Shuru
Apke Nagar Ki App…
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की श्रृंखला में महाराणा प्रताप स्वर्ण जयंती पार्क (लेजर वैली) पहुँचकर हजारों लोगों के साथ योग अभ्यास किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री राव नरबीर सिंह, विधायक श्रीमती बिमला चौधरी, विधायक श्री मुकेश शर्मा और विधायक श्री रणधीर पनिहार भी उपस्थित रहे। योग आयोग हरियाणा के चेयरमैन श्री जयदीप आर्य ने इस दौरान योग प्रोटोकॉल का सामूहिक अभ्यास कराया।
माथुर पत्रकार
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की श्रृंखला में महाराणा प्रताप स्वर्ण जयंती पार्क (लेजर वैली) पहुँचकर हजारों लोगों के साथ योग अभ्यास किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री राव नरबीर सिंह, विधायक श्रीमती बिमला चौधरी, विधायक श्री मुकेश शर्मा और विधायक श्री रणधीर पनिहार भी उपस्थित रहे। योग आयोग हरियाणा के चेयरमैन श्री जयदीप आर्य ने इस दौरान योग प्रोटोकॉल का सामूहिक अभ्यास कराया।
More news from हरियाणा and nearby areas
- मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की श्रृंखला में महाराणा प्रताप स्वर्ण जयंती पार्क (लेजर वैली) पहुँचकर हजारों लोगों के साथ योग अभ्यास किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री राव नरबीर सिंह, विधायक श्रीमती बिमला चौधरी, विधायक श्री मुकेश शर्मा और विधायक श्री रणधीर पनिहार भी उपस्थित रहे। योग आयोग हरियाणा के चेयरमैन श्री जयदीप आर्य ने इस दौरान योग प्रोटोकॉल का सामूहिक अभ्यास कराया।1
- मोहम्मद माज़ जेतनिया सभी के लिए एक शानदार मौका लेकर आए हैं। यह घोषणा की गई है कि उन्होंने कुछ बेहतरीन पेशकश की है, जिसका विवरण अभी सामने नहीं आया है।1
- पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा के सरकारी स्कूलों में कार्यरत 12,700 से अधिक अतिथि अध्यापकों को बड़ी राहत दी है, जिसमें सरकार को वर्ष 2014 की नियमितीकरण नीति के तहत दो माह के भीतर उन्हें नियमित करने की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद प्रदेशभर के अतिथि अध्यापकों में खुशी की लहर दौड़ गई है, और इसी क्रम में एक प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम के निवास पर पहुंचकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और खेल मंत्री गौरव गौतम का धन्यवाद व्यक्त किया। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट टिप्पणी की कि जो शिक्षक लगभग 20 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें अस्थायी रूप से नहीं रखा जा सकता और न ही उन्हें जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किए जाने वाले स्पेयर पार्ट की तरह देखा जा सकता है। अदालत ने यह भी माना कि इन शिक्षकों की नियुक्ति निर्धारित प्रक्रिया, विज्ञापन, चयन समिति और मेरिट के आधार पर हुई थी, इसलिए इन्हें 'बैक डोर एंट्री' नहीं माना जा सकता। खेल मंत्री गौरव गौतम ने इस अवसर पर कहा कि यह उन हजारों अध्यापकों के करीब 20 वर्षों के लंबे संघर्ष की जीत है, जिन्होंने लगातार अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि नियमितीकरण के बाद इन शिक्षकों को स्थायी कर्मचारियों की तरह सभी वेतन, भत्ते और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएं। खेल मंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार शिक्षकों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है, और यदि किसी भी अध्यापक को अपनी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाने या किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होगी, तो वह उनकी आवाज को मजबूती से उठाने का कार्य करेंगे।1
- b hchcdhhvhhggghjjnggggggfncjhfhhhjgfhjhhghhhhjjgguugj nigth view hdhdhdhygvhvggggggfgghhxx hhgjgbhghvc. hhhgbvhhhgoix ndjdnddndnhsb v1
- जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) आरएस बाट ने सोमवार को सोहना में अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया। यह कार्रवाई अम्बेडकर चौक बाईपास क्षेत्र में दुकानों के बाहर अवैध रूप से लगाए गए काउंटरों और अन्य अतिक्रमण को हटाने के आदेशों के साथ शुरू हुई। डीटीपी आरएस बाट के नेतृत्व में यह अभियान पलवल रोड से आरंभ हुआ, जहां टीम ने मुख्य मार्गों का निरीक्षण करते हुए सड़क किनारे किए गए अवैध अतिक्रमण को चिन्हित कर मौके पर ही हटाने के निर्देश दिए। अभियान के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों को भविष्य में सार्वजनिक स्थानों पर कब्जा न करने की कड़ी हिदायत दी। इसके साथ ही, मुख्य सड़क पर क्रेशर, रोडी और रेता का कारोबार करने वाले व्यापारियों को भी विशेष चेतावनी जारी की गई। डीटीपी आरएस बाट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क किनारे रखे गए निर्माण सामग्री के ढेर और अन्य सामान को मंगलवार सुबह 10 बजे तक हर हाल में हटा लिया जाए। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। डीटीपी आरएस बाट ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर अवैध कब्जे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे, और शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस पहल का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए कहा कि अतिक्रमण हटने से यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और राहगीरों को भी बड़ी राहत मिलेगी।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजनौर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान गाजियाबाद की सूर्या प्रताप चौहान और असद से जुड़ी घटना का जिक्र करते हुए कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसी 'नालायक औलादों' को हर हाल में सबक सिखाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यदि सामने 'खर-दूषण' जैसी ताकतें हों, तो उनके मुकाबले के लिए शस्त्र उठाना अनिवार्य हो जाता है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी बल दिया कि सरकार की संवेदनाएं केवल सामान्य और कानून का पालन करने वाले नागरिकों के साथ हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश और देश में सभी वर्गों को बिना किसी भेदभाव के सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। योगी आदित्यनाथ ने अहिंसा और मानवता को समाज के आभूषण बताया, लेकिन साथ ही यह भी साफ किया कि जब समाज और व्यवस्था के सामने चुनौतियां खड़ी करने वाली ताकतें हों, तब उनसे निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाना भी जरूरी है। उन्होंने सभी से कानून और व्यवस्था का सम्मान करने तथा किसी को भी नियमों से ऊपर न समझने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रदेश सरकार कानून का राज स्थापित करने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री का यह बयान गाजियाबाद में 28 मई की शाम को हुई एक घटना के संदर्भ में आया है, जिसमें 17 वर्षीय युवक सूर्या चौहान की चाकू से हमला होने के बाद मौत हो गई थी। पुलिस के अनुसार, इस घटना के पीछे पुरानी दुश्मनी को मुख्य वजह माना जा रहा है। आरोप है कि सूर्या को उसके कुछ पुराने परिचितों ने फोन करके एक स्थान पर बुलाया था, जहाँ पहुँचते ही कई युवकों ने उसे घेर लिया और धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सूर्या को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इस मामले में असद, नवाब, फरहान, आतिफ और सारिक सहित कई लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की अभी भी जांच की जा रही है। बताया गया है कि असद का एनकाउंटर किया जा चुका है।2
- आज मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक प्रारंभ हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में कुल 16 एजेंडा रखे गए हैं। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, विधायक तेजपाल तंवर और विधायक मुकेश शर्मा सहित जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।1
- पलवल के राजीव नगर में रहने वाला योगेश 30 जून 2026 को अपने दोस्तों के साथ स्विंगपूल में नहाने गया था, लेकिन वह वापस नहीं आया। परिजनों को योगेश मृत हालत में मिला, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। योगेश के ताऊजी सौदान सिंह ने आरोप लगाया है कि लाल सिंह हॉस्पिटल के डॉ. अजीत, डॉ. राजेश, मोनू और कुछ अन्य लोग योगेश की हत्या की साजिश में शामिल हैं। परिजन सीधे तौर पर लाल सिंह के बेटों पर हत्या का आरोप लगा रहे हैं। उनके अनुसार, यह हत्या एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई है, और इसमें योगेश के दोस्तों की भी संलिप्तता बताई जा रही है। फिलहाल इस मामले में सभी नामित दोषी फरार बताए जा रहे हैं। परिजनों का कहना है कि असली सच्चाई तो पुलिस जांच के बाद ही सामने आ पाएगी।3