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बारां के आमपुरा स्थित झालावाड़ रोड पर नगर परिषद की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान एक मकान को बिना किसी पूर्व सूचना के ढहाने का आरोप लगा है। कार्रवाई के बीच जब पीले पंजे से मकान ढहाया जा रहा था, तभी मौके पर मौजूद एक महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। महिला की तबीयत बिगड़ने पर उसे संभालने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुट गए। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नगर परिषद की कार्रवाई के प्रति गहरी नाराजगी देखी जा रही है और वे इस पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।
Lokesh prajapati
बारां के आमपुरा स्थित झालावाड़ रोड पर नगर परिषद की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान एक मकान को बिना किसी पूर्व सूचना के ढहाने का आरोप लगा है। कार्रवाई के बीच जब पीले पंजे से मकान ढहाया जा रहा था, तभी मौके पर मौजूद एक महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। महिला की तबीयत बिगड़ने पर उसे संभालने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुट गए। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नगर परिषद की कार्रवाई के प्रति गहरी नाराजगी देखी जा रही है और वे इस पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।
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- एक गंभीर घटना में, एक ट्रैक्टर-ट्रॉली बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। यह स्थिति एक पल की चूक के कारण उत्पन्न हुई थी, लेकिन समय रहते हुए बड़ा नुकसान टल गया।1
- शाहाबाद उपखंड क्षेत्र में शुक्रवार को हुई तेज बरसात से मौसम में ठंडक आ गई, जिससे उमस और गर्मी से राहत मिली है। इस भारी बारिश के कारण शाहाबाद स्थित सिरसा नदी और छोटे-मोटे नालों में शुक्रवार देर शाम से पानी की आवक शुरू हो गई है, जिससे वे उफान पर आ गए हैं। नदी-नालों में पानी आने से कुओं का जलस्तर बढ़ने के साथ-साथ मवेशियों को भी पीने के पानी की समस्या नहीं रहेगी। गर्मियों के बाद पहली बार नदी में पानी आने से लोगों ने खुशी जाहिर की है, क्योंकि नदी में पानी नहीं होने के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि, नदी में पहली बार आए पानी के साथ सांप, बिच्छू एवं अन्य जंगली जीव-जंतु भी बहकर आ रहे हैं। इस तेज बरसात से नदी-नालों में आया उफान प्राकृतिक जल स्रोतों के जल स्तर को बढ़ाएगा।2
- राजस्थान शहरी सेवा शिविर 2026 के अंतर्गत, राज्य में अवैध कॉलोनियों के नियमन के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों का आयोजन राजस्थान भर में 12 जून से शुरू होकर 15 जून तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य अवैध कॉलोनियों को नियमित करना है।1
- खानपुर की ग्राम पंचायत सूमर में स्थित पांच सदियों पुरानी जल धरोहर, एक प्राचीन बावड़ी, के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए सोमवार को एक बड़े सफाई अभियान की शुरुआत की गई। प्रशासक विष्णु नागर के नेतृत्व में इस अभियान में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक श्रमदान किया, जिसके तहत बावड़ी में जमा मिट्टी, पत्थर, गाद और कचरे को बाहर निकालकर व्यापक सफाई की गई। इस पहल को लेकर प्रशासक विष्णु नागर ने जोर देकर कहा कि यह बावड़ी क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण धरोहर है और इसके संरक्षण के लिए जनभागीदारी आवश्यक है। उन्होंने इसी अवसर पर बावड़ी के पूर्ण जीर्णोद्धार की घोषणा भी की। इस योजना में आवश्यक मरम्मत कार्य, परिसर का सौंदर्यीकरण, बावड़ी के चारों ओर इंटरलॉकिंग कार्य और जलभराव व कीचड़ की समस्या के स्थायी समाधान हेतु उचित निकासी व्यवस्था विकसित करना शामिल है। सफाई अभियान में वार्ड पंच गोविंद पारेता, धनराज मेवाड़ा, भरतराज नागर, समाजसेवी हेमंत नागर, योगेंद्र पटेल, बनवारी नागर, मनीष सेवदा, नवीन योगी, पवन प्रजापति, लीलाधर नागर, सत्यनारायण मेरोठा, बंटी गौतम और शंकर प्रजापति सहित अनेक ग्रामीणों ने श्रमदान किया। उपस्थित सभी लोगों ने इस महत्वपूर्ण जल स्रोत को स्वच्छ और संरक्षित बनाए रखने का संकल्प लिया।4
- लाखों-करोड़ों रुपये के एक बड़े घोटाले का मामला सामने आया है, जिसे देखकर लोग हैरान रह जाएंगे। बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में सभी कार्य सिर्फ कागजों पर ही निपटाए गए हैं, जबकि असल में कोई धरातलीय काम नहीं हुआ है।1
- बिशनखेड़ी में लक्ष्मीनाथ मंदिर की जमीन से जुड़ा विवाद गहरा गया है। इस मामले में महिलाओं ने भजन-कीर्तन करते हुए रास्ता अवरुद्ध कर दिया। विवाद को सुलझाने के लिए हुई बातचीत भी विफल रही, जिसके बाद से इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने जानकारी दी है कि आगामी आदेश मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।1
- बारां के आमपुरा स्थित झालावाड़ रोड पर नगर परिषद की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान एक मकान को बिना किसी पूर्व सूचना के ढहाने का आरोप लगा है। कार्रवाई के बीच जब पीले पंजे से मकान ढहाया जा रहा था, तभी मौके पर मौजूद एक महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। महिला की तबीयत बिगड़ने पर उसे संभालने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुट गए। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नगर परिषद की कार्रवाई के प्रति गहरी नाराजगी देखी जा रही है और वे इस पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।1
- सागोद-खानपुर मुख्य मार्ग की बेहद जर्जर हालत स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों के लिए लगातार परेशानी का सबब बनी हुई है। सड़क पर जगह-जगह मौजूद गहरे गड्ढे और उखड़ी हुई गिट्टियां यातायात में बड़ी बाधाएँ पैदा कर रही हैं। संबंधित विभाग द्वारा चार बार पैचवर्क कराए जाने के बावजूद सड़क की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है, जिसके कारण क्षेत्र के ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि सड़क की मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है, और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के चलते पैचवर्क कुछ ही दिनों में उखड़ जाता है। मेहंदडी निवासी चेतन शर्मा और धीरप वैष्णव ने बताया कि सड़क पर कई स्थानों पर नुकीली गिट्टियां और रोड बाहर निकल आए हैं, जिससे वाहनों के निचले हिस्से और चैम्बर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप वाहन चालकों को निरंतर आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। कंवरपुरा, बोहरा और जोलपा के ग्रामीणों ने यह भी जानकारी दी कि खराब सड़क के कारण इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। विशेषकर रात के समय मार्ग पर पर्याप्त रोशनी न होने से गहरे गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दुपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा और भी बढ़ जाता है। क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से तत्काल मांग की है कि केवल लीपापोती करने के बजाय, सड़क का नए सिरे से स्थायी और गुणवत्तापूर्ण निर्माण किया जाए। उनका कहना है कि यह कदम आवागमन को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।2