छीपाबड़ौद कस्बे में शनिवार को खाद और बीज विक्रेताओं ने अचानक अपनी दुकानें बंद कर दीं, जिससे किसानों को खाद खरीदने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रधानमंत्री समृद्धि केंद्र और किसान खाद भंडार सहित कई दुकानें बंद रहीं, और किसान खाद खरीदने के लिए भटकते रहे। क्षेत्र में लंबे समय से खाद की कालाबाजारी, निर्धारित दरों से अधिक कीमत वसूलने और खाद के साथ अतिरिक्त फर्टिलाइजर बेचने की शिकायतें मिल रही थीं। किसान सरकार द्वारा तय दरों पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं, खासकर खरीफ सीजन की तैयारियों को देखते हुए खाद की उपलब्धता सुनिश्चित होना बेहद जरूरी है। कृषि विभाग के अधिकारी ओपी मीणा ने बताया कि डीएपी खाद का निर्धारित मूल्य 1350 रुपए प्रति बैग और एनपीके 12:32:16 का मूल्य 2250 रुपए प्रति बैग तय है। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इन निर्धारित मूल्यों से अधिक राशि वसूलना नियमों का उल्लंघन है और खाद वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसी भी शिकायत पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। कृषि अधिकारी मोहन महावार ने बताया कि दुकानों के अचानक बंद होने का तात्कालिक कारण सुबह एक व्यापारी व किसान के बीच हुई कहासुनी थी, जिसके बाद व्यापारियों ने नाराजगी में दुकानें बंद कर दी थीं। बाद में हुई एक बैठक में व्यापारियों को निर्देश दिए गए कि वे जमीन की नकल व आधार कार्ड दिखाने पर प्रत्येक किसान को डीएपी के 2 कट्टे उपलब्ध कराएं। इस कदम से किसानों की परेशानी कम होने और कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है।
छीपाबड़ौद कस्बे में शनिवार को खाद और बीज विक्रेताओं ने अचानक अपनी दुकानें बंद कर दीं, जिससे किसानों को खाद खरीदने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रधानमंत्री समृद्धि केंद्र और किसान खाद भंडार सहित कई दुकानें बंद रहीं, और किसान खाद खरीदने के लिए भटकते रहे। क्षेत्र में लंबे समय से खाद की कालाबाजारी, निर्धारित दरों से अधिक कीमत वसूलने और खाद
के साथ अतिरिक्त फर्टिलाइजर बेचने की शिकायतें मिल रही थीं। किसान सरकार द्वारा तय दरों पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं, खासकर खरीफ सीजन की तैयारियों को देखते हुए खाद की उपलब्धता सुनिश्चित होना बेहद जरूरी है। कृषि विभाग के अधिकारी ओपी मीणा ने बताया कि डीएपी खाद का निर्धारित मूल्य 1350 रुपए प्रति बैग और एनपीके 12:32:16 का मूल्य 2250
रुपए प्रति बैग तय है। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इन निर्धारित मूल्यों से अधिक राशि वसूलना नियमों का उल्लंघन है और खाद वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसी भी शिकायत पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। कृषि अधिकारी मोहन महावार ने बताया कि दुकानों के अचानक बंद होने का तात्कालिक कारण सुबह एक व्यापारी व किसान के
बीच हुई कहासुनी थी, जिसके बाद व्यापारियों ने नाराजगी में दुकानें बंद कर दी थीं। बाद में हुई एक बैठक में व्यापारियों को निर्देश दिए गए कि वे जमीन की नकल व आधार कार्ड दिखाने पर प्रत्येक किसान को डीएपी के 2 कट्टे उपलब्ध कराएं। इस कदम से किसानों की परेशानी कम होने और कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है।
- खानपुर उपखण्ड के बिशनखेड़ी गांव में दो पक्षों के बीच सहमति न बन पाने के बाद, ग्रामीणों और खासकर गांव की महिलाओं ने विरोध का एक अनूठा तरीका अपनाया। किसी भी तरह की हिंसा या उग्र प्रदर्शन से दूर रहते हुए, उन्होंने सड़क पर बैठकर भजन-कीर्तन करना शुरू कर दिया। यह शांतिपूर्ण और अनूठा प्रदर्शन अब सोशल मीडिया और पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- गुना में कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने पुरानी गल्ला मंडी के साथ-साथ नानाखेड़ी खाद वितरण केंद्र पर प्रस्तावित नवीन सब्जी एवं फल मंडी का भी निरीक्षण कर वहाँ की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पुरानी गल्ला मंडी के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर कन्याल ने निर्माणाधीन सड़क का अवलोकन किया और उसे उच्च गुणवत्ता के साथ तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने मंडी परिसर स्थित पार्क को सुव्यवस्थित करने, पार्क क्षेत्र में पेवर्स ब्लॉक लगाने और अतिक्रमण संबंधी समस्याओं के समाधान हेतु मंडी सचिव को व्यापारियों के सहयोग से एक कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त, कलेक्टर ने एकलव्य विद्यालय के सामने स्थापित होने वाली प्रस्तावित नवीन सब्जी एवं फल मंडी स्थल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान सब्जी मंडी क्षेत्र में अत्यधिक भीड़भाड़ और यातायात का दबाव रहता है, जिसके कारण नई मंडी की आवश्यकता है। नवीन मंडी के लिए लगभग 3.25 हेक्टेयर (करीब 16 बीघा) भूमि उपलब्ध कराई गई है और इसका लेआउट प्लान तैयार हो चुका है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि इस नवीन मंडी के विकसित होने से वर्तमान मंडी क्षेत्र पर दबाव कम होगा, यातायात व्यवस्था में सुधार आएगा तथा किसानों, व्यापारियों एवं उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।2
- शाहाबाद उपखंड क्षेत्र में शुक्रवार को हुई तेज बरसात से मौसम में ठंडक आ गई, जिससे उमस और गर्मी से राहत मिली है। इस भारी बारिश के कारण शाहाबाद स्थित सिरसा नदी और छोटे-मोटे नालों में शुक्रवार देर शाम से पानी की आवक शुरू हो गई है, जिससे वे उफान पर आ गए हैं। नदी-नालों में पानी आने से कुओं का जलस्तर बढ़ने के साथ-साथ मवेशियों को भी पीने के पानी की समस्या नहीं रहेगी। गर्मियों के बाद पहली बार नदी में पानी आने से लोगों ने खुशी जाहिर की है, क्योंकि नदी में पानी नहीं होने के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि, नदी में पहली बार आए पानी के साथ सांप, बिच्छू एवं अन्य जंगली जीव-जंतु भी बहकर आ रहे हैं। इस तेज बरसात से नदी-नालों में आया उफान प्राकृतिक जल स्रोतों के जल स्तर को बढ़ाएगा।2
- राजस्थान शहरी सेवा शिविर 2026 के अंतर्गत, राज्य में अवैध कॉलोनियों के नियमन के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों का आयोजन राजस्थान भर में 12 जून से शुरू होकर 15 जून तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य अवैध कॉलोनियों को नियमित करना है।1
- सड़कों की खराब हालत पर चिंता व्यक्त की गई है, जहाँ हर जगह 'गड्ढे ही गड्ढे' नज़र आते हैं। जानकारी के अनुसार, 'हमारे चाइना रोड' (स्थानीय सड़कें) पास होने के बाद भी 2 से 4 साल तक उनका निर्माण शुरू नहीं हो पाता है। यह स्थिति, विशेष रूप से चाइना में सड़कों की कथित हालत से तुलना करते हुए, निराशाजनक बताई गई है, जहाँ भी सड़कें केवल गड्ढों से भरी हुई हैं। यह दिखाता है कि सड़कों के निर्माण में देरी और उनकी खराब गुणवत्ता एक बड़ी समस्या बनी हुई है।1
- छीपाबड़ौद स्थित स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियों के तहत समुद्र मंथन प्राणायाम का आयोजन किया गया।1
- झालावाड़ के खानपुर में क्रय-विक्रय सहकारी समिति द्वारा समर्थन मूल्य पर की गई गेहूं खरीद में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बालचंद मीणा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसडीएम रजत कुमार विजयवर्गीय को यह ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि समिति में गेहूं की खरीद, उसके भंडारण और किसानों को भुगतान करने की प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं। कांग्रेस नेताओं ने खराब एवं भीगे हुए गेहूं के भंडारण तथा किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिलने जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। ब्लॉक कांग्रेस ने इस पूरे प्रकरण की एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो), सीआईडी-सीबी अथवा एसआईटी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही, किसानों के लंबित भुगतान शीघ्र जारी करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की भी मांग रखी गई। इस दौरान पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष भवानीशंकर गुर्जर, कांग्रेस के नगर अध्यक्ष शिवम गुप्ता, पूर्व सरपंच रघु मालव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- शाहाबाद उपखंड के कस्बाथाना कस्बे में वीतरागी वैज्ञानिक संत आचार्य निर्भय सागर के शिष्य मुनि श्री 108 गुरुदत्त सागर अपने ससंघ के साथ सोमवार से विराजमान हैं। मुनिश्री प्रतिदिन प्रातःकाल मंदिर में अभिषेक करने के बाद उपस्थित भव्य जनों को जिनवाणी का रसास्वादन कराते हैं, जिसके बाद शांतिधारा का आयोजन किया जाता है। दोपहर में 4:00 बजे से 5:30 बजे तक वे जिनागम की शिक्षा देने के लिए कक्षा लेते हैं। सायंकाल 7:00 बजे से प्रवचन के साथ-साथ प्रश्न मंच का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाता है, जिसमें सही उत्तर देने वालों को पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। आज की आहारचर्या का सौभाग्य श्रावक श्रेष्ठी पदमचंद जैन और विपिन कुमार जैन के परिवार को प्राप्त हुआ। क्षेत्र के जैन धर्मावलंबियों से आह्वान किया गया है कि वे समय-समय पर मंदिर में उपस्थित होकर मुनिश्री का आशीर्वाद और धर्म लाभ प्राप्त करें। दिगंबर जैन संत गुरुदत्त सागर की आहारचर्या संपन्न होने के साथ ही अभिषेक, शांतिधारा और प्रवचनों का आयोजन जारी है।4
- झालावाड़ के पनवाड़ क्षेत्र के बिशनखेड़ी गांव में स्थित लक्ष्मीनाथ मंदिर से जुड़ा एक पुराना विवाद आज एक बड़े टकराव में बदल गया। इस मंदिर की 30 बीघा कीमती जमीन और उसके मालिकाना हक को लेकर ग्रामीण और पुजारी पक्ष के बीच लंबे समय से गतिरोध बना हुआ था। ग्रामीण इस जर्जर हो चुके प्राचीन मंदिर का नवनिर्माण कराना चाहते हैं, लेकिन पुजारी पक्ष इसका विरोध कर रहा है। इस मामले को लेकर प्रशासन के साथ हुई सुलह की बातचीत भी पहले विफल रही थी। आज उस वक्त माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया, जब प्रशासन और पुलिस की टीम पुजारी के पक्ष में जमीन पर कब्ज़ा दिलाने के लिए मौके पर पहुंची। इस कार्रवाई से नाराज़ ग्रामीणों ने प्रशासन का खुलकर विरोध किया और उनके आमने-सामने आ गए। हालात पर काबू पाने के प्रयासों के तहत मौके पर एडिशनल एसपी और भारी पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है।1