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आज शाम होली प्रोग्राम सरदारशहर होने जा रहा है #balogarmalaksar #होली #होली_है_रे_होली_है... #trending #holi #viralreels l
Balogar Malaksar
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- सरकारी स्कूल में हुई घटना के बाद अधिकारीयों ने दिए सख्त निर्देश1
- Post by Amit Sharma1
- बीकानेर lमानव चेतना जागृति प्रन्यास के पांच सूत्री संकल्पौ की पूर्ति हेतु स्वच्छ बीकानेर पॉलिथीन मुक्त बीकानेर के संकल्प को पूरा करने के लिए एक लाख हनुमान चालीसा पाठ का संकल्प 1 जनवरी 2026 को शिवबाड़ी में लिया गया था इसी श्रृंखला में निरंतर बीकानेर के विभिन्न हिस्सों में हनुमान चालीसा पाठ एवं पॉलिथीन मुक्त बीकानेर करने के लिए स्वच्छ बीकानेर करने के लिए अभियान निरंतर चालू किया गया है जयनारायण व्यास कॉलोनी स्थित शिव मंदिर में पाठ रखा गया जिसमें स्वामी विमर्शानंद गिरि जी के पावन सानिध्य में हनुमान जी के महत्व को हनुमान तत्व को समाज में स्थापित करने हेतु मार्गदर्शन दिया गया एवं हनुमान तत्व जो अनुशासन और समर्पण का प्रतीक है उस समर्पण का समाज और परिवार के निर्माण में अत्यंत आवश्यक योगदान है सामूहिक रूप से हनुमान पाठ किया गया आचार्य राजेंद्र जोशी के द्वारा इस अवसर पर व्यास कॉलोनी शिव मंदिर के वरिष्ठ साधक श्री ओम जी कपूर उपस्थित रहे एवं वीणा शिक्षण संस्थान की ओर से कथक गुरु श्रीमती वीणा जोशी की ओर से इसे जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया गया कार्यक्रम के अंत में हनुमान जी की आरती की गई और प्रसाद के साथ में निशुल्क कपड़े के वस्त्र थेला सभी को वितरित किया गया और यह शपथ सभी ने ली की वह प्लास्टिक का पूर्णता परित्याग कर देंगे क्योंकि एक प्लास्टिक की थैली 500 वर्ष तक भी समाप्त नहीं होती और यह पर्यावरण की बहुत बड़ी हानि है कार्यक्रम में तबला वादन नवरत्न जोशी ने किया और श्री विजय कपूर ने कार्यक्रम का संयोजन कर आगामी कार्यक्रमों की सूचना सभी को दी बीकानेर को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करना और उसकी पहचान छोटी काशी के रूप में क्रियान्वित रहे इस पांच सूत्री कार्यक्रमों का मूल उद्देश्य है स्वयं रूपांतरण ही सबसे बड़ा समाज सेवा है के मंत्र को समाज में स्थापित करने के उद्देश्य से कार्यक्रम पिछले 26 वर्षों से मानव चेतना जागृति पर प्रन्यास करता रहा है इसके प्रमुख प्रेरक और मार्गदर्शक ब्रह्मलीन परमपूज्य स्वामी सम्वित सोमगिरि जी महाराज हैं महाराज की ही प्रेरणा से इस न्यास का गठन किया गया और उन्हीं के आशीर्वाद से यह विगत 25 वर्षों से देश-विदेश में कार्य कर रहा है भवदीय आचार्य राजेंद्र जोशी अधिष्ठाता मानव चेतना जागृति प्रन्यास 90011 806663
- Post by जगदीश धौलपूरीया1
- Post by Sakir Husen1983 news reporter 88246157231
- बीकानेर के रणजीतपुरा में दुष्कर्म और हत्या का मामला: आरोपी की चालाकी से गाँव स्तब्ध तावीज बना गले का फंदा1
- Post by Amit Sharma1
- इकबाल खान बीकानेर,द्वारा , साल 1993 में अफ्रीकी देश सूडान भयानक अकाल से गुजर रहा था। भूख और बीमारी से हजारों लोग मर रहे थे। इसी दौरान दक्षिण अफ्रीका के फोटो पत्रकार केविन कार्टर वहां रिपोर्टिंग के लिए पहुंचे थे। एक दिन उन्होंने एक मार्मिक दृश्य देखा। एक कुपोषित बच्चा जमीन पर झुका हुआ था और राहत शिविर की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहा था। कुछ दूरी पर एक गिद्ध खड़ा था, मानो वह बच्चे के मरने का इंतजार कर रहा हो। यह दृश्य बेहद दर्दनाक था। कार्टर ने उस पल को अपने कैमरे में कैद कर लिया।यह तस्वीर 26 मार्च 1993 को अमेरिकी अखबार दा न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित हुई। तस्वीर छपते ही दुनिया भर में हलचल मच गई। लोगों ने पहली बार अकाल की भयावह सच्चाई को इतने करीब से देखा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सूडान के लिए राहत और सहायता की मांग तेज हो गई। इस तस्वीर के लिए 1994 में केविन कार्टर को पत्रकारिता का प्रतिष्ठित पुलित्जर प्राइज दिया गया। हालांकि, पुरस्कार मिलने के साथ ही विवाद भी खड़ा हो गया। एक दिन केविन कार्टर के पास एक फोन आया और बोला वहां कितने गिद्ध थे, पत्रकार ने जवाब दिया एक , उस कॉल करने वाले व्यक्ति ने कहा नहीं दो थे एक वो जो उसके मरने का इंतजार कर रहा था दूसरा वो जो उसकी फोटो ले रहा था,अगर वो फोटो लेने के बजाय बच्चे की मदद करता तो शायद बच सकता था, कार्टर ने बाद में कहा कि उन्होंने फोटो लेने के बाद गिद्ध को भगा दिया था और उन्हें बीमारी के खतरे के कारण बच्चों को छूने से मना किया गया था। उस बच्चे का आगे क्या हुआ, यह स्पष्ट नहीं हो सका,लेकिन लगातार आलोचना और युद्ध-अकाल की भयावह यादों ने कार्टर को मानसिक रूप से तोड़ दिया। 27 जुलाई 1994 को उन्होंने आत्महत्या कर ली। अपने सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि वे दर्द, भूख और मौत के दृश्यों से पीछा नहीं छुड़ा पा रहे थे।यह तस्वीर आज भी पत्रकारिता, मानवता और नैतिक जिम्मेदारी पर बहस का विषय बनी हुई है। वैसे केविन कार्टर जैसे पत्रकार आज इस दुनिया में बहुत कम दिखाई देते हैं। आज का दौर ऐसा है जहां कई जगहों पर मीडिया पर यह आरोप लगता है कि वह संवेदनशील घटनाओं पर भी राजनीति तलाश लेती है, बहसें चलती रहती हैं और शोर बढ़ता जाता है।1
- बीकानेर का बैडशीट छपाई का एक मात्र स्थान मोहता सराय, हाफिज कॉलोनी , भाटी भवन से आगे बासनी जायका के पास2