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मूल पाठ में 'नाभि झटका प्रयोग' का उल्लेख किया गया है।

1 hr ago
user_Jagdish Chandra Sharma
Jagdish Chandra Sharma
Video Creator छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
1 hr ago

मूल पाठ में 'नाभि झटका प्रयोग' का उल्लेख किया गया है।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • मूल पाठ में 'नाभि झटका प्रयोग' का उल्लेख किया गया है।
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    मूल पाठ में 'नाभि झटका प्रयोग' का उल्लेख किया गया है।
    user_Jagdish Chandra Sharma
    Jagdish Chandra Sharma
    Video Creator छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    1 hr ago
  • छीपाबड़ौद कस्बे में शनिवार को खाद और बीज विक्रेताओं ने अचानक अपनी दुकानें बंद कर दीं, जिससे किसानों को खाद खरीदने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रधानमंत्री समृद्धि केंद्र और किसान खाद भंडार सहित कई दुकानें बंद रहीं, और किसान खाद खरीदने के लिए भटकते रहे। क्षेत्र में लंबे समय से खाद की कालाबाजारी, निर्धारित दरों से अधिक कीमत वसूलने और खाद के साथ अतिरिक्त फर्टिलाइजर बेचने की शिकायतें मिल रही थीं। किसान सरकार द्वारा तय दरों पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं, खासकर खरीफ सीजन की तैयारियों को देखते हुए खाद की उपलब्धता सुनिश्चित होना बेहद जरूरी है। कृषि विभाग के अधिकारी ओपी मीणा ने बताया कि डीएपी खाद का निर्धारित मूल्य 1350 रुपए प्रति बैग और एनपीके 12:32:16 का मूल्य 2250 रुपए प्रति बैग तय है। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इन निर्धारित मूल्यों से अधिक राशि वसूलना नियमों का उल्लंघन है और खाद वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसी भी शिकायत पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। कृषि अधिकारी मोहन महावार ने बताया कि दुकानों के अचानक बंद होने का तात्कालिक कारण सुबह एक व्यापारी व किसान के बीच हुई कहासुनी थी, जिसके बाद व्यापारियों ने नाराजगी में दुकानें बंद कर दी थीं। बाद में हुई एक बैठक में व्यापारियों को निर्देश दिए गए कि वे जमीन की नकल व आधार कार्ड दिखाने पर प्रत्येक किसान को डीएपी के 2 कट्टे उपलब्ध कराएं। इस कदम से किसानों की परेशानी कम होने और कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है।
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    छीपाबड़ौद कस्बे में शनिवार को खाद और बीज विक्रेताओं ने अचानक अपनी दुकानें बंद कर दीं, जिससे किसानों को खाद खरीदने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रधानमंत्री समृद्धि केंद्र और किसान खाद भंडार सहित कई दुकानें बंद रहीं, और किसान खाद खरीदने के लिए भटकते रहे। क्षेत्र में लंबे समय से खाद की कालाबाजारी, निर्धारित दरों से अधिक कीमत वसूलने और खाद के साथ अतिरिक्त फर्टिलाइजर बेचने की शिकायतें मिल रही थीं। किसान सरकार द्वारा तय दरों पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं, खासकर खरीफ सीजन की तैयारियों को देखते हुए खाद की उपलब्धता सुनिश्चित होना बेहद जरूरी है।

कृषि विभाग के अधिकारी ओपी मीणा ने बताया कि डीएपी खाद का निर्धारित मूल्य 1350 रुपए प्रति बैग और एनपीके 12:32:16 का मूल्य 2250 रुपए प्रति बैग तय है। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इन निर्धारित मूल्यों से अधिक राशि वसूलना नियमों का उल्लंघन है और खाद वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसी भी शिकायत पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। कृषि अधिकारी मोहन महावार ने बताया कि दुकानों के अचानक बंद होने का तात्कालिक कारण सुबह एक व्यापारी व किसान के बीच हुई कहासुनी थी, जिसके बाद व्यापारियों ने नाराजगी में दुकानें बंद कर दी थीं।

बाद में हुई एक बैठक में व्यापारियों को निर्देश दिए गए कि वे जमीन की नकल व आधार कार्ड दिखाने पर प्रत्येक किसान को डीएपी के 2 कट्टे उपलब्ध कराएं। इस कदम से किसानों की परेशानी कम होने और कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है।
    user_User10561
    User10561
    छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • यह पोस्ट माजीसा मां बालोतरा जसोल के प्रति गहरी भक्ति और असीम श्रद्धा को व्यक्त करती है। इसमें मां के प्रति हृदय से प्रणाम और स्नेह की भावना दर्शाई गई है।
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    यह पोस्ट माजीसा मां बालोतरा जसोल के प्रति गहरी भक्ति और असीम श्रद्धा को व्यक्त करती है। इसमें मां के प्रति हृदय से प्रणाम और स्नेह की भावना दर्शाई गई है।
    user_Tulsi Devi
    Tulsi Devi
    छबड़ा, बारां, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • बिशनखेड़ी में लक्ष्मीनाथ मंदिर की जमीन से जुड़ा विवाद गहरा गया है। इस मामले में महिलाओं ने भजन-कीर्तन करते हुए रास्ता अवरुद्ध कर दिया। विवाद को सुलझाने के लिए हुई बातचीत भी विफल रही, जिसके बाद से इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने जानकारी दी है कि आगामी आदेश मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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    बिशनखेड़ी में लक्ष्मीनाथ मंदिर की जमीन से जुड़ा विवाद गहरा गया है। इस मामले में महिलाओं ने भजन-कीर्तन करते हुए रास्ता अवरुद्ध कर दिया।

विवाद को सुलझाने के लिए हुई बातचीत भी विफल रही, जिसके बाद से इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने जानकारी दी है कि आगामी आदेश मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
    user_Pradeep Nagar
    Pradeep Nagar
    Local News Reporter खानपुर, झालावाड़, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक धरोहरों से समृद्ध झालावाड़ जिले में गागरोन दुर्ग आज भी सबसे प्रमुख पर्यटन पहचान बना हुआ है। देश-विदेश से पर्यटक इस विश्व प्रसिद्ध जलदुर्ग को देखने पहुंचते हैं, जिसकी स्थापत्य कला और ऐतिहासिक महत्व नदियों से घिरे होने के कारण इसे जिले के अन्य पर्यटन स्थलों से अलग पहचान दिलाता है। पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार, गागरोन दुर्ग झालावाड़ का सबसे चर्चित और सर्वाधिक आकर्षण वाला पर्यटन स्थल माना जाता है। इसकी मुख्य विशेषता यह है कि यह तीन ओर से जल से घिरा हुआ है, जिसके कारण इसे 'जलदुर्ग' की श्रेणी में शामिल किया गया है। यह स्थल ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। हालांकि झालरापाटन का सूर्य मंदिर, गढ़ पैलेस, चंद्रभागा मंदिर, भवानी नाट्यशाला और कोलवी की बौद्ध गुफाएं भी जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हैं, लेकिन लोकप्रियता और पहचान के मामले में गागरोन दुर्ग को जिले का नंबर-1 पर्यटन स्थल माना जाता है। पर्यटन से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि गागरोन दुर्ग के आसपास आधारभूत सुविधाओं और प्रचार-प्रसार को और बढ़ावा दिया जाए, तो यह स्थल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पर्यटकों को आकर्षित कर सकता है।
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    ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक धरोहरों से समृद्ध झालावाड़ जिले में गागरोन दुर्ग आज भी सबसे प्रमुख पर्यटन पहचान बना हुआ है। देश-विदेश से पर्यटक इस विश्व प्रसिद्ध जलदुर्ग को देखने पहुंचते हैं, जिसकी स्थापत्य कला और ऐतिहासिक महत्व नदियों से घिरे होने के कारण इसे जिले के अन्य पर्यटन स्थलों से अलग पहचान दिलाता है।

पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार, गागरोन दुर्ग झालावाड़ का सबसे चर्चित और सर्वाधिक आकर्षण वाला पर्यटन स्थल माना जाता है। इसकी मुख्य विशेषता यह है कि यह तीन ओर से जल से घिरा हुआ है, जिसके कारण इसे 'जलदुर्ग' की श्रेणी में शामिल किया गया है। यह स्थल ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है।

हालांकि झालरापाटन का सूर्य मंदिर, गढ़ पैलेस, चंद्रभागा मंदिर, भवानी नाट्यशाला और कोलवी की बौद्ध गुफाएं भी जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हैं, लेकिन लोकप्रियता और पहचान के मामले में गागरोन दुर्ग को जिले का नंबर-1 पर्यटन स्थल माना जाता है। पर्यटन से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि गागरोन दुर्ग के आसपास आधारभूत सुविधाओं और प्रचार-प्रसार को और बढ़ावा दिया जाए, तो यह स्थल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पर्यटकों को आकर्षित कर सकता है।
    user_Hadoti Khabar
    Hadoti Khabar
    Newspaper publisher खानपुर, झालावाड़, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • गुना पुलिस ने बजरंगगढ़ थाना क्षेत्र में हुई डीजल टैंकर लूट की घटना में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए मात्र 10 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, साथ ही लूटा गया डीजल टैंकर भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने लगभग ₹4 लाख रुपये मूल्य के इस डीजल टैंकर को प्रभावी तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी तक पहुँचकर बरामद किया। यह जानकारी 11 जून 2026 को बजरंगगढ़ थाने में फरियादी राजकुमार जाट (40 वर्ष, निवासी गोविंद गार्डन गुना) द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के आधार पर सामने आई। राजकुमार जाट ने बताया कि 11 जून 2026 की रात शनि मंदिर के पास स्थित मिट्टी की खदान के पास आरोपी नरेंद्र कुमार लोधी (निवासी ग्राम पटपुरा, जिला ललितपुर, उत्तर प्रदेश) ने उसे डरा-धमकाकर जबरन डीजल से भरा टैंकर क्रमांक MP08 GA 1222 छीन लिया था। इस रिपोर्ट पर बजरंगगढ़ थाने में अपराध क्रमांक 60/26 धारा 309(4) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए बजरंगगढ़ थाना पुलिस ने तत्काल आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की गतिविधियों का लगातार पीछा किया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पहले एलएंडटी कंपनी, बजरंगगढ़ में काम कर चुका था और क्षेत्र से भलीभांति परिचित था। पुलिस द्वारा लगातार की गई पतारसी एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर, आरोपी के भागने के संभावित मार्गों की पहचान की गई। जांच में पता चला कि आरोपी लूटे गए टैंकर को लेकर गुना, अशोकनगर, चंदेरी, राजघाट होते हुए अपने पैतृक गांव पटपुरा, जिला ललितपुर (उत्तर प्रदेश) पहुँच गया है। यह जानकारी मिलते ही बजरंगगढ़ थाने से एक पुलिस टीम तत्काल आरोपी के गांव के लिए रवाना हुई। पुलिस टीम ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए आरोपी नरेंद्र पुत्र मेहरवान लोधी (निवासी पटपुरा, जिला ललितपुर, उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से लूटा हुआ डीजल टैंकर क्रमांक MP08 GA 1222, जिसमें डीजल भी था, कुल अनुमानित मूल्य लगभग ₹4 लाख रुपये के साथ विधिवत जब्त किया गया। उल्लेखनीय है कि बरामद किया गया यह डीजल टैंकर प्रेम स्टोन बजरंगगढ़ के संचालक हरिसिंह जाट का था, जिसका उपयोग मिट्टी खदान क्षेत्र में कार्यरत डंपरों को डीजल आपूर्ति करने के लिए किया जा रहा था। गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल नेतृत्व में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन और सीएसपी गुना श्रीमती प्रियंका मिश्रा के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। बजरंगगढ़ थाना प्रभारी उपनिरीक्षक कृपाल सिंह परिहार, प्रधान आरक्षक राजेश शुक्ला, प्रधान आरक्षक दिलीप कलावत, आरक्षक महेश बंजारा, आरक्षक नवल किशोर, आरक्षक अभयराज रघुवंशी और साइबर सेल से आरक्षक कुलदीप यादव की इस सफल कार्यवाही में विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही है। गुना पुलिस ने दोहराया है कि वे संपत्ति संबंधी अपराधों, लूट, चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए निरंतर सतर्क एवं सक्रिय हैं, और आमजन की सुरक्षा व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भविष्य में भी इसी दृढ़ता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहेंगे।
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    गुना पुलिस ने बजरंगगढ़ थाना क्षेत्र में हुई डीजल टैंकर लूट की घटना में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए मात्र 10 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, साथ ही लूटा गया डीजल टैंकर भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने लगभग ₹4 लाख रुपये मूल्य के इस डीजल टैंकर को प्रभावी तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी तक पहुँचकर बरामद किया।

यह जानकारी 11 जून 2026 को बजरंगगढ़ थाने में फरियादी राजकुमार जाट (40 वर्ष, निवासी गोविंद गार्डन गुना) द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के आधार पर सामने आई। राजकुमार जाट ने बताया कि 11 जून 2026 की रात शनि मंदिर के पास स्थित मिट्टी की खदान के पास आरोपी नरेंद्र कुमार लोधी (निवासी ग्राम पटपुरा, जिला ललितपुर, उत्तर प्रदेश) ने उसे डरा-धमकाकर जबरन डीजल से भरा टैंकर क्रमांक MP08 GA 1222 छीन लिया था। इस रिपोर्ट पर बजरंगगढ़ थाने में अपराध क्रमांक 60/26 धारा 309(4) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी।

घटना की गंभीरता को देखते हुए बजरंगगढ़ थाना पुलिस ने तत्काल आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की गतिविधियों का लगातार पीछा किया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पहले एलएंडटी कंपनी, बजरंगगढ़ में काम कर चुका था और क्षेत्र से भलीभांति परिचित था। पुलिस द्वारा लगातार की गई पतारसी एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर, आरोपी के भागने के संभावित मार्गों की पहचान की गई। जांच में पता चला कि आरोपी लूटे गए टैंकर को लेकर गुना, अशोकनगर, चंदेरी, राजघाट होते हुए अपने पैतृक गांव पटपुरा, जिला ललितपुर (उत्तर प्रदेश) पहुँच गया है।

यह जानकारी मिलते ही बजरंगगढ़ थाने से एक पुलिस टीम तत्काल आरोपी के गांव के लिए रवाना हुई। पुलिस टीम ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए आरोपी नरेंद्र पुत्र मेहरवान लोधी (निवासी पटपुरा, जिला ललितपुर, उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से लूटा हुआ डीजल टैंकर क्रमांक MP08 GA 1222, जिसमें डीजल भी था, कुल अनुमानित मूल्य लगभग ₹4 लाख रुपये के साथ विधिवत जब्त किया गया। उल्लेखनीय है कि बरामद किया गया यह डीजल टैंकर प्रेम स्टोन बजरंगगढ़ के संचालक हरिसिंह जाट का था, जिसका उपयोग मिट्टी खदान क्षेत्र में कार्यरत डंपरों को डीजल आपूर्ति करने के लिए किया जा रहा था।

गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल नेतृत्व में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन और सीएसपी गुना श्रीमती प्रियंका मिश्रा के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। बजरंगगढ़ थाना प्रभारी उपनिरीक्षक कृपाल सिंह परिहार, प्रधान आरक्षक राजेश शुक्ला, प्रधान आरक्षक दिलीप कलावत, आरक्षक महेश बंजारा, आरक्षक नवल किशोर, आरक्षक अभयराज रघुवंशी और साइबर सेल से आरक्षक कुलदीप यादव की इस सफल कार्यवाही में विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही है। गुना पुलिस ने दोहराया है कि वे संपत्ति संबंधी अपराधों, लूट, चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए निरंतर सतर्क एवं सक्रिय हैं, और आमजन की सुरक्षा व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भविष्य में भी इसी दृढ़ता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहेंगे।
    user_Pradeep Sharma
    Pradeep Sharma
    Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • दिए गए विवरण के अनुसार, नाभि जातका प्रयोग का मुख्य उद्देश्य पूरे शरीर को मजबूत बनाने का अनुभव कराना है।
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    दिए गए विवरण के अनुसार, नाभि जातका प्रयोग का मुख्य उद्देश्य पूरे शरीर को मजबूत बनाने का अनुभव कराना है।
    user_Jagdish Chandra Sharma
    Jagdish Chandra Sharma
    Video Creator छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • सागोद-खानपुर मुख्य मार्ग की बेहद जर्जर हालत स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों के लिए लगातार परेशानी का सबब बनी हुई है। सड़क पर जगह-जगह मौजूद गहरे गड्ढे और उखड़ी हुई गिट्टियां यातायात में बड़ी बाधाएँ पैदा कर रही हैं। संबंधित विभाग द्वारा चार बार पैचवर्क कराए जाने के बावजूद सड़क की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है, जिसके कारण क्षेत्र के ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि सड़क की मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है, और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के चलते पैचवर्क कुछ ही दिनों में उखड़ जाता है। मेहंदडी निवासी चेतन शर्मा और धीरप वैष्णव ने बताया कि सड़क पर कई स्थानों पर नुकीली गिट्टियां और रोड बाहर निकल आए हैं, जिससे वाहनों के निचले हिस्से और चैम्बर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप वाहन चालकों को निरंतर आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। कंवरपुरा, बोहरा और जोलपा के ग्रामीणों ने यह भी जानकारी दी कि खराब सड़क के कारण इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। विशेषकर रात के समय मार्ग पर पर्याप्त रोशनी न होने से गहरे गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दुपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा और भी बढ़ जाता है। क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से तत्काल मांग की है कि केवल लीपापोती करने के बजाय, सड़क का नए सिरे से स्थायी और गुणवत्तापूर्ण निर्माण किया जाए। उनका कहना है कि यह कदम आवागमन को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
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    सागोद-खानपुर मुख्य मार्ग की बेहद जर्जर हालत स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों के लिए लगातार परेशानी का सबब बनी हुई है। सड़क पर जगह-जगह मौजूद गहरे गड्ढे और उखड़ी हुई गिट्टियां यातायात में बड़ी बाधाएँ पैदा कर रही हैं। संबंधित विभाग द्वारा चार बार पैचवर्क कराए जाने के बावजूद सड़क की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है, जिसके कारण क्षेत्र के ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश है।

ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि सड़क की मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है, और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के चलते पैचवर्क कुछ ही दिनों में उखड़ जाता है। मेहंदडी निवासी चेतन शर्मा और धीरप वैष्णव ने बताया कि सड़क पर कई स्थानों पर नुकीली गिट्टियां और रोड बाहर निकल आए हैं, जिससे वाहनों के निचले हिस्से और चैम्बर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप वाहन चालकों को निरंतर आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। कंवरपुरा, बोहरा और जोलपा के ग्रामीणों ने यह भी जानकारी दी कि खराब सड़क के कारण इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। विशेषकर रात के समय मार्ग पर पर्याप्त रोशनी न होने से गहरे गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दुपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा और भी बढ़ जाता है।

क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से तत्काल मांग की है कि केवल लीपापोती करने के बजाय, सड़क का नए सिरे से स्थायी और गुणवत्तापूर्ण निर्माण किया जाए। उनका कहना है कि यह कदम आवागमन को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
    user_खानपुर क्षेत्र खबर
    खानपुर क्षेत्र खबर
    Local News Reporter खानपुर, झालावाड़, राजस्थान•
    2 hrs ago
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