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गोविंद सिंह डोटासरा का भाजपा सरकार पर तीखा हमला, बोले— "अगर मैं दोषी था तो अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया #CityCablenewsjaipur #GovindSinghDotasra #Dotasra #Congress #BJP RajasthanPolitics Rajasthan PoliticalNews BreakingNews Jaipur
Pawan sharma
गोविंद सिंह डोटासरा का भाजपा सरकार पर तीखा हमला, बोले— "अगर मैं दोषी था तो अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया #CityCablenewsjaipur #GovindSinghDotasra #Dotasra #Congress #BJP RajasthanPolitics Rajasthan PoliticalNews BreakingNews Jaipur
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- "सख्त कानून बनाम सुस्त न्याय: क्यों कड़े प्रावधानों के बावजूद भारत में नहीं थम रहे भ्रष्टाचार, बलात्कार और पेपर लीक के मामले?" "जब तक शीर्ष पर नहीं चलेगा चाबुक, तब तक नीचे नहीं रुकेगा भ्रष्टाचार: नेताओं और अफसरों के लिए सिर्फ दो सजाएं—मौत या उम्रकैद!" "सिस्टम को दीमक की तरह चाट रहे भ्रष्टाचारियों का एक ही इलाज—जेल की सलाखें या सीधा मृत्युदंड।" "नेताओं के रसूख पर कब लगेगा कानून का पहरा? कागजी कड़ाई छोड़ अब चीनी मॉडल अपनाने का वक्त।" "तारीख पर तारीख का खेल बंद हो: भ्रष्ट नेताओं की जांच 6 महीने में पूरी कर आजीवन चुनाव लड़ने पर लगे बैन।" "लाखों युवाओं का भविष्य बेचने वाले पेपर लीक माफिया और भ्रष्ट नेताओं को देशद्रोही घोषित कर मिले फांसी की सजा।" "जनता के टैक्स पर ऐश करने वाले सफेदपोश अपराधियों की संपत्ति तुरंत हो कुर्क; तभी थमेगी रिश्वतखोरी।" "चुनावी चंदे की गुप्त तिजोरियां बंद करो: जब तक राजनीतिक फंडिंग पारदर्शी नहीं, तब तक भ्रष्टाचार मुक्त भारत नामुमकिन।" "स्वतंत्र हो जांच एजेंसियां, न हो सत्ता का दबाव; तभी सलाखों के पीछे जाएंगे देश को लूटने वाले बड़े मगरमच्छ।" यह रिपोर्ट दुनिया के सबसे कठोर कानून वाले देशों और भारत के बीच अपराध नियंत्रण की प्रभावशीलता की तुलना करती है। विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि केवल "कानून का कड़ा होना" अपराध रोकने की गारंटी नहीं है, बल्कि "सजा मिलने की रफ्तार (त्वरित न्याय)" और "कानून का बिना भेदभाव के लागू होना" सबसे ज्यादा मायने रखता है।भारत में हाल के वर्षों में (विशेषकर नए भारतीय न्याय संहिता और एंटी-पेपर लीक कानून 2026 के बाद) सजा के प्रावधान तो बेहद सख्त कर दिए गए हैं, लेकिन जांच एजेंसियों की सुस्ती, प्रशासनिक खामियों और अदालती मुकदमों में लगने वाले सालों-साल के समय के कारण अपराधी कानून के खौफ से बचे रहते हैं। भ्रष्टाचार (Corruption)भारत की स्थिति: भारत में भ्रष्टाचार विरोधी कई सख्त कानून और एजेंसियां (CBI, ED) मौजूद हैं। इसके बावजूद प्रशासनिक और निचले स्तर पर रिश्वतखोरी एक बड़ी समस्या है। 'करप्शन पर्सेप्शन्स इंडेक्स' में भारत 91वें स्थान पर है, जो व्यवस्था में कमियों को दर्शाता है।सख्त देशों की स्थिति: चीन और उत्तर कोरिया में भ्रष्टाचार साबित होने पर मंत्रियों तक को सीधे गोली मार दी जाती है या जहरीला इंजेक्शन दिया जाता है। इस जानलेवा खौफ के कारण वहां सार्वजनिक क्षेत्रों में खुलेआम रिश्वतखोरी करने की हिम्मत बेहद कम लोग कर पाते हैं। बलात्कार और महिला उत्पीड़न (Rape & Sexual Assault)भारत की स्थिति: भारत में बलात्कार के मामलों में कड़े कानून और फासी तक की सजा है। परंतु, अदालतों में लंबित करोड़ों मुकदमों (Judicial Pendency) के कारण पीड़ितों को न्याय मिलने में कई साल लग जाते हैं, जिससे अपराधियों में तुरंत सजा पाने का डर खत्म हो जाता है।सख्त देशों की स्थिति: सऊदी अरब और ईरान में शरिया कानून के तहत कुछ ही हफ्तों या महीनों के भीतर सरेआम सिर कलम करने या फांसी देने का प्रावधान है। निष्कर्ष: भारत का कानून कहाँ कमजोर साबित हो रहा है?भारत का कानून कागजी तौर पर कमजोर नहीं है, बल्कि इसकी कमजोरी इसके क्रियान्वयन (Implementation) और न्याय की गति में है:धीमी न्याय प्रक्रिया: भारत में 'तारीख पर तारीख' की संस्कृति के कारण एक अपराधी को अंतिम सजा होने में 10 से 15 साल लग जाते हैं। तब तक वह जमानत पर बाहर घूमता है।जांच में तकनीकी और वैज्ञानिक कमियों का होना: पुलिस और जांच एजेंसियों के पास आधुनिक फॉरेंसिक टूल्स और पर्याप्त स्टाफ की कमी है, जिससे कोर्ट में पुख्ता सबूत पेश नहीं हो पाते और अपराधी बच निकलते हैं।सिस्टम का राजनीतिकरण: कई बार रसूखदार नेताओं, अभिनेताओं या बड़े अधिकारियों को राजनीतिक संरक्षण मिल जाता है, जिससे कानून उन तक पहुंचने से पहले ही कमजोर पड़ जाता है।1
- *हरे-भरे सावन के स्वागत में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का विशाल परिसर भी हरे-हरे परिधान में सज धज कर तैयार *हरे-भरे सावन के स्वागत में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का विशाल परिसर भी हरे-हरे परिधान में सज धज कर तैयार है। उल्लेखनीय है कि श्रावण मास में झूला मेला के लिए अयोध्या धाम को पूरे संसार में जाना जाता है।*1
- गोविंद सिंह डोटासरा का भाजपा सरकार पर तीखा हमला, बोले— "अगर मैं दोषी था तो अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया #CityCablenewsjaipur #GovindSinghDotasra #Dotasra #Congress #BJP RajasthanPolitics Rajasthan PoliticalNews BreakingNews Jaipur1
- "अपनी-अपनी आस्था, अपनी-अपनी सोच..." 🙏 राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की धर्मपत्नी गीता शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वे बृज क्षेत्र में साधु-संतों को भोजन कराने के बाद उनकी जूठी पत्तलें स्वयं उठाती हुई दिखाई दे रही हैं। कई लोग इसे सेवा, विनम्रता और भारतीय संस्कृति का सुंदर उदाहरण बता रहे हैं, तो कुछ इसे अलग नजरिए से भी देख रहे हैं। आस्था और सेवा का मूल्यांकन हर व्यक्ति अपनी सोच के अनुसार करता है। आप इस दृश्य को किस नजरिए से देखते हैं? क्या यह सादगी और सेवा का संदेश है, या आपकी कोई अलग राय है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए। 🙏 "सेवा का मार्ग वही चुनता है, जिसके मन में अहंकार नहीं, संस्कार होते हैं।"1
- चतुर्थ श्रेणी भर्ती 2024 में 1 वर्ष की वेटिंग लिस्ट लागू करने की मांग, रिक्त पदों पर प्रतीक्षा सूची से हो नियुक्तिः देवेंद्र शर्मा जयपुर। युवा रोजगार अधिकार संघ के अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा ने राजस्थान सरकार से चतुर्थ श्रेणी भर्ती 2024 में 1 वर्ष की वेटिंग लिस्ट लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कार्मिक विभाग द्वारा 4 जून 2026 को जारी परिपत्र के अनुसार अंतिम चयन सूची जारी होने के एक वर्ष के भीतर यदि कोई चयनित अभ्यर्थी कार्यग्रहण नहीं करता, त्यागपत्र देता है, मृत्यु हो जाती है या किसी अन्य कारण से पद रिक्त होता है, तो ऐसे पदों को वर्गवार प्रतीक्षा सूची से भरा जाना चाहिए। देवेंद्र शर्मा ने कहा कि यही नियम चतुर्थ श्रेणी भर्ती 2024 सहित अन्य भर्ती प्रक्रियाओं में भी तत्काल प्रभाव से लागू किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि इस भर्ती में भी कई पद जॉइनिंग नहीं होने, त्यागपुत्र या अन्य कारणों से रिक्त हो सकते हैं। ऐसे पदों को दोबारा भर्ती निकालने के बजाय प्रतीक्षा सूची में शामिल योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति देना अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और प्रशासनिक रूप से बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि सरकार अपने परिपत्र में स्वयं स्वीकार कर चुकी है कि प्रतीक्षा सूची से रिक्त पद भरने से सरकारी कार्यों की निरंतरता बनी रहती है और भर्ती प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं होता। ऐसे में चतुर्थ श्रेणी भर्ती 2024 के अभ्यर्थियों को भी समान अवसर मिलना चाहिए।1
- 🚨 BREAKING NEWS | #JustJaipurLive24x7 ⚖️ क्या कानून सबके लिए एक समान है? 🚌 सरकारी बसों पर बड़े-बड़े Advertisement... 🚗 लेकिन अगर कोई आम नागरिक अपनी निजी गाड़ी पर Sticker लगाए तो Challan? ❓आख़िर ऐसा क्यों? क्या नियम अलग-अलग हैं या जानकारी की कमी है? 🎥 यह वीडियो किसी व्यक्ति, विभाग या संस्था पर आरोप लगाने के लिए नहीं है। इसका उद्देश्य केवल जनजागरूकता और Traffic Rules पर स्वस्थ चर्चा करना है। 📢 अगर नियम स्पष्ट हैं तो हर नागरिक तक सही जानकारी पहुँचना ज़रूरी है। 📢 अगर नियमों में कोई अंतर है, तो उस पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए। 💬 आपकी क्या राय है? कमेंट में अपनी बात ज़रूर लिखें। 📲 Follow करें — #JustJaipurLive24x7 📰 सच के साथ... जनता की आवाज़!1
- जयपुर के वंदे मातरम रोड पर तेज रफ्तार एक्सयूवी गाड़ी ने स्कूटी सवारी युवक को मारी टक्कर,हवा में उछलकर गिरा युवक,हुई दर्दनाक मौत जयपुर के पत्रकार कॉलोनी थाना इलाके में वंदे मातरम रोड पर तेज रफ्तार SUV गाड़ी ने एक स्कूटी सवार युवक को टक्कर करने का मामला सामने है। वहीं हादसे में स्कूटी सवार विकल्प मीणा की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। दरअसल यह हादसा पत्रकार कॉलोनी थाना क्षेत्र में वंदेमातरम रोड पर बुधवार का बताया जा रहा है। वहीं हादसे का आज एक CCTV वीडियो सामने आया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार- बुधवार को बारिश के बीच तेज रफ्तार SUV कार ने स्कूटी सवार युवक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसके टायर फट गए। स्कूटी सवार युवक टक्कर मारने के बाद कार डिवाइडर से टकरा गई। हादसे के बाद ड्राइवर कार को घटनास्थल पर छोड़कर फरार हो गया। वहीं सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।वहीं फरार ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी गई है। स्थानीय लोगों ने वन्देमातरम रोड पर लगातार हो रहे सड़क हादसों के बाद सुरक्षा व्यवस्था और तेज रफ्तार गाडियों पर नियंत्रण को लेकर सवाल उठाए। स्थानीय लोगों ने सड़क पर ट्रैफिक प्रबंधन और कार्रवाई की मांग की।1