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शाहाबाद उपखंड क्षेत्र में शुक्रवार को हुई तेज बरसात से मौसम में ठंडक आ गई, जिससे उमस और गर्मी से राहत मिली है। इस भारी बारिश के कारण शाहाबाद स्थित सिरसा नदी और छोटे-मोटे नालों में शुक्रवार देर शाम से पानी की आवक शुरू हो गई है, जिससे वे उफान पर आ गए हैं। नदी-नालों में पानी आने से कुओं का जलस्तर बढ़ने के साथ-साथ मवेशियों को भी पीने के पानी की समस्या नहीं रहेगी। गर्मियों के बाद पहली बार नदी में पानी आने से लोगों ने खुशी जाहिर की है, क्योंकि नदी में पानी नहीं होने के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि, नदी में पहली बार आए पानी के साथ सांप, बिच्छू एवं अन्य जंगली जीव-जंतु भी बहकर आ रहे हैं। इस तेज बरसात से नदी-नालों में आया उफान प्राकृतिक जल स्रोतों के जल स्तर को बढ़ाएगा।
भुवनेश भार्गव
शाहाबाद उपखंड क्षेत्र में शुक्रवार को हुई तेज बरसात से मौसम में ठंडक आ गई, जिससे उमस और गर्मी से राहत मिली है। इस भारी बारिश के कारण शाहाबाद स्थित सिरसा नदी और छोटे-मोटे नालों में शुक्रवार देर शाम से पानी की आवक शुरू हो गई है, जिससे वे उफान पर आ गए हैं। नदी-नालों में पानी आने से कुओं का जलस्तर बढ़ने के साथ-साथ मवेशियों को भी पीने के पानी की समस्या नहीं रहेगी। गर्मियों के बाद पहली बार नदी में पानी आने से लोगों ने खुशी जाहिर की है, क्योंकि नदी में पानी नहीं होने के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि, नदी में पहली बार आए पानी के साथ सांप, बिच्छू एवं अन्य जंगली जीव-जंतु भी बहकर आ रहे हैं। इस तेज बरसात से नदी-नालों में आया उफान प्राकृतिक जल स्रोतों के जल स्तर को बढ़ाएगा।
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- सड़कों की खराब हालत पर चिंता व्यक्त की गई है, जहाँ हर जगह 'गड्ढे ही गड्ढे' नज़र आते हैं। जानकारी के अनुसार, 'हमारे चाइना रोड' (स्थानीय सड़कें) पास होने के बाद भी 2 से 4 साल तक उनका निर्माण शुरू नहीं हो पाता है। यह स्थिति, विशेष रूप से चाइना में सड़कों की कथित हालत से तुलना करते हुए, निराशाजनक बताई गई है, जहाँ भी सड़कें केवल गड्ढों से भरी हुई हैं। यह दिखाता है कि सड़कों के निर्माण में देरी और उनकी खराब गुणवत्ता एक बड़ी समस्या बनी हुई है।1
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