आज भी यहां जिंदगी पानी के लिए तरस रही है. नही आज भी इस गांव मे विकास बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड का झालबासा गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से कोसों दूर है.जहां एक ओर देश में विकास और योजनाओं की बातें हो रही हैं, वहीं इस गांव की हकीकत झकझोर देने वाली है, यहां के ग्रामीण आज भी स्वच्छ पेयजल के लिए संघर्ष कर रहे हैं. गांव में एक भी हैंडपंप नहीं, न ही किसी प्रकार की स्वच्छ जल व्यवस्था. मजबूरी में लोग नदी-नालों का पानी पीने को विवश हैं, हमेशा स्वास्थ्य खराब होने की डर,हालात इतने खराब हैं कि ग्रामीण कपड़े से छानकर गंदा पानी पीते हैं, और गर्मी व बरसात के दिनों में यही पानी लाल और दूषित हो जाता है, ग्रामीण बताते हैं कि वे नदी में “चुआं” बनाकर पानी निकालते हैं और उसी से अपनी प्यास बुझाते हैं, और अपना घर का खाना पकाने में भी उपयोग करते हैं, यह नजारा न केवल चौंकाने वाला है बल्कि व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है, विओ01.. जल जीवन मिशन अधूरा दो साल पहले गांव में जल जीवन मिशन के तहत काम शुरू हुआ था. ग्रामीणों ने उम्मीद लगाई थी कि अब उन्हें साफ पानी मिलेगा, लेकिन आज तक निर्माण अधूरा पड़ा है. सपने टूट चुके हैं, और हालात जस के तस हैं। शिक्षा भी दूर गांव में शिक्षा की स्थिति भी बेहद खराब है. बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर-दराज जाना पड़ता है.छोटे-छोटे बच्चे कई किलोमीटर पैदल चलकर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं. विओ. 02 लगभग इस गांव की जनसंख्या की माने तो दो से अढाइ सौ तक की आबादी और डेढ़ सौ से ऊपर वोटर भी हैं , फिर भी उपेक्षा करीब 250 की आबादी वाले इस गांव में आज तक विकास की कोई ठोस किरण नहीं पहुंच पाई है..न पानी, न शिक्षा, न अन्य मूलभूत सुविधाएं. ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अधिकारियों को समस्या बताई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.. उन्होंने जल्द से जल्द स्वच्छ पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करने की मांग कर रहे है. की विकास की किरण इस गांव तक कब पुहुचेगा.
आज भी यहां जिंदगी पानी के लिए तरस रही है. नही आज भी इस गांव मे विकास बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड का झालबासा गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से कोसों दूर है.जहां एक ओर देश में विकास और योजनाओं की बातें हो रही हैं, वहीं इस गांव की हकीकत झकझोर देने वाली है, यहां के ग्रामीण आज भी स्वच्छ पेयजल के लिए संघर्ष कर रहे हैं. गांव में एक भी हैंडपंप नहीं, न ही किसी प्रकार की स्वच्छ जल व्यवस्था. मजबूरी में लोग नदी-नालों का पानी पीने को विवश हैं, हमेशा स्वास्थ्य खराब होने की डर,हालात इतने खराब हैं कि ग्रामीण कपड़े से छानकर गंदा पानी पीते हैं, और गर्मी व बरसात के दिनों में यही पानी लाल और दूषित हो जाता है, ग्रामीण बताते हैं कि वे नदी में “चुआं” बनाकर पानी निकालते हैं और उसी से अपनी प्यास बुझाते हैं, और अपना घर का खाना पकाने में भी उपयोग करते हैं, यह नजारा न केवल चौंकाने वाला है बल्कि व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है, विओ01.. जल जीवन मिशन अधूरा दो साल पहले गांव में जल जीवन मिशन के तहत काम शुरू हुआ था. ग्रामीणों ने उम्मीद लगाई थी कि अब उन्हें साफ पानी मिलेगा, लेकिन आज तक निर्माण अधूरा पड़ा है. सपने टूट चुके हैं, और हालात जस के तस हैं। शिक्षा भी दूर गांव में शिक्षा की स्थिति भी बेहद खराब है. बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर-दराज जाना पड़ता है.छोटे-छोटे बच्चे कई किलोमीटर पैदल चलकर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं. विओ. 02 लगभग इस गांव की जनसंख्या की माने तो दो से अढाइ सौ तक की आबादी और डेढ़ सौ से ऊपर वोटर भी हैं , फिर भी उपेक्षा करीब 250 की आबादी वाले इस गांव में आज तक विकास की कोई ठोस किरण नहीं पहुंच पाई है..न पानी, न शिक्षा, न अन्य मूलभूत सुविधाएं. ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अधिकारियों को समस्या बताई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.. उन्होंने जल्द से जल्द स्वच्छ पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करने की मांग कर रहे है. की विकास की किरण इस गांव तक कब पुहुचेगा.
- वाड्रफनगर में ज्वेलरी शॉप में चोरी के मामले में बलरामपुर पुलिस की जांच जारी1
- बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड का झालबासा गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से कोसों दूर है.जहां एक ओर देश में विकास और योजनाओं की बातें हो रही हैं, वहीं इस गांव की हकीकत झकझोर देने वाली है, यहां के ग्रामीण आज भी स्वच्छ पेयजल के लिए संघर्ष कर रहे हैं. गांव में एक भी हैंडपंप नहीं, न ही किसी प्रकार की स्वच्छ जल व्यवस्था. मजबूरी में लोग नदी-नालों का पानी पीने को विवश हैं, हमेशा स्वास्थ्य खराब होने की डर,हालात इतने खराब हैं कि ग्रामीण कपड़े से छानकर गंदा पानी पीते हैं, और गर्मी व बरसात के दिनों में यही पानी लाल और दूषित हो जाता है, ग्रामीण बताते हैं कि वे नदी में “चुआं” बनाकर पानी निकालते हैं और उसी से अपनी प्यास बुझाते हैं, और अपना घर का खाना पकाने में भी उपयोग करते हैं, यह नजारा न केवल चौंकाने वाला है बल्कि व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है, विओ01.. जल जीवन मिशन अधूरा दो साल पहले गांव में जल जीवन मिशन के तहत काम शुरू हुआ था. ग्रामीणों ने उम्मीद लगाई थी कि अब उन्हें साफ पानी मिलेगा, लेकिन आज तक निर्माण अधूरा पड़ा है. सपने टूट चुके हैं, और हालात जस के तस हैं। शिक्षा भी दूर गांव में शिक्षा की स्थिति भी बेहद खराब है. बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर-दराज जाना पड़ता है.छोटे-छोटे बच्चे कई किलोमीटर पैदल चलकर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं. विओ. 02 लगभग इस गांव की जनसंख्या की माने तो दो से अढाइ सौ तक की आबादी और डेढ़ सौ से ऊपर वोटर भी हैं , फिर भी उपेक्षा करीब 250 की आबादी वाले इस गांव में आज तक विकास की कोई ठोस किरण नहीं पहुंच पाई है..न पानी, न शिक्षा, न अन्य मूलभूत सुविधाएं. ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अधिकारियों को समस्या बताई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.. उन्होंने जल्द से जल्द स्वच्छ पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करने की मांग कर रहे है. की विकास की किरण इस गांव तक कब पुहुचेगा.1
- बलरामपुर: जिले के सनवाल थाना क्षेत्र से सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ बच्चा चोरी के संदेह में उग्र भीड़ ने एक युवक की जमकर धुनाई कर दी। मौके पर पहुँची पुलिस को भी भारी विरोध और झूमा-झटकी का सामना करना पड़ा। बलरामपुर जिले के सनवाल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला बरवाही गांव। ग्रामीणों को युवक पर बच्चा चोर होने का संदेह था, जिसके बाद देखते ही देखते भारी संख्या में भीड़ जमा हो गई। भीड़ इतनी उग्र थी कि बीच-बचाव करने पहुंची पुलिस टीम के साथ भी धक्का-मुक्की और झूमा-झटकी हुई। पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने युवक को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर हिरासत में ले लिया है। फिलहाल युवक से कड़ी पूछताछ की जा रही है। सनवाल थाना पुलिस मामले की जांच और विवेचना में जुट गई है। युवक कौन है और वहां क्यों आया था, इसका खुलासा पूछताछ के बाद ही होगा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कानून हाथ में न लें और अफवाहों पर ध्यान न दें।1
- Post by Sunil singh1
- महुआडांड़ के चटकपुर में महुराम झंडा मिलन स्थल पर उमड़ा आस्था का महासैलाब 200 वर्षों पुरानी परंपरा का भव्य निर्वहन, 16 गांवों के हजारों रामभक्त हुए शामिल रामप्रवेश गुप्ता महुआडांड़ प्रखंड के चटकपुर स्थित ऐतिहासिक महुराम झंडा मिलन स्थल पर शुक्रवार को आस्था, परंपरा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। लगभग 200 वर्षों से चली आ रही इस गौरवशाली परंपरा के तहत पश्चिमी क्षेत्र के 16 गांवों से हजारों रामभक्त महावीरी झंडों के साथ यहां पहुंचे और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार झंडा मिलन का आयोजन किया गया। करीब 5.40 एकड़ में फैले विशाल मैदान में जब हजारों श्रद्धालुओं ने एक साथ “जय श्री राम” का उद्घोष किया, तो पूरा इलाका भक्तिमय माहौल से गूंज उठा। महावीरी झंडों के मिलान के साथ ही श्रद्धालुओं ने भक्ति, उत्साह और एकता का परिचय दिया। पीढ़ियों से निभाई जा रही है परंपरा महुराम झंडा मिलन स्थल का क्षेत्र के हिंदू समाज से सदियों पुराना रिश्ता है। यहां चटकपुर, मेढ़ाड़ी, चिकनीकोना, जोरी, काठो, पारही नावाटोली, गांजाटोली, चैनपुर, गोठगांव, लोध, उरम्बी, परेवा, मिर्गी, तेवाही, हामी और असनारी गांव के लोग पीढ़ी-दर-पीढ़ी जुटते आ रहे हैं। रामनवमी के अवसर पर झंडा मिलन और दुर्गा पूजा के दौरान नीलकंठ पक्षी के दर्शन के बाद बड़ों का आशीर्वाद लेने की परंपरा आज भी पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ निभाई जा रही है। शौर्य प्रदर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां इसके साथ ही विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई, जिसने माहौल को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया। आयोजन से पूर्व पश्चिमी हिंदू महासभा के बैनर तले “जय सीता राम जय जय, जय जय सीताराम” के अखंड कीर्तन का आयोजन किया गया, जिससे पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक वातावरण में डूब गया। आयोजन को सफल बनाने में इनकी रही अहम भूमिका इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में पश्चिमी हिंदू महासभा के अध्यक्ष रामदत्त प्रसाद, नरेंद्र कुमार सिंह, चटकपुर समाज के अध्यक्ष शत्रुघ्न प्रसाद, देवनारायण प्रसाद, सुभाष प्रसाद, रामपुकार प्रसाद, रामजी, ललकु लोहरा, विश्वनाथ राम, सत्येंद्र सिंह, दीपेंद्र नाथ शाह, चन्द्रशेखर प्रसाद, कपिलदेव प्रसाद, रामखेलावन नगेशिया, जितेंद्र खेरवार, अमृत राम, बद्रीनाथ प्रसाद, उमाकांत प्रसाद, शंकर प्रसाद, रामनन्दन प्रसाद, महेन्द्र प्रसाद, उमेश कुमार तथा राहुल कुमार की भूमिका सराहनीय रही। ग्रामीणों ने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि गांवों की एकता, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का प्रतीक है।4
- सुंदर, लाजबाब प्रदर्शन किया गया l जो आप वीडियो के माध्यम से देख सकते हैं l1
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ 🚨 📰 घंघरी पंचायत में भारी अव्यवस्था, गंदगी से त्रस्त ग्रामीण — सरपंच पर गंभीर आरोप 📍 अंबिकापुर, सरगुजा जनपद पंचायत अंबिकापुर के ग्राम पंचायत घंघरी के वार्ड क्रमांक 1 से बड़ी खबर सामने आ रही है। वार्ड में कई महीनों से नालियों की सफाई नहीं होने के कारण चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों ने सरपंच पर आरोप लगाया है कि वार्ड में लगे बिजली खंभों की लाइट हटवा दी गई है, जिससे रात के समय पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है और लोगों को असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। 👉 वहीं, घंघरी के जंगल में डेरा डाले हाथियों के झुंड से ग्रामीण दहशत में हैं। 👉 पेयजल संकट भी गहराया हुआ है, लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। 👉 कई पात्र हितग्राहियों को आज तक इंदिरा आवास योजना का लाभ नहीं मिला — सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। 🎤 ग्राउंड रिपोर्ट: हिमांशु राज 📰 MD News, अंबिकापुर 📞 78058380764
- यातायात नियमों का करें पालन,बलरामपुर यातयात विभाग के प्रभारी ने की मीडिया से बातचीत1