छिंदवाड़ा कलेक्टर कार्यालय ने बिछुआ जनपद के दो कर्मचारियों को 'जल गंगा संवर्धन अभियान 2026' में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया है। यह सम्मान 30 जून 2026 को आयोजित 'जल गंगा संवर्धन अभियान समापन एवं सम्मान समारोह' के दौरान दिया गया। कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने कपूरखेडा के सचिव कैलाश शेरके और लोहारबत्तरी के ग्राम रोजगार सहायक (GRS) चैन सिंह डेहरिया को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। प्रशस्ति पत्र के अनुसार, इन दोनों ने 1 मार्च से 30 जून 2026 तक चले अभियान में 21-21 कार्यों को पूरा करने में उल्लेखनीय योगदान दिया। 'जल गंगा अभियान' के तहत तालाब गहरीकरण, चेक डैम निर्माण, नदी-नालों की सफाई और वर्षा जल संचयन जैसे महत्वपूर्ण कार्य कराए गए थे। कलेक्टर के हस्ताक्षर से जारी इन सम्मान पत्रों में बिछुआ जनपद के जल संरक्षण कार्यों की विशेष सराहना की गई है। सचिव कैलाश शेरके और जीआरएस चैन सिंह डेहरिया के सम्मान से जनपद के अधिकारियों-कर्मचारियों में हर्ष का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि इन दोनों के संयुक्त प्रयासों से जनपद में जल संरक्षण के कार्य अब और अधिक गति पकड़ेंगे। जनपद पंचायत बिछुआ के अधिकारियों ने जानकारी दी कि 'जल गंगा अभियान' मध्य प्रदेश शासन की एक प्राथमिकता वाली योजना है, जिसमें उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को जिला स्तर पर सम्मानित किया जाता है। इस सम्मान से बिछुआ को दोहरा गौरव प्राप्त हुआ है।
छिंदवाड़ा कलेक्टर कार्यालय ने बिछुआ जनपद के दो कर्मचारियों को 'जल गंगा संवर्धन अभियान 2026' में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया है। यह सम्मान 30 जून 2026 को आयोजित 'जल गंगा संवर्धन अभियान समापन एवं सम्मान समारोह' के दौरान दिया गया। कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने कपूरखेडा के सचिव कैलाश शेरके और लोहारबत्तरी के ग्राम रोजगार सहायक (GRS) चैन सिंह डेहरिया को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। प्रशस्ति पत्र के अनुसार, इन दोनों ने 1 मार्च से 30 जून 2026 तक चले अभियान में 21-21 कार्यों को पूरा करने में उल्लेखनीय योगदान दिया। 'जल गंगा अभियान' के तहत तालाब गहरीकरण, चेक डैम निर्माण, नदी-नालों की सफाई और वर्षा जल संचयन जैसे महत्वपूर्ण कार्य कराए गए थे। कलेक्टर के हस्ताक्षर से जारी इन सम्मान पत्रों में बिछुआ जनपद के जल संरक्षण कार्यों की विशेष सराहना की गई है। सचिव कैलाश शेरके और जीआरएस चैन सिंह डेहरिया के सम्मान से जनपद के अधिकारियों-कर्मचारियों में हर्ष का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि इन दोनों के संयुक्त प्रयासों से जनपद में जल संरक्षण के कार्य अब और अधिक गति पकड़ेंगे। जनपद पंचायत बिछुआ के अधिकारियों ने जानकारी दी कि 'जल गंगा अभियान' मध्य प्रदेश शासन की एक प्राथमिकता वाली योजना है, जिसमें उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को जिला स्तर पर सम्मानित किया जाता है। इस सम्मान से बिछुआ को दोहरा गौरव प्राप्त हुआ है।
- छिंदवाड़ा कलेक्टर कार्यालय ने बिछुआ जनपद के दो कर्मचारियों को 'जल गंगा संवर्धन अभियान 2026' में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया है। यह सम्मान 30 जून 2026 को आयोजित 'जल गंगा संवर्धन अभियान समापन एवं सम्मान समारोह' के दौरान दिया गया। कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने कपूरखेडा के सचिव कैलाश शेरके और लोहारबत्तरी के ग्राम रोजगार सहायक (GRS) चैन सिंह डेहरिया को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। प्रशस्ति पत्र के अनुसार, इन दोनों ने 1 मार्च से 30 जून 2026 तक चले अभियान में 21-21 कार्यों को पूरा करने में उल्लेखनीय योगदान दिया। 'जल गंगा अभियान' के तहत तालाब गहरीकरण, चेक डैम निर्माण, नदी-नालों की सफाई और वर्षा जल संचयन जैसे महत्वपूर्ण कार्य कराए गए थे। कलेक्टर के हस्ताक्षर से जारी इन सम्मान पत्रों में बिछुआ जनपद के जल संरक्षण कार्यों की विशेष सराहना की गई है। सचिव कैलाश शेरके और जीआरएस चैन सिंह डेहरिया के सम्मान से जनपद के अधिकारियों-कर्मचारियों में हर्ष का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि इन दोनों के संयुक्त प्रयासों से जनपद में जल संरक्षण के कार्य अब और अधिक गति पकड़ेंगे। जनपद पंचायत बिछुआ के अधिकारियों ने जानकारी दी कि 'जल गंगा अभियान' मध्य प्रदेश शासन की एक प्राथमिकता वाली योजना है, जिसमें उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को जिला स्तर पर सम्मानित किया जाता है। इस सम्मान से बिछुआ को दोहरा गौरव प्राप्त हुआ है।1
- आज दिनाँक 30 जून 2026 को जनपद बदायूँ में पूर्व कमिश्नर बाबा को डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क के निकट देखा गया। यह पार्क जिला चिकित्सालय के करीब स्थित है।1
- मोहर्रम के पावन अवसर पर छिन्दवाड़ा जिले के सिंगोड़ी में सिलसिला-ए-युसुफ़िया ताजिया की जानिब से खिलाफत और दस्तारबंदी का एक रूहानी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में सिंगोड़ी ग्राम निवासी सूफी इबरार अहमद रज़वी की दस्तारबंदी की गई, उन्हें खिलाफत से नवाज़ा गया और सिलसिले की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं। यह कार्यक्रम खानकाह-ए-युसुफ़िया की सरपरस्ती में संपन्न हुआ, जिसमें महाराष्ट्र के नागपुर से हज़रत नवाज़ अहमद अली यूसुफी, ताजी साहब, तथा कर्नाटक के गुलबर्ग से हज़रत अब्दुल रऊफ चिश्ती, बन्दा नवाज़ी साहब, और सिंगोड़ी की जनता विशेष रूप से मौजूद रही। इस आध्यात्मिक अवसर पर इस्लामी तालीम, भाईचारे और अमन का पैगाम दिया गया। बड़ी तादाद में अकीदतमंदों ने कार्यक्रम में शिरकत की और इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद करते हुए मोहर्रम के इंसानियत के पैगाम को आम करने का संकल्प लिया। मजलिस से पहले लंगर का भी एहतमाम किया गया था। सभी उपस्थित हजरात ने मिलकर मुल्क में अमन-चैन और शांति के लिए दुआ मांगी। इस अवसर पर सदर अंजुमन कमेटी साहीद अंसारी, पूर्व सदर इलमन मिस्कीनी, पूर्व सदर आहाद मिस्किनी, वहीद मिस्किनी, अब्दुल समद मिस्किनी, जबलपुर से रफीक बाबा, कुद्दुश बाबा, अनीश बाबा, कलीम बाबा सहित गाँव के अनेक लोग उपस्थित रहे।1
- मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान का मंगलवार को पांढुर्णा नगर पालिका सभागृह में भव्य सम्मान समारोह के साथ समापन हो गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष संदीप घाटोडे ने की, जिसमें कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ, अपर कलेक्टर नीलमणि अग्निहोत्री, एसडीएम श्रीमती अलका एक्का, प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत विनय प्रकाश ठाकुर, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमती हेमेश्वरी पटले सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर जनपद पंचायत द्वारा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में किए गए उल्लेखनीय कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। अभियान के तहत जिले में कुल 415 कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए गए हैं, जिनमें 52 नाले-नालियों की सफाई, 82 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण, 43 पाइपलाइन सुधार और 143 सार्वजनिक नलों में टोंटी लगाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं, साथ ही 95 अन्य गतिविधियां भी संचालित की गईं। कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ ने मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करते हुए जल संरक्षण को एक जनआंदोलन बनाने पर विशेष जोर दिया। इसी कड़ी में, जल गंगा संवर्धन अभियान का विकासखंड स्तरीय समापन ग्राम राजना में एक बावड़ी उत्सव के साथ आयोजित हुआ। यह कार्यक्रम जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन और विकासखंड समन्वयक दिलीप आठनेरे की उपस्थिति में संपन्न हुआ, जहाँ बावड़ी और उसके परिसर की साफ-सफाई कर जल संरक्षण का सशक्त संदेश दिया गया। विकासखंड समन्वयक दिलीप आठनेरे ने वर्षा जल के अधिकतम संग्रहण पर बल दिया, जबकि ग्राम राजना के सरपंच दीपक खवसे ने जल को जीवन का आधार बताते हुए भावी पीढ़ी के लिए इसके संरक्षण को अत्यावश्यक बताया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी ग्रामीणों और शासकीय उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय राजना के छात्र-छात्राओं सहित अन्य परामर्शदाताओं, पंचायत सचिवों और शिक्षकों ने अंत में जल संरक्षण की शपथ ली।2
- पांढुर्णा जिले की चर्चित ग्राम पंचायत रामाकोना को सोमवार को नई स्थानापन्न सरपंच मिल गई है। वार्ड क्रमांक 4 की पंच ज्योति वासुदेव खंडाइत ने चुनाव में 11 मत प्राप्त कर स्थानापन्न सरपंच के रूप में जीत दर्ज की, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी कोकिला देवेंद्र चौधरी को 9 मत मिले। यह चुनाव मध्यप्रदेश पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 38(ख) के तहत ग्राम पंचायत भवन में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की निगरानी में शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। यह पद पूर्व सरपंच श्वेता गगन गोहेल को वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी राशि के कथित गबन के मामले में पदमुक्त किए जाने और छह वर्ष के लिए अयोग्य घोषित किए जाने के बाद रिक्त हुआ था। श्वेता गोहेल को मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा 92(5) के तहत अयोग्य घोषित किया गया था, जिसके बाद जिला पंचायत के आदेशानुसार स्थानापन्न सरपंच के निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी की गई। चुनाव परिणाम की घोषणा के उपरांत, नवनिर्वाचित स्थानापन्न सरपंच ज्योति वासुदेव खंडाइत का उनके समर्थकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने अपनी पहली प्राथमिकता पंचायत में रुके हुए विकास कार्यों को गति देना, पारदर्शिता के साथ कार्य करना और जनता के विश्वास पर खरा उतरना बताया।3
- विधायक कमलेश प्रताप शाह ने ग्रामीण समस्याओं को हल करने के लिए संबंधित निर्देश जारी किए हैं।1
- पांढुर्णा से बैतूल की ओर जा रहे एक आयशर वाहन में सोमवार देर रात मोहि घाट पर भीषण आग लग गई। आग की लपटें उठती देख पीछे से आ रहे वाहन चालक ने तत्काल आयशर चालक को सूचना दी, जिसके बाद चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन सड़क किनारे रोका और तुरंत नीचे उतरकर अपनी जान बचाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही मिनटों में आग ने वाहन के अगले हिस्से को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलने पर पांढुर्णा और आमला से दमकल वाहन मौके पर पहुंचे, जिन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे आग आसपास के क्षेत्र में फैलने से बच गई। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में वाहन मालिक और पुलिस ने आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना है। इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन आयशर वाहन का अगला हिस्सा और केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। चालक के समय रहते वाहन से बाहर निकल जाने और दमकल के पहुंचने से एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस ने बताया कि वाहन में आग लगने के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच जारी है। इस घटना के कारण मोहि घाट मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे बाद में सामान्य कर दिया गया।3