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9 hrs ago
user_Sakir Husen1983 news reporter 8824615723
Sakir Husen1983 news reporter 8824615723
Bikaner, Rajasthan•
9 hrs ago

7014560772

More news from Rajasthan and nearby areas
  • Post by Sakir Husen1983 news reporter 8824615723
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    Post by Sakir Husen1983 news reporter 8824615723
    user_Sakir Husen1983 news reporter 8824615723
    Sakir Husen1983 news reporter 8824615723
    Bikaner, Rajasthan•
    9 hrs ago
  • बीकानेर के रणजीतपुरा में दुष्कर्म और हत्या का मामला: आरोपी की चालाकी से गाँव स्तब्ध तावीज बना गले का फंदा
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    बीकानेर के रणजीतपुरा में दुष्कर्म और हत्या का मामला: आरोपी की चालाकी से गाँव स्तब्ध तावीज बना गले का फंदा
    user_आईरा समाचार बीकानेर
    आईरा समाचार बीकानेर
    Journalist Bikaner, Rajasthan•
    10 hrs ago
  • बीकानेर का बैडशीट छपाई का एक मात्र स्थान मोहता सराय, हाफिज कॉलोनी , भाटी भवन से आगे बासनी जायका के पास
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    बीकानेर का बैडशीट छपाई का एक मात्र स्थान मोहता सराय, हाफिज कॉलोनी , भाटी भवन से आगे बासनी जायका के पास
    user_साबीर भाटी
    साबीर भाटी
    Screen printing shop बीकानेर, बीकानेर, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • कास 95 Rd हत्या कांड में दोनों mla देवी सिंह जी भाटी ओर अंशुमान सिंह व भंवर सिंह भाटी मेरे साथ खड़े होते तो एक बच्चे को न्याय मिल जाता में देवी सिंह जी भाटी साहब से कहना चाहूंगा मेरे सगे भाई तैराक रमन उपाध्याय ने आपके कार्यकाल में 95 rd बज्जू में अज्ञात बच्चे की तंत्र मंत्र के दौरान हत्या की हे उसके सबूत आज भी बज्जू थाने में कोलायत कोर्ट में ओर सोशल मीडिया पर हे तो आपने कोई कारवाही में सहयोग नहीं किया,, सिर्फ उस अज्ञात बच्चे के लिए में आज भी 20 साल से अकेला लड़ रहा हु मुझे मारने ke सबूत मिटाने के अथाह प्रयास किए जाते हे और वही हत्यारा चुनाव में कभी आप से साथ नजर आता हे तो कभी mla भंवर सिंह के साथ कहा हे आपका न्याय कैसा न्याय बताओ,, जैसे इस बच्ची को न्याय मिला वैसे ही तान्त्रिक राजनाथ ओर तैराक रमन उपाध्याय और उसके परिवार के लोगों को रिमांड पर लो और पूछो वो बच्चा कहा से लाए और उसकी लास कहा गायब की सभी मित्रो आवाज उठाओ मेरी मदद करो हमारे mla MP प्रशासन सब सोए हे अपनी रोटियां सेक रहे हे ये बात मैने mla भंवर सिंह जी ओर भागी रथ तेतरवाल ओर देवी सिंह जी भाटी ओर अंशुमान सिंह जी को सबको बताई किसी ने भी मेरी मदद नहीं की क्यों की वो बच्चा लावारिस था हमारे लिए वास्तव में उस बच्चे को तैराक रमन उपाध्याय और उसके परिवार द्वारा अगवा किया फिर तंत्र मंत्र के दौरान महाराज राजनाथ द्वारा मौत ke घाट उतार कर लास गायब की गई हे जिसके सबूत मिटाने के बहुत प्रयास किए गए लेकिन मैने मिटने नहीं दिए भाईयो मदद करो ताकि हत्यारे जैल जाए मुझे mla प्रधान जैसे लोगों से कोई उम्मीद नहीं ये ये अपने वोटो के मतलब से आते हे जय श्री राम 🙏
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    कास 95 Rd हत्या कांड में दोनों mla देवी सिंह जी भाटी ओर अंशुमान सिंह व भंवर सिंह भाटी मेरे साथ खड़े होते तो एक बच्चे को न्याय मिल जाता 
में देवी सिंह जी भाटी साहब से कहना चाहूंगा मेरे सगे भाई तैराक रमन उपाध्याय ने आपके कार्यकाल में 95 rd बज्जू में अज्ञात बच्चे की तंत्र मंत्र के दौरान हत्या की हे उसके सबूत आज भी बज्जू थाने में कोलायत कोर्ट में ओर सोशल मीडिया पर हे तो आपने कोई कारवाही में सहयोग नहीं किया,, सिर्फ उस अज्ञात बच्चे के लिए में आज भी 20 साल से अकेला लड़ रहा हु मुझे मारने ke सबूत मिटाने के अथाह प्रयास किए जाते हे और वही हत्यारा चुनाव में कभी आप से साथ नजर आता हे तो कभी mla भंवर सिंह के साथ 
कहा हे आपका न्याय कैसा न्याय बताओ,, जैसे इस बच्ची को न्याय मिला वैसे ही तान्त्रिक राजनाथ ओर तैराक रमन उपाध्याय और उसके परिवार के लोगों को रिमांड पर लो और पूछो वो बच्चा कहा से लाए और उसकी लास कहा गायब की सभी मित्रो आवाज उठाओ मेरी मदद करो हमारे mla MP प्रशासन सब सोए हे अपनी रोटियां सेक रहे हे ये बात मैने mla भंवर सिंह जी ओर भागी रथ तेतरवाल ओर देवी सिंह जी भाटी ओर अंशुमान सिंह जी को सबको बताई किसी ने भी मेरी मदद नहीं की क्यों की वो बच्चा लावारिस था हमारे लिए 
वास्तव में उस बच्चे को तैराक रमन उपाध्याय और उसके परिवार द्वारा अगवा किया फिर तंत्र मंत्र के दौरान महाराज राजनाथ द्वारा मौत ke घाट उतार कर लास गायब की गई हे जिसके सबूत मिटाने के बहुत प्रयास किए गए लेकिन मैने मिटने नहीं दिए भाईयो मदद करो ताकि हत्यारे जैल जाए मुझे mla प्रधान जैसे लोगों से कोई उम्मीद नहीं ये ये अपने वोटो के मतलब से आते हे 
जय श्री राम 🙏
    user_AR minaral and mines Panchariy
    AR minaral and mines Panchariy
    Gypsum Product Supplier नोखा, बीकानेर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • श्रीडूंगरगढ़ होली की धमाल
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    श्रीडूंगरगढ़ होली की धमाल
    user_News 7 NETWORK
    News 7 NETWORK
    पत्रकार श्रीडूंगरगढ़, बीकानेर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • नागौर/पादूकलां,, पवित्र रमजान माह के दूसरे जुम्मे पर शुक्रवार को कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण अंचल में आस्था, अनुशासन और भाईचारे का भाव देखने को मिला। जुम्मे की नमाज के दौरान मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी और सैकड़ों रोजेदारों ने देश में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की की दुआ मांगी।नमाज के समय मस्जिदों के भीतर और बाहर तक अकीदतमंदों की कतारें नजर आईं।कस्बे की प्रमुख मस्जिदों-मदीना मस्जिद, नूरानी मस्जिद व कादरी मस्जिद-में सुबह से ही विशेष तैयारियां की गई थीं। नमाज से पहले खुतबा पढ़ा गया, जिसमें रमजान की फजीलत, सब्र, संयम, आपसी सौहार्द और जरूरतमंदों की मदद का संदेश दिया गया। इसके बाद जुम्मे की नमाज अदा की गई। धार्मिक विद्वानों ने बताया कि रमजान आत्मशुद्धि और इबादत का महीना है। इस पवित्र माह में 5 वर्ष के बच्चों से लेकर 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग भी रोजा रखकर इबादत में जुटे हैं। मस्जिदों में नमाज शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न हुई। नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने देश में शांति, सद्भाव और समृद्धि की कामना करते हुए विशेष दुआ की। रमजान माह में रोजाना तरावीह और इबादत का सिलसिला जारी है, जिससे पूरे कस्बे में आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है।
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    नागौर/पादूकलां,, पवित्र रमजान माह के दूसरे जुम्मे पर शुक्रवार को कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण अंचल में आस्था, अनुशासन और भाईचारे का भाव देखने को मिला। जुम्मे की नमाज के दौरान मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी और सैकड़ों रोजेदारों ने देश में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की की दुआ मांगी।नमाज के समय मस्जिदों के भीतर और बाहर तक अकीदतमंदों की कतारें नजर आईं।कस्बे की प्रमुख मस्जिदों-मदीना मस्जिद, नूरानी मस्जिद व कादरी मस्जिद-में सुबह से ही विशेष तैयारियां की गई थीं। नमाज से पहले खुतबा पढ़ा गया, जिसमें रमजान की फजीलत, सब्र, संयम, आपसी सौहार्द और जरूरतमंदों की मदद का संदेश दिया गया। इसके बाद जुम्मे की नमाज अदा की गई। धार्मिक विद्वानों ने बताया कि रमजान आत्मशुद्धि और इबादत का महीना है। इस पवित्र माह में 5 वर्ष के बच्चों से लेकर 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग भी रोजा रखकर इबादत में जुटे हैं। मस्जिदों में नमाज शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न हुई।
नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने देश में शांति, सद्भाव और समृद्धि की कामना करते हुए विशेष दुआ की। रमजान माह में रोजाना तरावीह और इबादत का सिलसिला जारी है, जिससे पूरे कस्बे में आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है।
    user_प्रदीप कुमार डागा
    प्रदीप कुमार डागा
    नागौर, नागौर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • Post by Bashir Khan
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    Post by Bashir Khan
    user_Bashir Khan
    Bashir Khan
    Farmer Gharsana, Sri Ganganagar•
    5 hrs ago
  • इकबाल खान बीकानेर,द्वारा , साल 1993 में अफ्रीकी देश सूडान भयानक अकाल से गुजर रहा था। भूख और बीमारी से हजारों लोग मर रहे थे। इसी दौरान दक्षिण अफ्रीका के फोटो पत्रकार केविन कार्टर वहां रिपोर्टिंग के लिए पहुंचे थे। एक दिन उन्होंने एक मार्मिक दृश्य देखा। एक कुपोषित बच्चा जमीन पर झुका हुआ था और राहत शिविर की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहा था। कुछ दूरी पर एक गिद्ध खड़ा था, मानो वह बच्चे के मरने का इंतजार कर रहा हो। यह दृश्य बेहद दर्दनाक था। कार्टर ने उस पल को अपने कैमरे में कैद कर लिया।यह तस्वीर 26 मार्च 1993 को अमेरिकी अखबार दा न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित हुई। तस्वीर छपते ही दुनिया भर में हलचल मच गई। लोगों ने पहली बार अकाल की भयावह सच्चाई को इतने करीब से देखा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सूडान के लिए राहत और सहायता की मांग तेज हो गई। इस तस्वीर के लिए 1994 में केविन कार्टर को पत्रकारिता का प्रतिष्ठित पुलित्जर प्राइज दिया गया। हालांकि, पुरस्कार मिलने के साथ ही विवाद भी खड़ा हो गया। एक दिन केविन कार्टर के पास एक फोन आया और बोला वहां कितने गिद्ध थे, पत्रकार ने जवाब दिया एक , उस कॉल करने वाले व्यक्ति ने कहा नहीं दो थे एक वो जो उसके मरने का इंतजार कर रहा था दूसरा वो जो उसकी फोटो ले रहा था,अगर वो फोटो लेने के बजाय बच्चे की मदद करता तो शायद बच सकता था, कार्टर ने बाद में कहा कि उन्होंने फोटो लेने के बाद गिद्ध को भगा दिया था और उन्हें बीमारी के खतरे के कारण बच्चों को छूने से मना किया गया था। उस बच्चे का आगे क्या हुआ, यह स्पष्ट नहीं हो सका,लेकिन लगातार आलोचना और युद्ध-अकाल की भयावह यादों ने कार्टर को मानसिक रूप से तोड़ दिया। 27 जुलाई 1994 को उन्होंने आत्महत्या कर ली। अपने सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि वे दर्द, भूख और मौत के दृश्यों से पीछा नहीं छुड़ा पा रहे थे।यह तस्वीर आज भी पत्रकारिता, मानवता और नैतिक जिम्मेदारी पर बहस का विषय बनी हुई है। वैसे केविन कार्टर जैसे पत्रकार आज इस दुनिया में बहुत कम दिखाई देते हैं। आज का दौर ऐसा है जहां कई जगहों पर मीडिया पर यह आरोप लगता है कि वह संवेदनशील घटनाओं पर भी राजनीति तलाश लेती है, बहसें चलती रहती हैं और शोर बढ़ता जाता है।
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    इकबाल खान बीकानेर,द्वारा , साल 1993 में अफ्रीकी देश सूडान भयानक अकाल से गुजर रहा था। भूख और बीमारी से हजारों लोग मर रहे थे। इसी दौरान दक्षिण अफ्रीका के फोटो पत्रकार  केविन कार्टर  वहां रिपोर्टिंग के लिए पहुंचे थे।
एक दिन उन्होंने एक मार्मिक दृश्य देखा। एक कुपोषित बच्चा जमीन पर झुका हुआ था और राहत शिविर की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहा था। कुछ दूरी पर एक गिद्ध खड़ा था, मानो वह बच्चे के मरने का इंतजार कर रहा हो। यह दृश्य बेहद दर्दनाक था। कार्टर ने उस पल को अपने कैमरे में कैद कर लिया।यह तस्वीर 26 मार्च 1993 को अमेरिकी अखबार  दा न्यूयॉर्क टाइम्स  में प्रकाशित हुई। तस्वीर छपते ही दुनिया भर में हलचल मच गई। लोगों ने पहली बार अकाल की भयावह सच्चाई को इतने करीब से देखा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सूडान के लिए राहत और सहायता की मांग तेज हो गई।
इस तस्वीर के लिए 1994 में केविन कार्टर को पत्रकारिता का प्रतिष्ठित  पुलित्जर प्राइज  दिया गया। हालांकि, पुरस्कार मिलने के साथ ही विवाद भी खड़ा हो गया। एक दिन केविन कार्टर  के पास एक फोन आया और बोला वहां कितने गिद्ध थे, पत्रकार ने जवाब दिया एक , उस कॉल करने वाले व्यक्ति  ने कहा नहीं दो थे एक वो जो उसके मरने का इंतजार कर रहा था दूसरा वो जो उसकी फोटो ले रहा था,अगर वो फोटो लेने के बजाय बच्चे की मदद करता तो शायद बच सकता था, कार्टर ने बाद में कहा कि उन्होंने फोटो लेने के बाद गिद्ध को भगा दिया था और उन्हें बीमारी के खतरे के कारण बच्चों को छूने से मना किया गया था। उस बच्चे का आगे क्या हुआ, यह स्पष्ट नहीं हो सका,लेकिन लगातार आलोचना और युद्ध-अकाल की भयावह यादों ने कार्टर को मानसिक रूप से तोड़ दिया। 27 जुलाई 1994 को उन्होंने आत्महत्या कर ली। अपने सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि वे दर्द, भूख और मौत के दृश्यों से पीछा नहीं छुड़ा पा रहे थे।यह तस्वीर आज भी पत्रकारिता, मानवता और नैतिक जिम्मेदारी पर बहस का विषय बनी हुई है। वैसे केविन कार्टर जैसे पत्रकार आज इस दुनिया में बहुत कम दिखाई देते हैं। आज का दौर ऐसा है जहां कई जगहों पर मीडिया पर यह आरोप लगता है कि वह संवेदनशील घटनाओं पर भी राजनीति तलाश लेती है, बहसें चलती रहती हैं और शोर बढ़ता जाता है।
    user_आईरा समाचार बीकानेर
    आईरा समाचार बीकानेर
    Journalist Bikaner, Rajasthan•
    11 hrs ago
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