झालावाड़ के खानपुर में क्रय-विक्रय सहकारी समिति द्वारा समर्थन मूल्य पर की गई गेहूं खरीद में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बालचंद मीणा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसडीएम रजत कुमार विजयवर्गीय को यह ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि समिति में गेहूं की खरीद, उसके भंडारण और किसानों को भुगतान करने की प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं। कांग्रेस नेताओं ने खराब एवं भीगे हुए गेहूं के भंडारण तथा किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिलने जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। ब्लॉक कांग्रेस ने इस पूरे प्रकरण की एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो), सीआईडी-सीबी अथवा एसआईटी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही, किसानों के लंबित भुगतान शीघ्र जारी करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की भी मांग रखी गई। इस दौरान पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष भवानीशंकर गुर्जर, कांग्रेस के नगर अध्यक्ष शिवम गुप्ता, पूर्व सरपंच रघु मालव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
झालावाड़ के खानपुर में क्रय-विक्रय सहकारी समिति द्वारा समर्थन मूल्य पर की गई गेहूं खरीद में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बालचंद मीणा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसडीएम रजत कुमार विजयवर्गीय को यह ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि समिति में गेहूं की खरीद, उसके भंडारण और किसानों को भुगतान करने की प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं। कांग्रेस नेताओं ने खराब एवं भीगे हुए गेहूं के भंडारण तथा किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिलने जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। ब्लॉक कांग्रेस ने इस पूरे प्रकरण की एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो), सीआईडी-सीबी अथवा एसआईटी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही, किसानों के लंबित भुगतान शीघ्र जारी करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की भी मांग रखी गई। इस दौरान पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष भवानीशंकर गुर्जर, कांग्रेस के नगर अध्यक्ष शिवम गुप्ता, पूर्व सरपंच रघु मालव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- बिशनखेड़ी में लक्ष्मीनाथ मंदिर की जमीन से जुड़ा विवाद गहरा गया है। इस मामले में महिलाओं ने भजन-कीर्तन करते हुए रास्ता अवरुद्ध कर दिया। विवाद को सुलझाने के लिए हुई बातचीत भी विफल रही, जिसके बाद से इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने जानकारी दी है कि आगामी आदेश मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।1
- ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक धरोहरों से समृद्ध झालावाड़ जिले में गागरोन दुर्ग आज भी सबसे प्रमुख पर्यटन पहचान बना हुआ है। देश-विदेश से पर्यटक इस विश्व प्रसिद्ध जलदुर्ग को देखने पहुंचते हैं, जिसकी स्थापत्य कला और ऐतिहासिक महत्व नदियों से घिरे होने के कारण इसे जिले के अन्य पर्यटन स्थलों से अलग पहचान दिलाता है। पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार, गागरोन दुर्ग झालावाड़ का सबसे चर्चित और सर्वाधिक आकर्षण वाला पर्यटन स्थल माना जाता है। इसकी मुख्य विशेषता यह है कि यह तीन ओर से जल से घिरा हुआ है, जिसके कारण इसे 'जलदुर्ग' की श्रेणी में शामिल किया गया है। यह स्थल ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। हालांकि झालरापाटन का सूर्य मंदिर, गढ़ पैलेस, चंद्रभागा मंदिर, भवानी नाट्यशाला और कोलवी की बौद्ध गुफाएं भी जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हैं, लेकिन लोकप्रियता और पहचान के मामले में गागरोन दुर्ग को जिले का नंबर-1 पर्यटन स्थल माना जाता है। पर्यटन से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि गागरोन दुर्ग के आसपास आधारभूत सुविधाओं और प्रचार-प्रसार को और बढ़ावा दिया जाए, तो यह स्थल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पर्यटकों को आकर्षित कर सकता है।1
- लाखों-करोड़ों रुपये के एक बड़े घोटाले का मामला सामने आया है, जिसे देखकर लोग हैरान रह जाएंगे। बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में सभी कार्य सिर्फ कागजों पर ही निपटाए गए हैं, जबकि असल में कोई धरातलीय काम नहीं हुआ है।1
- मूल पाठ में 'नाभि झटका प्रयोग' का उल्लेख किया गया है।1
- छीपाबड़ौद कस्बे में शनिवार को खाद और बीज विक्रेताओं ने अचानक अपनी दुकानें बंद कर दीं, जिससे किसानों को खाद खरीदने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रधानमंत्री समृद्धि केंद्र और किसान खाद भंडार सहित कई दुकानें बंद रहीं, और किसान खाद खरीदने के लिए भटकते रहे। क्षेत्र में लंबे समय से खाद की कालाबाजारी, निर्धारित दरों से अधिक कीमत वसूलने और खाद के साथ अतिरिक्त फर्टिलाइजर बेचने की शिकायतें मिल रही थीं। किसान सरकार द्वारा तय दरों पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं, खासकर खरीफ सीजन की तैयारियों को देखते हुए खाद की उपलब्धता सुनिश्चित होना बेहद जरूरी है। कृषि विभाग के अधिकारी ओपी मीणा ने बताया कि डीएपी खाद का निर्धारित मूल्य 1350 रुपए प्रति बैग और एनपीके 12:32:16 का मूल्य 2250 रुपए प्रति बैग तय है। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इन निर्धारित मूल्यों से अधिक राशि वसूलना नियमों का उल्लंघन है और खाद वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसी भी शिकायत पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। कृषि अधिकारी मोहन महावार ने बताया कि दुकानों के अचानक बंद होने का तात्कालिक कारण सुबह एक व्यापारी व किसान के बीच हुई कहासुनी थी, जिसके बाद व्यापारियों ने नाराजगी में दुकानें बंद कर दी थीं। बाद में हुई एक बैठक में व्यापारियों को निर्देश दिए गए कि वे जमीन की नकल व आधार कार्ड दिखाने पर प्रत्येक किसान को डीएपी के 2 कट्टे उपलब्ध कराएं। इस कदम से किसानों की परेशानी कम होने और कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है।4
- शाहाबाद उपखंड क्षेत्र में शुक्रवार को हुई तेज बरसात से मौसम में ठंडक आ गई, जिससे उमस और गर्मी से राहत मिली है। इस भारी बारिश के कारण शाहाबाद स्थित सिरसा नदी और छोटे-मोटे नालों में शुक्रवार देर शाम से पानी की आवक शुरू हो गई है, जिससे वे उफान पर आ गए हैं। नदी-नालों में पानी आने से कुओं का जलस्तर बढ़ने के साथ-साथ मवेशियों को भी पीने के पानी की समस्या नहीं रहेगी। गर्मियों के बाद पहली बार नदी में पानी आने से लोगों ने खुशी जाहिर की है, क्योंकि नदी में पानी नहीं होने के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि, नदी में पहली बार आए पानी के साथ सांप, बिच्छू एवं अन्य जंगली जीव-जंतु भी बहकर आ रहे हैं। इस तेज बरसात से नदी-नालों में आया उफान प्राकृतिक जल स्रोतों के जल स्तर को बढ़ाएगा।2
- खानपुर उपखण्ड के बिशनखेड़ी गांव में दो पक्षों के बीच सहमति न बन पाने के बाद, ग्रामीणों और खासकर गांव की महिलाओं ने विरोध का एक अनूठा तरीका अपनाया। किसी भी तरह की हिंसा या उग्र प्रदर्शन से दूर रहते हुए, उन्होंने सड़क पर बैठकर भजन-कीर्तन करना शुरू कर दिया। यह शांतिपूर्ण और अनूठा प्रदर्शन अब सोशल मीडिया और पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- सागोद-खानपुर मुख्य मार्ग की बेहद जर्जर हालत स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों के लिए लगातार परेशानी का सबब बनी हुई है। सड़क पर जगह-जगह मौजूद गहरे गड्ढे और उखड़ी हुई गिट्टियां यातायात में बड़ी बाधाएँ पैदा कर रही हैं। संबंधित विभाग द्वारा चार बार पैचवर्क कराए जाने के बावजूद सड़क की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है, जिसके कारण क्षेत्र के ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि सड़क की मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है, और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के चलते पैचवर्क कुछ ही दिनों में उखड़ जाता है। मेहंदडी निवासी चेतन शर्मा और धीरप वैष्णव ने बताया कि सड़क पर कई स्थानों पर नुकीली गिट्टियां और रोड बाहर निकल आए हैं, जिससे वाहनों के निचले हिस्से और चैम्बर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप वाहन चालकों को निरंतर आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। कंवरपुरा, बोहरा और जोलपा के ग्रामीणों ने यह भी जानकारी दी कि खराब सड़क के कारण इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। विशेषकर रात के समय मार्ग पर पर्याप्त रोशनी न होने से गहरे गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दुपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा और भी बढ़ जाता है। क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से तत्काल मांग की है कि केवल लीपापोती करने के बजाय, सड़क का नए सिरे से स्थायी और गुणवत्तापूर्ण निर्माण किया जाए। उनका कहना है कि यह कदम आवागमन को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।2