमीटर पीछा कर पकड़ा ट्रक, ड्राइवर फरार- वर्षा सिंह जिलाधिकारी, वैशाली हाजीपुर
    user_PTB gramin
    PTB gramin
    News Anchor Darbhanga, Bihar•
    21 hrs ago
  • दरभंगा में बंदरों से क्रूरता के मामले में कोर्ट सख्त, नगर थाना से मांगी रिपोर्ट। दरभंगा में बंदरों को कथित तौर पर क्रूर तरीके से पकड़कर रखने के मामले में अब न्यायालय ने सख्ती दिखाई है। समाज सुधारक एवं पूर्व मानद राज्य पशु कल्याण अधिकारी, भारत सरकार, सुजीत चौधरी की ओर से दरभंगा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी न्यायालय में परिवाद दायर किया गया था। परिवाद पर 11 सितंबर 2026 को सुनवाई करते हुए न्यायालय ने नगर थाना, दरभंगा से रिपोर्ट तलब की है। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि 26 अगस्त 2026 से दरभंगा में बंदरों को कथित रूप से बिना वैध अनुमति के पकड़ा जा रहा है। आरोप है कि इनमें छोटे बच्चे और गर्भवती बंदर भी शामिल हैं और उन्हें हाथ-पैर पीछे मोड़कर, गर्दन दबाकर तथा रस्सियों से बांधकर छोटे बांस के पिंजरों में रखा जा रहा है। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि पिंजरों में बड़ी संख्या में बंदरों को ठूंसकर रखने, पर्याप्त भोजन-पानी और चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने के कारण कई बंदरों की मौत हुई है। सुजीत चौधरी के मुताबिक, मामले की सूचना पुलिस, एसएसपी, जिलाधिकारी, वन विभाग और पशुपालन विभाग समेत कई अधिकारियों को दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के बाद 8 सितंबर को न्यायालय में परिवाद दायर किया गया। परिवाद में कुछ लोगों पर बंदरों को अवैध रूप से पकड़ने और रात के अंधेरे में आसपास के गांवों में छोड़ने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। शिकायतकर्ता ने न्यायालय से बंदरों को तत्काल सुरक्षित कराने, उनकी स्वास्थ्य जांच कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। अब न्यायालय द्वारा नगर थाना से रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद इस मामले में पुलिस और संबंधित विभाग की जांच रिपोर्ट पर सबकी नजर है। फिलहाल बड़ा सवाल यही है—दरभंगा में बंदरों को पकड़ने की अनुमति किसके आदेश से दी गई थी और उनके साथ कथित क्रूरता के आरोपों में सच्चाई कितनी है? इसका जवाब जांच और न्यायालय के समक्ष पेश होने वाली रिपोर्ट से सामने आएगा।
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    दरभंगा में बंदरों से क्रूरता के मामले में कोर्ट सख्त, नगर थाना से मांगी रिपोर्ट।
दरभंगा में बंदरों को कथित तौर पर क्रूर तरीके से पकड़कर रखने के मामले में अब न्यायालय ने सख्ती दिखाई है।
समाज सुधारक एवं पूर्व मानद राज्य पशु कल्याण अधिकारी, भारत सरकार, सुजीत चौधरी की ओर से दरभंगा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी न्यायालय में परिवाद दायर किया गया था। परिवाद पर 11 सितंबर 2026 को सुनवाई करते हुए न्यायालय ने नगर थाना, दरभंगा से रिपोर्ट तलब की है।
परिवाद में आरोप लगाया गया है कि 26 अगस्त 2026 से दरभंगा में बंदरों को कथित रूप से बिना वैध अनुमति के पकड़ा जा रहा है। आरोप है कि इनमें छोटे बच्चे और गर्भवती बंदर भी शामिल हैं और उन्हें हाथ-पैर पीछे मोड़कर, गर्दन दबाकर तथा रस्सियों से बांधकर छोटे बांस के पिंजरों में रखा जा रहा है।
शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि पिंजरों में बड़ी संख्या में बंदरों को ठूंसकर रखने, पर्याप्त भोजन-पानी और चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने के कारण कई बंदरों की मौत हुई है।
सुजीत चौधरी के मुताबिक, मामले की सूचना पुलिस, एसएसपी, जिलाधिकारी, वन विभाग और पशुपालन विभाग समेत कई अधिकारियों को दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के बाद 8 सितंबर को न्यायालय में परिवाद दायर किया गया।
परिवाद में कुछ लोगों पर बंदरों को अवैध रूप से पकड़ने और रात के अंधेरे में आसपास के गांवों में छोड़ने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।
शिकायतकर्ता ने न्यायालय से बंदरों को तत्काल सुरक्षित कराने, उनकी स्वास्थ्य जांच कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।
अब न्यायालय द्वारा नगर थाना से रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद इस मामले में पुलिस और संबंधित विभाग की जांच रिपोर्ट पर सबकी नजर है।
फिलहाल बड़ा सवाल यही है—दरभंगा में बंदरों को पकड़ने की अनुमति किसके आदेश से दी गई थी और उनके साथ कथित क्रूरता के आरोपों में सच्चाई कितनी है? इसका जवाब जांच और न्यायालय के समक्ष पेश होने वाली रिपोर्ट से सामने आएगा।
    user_Raman kumar Darbhanga Tak
    Raman kumar Darbhanga Tak
    हयाघाट, दरभंगा, बिहार•
    18 hrs ago
  • मधुबनी पहुंची जेडीयू नेत्री खुशबू कुमारी ने निशांत कुमार के CM बनने को लेकर दे दिया बड़ा बयान मधुबनी पहुंची जेडीयू नेत्री खुशबू कुमारी ने निशांत कुमार के CM बनने को लेकर दे दिया बड़ा बयान
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    मधुबनी पहुंची जेडीयू नेत्री खुशबू कुमारी ने निशांत कुमार के CM बनने को लेकर दे दिया बड़ा बयान
मधुबनी पहुंची जेडीयू नेत्री खुशबू कुमारी ने निशांत कुमार के CM बनने को लेकर दे दिया बड़ा बयान
    user_Madhubani Halchal
    Madhubani Halchal
    Local News Reporter मधुबनी, मधुबनी, बिहार•
    9 hrs ago
  • पंडौल में स्व. विष्णु देव महथा के द्वादशाह कार्यक्रम में शामिल हुए पूर्व उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ पंडौल बाजार के प्रसिद्ध स्वर्ण व्यवसायी श्री सुधीर कुमार महथा एवं श्री अनिल कुमार महथा के पिता स्वर्गीय विष्णु देव महथा के द्वादशाह कार्यक्रम में बिहार सरकार के पूर्व उद्योग मंत्री श्री समीर कुमार महासेठ सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए। इस दौरान #PrabhatTimes #Madhubani #Pandaul #PandaulMarket #SamirKumarMahaseth #FormerIndustriesMinister #VishnuDevMahatha #Shraddhanjali #Dwadashah #MadhubaniNews #BiharNews #BiharPolitics #LocalNews #MadhubaniUpdate #PandaulNews #BreakingNews #NewsUpdate #PrabhatTimesNews
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    पंडौल में स्व. विष्णु देव महथा के द्वादशाह कार्यक्रम में शामिल हुए पूर्व उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ
पंडौल बाजार के प्रसिद्ध स्वर्ण व्यवसायी श्री सुधीर कुमार महथा एवं श्री अनिल कुमार महथा के पिता स्वर्गीय विष्णु देव महथा के द्वादशाह कार्यक्रम में बिहार सरकार के पूर्व उद्योग मंत्री श्री समीर कुमार महासेठ सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए।
इस दौरान
#PrabhatTimes #Madhubani #Pandaul #PandaulMarket #SamirKumarMahaseth #FormerIndustriesMinister #VishnuDevMahatha #Shraddhanjali #Dwadashah #MadhubaniNews #BiharNews #BiharPolitics #LocalNews #MadhubaniUpdate #PandaulNews #BreakingNews #NewsUpdate #PrabhatTimesNews
    user_Prabhat Times Madhubani
    Prabhat Times Madhubani
    Local News Reporter मधुबनी, मधुबनी, बिहार•
    23 hrs ago
  • मुजफ्फरपुर। शहर के जीरोमाइल स्थित गायत्री पैलेस के निकट सनसाईन फिजियोथेरेपी क्लिनिक पिछले पांच साल से मरीजों का इलाज कर रहा है। क्लिनिक के डॉक्टरों के पास कुल 20 साल का अनुभव है। यहां डॉ. वरुण और डॉ. मनिषा कुमारी मरीजों का इलाज कर रहे हैं। क्लिनिक में अत्याधुनिक मशीनों से इलाज की सुविधा उपलब्ध है। लकवा, साइटिका, कमर दर्द, गर्दन दर्द, मोच, हड्डी और नसों से जुड़ी बीमारियों का यहां इलाज किया जाता है। संपर्क के लिए मोबाइल नंबर 9334893450 और 8825382380 दिए गए हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि आधुनिक उपकरण और अनुभवी डॉक्टरों के कारण मरीज यहां आराम महसूस करते हैं।
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    मुजफ्फरपुर। शहर के जीरोमाइल स्थित गायत्री पैलेस के निकट सनसाईन फिजियोथेरेपी क्लिनिक पिछले पांच साल से मरीजों का इलाज कर रहा है। क्लिनिक के डॉक्टरों के पास कुल 20 साल का अनुभव है।
यहां डॉ. वरुण और डॉ. मनिषा कुमारी मरीजों का इलाज कर रहे हैं। क्लिनिक में अत्याधुनिक मशीनों से इलाज की सुविधा उपलब्ध है।
लकवा, साइटिका, कमर दर्द, गर्दन दर्द, मोच, हड्डी और नसों से जुड़ी बीमारियों का यहां इलाज किया जाता है।
संपर्क के लिए मोबाइल नंबर 9334893450 और 8825382380 दिए गए हैं।
स्थानीय लोग बताते हैं कि आधुनिक उपकरण और अनुभवी डॉक्टरों के कारण मरीज यहां आराम महसूस करते हैं।
    user_Vikash Kumar
    Vikash Kumar
    Local News Reporter बोचहा, मुजफ्फरपुर, बिहार•
    20 hrs ago
  • 🇮🇳🤝🇨🇳 BRICS Summit में भारत-चीन की अहम मुलाकात! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का स्वागत किया। दोनों नेताओं की मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। #PMModi #XiJinping #BRICS2026 #IndiaChina #BreakingNews
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    🇮🇳🤝🇨🇳 BRICS Summit में भारत-चीन की अहम मुलाकात!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का स्वागत किया। दोनों नेताओं की मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।

#PMModi #XiJinping #BRICS2026 #IndiaChina #BreakingNews
    user_Mukesh Kumar
    Mukesh Kumar
    गोरा बौरम, दरभंगा, बिहार•
    13 hrs ago
  • फरक्का जल संधि को लेकर जदयू का बड़ा अभियान, बिहार के हक की आवाज उठाने का दावा। फरक्का जल संधि को लेकर बिहार में सियासी हलचल तेज हो गई है। जनता दल यूनाइटेड यानी जदयू ने इस संधि के नवीनीकरण का विरोध करते हुए “फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद” अभियान शुरू किया है। पार्टी का कहना है कि इस संधि का सबसे ज्यादा असर बिहार के जल संसाधनों, किसानों और आम लोगों पर पड़ रहा है। शुक्रवार को जिला मुख्यालय में जदयू की ओर से प्रेसवार्ता आयोजित कर फरक्का जल संधि को लेकर पार्टी का पक्ष रखा गया। प्रेसवार्ता में बताया गया कि गंगा किनारे बसे बिहार के 12 जिलों में जदयू की ओर से जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान की शुरुआत 5 सितंबर को बक्सर से हुई है और इसका समापन कटिहार में होगा। पार्टी नेताओं के मुताबिक, बक्सर से गंगा बिहार में प्रवेश करती है और कटिहार से निकलती है, इसलिए इन दोनों जिलों को अभियान के क्रम में विशेष रूप से जोड़ा गया है। जदयू का आरोप है कि 1996 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुई फरक्का जल संधि बिहार के हित में नहीं है। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने भी राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए संधि के नवीनीकरण का विरोध किया है। जदयू का कहना है कि यदि भविष्य में कोई समझौता होता है, तो उसमें बिहार की वर्ष 2050 तक की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए। पार्टी नेताओं के अनुसार, शुष्क मौसम में बक्सर के पास गंगा का प्रवाह काफी कम हो जाने के बावजूद फरक्का के जरिए बांग्लादेश के लिए पानी छोड़ा जाता है। जदयू का दावा है कि इसका असर बिहार की आंतरिक नदियों और यहां के जल प्रबंधन पर भी पड़ रहा है। वहीं, पार्टी का कहना है कि फरक्का बैराज के कारण गंगा में गाद जमा होने से नदी का तल ऊंचा हुआ है, जिससे उत्तर बिहार में हर साल बाढ़ की समस्या बढ़ती है। दूसरी ओर, शुष्क मौसम में पानी की कमी के कारण बिहार के कई इलाकों में सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न होने का दावा भी जदयू ने किया है। जदयू नेताओं ने कहा कि यह मुद्दा सिर्फ राजनीति का विषय नहीं, बल्कि बिहार के किसानों, पेयजल, उद्योग, आजीविका और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा सवाल है। प्रेसवार्ता में मौजूद नेताओं ने कहा कि “फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद” अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी के बयान का हवाला देते हुए पार्टी ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य राजनीतिक लाभ नहीं, बल्कि बिहार के हित और राज्य की आवाज को केंद्र तक पहुंचाना है। अब सवाल यह है कि फरक्का जल संधि के नवीनीकरण को लेकर बिहार की आपत्तियों पर केंद्र सरकार क्या रुख अपनाती है। जदयू ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय विमर्श में लाने और फरक्का जल संधि पर पुनर्विचार की मांग को और तेज करने का संकेत दिया है।
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    फरक्का जल संधि को लेकर जदयू का बड़ा अभियान, बिहार के हक की आवाज उठाने का दावा।

फरक्का जल संधि को लेकर बिहार में सियासी हलचल तेज हो गई है। जनता दल यूनाइटेड यानी जदयू ने इस संधि के नवीनीकरण का विरोध करते हुए “फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद” अभियान शुरू किया है। पार्टी का कहना है कि इस संधि का सबसे ज्यादा असर बिहार के जल संसाधनों, किसानों और आम लोगों पर पड़ रहा है।
शुक्रवार को जिला मुख्यालय में जदयू की ओर से प्रेसवार्ता आयोजित कर फरक्का जल संधि को लेकर पार्टी का पक्ष रखा गया। प्रेसवार्ता में बताया गया कि गंगा किनारे बसे बिहार के 12 जिलों में जदयू की ओर से जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान की शुरुआत 5 सितंबर को बक्सर से हुई है और इसका समापन कटिहार में होगा। पार्टी नेताओं के मुताबिक, बक्सर से गंगा बिहार में प्रवेश करती है और कटिहार से निकलती है, इसलिए इन दोनों जिलों को अभियान के क्रम में विशेष रूप से जोड़ा गया है।
जदयू का आरोप है कि 1996 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुई फरक्का जल संधि बिहार के हित में नहीं है। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने भी राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए संधि के नवीनीकरण का विरोध किया है। जदयू का कहना है कि यदि भविष्य में कोई समझौता होता है, तो उसमें बिहार की वर्ष 2050 तक की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
पार्टी नेताओं के अनुसार, शुष्क मौसम में बक्सर के पास गंगा का प्रवाह काफी कम हो जाने के बावजूद फरक्का के जरिए बांग्लादेश के लिए पानी छोड़ा जाता है। जदयू का दावा है कि इसका असर बिहार की आंतरिक नदियों और यहां के जल प्रबंधन पर भी पड़ रहा है।
वहीं, पार्टी का कहना है कि फरक्का बैराज के कारण गंगा में गाद जमा होने से नदी का तल ऊंचा हुआ है, जिससे उत्तर बिहार में हर साल बाढ़ की समस्या बढ़ती है। दूसरी ओर, शुष्क मौसम में पानी की कमी के कारण बिहार के कई इलाकों में सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न होने का दावा भी जदयू ने किया है।
जदयू नेताओं ने कहा कि यह मुद्दा सिर्फ राजनीति का विषय नहीं, बल्कि बिहार के किसानों, पेयजल, उद्योग, आजीविका और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा सवाल है।
प्रेसवार्ता में मौजूद नेताओं ने कहा कि “फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद” अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी के बयान का हवाला देते हुए पार्टी ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य राजनीतिक लाभ नहीं, बल्कि बिहार के हित और राज्य की आवाज को केंद्र तक पहुंचाना है।
अब सवाल यह है कि फरक्का जल संधि के नवीनीकरण को लेकर बिहार की आपत्तियों पर केंद्र सरकार क्या रुख अपनाती है। जदयू ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय विमर्श में लाने और फरक्का जल संधि पर पुनर्विचार की मांग को और तेज करने का संकेत दिया है।
    user_Raman kumar Darbhanga Tak
    Raman kumar Darbhanga Tak
    हयाघाट, दरभंगा, बिहार•
    18 hrs ago
  • मधुबनी में जेडीयू महिला प्रकोष्ठ का एक दिवसीय सांगठनिक बैठक सह नारी संवाद कार्यक्रम, जेडीयू उत्तर बिहार प्रभारी खुशबू कुमारी हुई शामिल मधुबनी में जेडीयू महिला प्रकोष्ठ का एक दिवसीय सांगठनिक बैठक सह नारी संवाद कार्यक्रम, जेडीयू उत्तर बिहार प्रभारी खुशबू कुमारी हुई शामिल
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    मधुबनी में जेडीयू महिला प्रकोष्ठ का एक दिवसीय सांगठनिक बैठक सह नारी संवाद कार्यक्रम, जेडीयू उत्तर बिहार प्रभारी खुशबू कुमारी हुई शामिल
मधुबनी में जेडीयू महिला प्रकोष्ठ का एक दिवसीय सांगठनिक बैठक सह नारी संवाद कार्यक्रम, जेडीयू उत्तर बिहार प्रभारी खुशबू कुमारी हुई शामिल
    user_Madhubani Halchal
    Madhubani Halchal
    Local News Reporter मधुबनी, मधुबनी, बिहार•
    21 hrs ago
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