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एक ADM रैंक के अधिकारी को अपने भाई के न्याय के लिए देना पड़ा धरना सोचिए उत्तर प्रदेश में एक ADM रैंक के अधिकारी को अपने भाई के न्याय के लिए धरना देना पड़ रहा है, यह तस्वीर में जो दिख रहे हैं वह अरुण कुमार गौड़ जी हैं जो झांसी में ADM पद पर तैनात हैं कल रात्रि में इनके सगे भाई SSI अजय कुमार गौड़ का शव अयोध्या की सरयू नदी में मिला था और मोटरसाइकिल बस्ती जिले में मिली थी, पुलिस 5 दिनों में दरोगा जी को नहीं खोज पाई इसी बात को लेकर ADM अरुण कुमार और ASP के बीच कुछ तीखी बातचीत हो गई जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, वीडियो कमेंट बॉक्स में देखें
खुर्शीद आलम
एक ADM रैंक के अधिकारी को अपने भाई के न्याय के लिए देना पड़ा धरना सोचिए उत्तर प्रदेश में एक ADM रैंक के अधिकारी को अपने भाई के न्याय के लिए धरना देना पड़ रहा है, यह तस्वीर में जो दिख रहे हैं वह अरुण कुमार गौड़ जी हैं जो झांसी में ADM पद पर तैनात हैं कल रात्रि में इनके सगे भाई SSI अजय कुमार गौड़ का शव अयोध्या की सरयू नदी में मिला था और मोटरसाइकिल बस्ती जिले में मिली थी, पुलिस 5 दिनों में दरोगा जी को नहीं खोज पाई इसी बात को लेकर ADM अरुण कुमार और ASP के बीच कुछ तीखी बातचीत हो गई जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, वीडियो कमेंट बॉक्स में देखें
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- अस्पताल में जबरन बयान और ऑक्सीजन हटाने का गंभीर आरोप पलिया कलां-खीरी। थाना पलिया क्षेत्र के ग्राम बंशीनगर फरसहिया निवासी तरसम सिंह ने पलिया कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर अपने पुत्र मनजिन्दर सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित पिता ने आरोप लगाया है कि जायदाद हड़पने की नीयत से साजिश रचकर उनके पुत्र को प्रताड़ित किया गया, फर्जी दस्तावेज तैयार कराए गए और इलाज के दौरान उसकी ऑक्सीजन तक निकाल दी गई, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई और अंततः मौत हो गई। पीड़ित के अनुसार उनका पुत्र मनजिन्दर सिंह बीते करीब 20 दिनों से बीमार चल रहा था और उसका इलाज लखनऊ स्थित न्यू लाइफ आयुष्मान हास्पिटल में चल रहा था। आरोप है कि 3 फरवरी 2026 को करीब 11 बजे दिन में कुछ लोगों ने अस्पताल पहुंचकर मनजिन्दर सिंह पर दबाव बनाते हुए जबरन बयान दिलाने का प्रयास किया, कि उसके पिता मलकीत सिंह द्वारा दी गई संपत्ति उनके नाम करा दी जाए। जब मनजिन्दर सिंह ने इनकार किया तो आरोपितों ने फर्जी वीडियो बनवाकर और कागजातों पर अंगूठा व हस्ताक्षर करवा लिए। पीड़ित पिता का आरोप है कि इसके बाद आरोपितों ने मनजिन्दर सिंह की ऑक्सीजन निकाल दी और उसके साथ मारपीट की, जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ित का यह भी कहना है कि आरोपितों ने परिवार के सदस्यों को धमकी दी कि यदि मामले की शिकायत की गई तो अंजाम भुगतना पड़ेगा। तरसम सिंह ने यह भी आशंका जताई है कि इसी प्रकार की साजिश के तहत उनके ससुर मलकीत सिंह की भी पहले मौत हुई थी। पीड़ित ने पुलिस से पूरे प्रकरण की गहन जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध हत्या, धोखाधड़ी और षड्यंत्र जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी ने बताया कि प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है, मामले की जांच की जा रही है। जांचोपरान्त आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- चपरतला खीरी डीसीएम श्रीराम ग्रुप की चीनी मिल अजबापुर ने गन्ना बुवाई जागरूकता रैली निकालकर किसानों को ज्यादा से ज्यादा गन्ना बोने की अपील की गयी इस मौके पर चीनी मिल के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे किसानों को गन्ने की खेती से फायदा भी बताएं1
- Post by डॉ अनिल सिंह राणा1
- sad shayari 💔🥹🥹🫰💔1
- मीर्जापुर। कोतवाली विन्ध्याचल क्षेत्र अंतर्गत न्यू वीआईपी मंदिर मार्ग पर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक दरोगा द्वारा एक गरीब दिव्यांग व्यक्ति के साथ बेरहमी से मारपीट किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। घटना विन्ध्याचल मंदिर गेट नंबर-2 के पास की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में दरोगा डंडे से दिव्यांग व्यक्ति को मारते हुए दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि यात्रियों से भीख मांगने को लेकर दरोगा और दिव्यांग व्यक्ति के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद यह घटना घटी। स्थानीय लोगों के अनुसार, मंदिर परिसर में भिखारियों के जमावड़े को लेकर पहले भी कई बार विवाद हो चुके हैं, लेकिन इस तरह की अमानवीय कार्रवाई ने श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को आक्रोशित कर दिया है। घटना के दौरान मौजूद स्थानीय लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद आरोपी दरोगा की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस घटना को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है। लोग दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- लल्हौआ निवासी परचून व्यापारी मनीष राठौर की संदिग्ध मौत, हत्या व आत्महत्या दोनों एंगल पर जांच लखीमपुर खीरी। मितौली थाना क्षेत्र के ग्राम लल्हौआ निवासी परचून व्यापारी मनीष राठौर (35) की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। घटना उस समय हुई जब मनीष अपनी मोटरसाइकिल से घर से मितौली दुकान का सामान लेने जा रहा था। लल्हौआ–तेंदुआ पुलिया के बीच वह घायल अवस्था में मिला। मौके पर उसकी मोटरसाइकिल गांव की ओर घुमाकर खड़ी मिली तथा हाथ में 315 बोर का तमंचा भी पाया गया। सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी मितौली यादवेंद्र यादव व प्रभारी निरीक्षक महेश पाठक पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए शव विच्छेदन गृह लखीमपुर खीरी भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं पर गंभीरता से जांच की जा रही है, फिलहाल मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले से पर्दा उठ सकेगा। मृतक के पिता वेदनाथ के तीन पुत्रों में मनीष सबसे छोटा था। गांव में उसकी परचून की दुकान थी जो अच्छी चलती थी, साथ ही वह ब्याज पर भी रुपये देता था। परिवार में पत्नी, छह वर्षीय पुत्र कार्तिक व वृद्ध माता-पिता हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच में जुटी है।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर कथित अत्याचार के मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि “बांग्लादेश के मुद्दे पर सब मौन हैं, क्योंकि मरने वाला हिंदू है।” उन्होंने यह टिप्पणी एक सार्वजनिक सभा/कार्यक्रम के दौरान की, जहां उन्होंने कहा कि हिंदुओं के खिलाफ होने वाली घटनाओं पर देश के कुछ राजनीतिक दल और तथाकथित बुद्धिजीवी चुप्पी साध लेते हैं। 🔎 बयान का संदर्भ बांग्लादेश में हाल के समय में मंदिरों और हिंदू समुदाय पर हमलों की खबरें सामने आई थीं। इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर “चयनात्मक राजनीति” करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार के मुद्दों पर आवाज उठाने में भेदभाव नहीं होना चाहिए। 🗣️ राजनीतिक प्रतिक्रिया इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई। भाजपा नेताओं ने इसे “सच्चाई उजागर करने वाला बयान” बताया। विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक बयानबाज़ी करार दिया। यह मुद्दा सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर बहस का विषय बना हुआ है।1
- एयर फाइबर के नाम पर उपभोक्ताओं से लूट! एयरटेल- जिओ की सेवा से लोग परेशान, इंटरनेट स्पीड व नेटवर्क फेल पलियाकलां-खीरी। एयरटेल और जिओ जैसी बड़ी टेलीकॉम कम्पनियों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही एयर फाइबर सेवा उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। भारी-भरकम शुल्क वसूलने के बावजूद इन कम्पनियों की इंटरनेट सेवा बेहद धीमी और अस्थिर बनी हुई है। हालात यह हैं कि घंटों तक इंटरनेट का ‘चक्का घूमता’ रहता है, लेकिन काम नहीं हो पाता। इससे छात्र, व्यापारी, नौकरीपेशा वर्ग और ऑनलाइन कार्य करने वाले लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। क्षेत्र के उपभोक्ताओं का कहना है कि एयर फाइबर कनेक्शन लेते समय कम्पनियां हाई-स्पीड इंटरनेट और बेहतरीन नेटवर्क का दावा करती हैं, लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है। कनेक्शन लगवाने के कुछ ही दिनों बाद नेटवर्क की समस्या शुरू हो जाती है। कभी इंटरनेट पूरी तरह ठप हो जाता है तो कभी स्पीड इतनी कम हो जाती है कि साधारण वेब पेज भी नहीं खुल पाता। ग्राहकों का आरोप है कि बार-बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद न तो समय पर तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाती है और न ही स्थायी समाधान किया जाता है। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि कस्टमर केयर से घंटों बातचीत के बाद भी केवल आश्वासन ही मिलता है, लेकिन जमीनी स्तर पर समस्या जस की तस बनी रहती है। व्यापारियों का कहना है कि खराब इंटरनेट सेवा के कारण ऑनलाइन भुगतान, ऑर्डर प्रोसेसिंग और डिजिटल लेनदेन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे व्यापार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। वहीं छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी बाधित हो रही है। स्थानीय लोगों ने दूरसंचार विभाग और प्रशासन से मांग की है कि एयर फाइबर सेवाओं की गुणवत्ता की जांच कराई जाए और लापरवाह कम्पनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिल सके और उनकी मेहनत की कमाई यूं ही बर्बाद न हो।1