Shuru
Apke Nagar Ki App…
बांदा से बड़ी खबर — ऑपरेशन मुस्कान के तहत अतर्रा पुलिस की शानदार कामयाबी। कस्बा अतर्रा में खरीददारी के दौरान गुम हुआ 10 साल का बच्चा, पुलिस ने कुछ ही घंटों में सकुशल बरामद कर लिया। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष संजीव चौबे ने टीम गठित कर सीसीटीवी और स्थानीय लोगों की मदद से शुरू की सर्च ऑपरेशन। मुस्तैदी का नतीजा — बच्चा सुरक्षित मिला और परिजनों को सौंपा गया। बच्चे के मिलने पर परिवार में लौटी खुशियाँ, परिजनों ने अतर्रा पुलिस का जताया आभार। ऑपरेशन मुस्कान — मुस्कान लौटाने का अभियान, बांदा पुलिस का सराहनीय प्रयास।
LK Tiwari Ram G
बांदा से बड़ी खबर — ऑपरेशन मुस्कान के तहत अतर्रा पुलिस की शानदार कामयाबी। कस्बा अतर्रा में खरीददारी के दौरान गुम हुआ 10 साल का बच्चा, पुलिस ने कुछ ही घंटों में सकुशल बरामद कर लिया। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष संजीव चौबे ने टीम गठित कर सीसीटीवी और स्थानीय लोगों की मदद से शुरू की सर्च ऑपरेशन। मुस्तैदी का नतीजा — बच्चा सुरक्षित मिला और परिजनों को सौंपा गया। बच्चे के मिलने पर परिवार में लौटी खुशियाँ, परिजनों ने अतर्रा पुलिस का जताया आभार। ऑपरेशन मुस्कान — मुस्कान लौटाने का अभियान, बांदा पुलिस का सराहनीय प्रयास।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- बांदा के नरैनी तहसील के कोलावल रायपुर में दिन-रात अवैध खनन जारी। लगातार शिकायतों और खबरों के बाद भी कार्रवाई नदारद। जिम्मेदार अधिकारी IGRS में लगा रहे भ्रमित करने वाली1
- Post by Mamta chaurasiya2
- #Apkiawajdigital पटना: बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के जनता दरबार में उस वक्त सन्नाटा पसर गया, जब एक युवक अपनी आपबीती सुनाते हुए दहाड़ मारकर रोने लगा। युवक ने आरोप लगाया कि SC/ST एक्ट के कथित गलत इस्तेमाल और दबंगों के अत्याचार ने उसके हंसते-खेलते परिवार को बर्बाद कर दिया। युवक की व्यथा सुन डिप्टी सीएम ने मौके पर ही संबंधित जिले के डीएम (DM) और एसपी (SP) को फोन लगाकर कड़ी फटकार लगाई। "अकेला बेटा हूँ, कोर्ट के चक्कर में पिता को खो दिया" पीड़ित युवक ने रुंधे गले से बताया कि उसके परिवार के साथ न केवल मारपीट और बदसलूकी की गई, बल्कि उसे झूठे SC/ST केस में भी फंसा दिया गया। युवक ने बिलखते हुए कहा, "साहब! मैं अपने मां-बाप का अकेला बेटा हूं। झूठे मुकदमे और कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटते-काटते मेरे पिता को हार्ट अटैक आ गया और उनकी मौत हो गई। मेरी मां की ओपन हार्ट सर्जरी हुई है, मैं उन्हें देखूं या जेल जाने से खुद को बचाऊं?" डिप्टी सीएम का कड़ा रुख युवक की दास्तां सुनकर विजय सिन्हा का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने तत्काल अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कानून का इस्तेमाल किसी निर्दोष को प्रताड़ित करने के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि यदि किसी अधिकारी की लापरवाही के कारण किसी गरीब या निर्दोष का परिवार बिखरता है, तो इसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। प्रमुख बिंदु: दुरुपयोग का आरोप: युवक ने प्रभावशाली लोगों द्वारा झूठा मुकदमा दर्ज कराने का दावा किया। अधिकारियों को अल्टीमेटम: विजय सिन्हा ने जांच में पारदर्शिता और निर्दोष को तुरंत राहत देने का आदेश दिया। भावुक माहौल: जनता दरबार में मौजूद अन्य लोग भी युवक की पीड़ा देखकर स्तब्ध रह गए।1
- बांदा। रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला प्रकरण जनपद के कालिंजर थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां मामा-भांजी के पवित्र रिश्ते को ताक पर रखकर एक सनकी व्यक्ति ने अपनी भांजी से शादी रचने का दबाव बनाया है। मामा के साथ शादी से इंकार करने पर आरोपी मामा ने न केवल मारपीट की बल्कि जान से मारने की धमकी भी भांजी को दी है।पीड़िता युवती की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।कालिंजर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती ने पुलिस को दी गई तहरीर में उल्लेख किया है कि उसका रिश्ते में लगने वाला मामा प्रेमचंद्र पुत्र जगरूप निषाद, निवासी कजरीकोल रामा का पुरवा थाना कालिंजर 12 अगस्त 2025 को गांव के बाहर उसे मिला। आरोपी ने उससे शादी करने की बात कही। इस पर युवती ने साफ कहा कि वह उसके रिश्ते में मामा लगता है और ऐसे रिश्ते में शादी संभव नहीं है।इस बात के सुनते ही आरोपी गुस्सा हो गया और कहा कि मामा लगने से क्या होता है, शादी तो तुम्हें करनी ही पड़ेगी। जब युवती ने शादी से इंकार कर वहां से जाने को कहा, तो मामा ने उसे दो थप्पड़ मार दिए और गाली-गलौज करते हुए चला गया। जाते-जाते आरोपी ने धमकी दी कि “आज तो बच गई हो, अगली बार जान से मार दूंगा।” युवती ने बताया कि सामाजिक बदनामी के डर से उसने उस समय यह बात अपने माता-पिता को नहीं बताई। लेकिन मामला यहीं नहीं रुका। 26 जनवरी 2026 को आरोपी ने फोन कर फिर से शादी के लिए दबाव बनाया। युवती द्वारा दोबारा इंकार करने पर आरोपी ने फोन पर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी।लगातार मिल रही धमकियों से भयभीत और सहमी युवती ने अंततः पुलिस की शरण ली। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।1
- बांदा से बड़ी खबर — ऑपरेशन मुस्कान के तहत अतर्रा पुलिस की शानदार कामयाबी। कस्बा अतर्रा में खरीददारी के दौरान गुम हुआ 10 साल का बच्चा, पुलिस ने कुछ ही घंटों में सकुशल बरामद कर लिया। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष संजीव चौबे ने टीम गठित कर सीसीटीवी और स्थानीय लोगों की मदद से शुरू की सर्च ऑपरेशन। मुस्तैदी का नतीजा — बच्चा सुरक्षित मिला और परिजनों को सौंपा गया। बच्चे के मिलने पर परिवार में लौटी खुशियाँ, परिजनों ने अतर्रा पुलिस का जताया आभार। ऑपरेशन मुस्कान — मुस्कान लौटाने का अभियान, बांदा पुलिस का सराहनीय प्रयास।1
- *मृत पुलिसकर्मी को अर्पित की गई भावभीनी श्रद्धांजलि* बांदा। सोमवार को पुलिस लाइन बांदा में मृत पुलिसकर्मी को शोक परेड में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक सलामी दी गई । गौरतलब हो कि पुलिस लाइन बांदा में तैनात उ0नि0 धीरेन्द्र कुमार सिंह निवासी सोरों थाना सरायममरेज जनपद प्रयागराज के रहने वाले थे एवं आरक्षी के पद पर उ0प्र0 पुलिस में भर्ती हुए थे । कल पुलिस लाइन में अचानक चक्कर आने से गिर गए जिन्हे उपचार हेतु जिला अस्पताल बांदा लाया गया जहां चिकित्सकों द्वारा उन्हे मृत घोषित कर दिया गया । आज पुलिस लाइन बांदा में पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल, अपर पुलिस अधीक्षक बांदा शिवराज, सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी लाइन्स मेविस टॉक, क्षेत्राधिकारी सदर राजवीर सिंह गौर, क्षेत्राधिकारी अतर्रा प्रवीण कुमार व प्रतिसार निरीक्षक पुलिस लाइन बेलास यादव सहित पुलिस परिवार के साथियों द्वारा रीत व पुष्प चढ़ाकर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई । पुलिस अधीक्षक बांदा द्वारा मृत पुलिसकर्मी के परिजनों को दुःख की घड़ी में ढ़ांढ़स बंधाते हुए सात्वना दी गई । उन्होने मृतक के परिवार को हर सम्भव मदद् का आश्वासन दिया तथा अश्वस्त किया की दुःख की इस घड़ी में पूरा पुलिस परिवार उनके साथ है ।2
- यहां आधुनिक मशीनों और मजदूरों की मदद से नहर को मजबूत और टिकाऊ बनाया जा रहा है। नहर की तली और दीवारों को पक्का किया जा रहा है, जिससे भविष्य में पानी की बर्बादी न हो और किसानों को भरपूर लाभ मिल सके।1
- #Apkiawajdigital मुंबई: चकाचौंध भरी माया नगरी में जहाँ अक्सर इंसानियत खोती नजर आती है, वहीं सुरक्षा गार्ड संजय यादव ने ईमानदारी की एक ऐसी मिसाल पेश की है जिसकी चर्चा आज हर जुबान पर है। संजय यादव ने बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर का खोया हुआ क्रेडिट कार्ड न केवल सुरक्षित पाया, बल्कि उसे पूरी जिम्मेदारी के साथ उन तक पहुँचाया भी। मॉर्निंग वॉक के दौरान गिरा था कार्ड मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले हफ्ते अभिनेता अनुपम खेर अपनी नियमित 'मॉर्निंग वॉक' पर निकले थे। इसी दौरान उनका क्रेडिट कार्ड अनजाने में कहीं गिर गया। कार्ड गिरने की भनक अभिनेता को भी नहीं लगी। वह कार्ड पास की ही एक बिल्डिंग में सुरक्षा गार्ड के पद पर तैनात संजय यादव को मिला। नाम देखते ही पहचान गए संजय संजय यादव को जब सड़क पर कार्ड पड़ा मिला, तो उन्होंने उसे उठाकर देखा। कार्ड पर जैसे ही उनकी नजर 'अनुपम खेर' नाम पर पड़ी, उन्होंने बिना वक्त गंवाए फैसला किया कि वह इसे खुद अभिनेता के पास लेकर जाएंगे। संजय कार्ड की वैल्यू और उसके दुरुपयोग के खतरे को समझते थे, इसलिए उन्होंने उसे किसी और को देने के बजाय सीधे मालिक तक पहुँचाना बेहतर समझा। खुद घर जाकर लौटाया अमानत संजय यादव अभिनेता अनुपम खेर के निवास स्थान पर पहुँचे और सुरक्षाकर्मियों के माध्यम से उन तक कार्ड पहुँचाया। अपनी अमानत को सुरक्षित वापस पाकर अनुपम खेर भावुक हो उठे। उन्होंने संजय की इस निस्वार्थ ईमानदारी की जमकर तारीफ की और इस घटना को समाज के लिए एक प्रेरणा बताया। ईमानदारी का सम्मान अखबारों और सोशल मीडिया पर इस घटना के आने के बाद लोग संजय यादव की प्रशंसा कर रहे हैं। संजय ने साबित कर दिया कि ईमानदारी का ओहदे या बैंक बैलेंस से कोई लेना-देना नहीं होता, यह व्यक्ति के संस्कारों में होती है। संपादकीय टिप्पणी: आज के दौर में जहाँ डिजिटल फ्रॉड के जरिए लोग दूसरों की मेहनत की कमाई हड़पने की फिराक में रहते हैं, वहाँ संजय यादव जैसे लोग विश्वास की लौ को जलाए हुए हैं। हमारा समाज ऐसे नायकों को सलाम करता है।1